सागर में भगवती मानव कल्याण संगठन की सागर शाखा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौरझामर थाना प्रभारी पर संगठन के सदस्यों को बिना किसी सूचना या नोटिस के नजरबंद करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में संगठन ने पुलिस अधीक्षक सागर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन के अनुसार, संगठन के केसली ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश सिंह लोधी को 14 जून 2026 की सुबह थाना प्रभारी ने फोन कर गौरझामर थाने बुलाया था। आरोप है कि वहाँ उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए और उन्हें थाने में नजरबंद रखा गया, जिसका कारण पूछने पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। संगठन का यह भी आरोप है कि जब कार्यकर्ता निरपत सिंह लोधी और राजकुमार लोधी (निवासी पटना खुर्द) इस मामले की जानकारी लेने थाने पहुँचे, तो उन्हें भी थाना प्रभारी के निर्देश पर थाने में रोक लिया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर थाना प्रभारी नासिर फारूकी और मुंशी अनिल कनौजिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी पूछा कि संगठन के कार्यकर्ताओं को किस आधार पर और किन परिस्थितियों में नजरबंद किया गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि जिन कार्यकर्ताओं को रोका गया था, उनके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है और न ही उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन किया है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सागर में भगवती मानव कल्याण संगठन की सागर शाखा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौरझामर थाना प्रभारी पर संगठन के सदस्यों को बिना किसी सूचना या नोटिस के नजरबंद करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में संगठन ने पुलिस अधीक्षक सागर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन के अनुसार, संगठन के केसली ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश सिंह लोधी को 14 जून 2026 की सुबह थाना प्रभारी ने फोन कर गौरझामर थाने बुलाया था। आरोप है कि वहाँ उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए और उन्हें थाने में नजरबंद रखा गया, जिसका कारण पूछने पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। संगठन का यह भी आरोप है कि जब कार्यकर्ता निरपत सिंह लोधी और
राजकुमार लोधी (निवासी पटना खुर्द) इस मामले की जानकारी लेने थाने पहुँचे, तो उन्हें भी थाना प्रभारी के निर्देश पर थाने में रोक लिया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर थाना प्रभारी नासिर फारूकी और मुंशी अनिल कनौजिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी पूछा कि संगठन के कार्यकर्ताओं को किस आधार पर और किन परिस्थितियों में नजरबंद किया गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि जिन कार्यकर्ताओं को रोका गया था, उनके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है और न ही उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन किया है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- सागर जिले के वन परिक्षेत्र सागर अंतर्गत वीट भिलैया में पौधारोपण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में दक्षिण सागर के वनमण्डल अधिकारी श्री वरुण यादव (भारतीय वन सेवा) और उपवनमण्डल अधिकारी श्रीमती विनीता जाटव ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान श्री यादव ने वृक्षारोपण के समय बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से बताया। उन्होंने स्थानीय समिति सदस्यों और ग्रामीणों से भी वृक्षारोपण गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। श्री यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि वन विभाग द्वारा कराए जाने वाले वृक्षारोपण से स्थानीय ग्रामीणों को सीधा रोजगार मिलता है। इसके अतिरिक्त, वन विभाग द्वारा आँवला, हर्रा, बहेड़ा, बेल आदि जैसी फलदार प्रजातियों के पौधे रोपित करने से भविष्य में ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी सागर, ढाना और गढ़ाकोटा का वन स्टाफ भी मौजूद रहा। साथ ही, गुरैया के सरपंच श्री अजब सिंह राजपूत और बिहारीखेड़ा के सरपंच श्री दयाराम कुर्मी जैसे स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।4
- सागर में भगवती मानव कल्याण संगठन की सागर शाखा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौरझामर थाना प्रभारी पर संगठन के सदस्यों को बिना किसी सूचना या नोटिस के नजरबंद करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में संगठन ने पुलिस अधीक्षक सागर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन के अनुसार, संगठन के केसली ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश सिंह लोधी को 14 जून 2026 की सुबह थाना प्रभारी ने फोन कर गौरझामर थाने बुलाया था। आरोप है कि वहाँ उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए और उन्हें थाने में नजरबंद रखा गया, जिसका कारण पूछने पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। संगठन का यह भी आरोप है कि जब कार्यकर्ता निरपत सिंह लोधी और राजकुमार लोधी (निवासी पटना खुर्द) इस मामले की जानकारी लेने थाने पहुँचे, तो उन्हें भी थाना प्रभारी के निर्देश पर थाने में रोक लिया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर थाना प्रभारी नासिर फारूकी और मुंशी अनिल कनौजिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी पूछा कि संगठन के कार्यकर्ताओं को किस आधार पर और किन परिस्थितियों में नजरबंद किया गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि जिन कार्यकर्ताओं को रोका गया था, उनके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है और न ही उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन किया है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।2
- सागर जिले के बीना में पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए दो आदतन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 1 किलो 405 ग्राम अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 1.40 लाख रुपये और मोटरसाइकिल की कीमत 60 हजार रुपये आंकी गई है, जिससे कुल जब्ती मूल्य लगभग 2 लाख रुपये हो गया है। पुलिस को 16 जून 2026 की दरमियानी रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि सफेद रंग की मोटरसाइकिल (MP-15-NC-2094) से दो व्यक्ति शब्दा पुलिया क्षेत्र में गांजा बेचने आ रहे हैं। इस सूचना पर बीना पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गोकल पिता लोकमन अहिरवार (40 वर्ष), निवासी ग्राम रगोली, थाना सानौधा, जिला सागर, और हीरालाल पिता थोबन अहिरवार (66 वर्ष), निवासी भीम वार्ड, बीना, को मौके से पकड़ा। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल की डिक्की से अवैध गांजा बरामद किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में पता चला है कि गोकल अहिरवार के विरुद्ध थाना सानौधा और थाना मोतीनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। वहीं, हीरालाल अहिरवार के विरुद्ध थाना कैंट सागर और थाना बीना में एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हैं। यह भी सामने आया है कि हीरालाल पूर्व में जीआरपी में आरक्षक के पद पर तैनात रहा था और सेवानिवृत्ति के बाद से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाया गया है। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन और एसडीओपी बीना अजय सनकत के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। बीना पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और तस्करी से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वाले तत्वों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।3
- सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल ने एक विशेष बातचीत में नए अस्पताल के उद्घाटन और उसकी लिपाई-पुताई की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सिर्फ अस्पताल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर भी घटिया निर्माण कार्य हुआ है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता पर संदेह पैदा होता है। विधायक पटेल ने क्षेत्र में डॉक्टरों की भारी कमी के मुद्दे पर भी सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इंगित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और इस कमी के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।1
- मध्य प्रदेश के बीना में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक बहू ने अपने पुरुष मित्र के साथ मिलकर अपने ही ससुर को निशाना बनाते हुए लूट और ठगी की वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि बहू और उसके साथी ने चाकू की नोक पर ससुर को धमकाया और फिर उनके बैंक खाते से 5 लाख रुपये हड़प लिए।1
- सागर जिले के बीना में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। बीना थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शब्बर पुलिया के पास से गोकल अहिरवार (निवासी ग्राम रगोली, थाना सानौधा) और हीरालाल अहिरवार (निवासी भीम वार्ड, बीना) को गिरफ्तार किया। इनके पास से 1 किलो 405 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लगभग 60 हजार रुपये कीमत की एक सफेद रंग की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया तथा एसडीओपी अजय सेनका के मार्गदर्शन में बीना थाना पुलिस टीम ने 16 जून 2026 की रात यह कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर गांजा लेकर बिक्री की फिराक में घूम रहे हैं। घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया और तलाशी में गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी गांजा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से हीरालाल अहिरवार जीआरपी में पुलिस आरक्षक के पद से सेवानिवृत्त बताया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। बीना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सिलवानी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शिक्षक को 'खड़े हो जाओ' कहने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंच पर भड़कते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मुख्यमंत्री शिक्षक से सवाल करते हुए गुस्से में पूछते हैं कि क्या जनता मूर्ख है। वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री अपने ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) द्वारा शिक्षक को धक्का देने पर भी नाराज दिख रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में 'लिपाई-पुताई' के मामले को लेकर मुख्यमंत्री का सारा गुस्सा मास्टर जी पर उतर गया।1
- सागर जिले के बीना थाना पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जहाँ एक बहू ने अपने पुरुष मित्र के साथ मिलकर अपने ही ससुर को निशाना बनाया। बहू सुनीता रैकवार ने अपने दोस्त माखन पवार के साथ मिलकर अपने ससुर चतुर्भुज रैकवार के साथ लूटपाट की और उनके बैंक खाते से धोखाधड़ी से 5 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपी ने पीड़ित को चाकू दिखाकर डराया-धमकाया भी था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी माखन पवार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से 5 हजार रुपये नकद, एक चाकू, आधार कार्ड और एक पल्सर बाइक जब्त की गई है। इस मामले की मुख्य आरोपी, बहू सुनीता रैकवार, अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।1