गलियाकोट सोमनाथ मंदिर के संरक्षण की मांग, कैबिनेट मंत्री को सौंपा ज्ञापन संवाददाता - संतोष व्यास जयपुर/डूंगरपुर। जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले गलियाकोट सोमनाथ मंदिर के संरक्षण और कायाकल्प की मांग अब राज्य सरकार के गलियारों तक पहुँच गई है। रुद्र वाहिनी संघ के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय मानव अधिकार न्याय आयोग के संभाग अध्यक्ष प्रिंस कटारा ने जयपुर में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत से मुलाकात कर मंदिर के विकास हेतु एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस पहल के बाद वागड़ अंचल की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। - सांस्कृतिक पहचान और उपेक्षा का मुद्दा मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में प्रिंस कटारा ने जोर देकर कहा कि आदिवासी अंचल का यह प्राचीन मंदिर केवल पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि लाखों लोगों की अटूट आस्था और गौरवशाली इतिहास का केंद्र है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पर्याप्त सरकारी संरक्षण और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण यह महत्वपूर्ण स्थल आज भी पर्यटन मानचित्र पर वह स्थान नहीं पा सका है, जिसका यह हकदार है। कटारा ने इसे क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़ते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। प्रिंस कटारा द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में मंदिर के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए हैं जिसमें मंदिर परिसर का भव्य विस्तार और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का निर्माण, सोमनाथ मंदिर को राज्य के प्रमुख धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ना, मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए विशेष बजट की घोषणा, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना शामिल है। - रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल ज्ञापन सौंपने के दौरान कटारा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार योजनाबद्ध तरीके से इस मंदिर का विकास करती है, तो यह केवल धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहेगा। यह क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने ज्ञापन पर गंभीरता दिखाते हुए इस दिशा में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। कटारा ने कहा कि यह केवल एक मांग पत्र नहीं है, बल्कि हमारी विरासत को बचाने की एक मुहिम है। मुझे विश्वास है कि सरकार वागड़ की इस पावन धरा की भावनाओं का सम्मान करेगी और सोमनाथ मंदिर के विकास के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएगी।
गलियाकोट सोमनाथ मंदिर के संरक्षण की मांग, कैबिनेट मंत्री को सौंपा ज्ञापन संवाददाता - संतोष व्यास जयपुर/डूंगरपुर। जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले गलियाकोट सोमनाथ मंदिर के संरक्षण और कायाकल्प की मांग अब राज्य सरकार के गलियारों तक पहुँच गई है। रुद्र वाहिनी संघ के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय मानव अधिकार न्याय आयोग के संभाग अध्यक्ष प्रिंस कटारा ने जयपुर में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत से मुलाकात कर मंदिर के विकास हेतु एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस पहल के बाद वागड़ अंचल की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। - सांस्कृतिक पहचान और उपेक्षा का मुद्दा मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में प्रिंस कटारा ने जोर देकर कहा कि आदिवासी अंचल का यह प्राचीन मंदिर केवल पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि लाखों लोगों की अटूट आस्था और गौरवशाली इतिहास का केंद्र है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पर्याप्त सरकारी संरक्षण और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण यह महत्वपूर्ण स्थल आज भी पर्यटन मानचित्र पर वह स्थान नहीं पा सका है, जिसका यह हकदार है। कटारा ने इसे क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़ते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। प्रिंस कटारा द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में मंदिर के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए हैं जिसमें मंदिर परिसर का भव्य विस्तार और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का निर्माण, सोमनाथ मंदिर को राज्य के प्रमुख धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ना, मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए विशेष बजट की घोषणा, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना शामिल है। - रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल ज्ञापन सौंपने के दौरान कटारा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार योजनाबद्ध तरीके से इस मंदिर का विकास करती है, तो यह केवल धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहेगा। यह क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने ज्ञापन पर गंभीरता दिखाते हुए इस दिशा में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। कटारा ने कहा कि यह केवल एक मांग पत्र नहीं है, बल्कि हमारी विरासत को बचाने की एक मुहिम है। मुझे विश्वास है कि सरकार वागड़ की इस पावन धरा की भावनाओं का सम्मान करेगी और सोमनाथ मंदिर के विकास के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएगी।
- सीमलवाड़ा न्यायालय में लंबित मामलों को लेकर गंभीर स्थिति डूंगरपुर। सीमलवाड़ा स्थित जेएम न्यायालय में न्यायाधीश का पद पिछले एक वर्ष से रिक्त होने के कारण न्याय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वर्तमान में न्यायालय में लगभग 2023 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें 85 सिविल मुकदमे, 1892 आपराधिक मामले तथा 46 एफआईआर से संबंधित प्रकरण शामिल हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत 15 दिन में एक बार कैंप कोर्ट आयोजित किया जाता है, जिससे माह में केवल दो बार ही सुनवाई हो पाती है। शेष दिनों में वादियों को एसीजेएम सागवाड़ा जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस विषय को लेकर चौरासी विधायक अनिल कुमार कटारा ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान सरकार से जवाब मांगा। मंत्री ने उत्तर में कहा कि क्षेत्र में केवल 11 मामले लंबित हैं, जबकि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं। जानकारी के अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को सीमलवाड़ा में एसीजेएम कोर्ट क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव भेजा गया था, किंतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता नहीं होने का कारण बताते हुए इसे स्वीकृति नहीं दी गई। विधायक ने आदिवासी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जेएम न्यायालय के रिक्त पद को शीघ्र भरने तथा एसीजेएम न्यायालय स्वीकृत करने की मांग दोहराई, ताकि लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण हो सके और क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर न्याय मिल सके।1
- surata माईस में क्रेन टुटी एक की मौत हुई1
- Post by DiNESH Damor1
- Post by Jayantilal roat2
- राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानपुरा आनन्दपुरी बांसवाड़ा राजस्थान 327601 ग्राम पंचायत भवानपुरा को बहुत शिकायत दर्ज कराई पर कोई इसका समाधान नहीं हुआ यह कि स्थानीय विद्यालय भवानपुरा में पीने के पानी का संकट अभी से प्रारंभ हो गया है बच्चों को पानी पीने के लिए दुर तक जाना होता है साथ ही भोजन पकाने के लिए भी पानी की कमी है आप सभी जन से विद्यालय परिवार हाथ जोड़कर विनती करता है कि पानी की कमी का शीघ्रता पूर्वक निदान करें। जीन अभिभावकों के बच्चे भवानपुरा स्कुल में पढ़ रहे है उन अभिभावको से मेरा अनुरोध है कि बच्चे बहुत परेशान है। पीने का पानी नहीं मिल रहा है। भोजन बनाने के लिये भी पानी नहिं मिल रहा है तो बच्चों के लिये तो कुछ बोलो इन बच्चों के प्रति दया करों सभी अभिभावक कल स्कुल मे आकर देखें हकिगत क्या है। गुरुजी बार बार कहते है कि पानी कि बहुत समस्या है। लेकिन इसका ग्राम पंचायत भवानपुरा को कई बार सुचना दी है पर कोई इसका समाधान नहिं हो रहा है।4
- Post by Kamlesh1
- दिनांक 15/ 2 /2026 को श्री रामचरित मानस मंडल द्वारा शिव पार्वती के शुभ विवाह पर बहुत ही धूमधाम से विधि विधान के साथ हल्दी रस एवं शुभ विवाह का आयोजन किया गया। शहर भ्रमण के साथ शोभायात्रा भक्ति जन शिव पार्वती शुभ विवाह के अवसर पर बाराती सजी। बहुत ही धूमधाम से घोड़े और ऊंट पर सवार होकर भगवान शिव पार्वती का शिव विवाह का स्वभाव यात्रा शहर भर में करते हुए। और महा आरती के पश्चात महाप्रसाद का आयोजन किया गया1
- आश्रितों को मिले चार लाख रुपये बेड़ा में मनीवाइज़ चौपाल में गूंजा वित्तीय सुरक्षा का मंत्र, 252 ग्रामीणों ने जानी बैंकिंग की बारीकियां संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। भारतीय रिज़र्व बैंक के तत्वावधान में क्रिसिल फाउंडेशन के सहयोग से जिला लीड बैंक द्वारा संचालित मनीवाइज़ वित्तीय साक्षरता केंद्र के प्रयासों से दो परिवारों को दुख की घड़ी में बड़ा संबल मिला है। जिले के झोथरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बेड़ा में आयोजित वित्तीय साक्षरता चौपाल के दौरान भारत आदिवासी पार्टी के डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत दो दिवंगत लाभार्थियों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये के क्लेम चेक प्रदान किए। - दावा भुगतान से मिला परिवारों को संबल पगारा निवासी जयंतीलाल और ऊटिया निवासी चंदूलाल अहारी की सामान्य मृत्यु के पश्चात उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया था। दोनों ही मृतक प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़े थे। मनीवाइज़ केंद्र बिछीवाड़ा के रणछोड़लाल रोत और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीसी नटवरलाल डामोर ने सक्रियता दिखाते हुए परिजनों के आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाकर एसबीआई पाडली और बैंक ऑफ बड़ौदा गैंजी शाखा में जमा करवाए। कार्यक्रम में सांसद रोत ने नॉमिनी लक्ष्मणलाल डामोर और जशोदा अहारी को 2-2 लाख रुपये के चेक सौंपे। - वित्तीय साक्षरता से सशक्त हुए 252 ग्रामीण चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा के लिए बीमा योजनाओं से जुड़ना अनिवार्य है। उन्होंने दावा निपटान की प्रक्रिया समझाते हुए नियमित बचत और सही निवेश पर जोर दिया। इस दौरान सामाजिक सरोकार निभाते हुए उन्होंने खेती में यूरिया-डीएपी के नुकसान बताकर देशी खाद के उपयोग का भी आह्वान किया। - मौके पर ही योजनाओं से जुड़ाव जागरूकता का असर यह रहा कि कार्यक्रम के दौरान ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लिया। इसमेंप्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा में 123 सदस्य, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा में 29 सदस्य, अटल पेंशन योजना में 12 सदस्य, नॉमिनी पंजीकरण में 15 सदस्यों ने लाभ लिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी दिनेश ने ग्रामीणों को साइबर ठगी से आगाह करते हुए आधार नंबर और ओटीपी साझा न करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने झौथरी में एटीएम की आवश्यकता और मंगला पशु बीमा योजना पर भी चर्चा की। समाजसेवी पोपटलाल ने बैंक योजनाओं की जानकारी रखने पर बल दिया ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें। कार्यक्रम का सफल संचालन एरिया मैनेजर दीपक जोशी ने किया। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी सुभाष ननोमा, क्रिसिल फाउंडेशन से नरेश यादव, कांतिलाल रोत, गहरीदास, प्रियांशु, प्रवीण सहित बैंक बीसी रमेशचन्द्र, भारती डामोर, नटवरलाल, उप सरपंच, पूर्व उप सरपंच लक्ष्मणलाल, समाजसेवी दिलीप रोत, प्रकाशचन्द्र, मुकेश, महिपाल, पेमा और जीवा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1