कानपुर नगर सहित उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी कम उम्र के और नाबालिग बच्चों से शारीरिक श्रम वाला कार्य कराया जा रहा है। भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की 21 जून रविवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, कई कार्यों में यह देखा गया है कि बाल शोषण और बाल मजदूरी जैसे कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि इस पर रोक लगाई जा चुकी है। रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि आजकल लेबर की मजदूरी आमतौर पर ₹500 से अधिक होती है। इसके विपरीत, मजबूरी का फायदा उठाकर कम उम्र के बच्चों को कम पैसों का लालच देकर बाल मजदूरी में धकेला जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह अवगत कराया गया है कि बाल मजदूरी पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही, पढ़ने-लिखने वाले बच्चों की शिक्षा की दिशा में अच्छा से अच्छा प्रयास किया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट कानपुर से संवाददाता ओमवीर जी द्वारा भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस के लिए प्रस्तुत की गई है।
कानपुर नगर सहित उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी कम उम्र के और नाबालिग बच्चों से शारीरिक श्रम वाला कार्य कराया जा रहा है। भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की 21 जून रविवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, कई कार्यों में यह देखा गया है कि बाल शोषण और बाल मजदूरी जैसे कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि इस पर रोक लगाई जा चुकी है। रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि आजकल लेबर की मजदूरी आमतौर पर ₹500 से अधिक होती है। इसके विपरीत, मजबूरी का फायदा उठाकर कम उम्र के बच्चों को कम पैसों का लालच देकर बाल मजदूरी में धकेला जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह अवगत कराया गया है कि बाल मजदूरी पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही, पढ़ने-लिखने वाले बच्चों की शिक्षा की दिशा में अच्छा से अच्छा प्रयास किया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट कानपुर से संवाददाता ओमवीर जी द्वारा भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस के लिए प्रस्तुत की गई है।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोतवाली थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड पर चिकन बिरयानी खा रहे एक दंपती का दो लाख रुपये की नकदी से भरा बैग गायब हो गया। सीसीटीवी फुटेज से यह बात सामने आई है कि एक अन्य महिला बैग उठाकर अपने साथ ले गई। फुटेज में यह भी दिखा कि महिला ने बैग उठाने से पहले नकदी से भरा बैग खोलकर देखा था। इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी महिला की तलाश शुरू कर दी है।1
- पुलिस विभाग के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि विभाग सही से काम नहीं करता और अत्यधिक लापरवाही बरतता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस गरीबों का सम्मान भंग करती है और उन्हें मनमाने ढंग से उठाकर अंदर कर देती है, जहाँ गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती। यह भी दावा किया गया है कि पुलिस केवल पैसे की सुनवाई करती है। इस संबंध में एक वीडियो भेजने का जिक्र किया गया है, जिसमें पुलिस की लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई गई है। शिकायतकर्ता ने पुरजोर मांग की है कि ऐसे लापरवाह पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।1
- बिहार से ताल्लुक रखने वाले भरत भूषण तिवारी का जीवन संघर्षों और विवादों से भरा रहा है, जिसके चलते उनकी कहानी को एक अधूरी कहानी के तौर पर देखा जाता है।1
- कानपुर नगर सहित उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी कम उम्र के और नाबालिग बच्चों से शारीरिक श्रम वाला कार्य कराया जा रहा है। भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की 21 जून रविवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, कई कार्यों में यह देखा गया है कि बाल शोषण और बाल मजदूरी जैसे कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि इस पर रोक लगाई जा चुकी है। रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि आजकल लेबर की मजदूरी आमतौर पर ₹500 से अधिक होती है। इसके विपरीत, मजबूरी का फायदा उठाकर कम उम्र के बच्चों को कम पैसों का लालच देकर बाल मजदूरी में धकेला जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह अवगत कराया गया है कि बाल मजदूरी पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही, पढ़ने-लिखने वाले बच्चों की शिक्षा की दिशा में अच्छा से अच्छा प्रयास किया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट कानपुर से संवाददाता ओमवीर जी द्वारा भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस के लिए प्रस्तुत की गई है।1
- एक सोशल मीडिया वीडियो का हवाला देते हुए, एक नागरिक ने शराब के ठेकों पर सिगरेट और पान मसाले की तरह ही वैज्ञानिक चेतावनी अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस मांग में विशेष रूप से ठेकों पर 24 घंटे ऑडियो मोड में ऐसी चेतावनी चलाने का सुझाव दिया गया है, ठीक वैसे ही जैसे सिगरेट के पैकेटों पर 'सिगरेट पीना हानिकारक है' लिखा होता है। नागरिक ने अपनी टिप्पणी में यह भी जोड़ा कि उन्होंने अक्सर देखा है कि शराब के ठेकों पर 'शराब पीना शरीर के लिए हानिकारक है' जैसी कोई चेतावनी लिखी हुई नहीं होती है। इस विषय पर उन्होंने सीधे मोदी सरकार और योगी सरकार से अपील की है, खासकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए। नागरिक का कहना है कि यदि ये सरकारें वास्तव में जनता के हित में हैं, तो उन्हें मात्र 200 रुपये के एक स्पीकर में 24 घंटे ऐसी ऑडियो चेतावनी चलानी चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर यह वीडियो सत्य है, जिसमें अमेरिका में हुई जांच का जिक्र है, तो सरकार को इस पर विचार करना चाहिए, क्योंकि 'हम ही नहीं रहेंगे तो वोट कौन देगा आपको।' यह अपील सरकारों से जनता के स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति गंभीरता दिखाने की मांग करती है।1
- कानपुर नगर के चकेरी इलाके में तीन रॉटविलर कुत्तों ने एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। महिला घरेलू काम के लिए पहुंची थी, तभी कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। इस हमले में महिला के शरीर पर 13 गहरे घाव मिले, जिसे डॉक्टरों ने ग्रेड-3 डॉग बाइट बताया है। एक डिलीवरी बॉय ने मौके पर पहुंचकर महिला की जान बचाई, जिसके बाद उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में 6 जून को दलित आरोही का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना के तीन दिन बाद, 9 जून को बच्ची का शव गांव के खेत में मिला था। मामले को 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक इसका खुलासा नहीं कर पाई है। पीड़िता के घर SCST आयोग के सदस्यों के पहुंचने के बाद, ADG भी परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का वादा किया है।1
- कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों से एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से एक बैग, नए जूते और कुछ कपड़े बरामद हुए हैं, लेकिन मृतक की पहचान स्थापित करने वाला कोई भी दस्तावेज वहाँ से नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र लगभग 35 वर्ष प्रतीत हो रही है, और शव पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल मृतक की शिनाख्त करने और उसकी मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के प्रयासों में जुटी हुई है।1