*सहारा इंडिया के जमाकर्ताओं का फूटा आक्रोश! ब्याज सहित भुगतान की मांग को लेकर अजमेर कलेक्ट्रेट पर धरना, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी* *13 करोड़ जमाकर्ताओं की जमा पूंजी लौटाने और 15 लाख फील्ड कार्यकर्ताओं को रोजगार देने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन* अजमेर। सहारा इंडिया में निवेश करने वाले जमाकर्ताओं की जमा पूंजी वापस दिलाने और फील्ड कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को अजमेर में सहारा संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों की संख्या में जमाकर्ताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्योतिबा फुले सर्किल से अजमेर जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने “हमारा जमाधन वापस करो”, “हमारा पैसा हमारा अधिकार” और “हम अपना हक मांगते हैं, नहीं किसी से भीख मांगते हैं” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। धरने के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, केंद्रीय सहकारिता मंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राजस्थान के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के नाम भी भेजी गई। *20 सूत्रीय मांगों के साथ आंदोलन तेज करने की चेतावनी* सहारा संघर्ष समिति के कार्यकर्ता चंद्रशेखर चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समिति की ओर से जमाकर्ताओं और फील्ड कार्यकर्ताओं के हितों को लेकर 20 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से देशभर के लगभग 13 करोड़ जमाकर्ताओं की जमा राशि ब्याज सहित वापस दिलाने और करीब 15 लाख फील्ड कार्यकर्ताओं को दोबारा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। समिति ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से भुगतान को लेकर किए गए आश्वासनों के बावजूद लंबे समय से जमाकर्ताओं को राहत नहीं मिल पाई है। समिति का कहना है कि आंशिक भुगतान की प्रक्रिया भी बेहद धीमी है और बड़ी संख्या में निवेशक अब तक अपनी राशि वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। *पोर्टल की खामियां दूर कर काउंटर से भुगतान की मांग* इस दौरान ज्ञापन में मांग की गई कि सहारा इंडिया के जमाकर्ताओं को भुगतान के लिए पोर्टल पर निर्भर रखने के बजाय कंपनी के काउंटरों के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था की जाए। साथ ही, पोर्टल पर दिखाई देने वाली कमियों यानी डिफिशिएंसी को दूर किया जाए। समिति का तर्क है कि निवेश के समय केवाईसी सहित आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए थे और जमाकर्ताओं को मूल कार्ड भी जारी किए गए थे। इसके अलावा, फील्ड कार्यकर्ताओं के कमीशन, टीडीएस, भविष्य निधि (पीएफ) और अन्य लाभों से संबंधित कथित तौर पर हटाए गए रिकॉर्ड की जांच कराकर उनका बकाया दिलाने की मांग भी उठाई गई। समिति ने सहारा इंडिया के कर्मचारियों के लिए 1,056 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़े मामले पर भी सवाल उठाते हुए मांग की कि जमाकर्ताओं और फील्ड कार्यकर्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में ज्ञापन में संबंधित निर्णय पर रोक लगाने की मांग भी रखी गई। *पहले भी दिया था ज्ञापन, जवाब नहीं मिलने पर धरना* चंद्रशेखर चौधरी ने बताया कि इससे पहले 25 सितंबर 2026 को भी रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन 27 अक्टूबर तक समिति को संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण एक दिवसीय सांकेतिक धरना देने का निर्णय लिया गया। धरने में दिनेश शर्मा सहारा, आरिफ हुसैन, हीरा सिंह रावत, पी.सी. योगी, रमेश सांवरिया, सरदार तेजपाल सिंह, विजय सिंह गहलोत, शंकर सिंह, संजय मंगल, प्रेम प्रकाश विजय, एडवोकेट सफीकुल शेख, एडवोकेट वैभव जैन, व्यापारिक महासंघ अध्यक्ष महेंद्र बंसल, समाजसेवी बाबूलाल साहू, दीपक पंजवानी, मेफूज बेग, मोहम्मद हनीफ, पीयूष सुराणा, कानमल टांक, रेखा गिरी सागर सहित सहारा इंडिया संघर्ष समिति के अनेक सदस्य मौजूद रहे। *मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल* सहारा इंडिया संघर्ष समिति के कार्यकर्ता हुसैन अहमद ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कुछ कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। समिति ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से मांग की है कि एक महीने के भीतर उनकी मांगों पर संतोषजनक जवाब दिया जाए, ताकि लंबे समय से अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे जमाकर्ताओं और रोजगार से वंचित फील्ड कार्यकर्ताओं को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि सहारा इंडिया के जमाकर्ताओं और कार्यकर्ताओं की इन मांगों पर सरकार एवं संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।
*सहारा इंडिया के जमाकर्ताओं का फूटा आक्रोश! ब्याज सहित भुगतान की मांग को लेकर अजमेर कलेक्ट्रेट पर धरना, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी* *13 करोड़ जमाकर्ताओं की जमा पूंजी लौटाने और 15 लाख फील्ड कार्यकर्ताओं को रोजगार देने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन* अजमेर। सहारा इंडिया में निवेश करने वाले जमाकर्ताओं की जमा पूंजी वापस दिलाने और फील्ड कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को अजमेर में सहारा संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों की संख्या में जमाकर्ताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्योतिबा फुले सर्किल से अजमेर जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने “हमारा जमाधन वापस करो”, “हमारा पैसा हमारा अधिकार” और “हम अपना हक मांगते हैं, नहीं किसी से भीख मांगते हैं” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। धरने के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, केंद्रीय सहकारिता मंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राजस्थान के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के नाम भी भेजी गई। *20 सूत्रीय मांगों के साथ आंदोलन तेज करने की चेतावनी* सहारा संघर्ष समिति के कार्यकर्ता चंद्रशेखर चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समिति की ओर से जमाकर्ताओं और फील्ड कार्यकर्ताओं के हितों को लेकर 20 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से देशभर के लगभग 13 करोड़ जमाकर्ताओं की जमा राशि ब्याज सहित वापस दिलाने और करीब 15 लाख फील्ड कार्यकर्ताओं को दोबारा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। समिति ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से भुगतान को लेकर किए गए आश्वासनों के बावजूद लंबे समय से जमाकर्ताओं को राहत नहीं मिल पाई है। समिति का कहना है कि आंशिक भुगतान की प्रक्रिया भी बेहद धीमी है और बड़ी संख्या में निवेशक अब तक अपनी राशि वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। *पोर्टल की खामियां दूर कर काउंटर से भुगतान की मांग* इस दौरान ज्ञापन में मांग की गई कि सहारा इंडिया के जमाकर्ताओं को भुगतान के लिए पोर्टल पर निर्भर रखने के बजाय कंपनी के काउंटरों के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था की जाए। साथ ही, पोर्टल पर दिखाई देने वाली कमियों यानी डिफिशिएंसी को दूर किया जाए। समिति का तर्क है कि निवेश के समय केवाईसी सहित आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए थे और जमाकर्ताओं को मूल कार्ड भी जारी किए गए थे। इसके अलावा, फील्ड कार्यकर्ताओं के कमीशन, टीडीएस, भविष्य निधि (पीएफ) और अन्य लाभों से संबंधित कथित तौर पर हटाए गए रिकॉर्ड की जांच कराकर उनका बकाया दिलाने की मांग भी उठाई गई। समिति ने सहारा इंडिया के कर्मचारियों के लिए 1,056 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़े मामले पर भी सवाल उठाते हुए मांग की कि जमाकर्ताओं और फील्ड कार्यकर्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में ज्ञापन में संबंधित निर्णय पर रोक लगाने की मांग भी रखी गई। *पहले भी दिया था ज्ञापन, जवाब नहीं मिलने पर धरना* चंद्रशेखर चौधरी ने बताया कि इससे पहले 25 सितंबर 2026 को भी रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन 27 अक्टूबर तक समिति को संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण एक दिवसीय सांकेतिक धरना देने का निर्णय लिया गया। धरने में दिनेश शर्मा सहारा, आरिफ हुसैन, हीरा सिंह रावत, पी.सी. योगी, रमेश सांवरिया, सरदार तेजपाल सिंह, विजय सिंह गहलोत, शंकर सिंह, संजय मंगल, प्रेम प्रकाश विजय, एडवोकेट सफीकुल शेख, एडवोकेट वैभव जैन, व्यापारिक महासंघ अध्यक्ष महेंद्र बंसल, समाजसेवी बाबूलाल साहू, दीपक पंजवानी, मेफूज बेग, मोहम्मद हनीफ, पीयूष सुराणा, कानमल टांक, रेखा गिरी सागर सहित सहारा इंडिया संघर्ष समिति के अनेक सदस्य मौजूद रहे। *मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल* सहारा इंडिया संघर्ष समिति के कार्यकर्ता हुसैन अहमद ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कुछ कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। समिति ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से मांग की है कि एक महीने के भीतर उनकी मांगों पर संतोषजनक जवाब दिया जाए, ताकि लंबे समय से अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे जमाकर्ताओं और रोजगार से वंचित फील्ड कार्यकर्ताओं को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि सहारा इंडिया के जमाकर्ताओं और कार्यकर्ताओं की इन मांगों पर सरकार एवं संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।
- *भारत विकास उद्यान में नव निर्वाचित सभापति राजकुमार बड़जात्या का अभिनंदन, पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश* मदनगंज-किशनगढ़। भारत विकास परिषद मुख्य शाखा किशनगढ़ एवं मॉर्निंग वॉक ग्रुप, खोड़ा गणेश रोड के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार सुबह 7:30 बजे भारत विकास उद्यान में स्वागत एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद किशनगढ़ के नव निर्वाचित सभापति राजकुमार बड़जात्या सहित वार्ड 29 की पार्षद सुशीला बाहेती एवं वार्ड 30 की पार्षद हेमलता वैष्णव का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के शाखा अध्यक्ष महेंद्र मित्तल, सचिव अनिल रावका, प्रहलाद अग्रवाल, भरत सर्राफ, नरेश गोयल, आकाश मंगल, ओमप्रकाश अग्रवाल एवं रजनी अग्रवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। *पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश* समारोह के दौरान नव निर्वाचित सभापति राजकुमार बड़जात्या ने भारत विकास उद्यान में पौधारोपण किया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में कॉलोनी के अनेक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। *जन्मदिन मनाकर साझा की खुशियां* इस अवसर पर मॉर्निंग वॉक ग्रुप के सदस्य ओमप्रकाश भाटी एवं रामकुमार दाधीच का जन्मदिन भी मनाया गया। इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने दोनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना की। तत्पश्चात भारत विकास परिषद के प्रचार-प्रसार प्रभारी करण मेंघानी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन करने के साथ सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और पर्यावरण संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में मॉर्निंग वॉक ग्रुप के कमल अग्रवाल, मातादि, ओम भाटी, रामकुमार दाधीच, रतनलाल सिंगल एवं पर्यावरण संयोजक ओमप्रकाश अग्रवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- अजमेर में अवैध निर्माण पर नगर निगम का बड़ा एक्शन! G+2 का नक्शा, G+4 तक निर्माण… बहुमंजिला इमारत सीज अजमेर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली गेट के पास पीर मीठा गली स्थित मनोज बिरयानी की बहुमंजिला इमारत को सीज कर दिया। बताया जा रहा है कि भवन का नक्शा G+2 मंजिल तक स्वीकृत था, जबकि मौके पर G+4 तक निर्माण किया गया। अवैध निर्माण को लेकर शिकायतें मिलने के बाद नगर निगम ने जांच की थी। जानकारी के अनुसार, भवन मालिक को पूर्व में नोटिस भी जारी किए गए थे। इसके बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और इमारत को सीज करने की कार्रवाई की। अब नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद शहर में स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण और अन्य कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- सरवाड़ के निकटवर्ती स्यार गांव में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जताया विरोध, समस्या के समाधान के बाद यातायात हुआ सुचारू सरवाड़। सरवाड़ के निकटवर्ती ग्राम स्यार में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर अपना विरोध जताया। सड़क पर जाम लगने से आवागमन प्रभावित हुआ और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पानी की समस्या के समाधान की मांग उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। जाम की सूचना के बाद समस्या के समाधान को लेकर प्रयास किए गए। इसके बाद समस्या का हल होने पर ग्रामीणों ने जाम हटा दिया और सड़क पर यातायात फिर से सुचारू हो गया।1
- तारक मेहता का उल्टा चश्मा सीरियल ए जेठालाल के साला सुन्दर माई डियर जीजा से क्या कहा1
- नसीराबाद हाउसिंग बोर्ड की सुंदरता पर लगा बदहाली का दाग!शिव मंदिर के पास सेल्फी पॉइंट की बिगड़ी तस्वीर, नसीराबाद हाउसिंग बोर्ड की सुंदरता पर लगा बदहाली का दाग!शिव मंदिर के पास सेल्फी पॉइंट की बिगड़ी तस्वीर,1
- श्री द्वारकाधीश रणछोड़ मंदिर दर्शन समेलिया फागी जयपुर राजस्थान 🙏🏼🙏🏼 जय श्री द्वारकाधीश रणछोड़ 🕉️ 🌹 🔱⚜️ 28 अक्टूबर 2026🌸 🌷🌹दिन बुधवार 🌸🌺 💐💐रौद्र संवत्सर 2083💥🌞 💐 कार्तिक कृष्ण तृतीया 🌸🌺 समेलिया श्री द्वारकाधीश रणछोड़ जी महाराज श्रृंगार झांकी दर्शन 🌺 श्री द्वारकाधीश रणछोड़ जी महाराज की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे🙏🏼🙏🏼 जय श्री द्वारकाधीश रणछोड़ 🕉️ 🙏🏼🙏🏼 जय श्री द्वारकाधीश रणछोड़1
- 4,870 मतदाता, 13 वार्ड और करीब 15 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला; मेघाराम बोले—जनता ने मौका दिया तो निष्पक्ष विकास और शिक्षा पर रहेगा जोर लांबा जाटान में मेघाराम डांगा की सरपंची दावेदारी, पानी और सफाई को बताया प्राथमिकता 4,870 मतदाता, 13 वार्ड और करीब 15 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला; मेघाराम बोले—जनता ने मौका दिया तो निष्पक्ष विकास और शिक्षा पर रहेगा जोर मेड़ता सिटी | तेजाराम लाडणवा मेड़ता पंचायत समिति के लांबा जाटान गांव में सरपंच चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। गांव की सरकार कार्यक्रम के तहत आपनो सिटी न्यूज़ चैनल की टीम ने गांव पहुंचकर सरपंच पद के उम्मीदवार मेघाराम डांगा से बातचीत की। करीब 4,870 मतदाताओं और 13 वार्डों वाले गांव में सरपंच पद के लिए लगभग 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में मतदाताओं की अपेक्षाएं और गांव के विकास से जुड़े मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं। पानी, सफाई और बिजली पर रहेगा जोर सरपंच पद के उम्मीदवार मेघाराम डांगा ने बातचीत में कहा कि गांव में पेयजल की समस्या और सफाई व्यवस्था में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उनका कहना है कि गांव में घर-घर नल कनेक्शन होने के बावजूद पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाना चिंता का विषय है। यदि उन्हें अवसर मिलता है तो पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने, बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान और गांव की साफ-सफाई पर काम करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों से जनसंपर्क के दौरान उन्हें जो समस्याएं बताई गई हैं, उन्हें ध्यान में रखा है। उनका दावा है कि जनता ने जिम्मेदारी सौंपी तो प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं के समाधान के लिए काम करेंगे। पुस्तकालय और युवाओं के लिए खेल सुविधाओं की बात मेघाराम डांगा ने शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गांव में पुस्तकालय की सुविधा विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सके और उन्हें किताबों के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। युवाओं के लिए क्रिकेट सहित खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत भी उन्होंने बताई। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में युवाओं की भागीदारी जरूरी है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने का दावा बातचीत के दौरान सरकारी योजनाओं के लाभ में भेदभाव और मनरेगा के कामकाज से जुड़े सवाल भी उठे। इस पर मेघाराम डांगा ने कहा कि आवास योजना, मनरेगा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक निष्पक्ष तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि ग्राम पंचायत में जिम्मेदारी मिलने पर पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रयास करेंगे। बोले—36 कौम के साथ मिलकर करूंगा गांव की सेवा मेघाराम डांगा ने कहा कि वे सभी समाजों के लोगों के साथ मिलकर गांव की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि मतदाता उन्हें अवसर देते हैं तो उनके विश्वास का सम्मान करते हुए गांव की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगे। लांबा जाटान में अब चुनावी चर्चा के बीच मतदाताओं की निगाहें उम्मीदवारों की घोषणाओं और विकास संबंधी योजनाओं पर टिकी हैं। पेयजल, सफाई, बिजली, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन गांव की प्रमुख अपेक्षाएं हैं। इन मुद्दों पर आने वाली ग्राम पंचायत का कामकाज ही ग्रामीणों की उम्मीदों की असली कसौटी होगा।1
- जवाहर रंग मंच के सामने डिवाइडर के ऊपर चढ़ी गाड़ी आए दिन होते है ऐसे हादसे1