छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। सारंगढ़ के जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देश भर से जुटाया गया करोड़ों का चंदा और चढ़ावा 'भाजपा-आरएसएस की राजनीतिक लूट' का शिकार हो गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि गरीबों, किसानों और मजदूरों ने अपनी मेहनत की कमाई से मंदिर के लिए चंदा दिया था, जिसे भाजपा और संघ परिवार के संगठनों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि राम मंदिर निर्माण के समय 'रामशिला पूजन' के नाम पर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की गई थी, जिसका कोई हिसाब नहीं दिया गया है। शुक्ला ने कहा कि पहले चंदे में हेराफेरी की गई और अब मंदिर बनने के बाद चढ़ावे में भी चोरी की जा रही है। चूंकि राम मंदिर न्यास ट्रस्ट का गठन गृहमंत्री अमित शाह ने किया था और यह प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, इसलिए इस कथित घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की बनती है। पार्टी ने सरकार से तीन बड़े सवाल पूछते हुए पूछा है कि जब ट्रस्ट प्रधानमंत्री की देखरेख में बना तो इस घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा, अगर सब कुछ ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए, और यदि कुछ गलत नहीं हुआ तो सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से क्यों डर रही है? कांग्रेस ने इस मामले में पांच सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। इसमें प्रधानमंत्री से ट्रस्ट गठन और प्रशासनिक निगरानी में सरकार की भूमिका स्पष्ट करने, कथित घोटाले में शामिल चंपत राय, अनिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करने, और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग शामिल है। साथ ही, वर्तमान ट्रस्ट को तत्काल भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों और प्रशासनिक विशेषज्ञों के साथ एक नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने और समस्त चंदे, चढ़ावे व भूमि खरीद का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इस पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, संजय दुबे, सूरज तिवारी, अरुण मालाकार, नीतिश बंजारे, उमेश केशरवानी, रवीन्द्र नंदे, राधेश्याम जायसवाल, विनोद भारद्वाज, रामनाथ सिदार, रमेश खुंटे, राकेश पटेल, हेमंत, मितेंद्र यादव, राजू यादव और राजकमल अग्रवाल सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। सारंगढ़ के जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देश भर से जुटाया गया करोड़ों का चंदा और चढ़ावा 'भाजपा-आरएसएस की राजनीतिक लूट' का शिकार हो गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि गरीबों, किसानों और मजदूरों ने अपनी मेहनत की कमाई से मंदिर के लिए चंदा दिया था, जिसे भाजपा और संघ परिवार के संगठनों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि राम मंदिर निर्माण के समय 'रामशिला पूजन' के नाम पर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की गई थी, जिसका कोई हिसाब नहीं दिया गया है। शुक्ला ने कहा कि पहले चंदे में हेराफेरी की गई और अब मंदिर बनने के बाद चढ़ावे में भी चोरी की जा रही है। चूंकि राम मंदिर न्यास ट्रस्ट का गठन गृहमंत्री अमित शाह ने किया था और यह प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, इसलिए इस कथित घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की बनती है। पार्टी ने सरकार से तीन बड़े सवाल पूछते हुए पूछा है कि जब ट्रस्ट प्रधानमंत्री की देखरेख में बना तो इस घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा, अगर सब कुछ ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए, और यदि कुछ गलत नहीं हुआ तो सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से क्यों डर रही है? कांग्रेस ने इस मामले में पांच सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। इसमें प्रधानमंत्री से ट्रस्ट गठन और प्रशासनिक निगरानी में सरकार की भूमिका स्पष्ट करने, कथित घोटाले में शामिल चंपत राय, अनिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करने, और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग शामिल है। साथ ही, वर्तमान ट्रस्ट को तत्काल भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों और प्रशासनिक विशेषज्ञों के साथ एक नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने और समस्त चंदे, चढ़ावे व भूमि खरीद का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इस पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, संजय दुबे, सूरज तिवारी, अरुण मालाकार, नीतिश बंजारे, उमेश केशरवानी, रवीन्द्र नंदे, राधेश्याम जायसवाल, विनोद भारद्वाज, रामनाथ सिदार, रमेश खुंटे, राकेश पटेल, हेमंत, मितेंद्र यादव, राजू यादव और राजकमल अग्रवाल सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। सारंगढ़ के जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देश भर से जुटाया गया करोड़ों का चंदा और चढ़ावा 'भाजपा-आरएसएस की राजनीतिक लूट' का शिकार हो गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि गरीबों, किसानों और मजदूरों ने अपनी मेहनत की कमाई से मंदिर के लिए चंदा दिया था, जिसे भाजपा और संघ परिवार के संगठनों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि राम मंदिर निर्माण के समय 'रामशिला पूजन' के नाम पर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की गई थी, जिसका कोई हिसाब नहीं दिया गया है। शुक्ला ने कहा कि पहले चंदे में हेराफेरी की गई और अब मंदिर बनने के बाद चढ़ावे में भी चोरी की जा रही है। चूंकि राम मंदिर न्यास ट्रस्ट का गठन गृहमंत्री अमित शाह ने किया था और यह प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, इसलिए इस कथित घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की बनती है। पार्टी ने सरकार से तीन बड़े सवाल पूछते हुए पूछा है कि जब ट्रस्ट प्रधानमंत्री की देखरेख में बना तो इस घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा, अगर सब कुछ ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए, और यदि कुछ गलत नहीं हुआ तो सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से क्यों डर रही है? कांग्रेस ने इस मामले में पांच सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। इसमें प्रधानमंत्री से ट्रस्ट गठन और प्रशासनिक निगरानी में सरकार की भूमिका स्पष्ट करने, कथित घोटाले में शामिल चंपत राय, अनिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करने, और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग शामिल है। साथ ही, वर्तमान ट्रस्ट को तत्काल भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों और प्रशासनिक विशेषज्ञों के साथ एक नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने और समस्त चंदे, चढ़ावे व भूमि खरीद का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इस पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, संजय दुबे, सूरज तिवारी, अरुण मालाकार, नीतिश बंजारे, उमेश केशरवानी, रवीन्द्र नंदे, राधेश्याम जायसवाल, विनोद भारद्वाज, रामनाथ सिदार, रमेश खुंटे, राकेश पटेल, हेमंत, मितेंद्र यादव, राजू यादव और राजकमल अग्रवाल सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा 'किसान मजदूर बचाओ अभियान' के तीसरे चरण के तहत किसानों के लिए विशेष कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 2.5 एकड़ या उससे कम भूमि वाले आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को खाद, बीज व कीटनाशक दवाइयां पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि इससे देश का किसान समृद्ध होगा तो देश समृद्ध होगा। Sa News YouTube Channel द्वारा साझा की गई इस जानकारी के बाद लोग सोशल मीडिया पर #फ्री_खाद_बीज_दवाई_सेवाअभियान के साथ इस सेवा की सराहना कर रहे हैं।1
- हांसी जिले के धमाना स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा आजीवन के लिए एक निःशुल्क स्कूल वैन भेंट की गई है। इस सेवा के अंतर्गत स्कूल वैन का समस्त खर्च भी आजीवन संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा ही वहन किया जाएगा। इसमें वैन का ईंधन, चालक (ड्राइवर) का वेतन और वैन का रखरखाव (मेंटेनेंस) जैसे सभी खर्चे शामिल हैं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं निःशुल्क परिवहन सुविधा निरंतर प्राप्त होती रहे।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में एक सूने बोर मकान में रह रही महिला और उसकी महज 10 महीने की दुधमुंही बच्ची की अज्ञात दरिंदे ने बेरहमी से हत्या कर दी है। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका बरत कुमारी (35 वर्ष) के पति की मौत के बाद उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह गांव के बाहर प्रहलाद बेहरा के खेत में बने एक सूने बोर घर में अपनी 10 माह की मासूम बेटी परी के साथ रह रही थी। 16 जुलाई की सुबह गांव के ही एक शख्स ने मृतिका की मौसी बुधियारो नागवंशी को हमले की सूचना दी। जब ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। अज्ञात आरोपी ने किसी भारी वस्तु से बरत कुमारी के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसे लहूलुहान कर दिया था। कातिल ने बगल में सो रही 10 महीने की मासूम परी पर भी रहम नहीं खाया और भारी प्रहार कर उसे मौके पर ही दर्दनाक मौत की नींद सुला दिया, जबकि मां गंभीर रूप से तड़प रही थी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी और लैलूंगा पुलिस की टीम फोरेंसिक (FSL) तथा डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 230/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने खुद कमान संभाल रखी है और घटनास्थल का मुआयना कर पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस फिलहाल कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ कर रही है। एसएसपी ने आश्वस्त किया है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। फिलहाल इलाके के लोग सहमे हुए हैं और जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।2
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इस बार रक्षाबंधन के अवसर पर बीज राखियों के जरिए हरियाली का संदेश बिखेरा जाएगा। इस पावन पर्व पर जिले की स्व सहायता समूह की दीदियों ने एक बेहद अनूठी पहल की है, जिसके तहत वे बीज राखियों का निर्माण कर रही हैं।1
- संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा जिला हांसी के राजकीय माध्यमिक विद्यालय, धमाना को आजीवन के लिए एक निःशुल्क स्कूल वैन भेंट की गई है। इस सेवा के अंतर्गत वैन के संचालन का समस्त खर्च आजीवन संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा ही वहन किया जाएगा। इस आजीवन खर्च में गाड़ी का ईंधन, चालक (ड्राइवर) का वेतन और वैन का रखरखाव (मेंटेनेंस) पूरी तरह से शामिल रहेगा। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं निःशुल्क परिवहन सुविधा निरंतर प्रदान करना है।1
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स ने अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी में लिप्त महाराष्ट्र के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 वर्षीय शेख नईम (पिता स्वर्गीय शेख सलीम) के रूप में हुई है, जो हबीब नगर अमरावती, थाना खोलापुरी गेट, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) का निवासी है। टास्क फोर्स को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी पीठ पर पीट्ठू बैग में गांजा लादकर पैदल चलते हुए उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने एनएच 53 रोड पर स्थित ग्राम रेहटीखोल चेक पोस्ट पर घेराबंदी की और संदिग्ध को धर दबोचा। संदेह के आधार पर जब आरोपी के पीट्ठू बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इस गांजे को संबलपुर (उड़ीसा) से अमरावती (महाराष्ट्र) ले जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 लाख रुपये कीमत का 4 किलोग्राम गांजा और 5,000 रुपये कीमत का एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत 2 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी का यह कृत्य अपराध धारा 20 बी एनडीपीएस एक्ट के तहत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है और सिंघोडा थाने में मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है।2