मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील स्थित ग्राम बिलोआ में स्टोन (गिट्टी) एवं एम-सैंड खदान के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव निर्धारण प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा आयोजित लोक सुनवाई विवादों में घिर गई है। जारी प्रस्ताव के अनुसार, ग्राम बिलोआ की निजी भूमि के लगभग 3.950 हेक्टेयर क्षेत्र (खसरा/सर्वे नंबर 3706, 3707/7/2, 3707/9/2 एवं 3707/10) में प्रतिवर्ष 50 हजार घनमीटर स्टोन और 50 हजार घनमीटर एम-सैंड के उत्पादन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया चलाई जा रही है। हालांकि, लोक सुनवाई के बीच पुराने अवैध उत्खनन प्रकरणों और पेनल्टी का मुद्दा उठने से इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र में अवैध उत्खनन के कई मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 1 करोड़ रुपये से लेकर 61 करोड़ रुपये तक के जुर्माने प्रस्तावित किए गए थे। आवेदन के अनुसार, इन मामलों में लगभग 53 करोड़, 61 करोड़, 40 करोड़, 37 करोड़, 20 करोड़, 18 करोड़, 17 करोड़, 13 करोड़, 11 करोड़, 9 करोड़, 8 करोड़, 6 करोड़, 5 करोड़, 4 करोड़, 3 करोड़ और 1 करोड़ रुपये तक के पेनल्टी प्रस्ताव शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन प्रकरणों का आज तक अंतिम निराकरण नहीं हुआ है और बिना जुर्माना वसूले या स्थिति स्पष्ट किए नई पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि ये सर्वे नंबर पूर्व में भी खनन गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और इनका संबंध तत्कालीन तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा की सास, ममता शर्मा एवं उनके परिवार से है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार के कार्यकाल के दौरान इन सर्वे नंबरों से संबंधित राजस्व अभिलेख उपलब्ध नहीं रहे और खनिज विभाग द्वारा प्रशासन को पूरी तथ्यात्मक जानकारी नहीं दी जा रही है। शिकायतकर्ता ने अभिलेखों और प्रकरणों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग पहले पुराने मामलों का विधिसम्मत निराकरण करें, उसके बाद ही नई स्वीकृति पर कोई निर्णय लिया जाए।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील स्थित ग्राम बिलोआ में स्टोन (गिट्टी) एवं एम-सैंड खदान के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव निर्धारण प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा आयोजित लोक सुनवाई विवादों में घिर गई है। जारी प्रस्ताव के अनुसार, ग्राम बिलोआ की निजी भूमि के लगभग 3.950 हेक्टेयर क्षेत्र (खसरा/सर्वे नंबर 3706, 3707/7/2, 3707/9/2 एवं 3707/10) में प्रतिवर्ष 50 हजार घनमीटर स्टोन और 50 हजार घनमीटर एम-सैंड के उत्पादन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया चलाई जा रही है। हालांकि, लोक सुनवाई के बीच पुराने अवैध उत्खनन प्रकरणों और पेनल्टी का मुद्दा उठने से इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र में अवैध उत्खनन के कई मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 1 करोड़ रुपये से लेकर 61 करोड़ रुपये तक के जुर्माने प्रस्तावित किए गए थे। आवेदन के अनुसार, इन मामलों में लगभग 53 करोड़, 61 करोड़, 40 करोड़, 37 करोड़, 20 करोड़, 18 करोड़, 17 करोड़, 13 करोड़, 11 करोड़, 9 करोड़, 8 करोड़, 6 करोड़, 5 करोड़, 4 करोड़, 3 करोड़ और 1 करोड़ रुपये तक के पेनल्टी प्रस्ताव शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन प्रकरणों का आज तक अंतिम निराकरण नहीं हुआ है और बिना जुर्माना वसूले या स्थिति स्पष्ट किए नई पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि ये सर्वे नंबर पूर्व में भी खनन गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और इनका संबंध तत्कालीन तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा की सास, ममता शर्मा एवं उनके परिवार से है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार के कार्यकाल के दौरान इन सर्वे नंबरों से संबंधित राजस्व अभिलेख उपलब्ध नहीं रहे और खनिज विभाग द्वारा प्रशासन को पूरी तथ्यात्मक जानकारी नहीं दी जा रही है। शिकायतकर्ता ने अभिलेखों और प्रकरणों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग पहले पुराने मामलों का विधिसम्मत निराकरण करें, उसके बाद ही नई स्वीकृति पर कोई निर्णय लिया जाए।
- पन्ना के शाहनगर में महज 120 रुपये के मोबाइल कवर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ऑनलाइन मंगाए गए मोबाइल कवर में खराबी मिलने के बाद शाहनगर एसडीएम रामनिवास चौधरी और डिलीवरी बॉय के बीच तीखी कहासुनी हो गई। इस दौरान एसडीएम इतने भड़क गए कि उन्होंने डिलीवरी बॉय को धमकी देते हुए कहा, "2 सेकंड में जेल जाओगे।" यह मामला बढ़ता हुआ सीधे पुलिस तक पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।1
- मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के बीच बड़ौनी में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक राधेलाल बघेल ने बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पर सीधा हमला बोला। राधेलाल बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये वही प्रत्याशी हैं, जिनके कहने पर उनके छोटे भाई और पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र बुधौलिया ने इंदरगढ़ और सेवढ़ा में लूट मचाई थी, जो किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि अब दतिया इनके निशाने पर है। इस जन संवाद कार्यक्रम में भरतपुर (राजस्थान) की सांसद और दतिया की सह चुनाव प्रभारी संजना जाटव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने जनता से संवाद किया और आगामी चुनाव को लेकर अपने विचार रखे। साथ ही दतिया उपचुनाव में कांग्रेस को विजयी बनाने की जनता से अपील की।1
- मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से हुंकार भरी और जमकर दहाड़े। इस उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सारी शक्ति झोंक दी है। चुनावी मंच से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस आक्रामक संबोधन के साथ ही भाजपा दतिया उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत के साथ जुटी हुई है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दौर में बसई मंडी प्रांगण में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया और जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों का उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। भाजपा संगठन ने इस जनसभा को उपचुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताते हुए क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता का दावा किया है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के तहत रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसई में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित इस जनसभा में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि दतिया में कमल का खिलना तय है। इस जनसभा को मध्यप्रदेश शासन के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी संबोधित किया। अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की अपनी ही पार्टी में कोई पूछ-परख नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डकैतों और अपहरण का आतंक था, जबकि भाजपा सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने मेडिकल कॉलेज, सड़क, बिजली, पानी और ग्रामीण विकास के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल लाड़ली बहना योजना तक सीमित न रहकर महिलाओं को "लखपति दीदी" बनाना है। साथ ही "वीबी-जी राम जी योजना" को गांवों के लिए वरदान बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे ग्राम पंचायतों को बड़े पैमाने पर विकास के लिए धन मिलेगा। अंत में उन्होंने जनता से 30 जुलाई को कमल के फूल का बटन दबाकर भाजपा प्रत्याशी को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील की।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील स्थित ग्राम बिलोआ में स्टोन (गिट्टी) एवं एम-सैंड खदान के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव निर्धारण प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा आयोजित लोक सुनवाई विवादों में घिर गई है। जारी प्रस्ताव के अनुसार, ग्राम बिलोआ की निजी भूमि के लगभग 3.950 हेक्टेयर क्षेत्र (खसरा/सर्वे नंबर 3706, 3707/7/2, 3707/9/2 एवं 3707/10) में प्रतिवर्ष 50 हजार घनमीटर स्टोन और 50 हजार घनमीटर एम-सैंड के उत्पादन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया चलाई जा रही है। हालांकि, लोक सुनवाई के बीच पुराने अवैध उत्खनन प्रकरणों और पेनल्टी का मुद्दा उठने से इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र में अवैध उत्खनन के कई मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 1 करोड़ रुपये से लेकर 61 करोड़ रुपये तक के जुर्माने प्रस्तावित किए गए थे। आवेदन के अनुसार, इन मामलों में लगभग 53 करोड़, 61 करोड़, 40 करोड़, 37 करोड़, 20 करोड़, 18 करोड़, 17 करोड़, 13 करोड़, 11 करोड़, 9 करोड़, 8 करोड़, 6 करोड़, 5 करोड़, 4 करोड़, 3 करोड़ और 1 करोड़ रुपये तक के पेनल्टी प्रस्ताव शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन प्रकरणों का आज तक अंतिम निराकरण नहीं हुआ है और बिना जुर्माना वसूले या स्थिति स्पष्ट किए नई पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि ये सर्वे नंबर पूर्व में भी खनन गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और इनका संबंध तत्कालीन तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा की सास, ममता शर्मा एवं उनके परिवार से है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार के कार्यकाल के दौरान इन सर्वे नंबरों से संबंधित राजस्व अभिलेख उपलब्ध नहीं रहे और खनिज विभाग द्वारा प्रशासन को पूरी तथ्यात्मक जानकारी नहीं दी जा रही है। शिकायतकर्ता ने अभिलेखों और प्रकरणों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग पहले पुराने मामलों का विधिसम्मत निराकरण करें, उसके बाद ही नई स्वीकृति पर कोई निर्णय लिया जाए।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में डबरा अनुविभाग के पिछोर थाना क्षेत्र स्थित बड़ी अकबई गांव में आपसी विवाद को लेकर दो युवकों ने एक नाबालिक की जमकर मारपीट कर दी। गांव के ही दो युवकों द्वारा की गई इस मारपीट में नाबालिक निक्की कुशवाह के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। वारदात के बाद घायल अवस्था में नाबालिक को इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल डबरा लाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं घटना के सामने आने के बाद पिछोर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1