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महोबा जिले की कुलपहाड़ तहसील के ग्राम लाडपुर में 12 जुलाई 2026 को "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत संयुक्त रूप से वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ अनुरुद्ध कुमार सिंह और उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ ने मिलकर पौधे लगाए। इसके साथ ही, थाना कुलपहाड़ परिसर में भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित किया गया। इस अवसर पर वहाँ उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की प्रेरणा दी गई, ताकि पर्यावरण को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
Shashi Kant
महोबा जिले की कुलपहाड़ तहसील के ग्राम लाडपुर में 12 जुलाई 2026 को "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत संयुक्त रूप से वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ अनुरुद्ध कुमार सिंह और उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ ने मिलकर पौधे लगाए। इसके साथ ही, थाना कुलपहाड़ परिसर में भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित किया गया। इस अवसर पर वहाँ उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की प्रेरणा दी गई, ताकि पर्यावरण को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
More news from Mahoba and nearby areas
- महोबा जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बेलाताल से कुडई गुढ़ा को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम हंसला में हाल ही में बनाई गई एक नई पुलिया निर्माण के महज 10 दिन के भीतर ही धंस गई है। इस पुलिया में कई जगहों पर गहरी दरारें आ गई हैं और इसका एक हिस्सा नीचे बैठ गया है। पुलिया की इस खस्ताहाल स्थिति के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने इस निर्माण कार्य में मानकों की खुलेआम अनदेखी की और बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर भारी भ्रष्टाचार किया है। लोगों का कहना है कि अगर गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया गया होता, तो पहली ही बारिश में पुलिया इस तरह क्षतिग्रस्त नहीं होती। वीडियो में भी पुलिया की टूटी हुई सतह, धंसा हुआ हिस्सा और दीवारों में आई दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुलिया की यह बदहाल स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में प्रेम प्रसंग के विवाद में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है। इस वारदात के संबंध में कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां बेटी की लव मैरिज का विरोध करने पर दामाद ने अपने दो चाचाओं के साथ मिलकर सास को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया। इस निर्मम हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और ऐहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना की पृष्ठभूमि में बताया जा रहा है कि बेटी ने घर से भागकर प्रेम विवाह किया था। दोनों का धर्म अलग होने के कारण लड़की की मां इस शादी से काफी नाराज थीं और इसका लगातार विरोध कर रही थीं। सास के इसी कड़े विरोध से खफा होकर दामाद ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची और अपने दो चाचाओं के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दे डाला। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी लवकुश समेत तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच करने में जुटी हुई है।4
- छतरपुर जिले के सिगरामपुरा गांव में 22 वर्षीय प्रेमलाल रैकवार की संदिग्ध हत्या का मामला सामने आया है, जहां उसका शव अमरोनिया गांव के पास जंगल में जमीन में दफन मिला। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया गया है कि प्रेमलाल की शादी करीब दो महीने पहले ही हुई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी ने पार्टी के बहाने उसे अपने गांव बुलाया था, जिसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। खोजबीन के दौरान परिजनों को सबसे पहले प्रेमलाल की लावारिस बाइक मिली और फिर अमरोनिया गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में एक नाले के पास जमीन में दबी हुई उसकी लाश बरामद हुई। मृतक की बहन रामकली रैकवार ने आरोप लगाया है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने आखिरकार अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, जिससे अब यहां का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस नए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भारत जंक्शन न्यूज ने एक विशेष विश्लेषण जारी किया है, जिसमें कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए प्रत्याशी, उनके राजनीतिक सफर और इस फैसले के प्रभाव पर चर्चा की गई है। इस फैसले के बाद अब चुनावी समीकरणों का राजनीतिक विश्लेषण तेज हो गया है और यह सवाल बड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस के इस कदम से भाजपा की टेंशन बढ़ने वाली है। बीजेपी बनाम कांग्रेस के इस सीधे मुकाबले को लेकर सरगर्मियां तेज हैं।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ वनपरिक्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कराए जा रहे पौधारोपण पर लकड़ी माफियाओं की सक्रियता भारी पड़ती नजर आ रही है। क्षेत्र के कक्ष क्रमांक P-216 में सागौन के हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का एक गंभीर मामला सामने आया है। जंगल में कई स्थानों पर आरा और कुल्हाड़ी से काटे गए ठूंठ इस अवैध कारोबार की स्पष्ट गवाही दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लकड़ी माफिया घंटों तक बेखौफ होकर जंगल में पेड़ों की कटाई करते हैं और केवल उपयोगी लकड़ी ही अपने साथ दोपहिया वाहनों से ले जाते हैं, जबकि बाकी अवशेषों को वहीं छोड़ दिया जाता है। मौके पर टायरों के निशान इस अवैध परिवहन की पुष्टि कर रहे हैं। इतना ही नहीं, माफियाओं द्वारा कई पेड़ों पर कुल्हाड़ी से घाव कर उन्हें सूखने के लिए छोड़ दिया गया है, ताकि बाद में बिना किसी संदेह के उन्हें काटकर आसानी से ले जाया जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में पहले भी अवैध कटाई हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वन विभाग के रेंजर ने बताया कि प्राप्त तस्वीरों के आधार पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि दो से तीन दिनों के भीतर जांच प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा में दुकानदारों ने दुकानों के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है। इस संबंध में दुकानदारों ने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाने की मांग की है।1
- विकास के तमाम दावों के बीच पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील का ग्राम कुंवरपुर आज भी मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह वंचित है। देश की आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद इस गांव तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। बरसात का मौसम शुरू होते ही गांव का कच्चा मार्ग गहरे कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस दुर्दशा के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जो रोजाना कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं, जहां हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क के किनारे उगी झाड़ियों और जलभराव के कारण लोगों को सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का डर भी सताता रहता है। इसके अलावा, गांव के मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी एक बेहद बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी जा चुकी है, लेकिन आज तक उन्हें केवल आश्वासन ही नसीब हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की है ताकि सालों पुरानी इस गंभीर समस्या से उन्हें स्थायी राहत मिल सके और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल पाए।1
- महोबा पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर ₹50 हजार की जेबकतरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक अंतरजनपदीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी विपिन गेहार के पैर में गोली लगी है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर रविकांत गोंड के निकट पर्यवेक्षण में अंजाम दी गई। पुलिस के अनुसार, यह मामला 7 जुलाई 2026 का है जब मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के थाना सरवई क्षेत्र के रहने वाले महेश्वरीदीन गुप्ता महोबा की नवीन गल्ला मंडी स्थित एक व्यापारी की गद्दी से ₹1 लाख लेकर ई-रिक्शा से जा रहे थे। जिला अस्पताल के सामने ई-रिक्शा में बैठे एक अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब से ₹50 हजार पार कर दिए। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों की पहचान की और 10 व 11 जुलाई की रात को करिया पठवा के पास चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवार चार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने उन पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी फायरिंग में विपिन गेहार घायल हो गया और तीन आरोपियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विपिन गेहार (उम्र 30 वर्ष), कमल गेहार (उम्र 25 वर्ष) निवासी जालौन और पिंकिल गेहार (उम्र 32 वर्ष) निवासी कानपुर देहात के रूप में हुई है, जबकि कानपुर देहात का ही रहने वाला करन कंजर अभी फरार है। आरोपियों के कब्जे से ₹9,500 नकद, पीड़ित का आधार कार्ड, मध्यांचल ग्रामीण बैंक व एसबीआई की दो पासबुक, दो अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। आरोपी विपिन गेहार पर विभिन्न जिलों में चोरी, लूट और हत्या के प्रयास के 17 से अधिक मामले दर्ज हैं, वहीं पिंकिल पर 11 और कमल पर 4 मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।1