सिसई : *रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विधा मंंदिर में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को "युवा दिवस" के रूप में हर्सोलास के साथ मनाया गया* सिसई (गुमला)। सोमवार को रणजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा सिसई में स्वामी विवेकानंद जयंती को "युवा दिवस" के रूप में हर्सोलास के साथ मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्जवलन व पुष्पार्चन के साथ किया गया। मंच संचालन कक्षा दशम कक्षा की बहनें श्रेया कुमारी तथा सोनी लकड़ा ने किया। स्वामी विवेकानंद जी के संबंध में बोलते हुए कक्षा अष्टम की बहन रिया रानी ने एक कहानी के माध्यम से बताया कि भय के ऊपर जीत को ही स्वामी जी ने सफलता का मूलमंत्र कहा है । कक्षा अष्टम के ही भैया मोहित कुमार साहू ने स्वामी जी की एक अन्य उक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि ज्ञान ही सभी तरह के भय के ऊपर विजय का एकमात्र सूत्र है। कक्षा सप्तम की बहन कुमकुम ने सभी भैया बहनों को युवाओं के कर्तव्यों की शपथ दिलाई। इसके अलावा कक्षा सप्तम की बहन रितिका साहू , कक्षा सप्तम के भैया उपेन्द्र कुमार ओहदार , किशन कुमार साहू और भैया अनुराग साहू ने स्वामी जी के कहे गए ओजपूर्ण संवादों से सारे भैया बहनों को बांधे रखा। जयंती प्रमुख मृत्युंजय कुमार मिश्र ने स्वामी जी की जीवन की बातें बताते हुए सभी भैया / बहनों में ज्ञान प्राप्ति के प्रति जबरदस्त तरीके से इच्छाशक्ति का संचार करने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा कि जबतक हम अंदर से चाह न लें तबतक किसी भी कार्य के संपादित होने में हमेशा संशय बना रहता है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा ने बच्चों को कार्यक्रम में उत्साह पूर्वक हिस्सा लेने पर हर्ष जताया तथा सभी को उत्तिष्ठत ! जाग्रत ! प्राप्य वरान् निबोधत ! "स्वामी जी के मंत्र को बतलाते हुए अपने अंदर ज्ञान पीपासा जगाने की अपील की। इसके लिए उन्होंने अनुशासन को प्रमुख हथियार बतलाया। अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इस मौके पर विधालय के सभी आचार्य, आचार्या एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
सिसई : *रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विधा मंंदिर में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को "युवा दिवस" के रूप में हर्सोलास के साथ मनाया गया* सिसई (गुमला)। सोमवार को रणजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा सिसई में स्वामी विवेकानंद जयंती को "युवा दिवस" के रूप में हर्सोलास के साथ मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्जवलन व पुष्पार्चन के साथ किया गया। मंच संचालन कक्षा दशम कक्षा की बहनें श्रेया कुमारी तथा सोनी लकड़ा ने किया। स्वामी विवेकानंद जी के संबंध में
बोलते हुए कक्षा अष्टम की बहन रिया रानी ने एक कहानी के माध्यम से बताया कि भय के ऊपर जीत को ही स्वामी जी ने सफलता का मूलमंत्र कहा है । कक्षा अष्टम के ही भैया मोहित कुमार साहू ने स्वामी जी की एक अन्य उक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि ज्ञान ही सभी तरह के भय के ऊपर विजय का एकमात्र सूत्र है। कक्षा सप्तम की बहन कुमकुम ने सभी भैया बहनों को युवाओं के कर्तव्यों की शपथ दिलाई। इसके अलावा कक्षा सप्तम की
बहन रितिका साहू , कक्षा सप्तम के भैया उपेन्द्र कुमार ओहदार , किशन कुमार साहू और भैया अनुराग साहू ने स्वामी जी के कहे गए ओजपूर्ण संवादों से सारे भैया बहनों को बांधे रखा। जयंती प्रमुख मृत्युंजय कुमार मिश्र ने स्वामी जी की जीवन की बातें बताते हुए सभी भैया / बहनों में ज्ञान प्राप्ति के प्रति जबरदस्त तरीके से इच्छाशक्ति का संचार करने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा कि जबतक हम अंदर से चाह न लें तबतक किसी भी कार्य के संपादित होने
में हमेशा संशय बना रहता है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा ने बच्चों को कार्यक्रम में उत्साह पूर्वक हिस्सा लेने पर हर्ष जताया तथा सभी को उत्तिष्ठत ! जाग्रत ! प्राप्य वरान् निबोधत ! "स्वामी जी के मंत्र को बतलाते हुए अपने अंदर ज्ञान पीपासा जगाने की अपील की। इसके लिए उन्होंने अनुशासन को प्रमुख हथियार बतलाया। अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इस मौके पर विधालय के सभी आचार्य, आचार्या एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
- प्रेस वार्ता। हजारीबाग जिला परिषद में हो रहे घोटाले के खिलाफ।1
- चतरा के एक गरीब परिवार की दर्दभरी दास्तां! एक तरफ बीमारी की मार, दूसरी तरफ सिस्टम की लाचारी। पंचायत के एक बुजुर्ग जो HIV पीड़ित हैं और पूरी तरह मूक-बधिर (बोल-सुन नहीं सकते) हैं, उन्हें सरकारी लाभ के लिए परेशान किया जा रहा है। डॉक्टर ने उनका दिव्यांग सर्टिफिकेट सिर्फ 40% बनाया है, जिसकी वजह से उन्हें उचित पेंशन नहीं मिल पा रही है। पीड़ित का कहना है कि कागज़ बनवाने के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं और बार-बार हजारीबाग के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। देश लाइव न्यूज़' जिला प्रशासन, सिविल सर्जन और उपायुक्त महोदय से मांग करता है कि इस मामले की तुरंत जांच हो और पीड़ित परिवार को उनका हक मिले। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो हम इस आवाज को और बुलंद करेंगे। वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सोई हुई सरकार जागे! 🙏.....1
- नए साल की रात डीजे बजाने के विवाद में सूरज राणा की निर्मम हत्या मामले में हजारीबाग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 1 जनवरी 2026 को लोहसिंघना थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी चौक पर तलवार, लाठी-डंडा और धारदार हथियार से पीट-पीटकर सूरज राणा की हत्या कर दी गई थी, जबकि कुलदीप सोनी गंभीर रूप से घायल हुआ था। एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि एसआईटी गठित कर नोएडा, दिल्ली सहित कई जगहों पर छापेमारी की गई। हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए गए3
- आप खुद #रक्तदान करते ही हैं साथ ही दूसरे युवकों को भी प्रेरित करते हैं रक्तदान के लिए। #PVM_BLOOD_DONORS_CLUB के समर्पित #Volunteer हैं मो.नसीम बाबू जो इस नारे को मानते हैं कि पेलावल गांव को रक्तदाता गांव बनाना है। इनके विचार को सुनें व अपनाएं। #DonateBloodSaveLife #BloodDonation #RealHero #Hazaribagh #jharkhand1
- बबलू चंद्रवंशी समेत सैकड़ों लोगों ने थामा झामुमो का दामन __ जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया ने दिलाई सदस्यता __ दिशोम गुरु के सपनों का झारखंड बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि : संजीव बेदिया __ हजारीबाग। अटल चौक स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय में मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ मनाई गई। मौके पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें स्मरण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने भावुक शब्दों में कहा कि यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु का जन्मदिवस हम सब उनके बिना मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “नम आंखों के साथ हम सब आज उन्हें याद कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह संकल्प भी ले रहे हैं कि उनके सपनों का झारखंड बनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि देंगे।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरी ताकत से जुट जाने का आह्वान किया। बेदिया ने स्पष्ट किया कि भले ही नगर निगम चुनाव दलगत आधार पर न हों, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने समर्थित उम्मीदवार महापौर पद सहित हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में उतारेगी। इस मौके पर पार्टी के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड के निर्माता हैं। “अलग झारखंड राज्य का सपना उन्होंने देखा था, जो आज हम सबको मिला है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उस राज्य को सजाने-संवारने और सामाजिक न्याय, आदिवासी-अस्मिता तथा जनहित की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करें। कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा ने कहा कि शिबू सोरेन का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु की विचारधारा आज भी झारखंड की राजनीति को दिशा देने का काम कर रही है। वहीं जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता के प्रतीक थे। “उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। झामुमो उनके सपनों के झारखंड को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है, जिसके लिए दिशोम गुरु ने जीवन भर संघर्ष किया। कार्यक्रम के दौरान झामुमो का जनाधार और मजबूत हुआ। जिला प्रवक्ता कुणाल यादव के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता बबलू चंद्रवंशी, कुमार अमरीश, अजय यादव, रोहित रजक, सुरेंद्र कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों का पार्टी नेताओं द्वारा स्वागत किया गया और उन्हें संगठन की नीतियों व विचारधारा से अवगत कराया गया। इस मौके पर इस मौके पर जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, राजा खान, जिला उपाध्यक्ष नईम राही, टेकोचंद महतो,जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सतीश दास, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष सरफराज अहमद, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, नगर सचिव निसार अहमद, राजीव वर्मा, राजदेव यादव, बीरबल कुमार, गणेश मेहता, सत्येंद्र मेहता, अब्दुल सलाम, देवानंद, राम जय मेहता, राजेंद्र कुशवाहा, रामकुमार मेहता, राजेश मेहता, रंजीत मेहता, कुदुस अंसारी, श्वेता दुबे, कमाल कुरैशी, दयानंद मेहता, मो कुर्बान, कपिलदेव चौधरी, संजय प्रजापति, प्रदीप मेहता समेत कई अन्य लोग शामिल थें।1
- *केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम संपन्न* हजारीबाग : जिला कांग्रेस के तत्वावधान में केन्द्र सरकार द्वारा महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ( मनरेगा ) से महात्मा गांधी के नाम हटाए जाने के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक स्थित डाॅ.भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के निचे एक दिवसीय उपवास एंव प्रतीकात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने कहा कि मनरेगा से महत्मा गांधी का नाम मिटाना सोचा-समझा राजनीति से प्रेरित है । उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाने का सचेत निर्णय वैचारिक है । गांधी जी की श्रम की गरिमा, समाजिक न्याय और सबसे गरीबों के प्रति राज्य की नैतिक जिम्मेदारी के प्रतीक है । यह नाम परिवर्तन गांधी जी के मुल्यों के प्रति भाजापा-आरएसएस की दीर्घकालिक असहजता और अविश्वास को दर्शाता है तथा एक जन केन्द्रित कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता के जुड़ाव को मिटाने का प्रयास है । प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाहा ने कहा कि प्रस्तावित नया विधेयक उस कानूनी काम के अधिकार को समाप्त कर देता है जो, मनरेगा ने प्रदान किया था । यह मांग आधारित, वैधानिक अधिकार की जगह एक केन्द्र नियंत्रित योजना लाता है, जिसमे न तो रोजगार की कोई कानून लागू की जा सकने वाली गारंटी है न सार्वभौमिक कबरेज और न ही यह आश्वासन कि आवश्यकता के समय लोंगो को काम मिलेगा । वस्तुत: काम के अधिकार को ही समाप्त किया जा रहा है मनरेगा के तहत मजदुरी के वित्तपोषण की प्राथमिक जिम्मेवारी केन्द्र सरकार की थी, जिससे यह एक वास्तविक राष्ट्रीय रोजगार गारंटी बनाती थी । प्रदेश सचिव बिनोद सिंह ने कहा कि नया विधेयक इस जिम्मेदारी से पिछे हटना चाहती है, बोझ राज्यों पर डालता है, आवंटनों पर सीमा लगता है और मांग आधारित कार्यक्रम की बुनियाद को कमजोर करता है । इससे संघवाद कमजोर होता है और वित्तीय बाधाओं के कारण राज्यों को काम की मांग दबाने के लिए मजबूर होना पड़ता है । प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह ने कहा कि गांधी जी की विरासत, श्रामिकों के अधिकार और संघीय जिम्मेदारी पर यह संयुक्त हमला भाजापा-आरएसएस की उस बड़ी साजिश को उजागर करता है, जिसके तहत अधिकार आधारित कल्याण को समाप्त कर केन्द्र नियंत्रित दया-दान की व्यव्स्था से बदला जा रहा है । कार्यक्रम के पश्चात इन्द्रपुरी चौक स्थित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री पुण्यतिथि पर उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनहे श्रद्धांजली दी गई । मौके पर प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी ओबीसी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नागवाला सचिव रेणु कुमारी, कोमल कुमारी, वरिष्ठ कांग्रेसी विरेन्द्र कुमार सिंह, लाल बिहारी सिंह, अजय गुप्ता, दिगम्बर मेहता, मकसुद आलम, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, दिलीप कुमार रवि, विजय कुमार सिंह, जावेद इकबाल, रघु जायसवाल, उदय पाण्डेय, ओमप्रकाश गोप, संगीता कुमारी, ओमप्रकाश पासवान, डाॅ.प्रकाश यादव, गुड्डू सिंह, मुस्ताक अंसारी, अनिल कुमार भुईंया, बाबु खान, दरगाही खान, मोहम्मद वारिस, नरसिंह प्रजापती, अजय प्रजापती, नौशाद आलम, मंसुर आलम, निसार अहमद भोला, नागेश्वर मेहता, पंचम पासवान, राजीव कुमार मेहता, विवेक कुमार पासवान, विवेक चौरसिया, मोहम्मद शहबान रजा, अर्जुन नायक, माशूक रजा, राजेश कुमार, शब्बा करीम, सदरूल होदा के अतिरिक्त कई कांग्रेसी उपस्थित थे ।4
- एक बुजुर्ग महिला का दर्द! भतीजा महीना का लाखों कमाता है लेकिन एक पैसा का मदद नहीं करता है। झारखंड के पत्थलगडा की रहने वाली है कांति मासोमत1
- रंका में झामुमो का पलटवार: जिला अध्यक्ष शंभू राम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा– माटी की पार्टी है झारखंड मुक्ति मोर्चा, जमीनी नेता कभी पार्टी नहीं छोड़ेंगे1
- तातापानी महोत्सव 2026: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा आगाज, बलरामपुर पुलिस अलर्ट मोड पर; चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे जवान बलरामपुर-रामानुजगंज: जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के थाना रामानुजगंज अंतर्गत ग्राम तातापानी स्थित गर्म जल स्रोत में मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले ‘तातापानी महोत्सव’ की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। तातापानी महोत्सव 2026 का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में होना है। इस दौरान राज्य के अन्य मंत्रीगण, सांसद और विशिष्ट व्यक्तियों का आगमन भी नियत है, जिसे देखते हुए बलरामपुर पुलिस पूरी तरह एलर्ट मोड पर है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर-रामानुजगंज, वैभव बैंकर (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन में महोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु जिले भर के पुलिस राजपत्रित अधिकारियों और थाना/चौकी प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली गई है। पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के गुंडा, निगरानी, माफी बदमाशों और अन्य असामाजिक तत्वों के सकूनत (घर) पर जाकर उनकी सघन चेकिंग करें। इसके परिपालन में पुलिस टीमें बदमाशों के घर पहुंचकर उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं और उन्हें किसी भी अवैध या आपराधिक कृत्य में संलिप्त न होने की कड़ी समझाइश दे रही हैं। महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस ने चाक-चौबंद प्रबंध किए हैं। अत्यधिक ठंड होने के बावजूद पुलिस के जवान मेला क्षेत्र में 24 घंटे चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस द्वारा व्यापक ट्रैफिक प्रबंध किए गए हैं। चूंकि जिले की सरहदें झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों से लगी हुई हैं, इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार एरिया डॉमिनेशन, गश्त और सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। श्रद्धालुओं में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा बैंक, एटीएम, सर्राफा दुकानों, लॉज और ढाबों की भी निरंतर चेकिंग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने चेतावनी दी है कि नशेड़ियों, बेवजह घूमने वालों और असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, उन्होंने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और सुरक्षा के लिए हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।1