शनिवार, 4 जुलाई को उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में घुमारवीं उपमंडल में आगामी मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विभागों को मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और समय रहते पूर्व तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को उपमंडल के सभी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य हॉटस्पॉट की पहचान कर विशेष निगरानी रखने, आवश्यक मशीनरी और उपकरण क्रियाशील रखने तथा सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा। नगर परिषद घुमारवीं को शहर की सभी नालियों एवं जल निकासी व्यवस्था की व्यापक सफाई कराने और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से फॉगिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान जलभराव और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम की जा सके। स्वास्थ्य विभाग को किसी भी क्षेत्र में संक्रामक बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी असामान्य स्थिति सामने आने पर तुरंत एसडीएम कार्यालय को सूचना देने का निर्देश दिया गया, जबकि जल शक्ति विभाग को पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने, जल भंडारण को सुरक्षित रखने और ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, लाइनों के आसपास पेड़ों की समय पर कटाई-छंटाई करने और आपातकालीन स्थिति में शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने की आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस, होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग को मानसून के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने, उपलब्ध मशीनरी और मानव संसाधन को तैयार रखने तथा नदी-नालों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने लोगों से अपील की कि बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोग इनके समीप जाने से बचें। उन्होंने सर्पदंश (स्नेक बाइट) के मामलों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को किसी भी प्रकार के झोलाछाप या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचने की सलाह दी, यह भी बताया कि सर्पदंश के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध हैं। आम जनता से यह भी अपील की गई कि यदि कहीं कोई पेड़ गिरने की स्थिति में हो या किसी अन्य कारण से जन-धन की हानि की आशंका हो तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। एसडीएम ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति में लोग 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01978-255227 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। बैठक के अंत में एसडीएम गौरव चौधरी ने सभी विभागों को मानसून के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई तथा बेहतर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।
शनिवार, 4 जुलाई को उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में घुमारवीं उपमंडल में आगामी मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विभागों को मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और समय रहते पूर्व तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को उपमंडल के सभी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य हॉटस्पॉट की पहचान कर विशेष निगरानी रखने, आवश्यक मशीनरी और उपकरण क्रियाशील रखने तथा सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा। नगर परिषद घुमारवीं को शहर की सभी नालियों एवं जल निकासी व्यवस्था की व्यापक सफाई कराने और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से फॉगिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान जलभराव और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम की जा सके। स्वास्थ्य विभाग को किसी भी क्षेत्र में संक्रामक बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी असामान्य स्थिति सामने आने पर तुरंत एसडीएम कार्यालय को सूचना देने का निर्देश दिया गया, जबकि जल शक्ति विभाग को पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने, जल भंडारण को सुरक्षित रखने और ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, लाइनों के आसपास पेड़ों की समय पर कटाई-छंटाई करने और आपातकालीन स्थिति में शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने की आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस, होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग को मानसून के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने, उपलब्ध मशीनरी और मानव संसाधन को तैयार रखने तथा नदी-नालों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने लोगों से अपील की कि बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोग इनके समीप जाने से बचें। उन्होंने सर्पदंश (स्नेक बाइट) के मामलों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को किसी भी प्रकार के झोलाछाप या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचने की सलाह दी, यह भी बताया कि सर्पदंश के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध हैं। आम जनता से यह भी अपील की गई कि यदि कहीं कोई पेड़ गिरने की स्थिति में हो या किसी अन्य कारण से जन-धन की हानि की आशंका हो तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। एसडीएम ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति में लोग 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01978-255227 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। बैठक के अंत में एसडीएम गौरव चौधरी ने सभी विभागों को मानसून के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई तथा बेहतर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।
- शनिवार, 4 जुलाई को उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में घुमारवीं उपमंडल में आगामी मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विभागों को मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और समय रहते पूर्व तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को उपमंडल के सभी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य हॉटस्पॉट की पहचान कर विशेष निगरानी रखने, आवश्यक मशीनरी और उपकरण क्रियाशील रखने तथा सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा। नगर परिषद घुमारवीं को शहर की सभी नालियों एवं जल निकासी व्यवस्था की व्यापक सफाई कराने और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से फॉगिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान जलभराव और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम की जा सके। स्वास्थ्य विभाग को किसी भी क्षेत्र में संक्रामक बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी असामान्य स्थिति सामने आने पर तुरंत एसडीएम कार्यालय को सूचना देने का निर्देश दिया गया, जबकि जल शक्ति विभाग को पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने, जल भंडारण को सुरक्षित रखने और ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, लाइनों के आसपास पेड़ों की समय पर कटाई-छंटाई करने और आपातकालीन स्थिति में शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने की आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस, होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग को मानसून के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने, उपलब्ध मशीनरी और मानव संसाधन को तैयार रखने तथा नदी-नालों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने लोगों से अपील की कि बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोग इनके समीप जाने से बचें। उन्होंने सर्पदंश (स्नेक बाइट) के मामलों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को किसी भी प्रकार के झोलाछाप या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचने की सलाह दी, यह भी बताया कि सर्पदंश के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध हैं। आम जनता से यह भी अपील की गई कि यदि कहीं कोई पेड़ गिरने की स्थिति में हो या किसी अन्य कारण से जन-धन की हानि की आशंका हो तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। एसडीएम ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति में लोग 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01978-255227 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। बैठक के अंत में एसडीएम गौरव चौधरी ने सभी विभागों को मानसून के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई तथा बेहतर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।1
- झंडूता उपमंडल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में एक मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।1
- बिलासपुर के लेक व्यू कैफे में वर्मा ज्वेलर्स की एक विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन समाजसेवी गोविंद घोष ने किया। आयोजकों द्वारा जानकारी दी गई है कि रविवार को इसी स्थान पर पौधारोपण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।1
- मंडी के बाल्ह क्षेत्र की SDM स्मृतिका नेगी ने दिव्यांग बच्चों को विशेष उपहार भेंट किए हैं।1
- कुलदीप पठानिया ने आरोप लगाया है कि सांसद अनुराग ठाकुर हमीरपुर की जनता को रेल लाइन के विषय में गुमराह कर रहे हैं। पठानिया के अनुसार, सांसद इस मुद्दे पर हमीरपुर के लोगों को सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।1
- कुटलैहड़ रियासत के स्वर्गीय राजा महेंद्र पाल जी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर, उनके पौत्र शिवेंद्र पाल कुटलैहड़ ने उनकी स्मृति में "कुटलैहड़ वृक्षारोपण महाअभियान 2026" की शुरुआत की है। इस मुहिम का आगाज आज ग्राम पंचायत रायपुर मैदान से किया गया, जहाँ युवा मंडल के साथियों, मातृशक्ति और स्थानीय गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में लगभग 100 फलदार और इमारती पौधे रोपे गए। इस अभियान के तहत, आगामी दो महीनों तक कुटलैहड़ की हर एक पंचायत में सघन वृक्षारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। शिवेंद्र पाल कुटलैहड़ ने क्षेत्र के हर वर्ग और विशेष रूप से युवाओं से इस अभियान से जुड़कर प्रकृति संरक्षण में अपना योगदान देने की अपील की है, ताकि सब मिलकर अपनी धरती को सुंदर और सुरक्षित बना सकें।1
- हमीरपुर के बड़सर में बस स्टैंड निर्माण के लिए सरकार द्वारा 2 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। यह राशि लोक निर्माण विभाग के खाते में तीन महीने पहले ही पहुँच चुकी है, लेकिन अभी तक उपयुक्त जगह चिह्नित न हो पाने के कारण बस स्टैंड का निर्माण अधर में लटका हुआ है। यह समस्या काफी समय से लंबित है, क्योंकि 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने मैहरे में गारली चौक के पास बस स्टैंड बनाने के लिए शिलान्यास किया था। हालाँकि, बाद में इस जमीन को किसी दूसरे विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया, जिससे वहाँ निर्माण संभव नहीं रहा। इसके बाद, एक दानी सज्जन ने बड़सर में न्यायालय के पास बस स्टैंड के लिए जमीन दान की थी, पर परिवहन विभाग के निरीक्षण में वह जमीन बस स्टैंड के लिए अनुपयुक्त पाई गई, जिस कारण निर्माण कार्य बाधित है। इस बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और हिमुडा के निदेशक राजेश बन्याल ने बताया कि मैहरे में फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन के अधिकार वाली जमीन बस स्टैंड के लिए उपयुक्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालने का सुझाव दिया, जिससे मैहरे वासियों को बड़ी सौगात मिल सकेगी। बन्याल ने मैहरे बाजार के पास एक-दो अन्य स्थानों को भी चिह्नित करने की जानकारी दी। उन्होंने बस स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने हेतु मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का हार्दिक आभार व्यक्त किया, इसे बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाली एक बड़ी सौगात बताया। बन्याल के अनुसार, मैहरे बाजार में फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन दफ्तर के साथ वाली जमीन पर बस स्टैंड बनने से लोगों को लाभ होगा और परिवहन विभाग को भी आय प्राप्त होगी।1
- नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने 03 जुलाई को बिलासपुर के घुमारवीं में तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विभागीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें विशेष रूप से राज्य में स्थापित किए जा रहे कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) सेंटर, स्किल अकादमी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा विभाग की भावी कार्य योजना की विस्तार से समीक्षा शामिल थी। मंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य हिमाचल के युवाओं को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में घुमारवीं में स्किल अकादमी स्थापित करने तथा मल्टी स्किल एवं डिजिटल यूनिवर्सिटी विकसित करने की घोषणा की है। बैठक के दौरान मंत्री राजेश धर्माणी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घुमारवीं में निर्माणाधीन स्किल अकादमी सेंटर का कार्य हर हाल में 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक स्किल सेंटर लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। स्किल अकादमी सेंटर में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मीडिया, भाषा कौशल तथा उद्योगों एवं रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप विभिन्न आधुनिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी तथा उन्हें स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसका उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल से सशक्त बनाना है जिनकी आवश्यकता वर्तमान और भविष्य के उद्योगों में होगी। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए अधिक उपयोगी एवं रोजगारोन्मुख बनाने को कहा। मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने विभाग को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित राठौर, डिप्टी डायरेक्टर संजीव सहोत्रा, ललित शर्मा, रविंदर बनियाल, ज्वाइंट कंट्रोलर (फाइनेंस) नाग सिंह यादव, दिनेश शर्मा (ज्वाइंट डायरेक्टर), हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के जनरल मैनेजर अमित काल्थिक, घुमारवीं आईटीआई के प्रिंसिपल जनक सिंह, अनुदेशक कमल देव, करण सिंह ढटवालिया तथा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।3