Shuru
Apke Nagar Ki App…
यह पोस्ट ₹100 के पेट्रोल की कीमत के विस्तृत हिसाब पर एक अहम सवाल उठाती है। इसमें पाठकों से पूछा गया है कि पेट्रोल पर खर्च किए गए ₹100 में से आखिर कितना हिस्सा किसकी जेब में जाता है। इस सवाल के माध्यम से ईंधन की कीमतों, टैक्स और उनके विभाजन पर विचार करने का आग्रह किया गया है।
UPSANHAR NEWS उपसंहार न्यूज
यह पोस्ट ₹100 के पेट्रोल की कीमत के विस्तृत हिसाब पर एक अहम सवाल उठाती है। इसमें पाठकों से पूछा गया है कि पेट्रोल पर खर्च किए गए ₹100 में से आखिर कितना हिस्सा किसकी जेब में जाता है। इस सवाल के माध्यम से ईंधन की कीमतों, टैक्स और उनके विभाजन पर विचार करने का आग्रह किया गया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक सराहनीय कार्य करते हुए स्वरूप नगर पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई है, जहाँ एक शातिर टप्पेबाज को टप्पेबाजी की गई सोने की चैन के साथ गिरफ्तार किया गया है। बरामद की गई चैन की कीमत लगभग दो लाख रुपए बताई गई है। यह घटना तब सामने आई जब उन्नाव निवासी एक महिला अपने पति के इलाज के लिए हैलेट अस्पताल आई थी। इसी दौरान एक शातिर युवक ने महिला को अपने झांसे में लेकर उसकी सोने की चैन की टप्पेबाजी की और फरार हो गया था। हैलेट चौकी प्रभारी अजय कश्यप ने अपनी सहयोगी टीम, जिसमें हे.का. अरविंद कुमार और राहुल सिंह शामिल थे, के साथ 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' की मदद से तत्परता दिखाई। पुलिस टीम ने महज 8 घंटे के अंदर घटना को अंजाम देने वाले युवक मो. ईशान पुत्र मो. आफताब, निवासी मेडिकल कॉलेज कैंपस, को PWD कॉलोनी रावतपुर के पास से धर-दबोचा और महिला की चैन सकुशल बरामद कर ली। चैन बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अपनी सोने की चैन वापस पाकर महिला ने चौकी प्रभारी हैलेट अजय कश्यप और उनकी टीम का धन्यवाद किया, साथ ही कानपुर पुलिस की इस तत्परता और कार्य की सराहना भी की।1
- अयोध्या में हज़ारों करोड़ रुपये का चढ़ावा चोरी हो जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना उस समय हुई, जब मुख्यमंत्री लगातार कई बार अयोध्या का दौरा करते रहे थे। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आख़िरकार मुख्यमंत्री इतनी बार अयोध्या क्यों जाते थे, जब उनकी यात्राओं के बावजूद इतनी बड़ी रकम का चढ़ावा चोरी हो गया।1
- पुलिस विभाग के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि विभाग सही से काम नहीं करता और अत्यधिक लापरवाही बरतता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस गरीबों का सम्मान भंग करती है और उन्हें मनमाने ढंग से उठाकर अंदर कर देती है, जहाँ गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती। यह भी दावा किया गया है कि पुलिस केवल पैसे की सुनवाई करती है। इस संबंध में एक वीडियो भेजने का जिक्र किया गया है, जिसमें पुलिस की लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई गई है। शिकायतकर्ता ने पुरजोर मांग की है कि ऐसे लापरवाह पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।1
- बिहार से ताल्लुक रखने वाले भरत भूषण तिवारी का जीवन संघर्षों और विवादों से भरा रहा है, जिसके चलते उनकी कहानी को एक अधूरी कहानी के तौर पर देखा जाता है।1
- कानपुर नगर सहित उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी कम उम्र के और नाबालिग बच्चों से शारीरिक श्रम वाला कार्य कराया जा रहा है। भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की 21 जून रविवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, कई कार्यों में यह देखा गया है कि बाल शोषण और बाल मजदूरी जैसे कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि इस पर रोक लगाई जा चुकी है। रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि आजकल लेबर की मजदूरी आमतौर पर ₹500 से अधिक होती है। इसके विपरीत, मजबूरी का फायदा उठाकर कम उम्र के बच्चों को कम पैसों का लालच देकर बाल मजदूरी में धकेला जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह अवगत कराया गया है कि बाल मजदूरी पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही, पढ़ने-लिखने वाले बच्चों की शिक्षा की दिशा में अच्छा से अच्छा प्रयास किया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट कानपुर से संवाददाता ओमवीर जी द्वारा भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस के लिए प्रस्तुत की गई है।1
- उन्नाव के बंथर गांव का मुख्य मार्ग, जो प्राचीन बाबा गौरी शंकर मंदिर और शिव जी इंटर कॉलेज को जोड़ता है, लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। इस सड़क से प्रतिदिन लगभग 1000 से 1500 स्कूली बच्चे और करीब 2000 श्रमिक बंथर फैक्ट्री आने-जाने के लिए गुजरते हैं, जिन्हें सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सत्यनारायण शुक्ला के घर से अरविंद कुमार की दुकान तक लगभग 300 से 400 मीटर सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में है। बरसात के दिनों में कीचड़ और पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो जाता है, और आए दिन स्कूली बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस खराब सड़क के कारण बच्चों, बुजुर्गों, श्रद्धालुओं और फैक्ट्री कर्मियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने इस समस्या की शिकायत कई बार जनसुनवाई पोर्टल और ग्राम पंचायत स्तर पर की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान मुरमा देवी पत्नी विजय कुमार लोधी द्वारा भी सड़क की समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित पहल नहीं की गई है, जिससे उनमें काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन को सुगम बनाया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर अपनी मांग को और मजबूती से उठाने के लिए बाध्य होंगे।2
- कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक महिला के घर पर हमले की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि यह घटना वाहन के साइलेंसर से जुड़े एक विवाद के कारण हुई थी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में दो अभियुक्तों, शिवा यादव और पारस ठाकुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इन अभियुक्तों ने विस्फोटक सामग्री एक पटाखा यूनिट से प्राप्त की थी और उसे बनाने की जानकारी यूट्यूब से सीखी थी। पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि महिला के घर पर हमले की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और साक्ष्य संकलन किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही जारी है।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई है, जो UPPCS भवन के ठीक पीछे बनी हुई है। इस भयावह घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं और आग पर काबू पाने के साथ-साथ राहत कार्यों में भी जुट गईं। आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। इस अग्निकांड से जुड़ी एक अपुष्ट खबर के अनुसार, अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर छात्र शामिल हैं। अपनी जान बचाने की कोशिश में कुछ छात्रों ने लाइब्रेरी के पहले माले से कूदने का प्रयास किया, वहीं कुछ अन्य ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। बचाव दल द्वारा बिल्डिंग की पिछली दीवार तोड़कर शवों को बाहर निकाला जा रहा है।1