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करनाल जिले के असंध क्षेत्र में नालियों की सफाई काफी समय से नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, लगभग आठ महीने से यहां की नालियां साफ नहीं हुई हैं।
Rahul
करनाल जिले के असंध क्षेत्र में नालियों की सफाई काफी समय से नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, लगभग आठ महीने से यहां की नालियां साफ नहीं हुई हैं।
More news from हरियाणा and nearby areas
- करनाल जिले के असंध क्षेत्र में नालियों की सफाई काफी समय से नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, लगभग आठ महीने से यहां की नालियां साफ नहीं हुई हैं।1
- कैथल शहर में सीवर लीकेज और ओवरफ्लो की समस्या से लोग परेशान हैं। चंदाना गेट क्षेत्र में, विशेष रूप से महाराजा शुर सैनी के पास, सीवर का पानी लगातार लीक होकर ओवरफ्लो हो रहा है। इस स्थिति के कारण आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अशोकनगर में नालियों की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। शिकायत के अनुसार, नालियों से बेहद दुर्गंध आ रही है, जिससे मक्खी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जो लोगों को काफी परेशान कर रहे हैं। इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा जा रहा है कि क्या इसे ही 'स्वच्छ भारत अभियान' कहा जाता है। आरोप है कि सफाई कर्मचारी भी इन नालियों की सफाई नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण यह बुरा हाल हुआ है।4
- हरियाणा के जींद जिले की 24 वर्षीय मनीषा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से देश की सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था इसरो में रिसर्च ऑफिसर का पद हासिल किया है। उन्होंने NET JRF परीक्षा में अखिल भारतीय 14वीं रैंक प्राप्त की, जिसके बाद इसरो ने उन्हें ऑफर लेटर जारी किया है। मनीषा एक संयुक्त परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जिसमें कुल सात सदस्य हैं, जिनमें उनके दो भाई और एक बहन शामिल हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा गांव के स्कूल से हुई, जहाँ से उन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पास कीं। इसके बाद, उन्होंने एमडीयू रोहतक से बीएससी की डिग्री हासिल की। परिवार के सदस्यों के अनुसार, मनीषा घर पर ही रोजाना 16 घंटे पढ़ाई करती थीं और पढ़ाई के साथ-साथ घरेलू कामों में भी हाथ बंटाती थीं। उनका सपना प्रोफेसर बनने का था, लेकिन इसरो का प्रस्ताव मिलने के बाद पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। अपनी इस उपलब्धि पर मनीषा ने कहा कि उनका हमेशा से सपना था कि वे देश की सेवा कर सकें। NET JRF में अच्छे रैंक के बाद इसरो से मेल आने पर उन्हें लगा जैसे उनका सपना सच हो गया हो। उन्होंने बताया कि गांव के स्कूल से शुरुआत कर और मेहनत के बल पर वे यहाँ तक पहुँची हैं। उनके लिए परिवार का साथ और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना चुनौतीपूर्ण था, पर उन्होंने हार नहीं मानी। अब वे इसरो में जाकर देश के स्पेस प्रोग्राम में अपना योगदान देने के लिए उत्सुक हैं। मनीषा को सोशल मीडिया पर भी भरपूर समर्थन मिला है, और उनकी इस उपलब्धि पर जींदवासियों, शिक्षकों और रिश्तेदारों ने बधाई संदेश भेजे हैं। मनीषा की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे हरियाणा के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो साधारण पृष्ठभूमि से होने के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर यमुना नदी में स्नान करने गए तीन युवक डूब गए। गोताखोर पंकज सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनमें से दो युवकों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।1
- जुलाना कस्बे की परशुराम धर्मशाला में इनेलो कार्यकर्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें इनेलो नेता अभय चौटाला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस बैठक की अध्यक्षता इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भाजपा सरकार और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। अभय चौटाला ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार पर हर वर्ग को नुकसान पहुंचाने और लोगों को जाति व धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास कार्य पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल के शासनकाल में हुए थे, जब टैक्स समाप्त किए गए, बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना शुरू की गई और गांवों में जलघर बनवाए गए, साथ ही किसानों को फसल खराब होने पर उचित मुआवजा मिलता था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यह आम आदमी की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने का काम करता था। कांग्रेस पर हमला करते हुए चौटाला ने कहा कि जिस क्षेत्र ने भूपेंद्र हुड्डा को सम्मान दिया, वहीं की जमीनें बिकवाने का काम किया गया और किसानों को कमजोर करने वाले फैसलों के कारण ही जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू न करके काले कानून लागू करने का भी आरोप लगाया, जिसके खिलाफ किसानों को आंदोलन करना पड़ा। जजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जजपा भाजपा की गोद में बैठकर सत्ता का सुख भोगती रही, लेकिन बाद में भाजपा ने उन्हें दूध से मक्खी की तरह बाहर कर दिया। चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा पर कांग्रेस सरकार बनने से रोकने और राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त करवाने का आरोप भी लगाया, साथ ही कहा कि इनेलो न तो भाजपा की बी टीम है और न ही वोट काटने वाली पार्टी, बल्कि भाजपा को हराने का काम करेगी। इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री रात को तेल बचाने की बात करता है और सुबह विदेश दौरों पर निकल जाता है, जबकि लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों से आम जनता परेशान है। उन्होंने इनेलो विधायक अभय चौटाला द्वारा किसानों के हितों की लड़ाई में अपने पद से इस्तीफा देने का उल्लेख किया और कहा कि किसी अन्य दल के विधायक ने ऐसा साहस नहीं दिखाया। माजरा ने कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान किसी भी कांग्रेस विधायक ने किसानों के समर्थन में इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जब लाखों बुजुर्गों की पेंशन काटी गई थी, तब अभय चौटाला की चेतावनी के बाद सरकार को झुकते हुए पेंशन बहाल करनी पड़ी थी। माजरा ने प्रदेश सरकार पर किसानों पर तरह-तरह की शर्तें थोपने और युवाओं के हकों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया, साथ ही कहा कि बाहरी राज्यों के युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि हरियाणा के युवाओं के अधिकारों के लिए अभय चौटाला लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी प्रदेश के कई गांव पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। इस मौके पर इनेलो महासचिव धर्मेंद्र ढुल, प्रताप लाठर, प्रदीप गिल आदि भी मौजूद रहे।1
- हरियाणा के इंद्री में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर हर्बल पार्क में मिड डे मील वर्कर यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता यूनियन की जिला प्रधान शिमला देवी ने की। इस बैठक में सरकार की नीतियों के खिलाफ आगामी 5 जून को हरियाणा के शिक्षा मंत्री के आवास पर जोरदार प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रधान शिमला देवी ने सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि कच्चे कर्मचारियों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी जायज मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बैठक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के ब्लॉक प्रधान ऋषिपाल और ग्रामीण चौकीदार यूनियन के जिला उपप्रधान मदन कलरा ने भी भाग लिया। मिड डे मील वर्कर यूनियन ने सरकार के सामने अपनी कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पंचकूला निदेशक के साथ 12 जनवरी को हुए समझौते को तुरंत लागू करना, स्कूलों में मिड डे मील वर्करों से गैर-शैक्षणिक कार्य बंद कराना, और बच्चों की संख्या कम होने पर हटाई गई कुक को बच्चों की संख्या बढ़ने पर दोबारा नियुक्त करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने मिड डे मील वर्करों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, सेवानिवृत्ति पर 2 लाख रुपये का भुगतान करने, तथा स्कूलों में खाना बनाते समय घायल होने पर इलाज का पूरा खर्च विभाग द्वारा वहन करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों को जल्द नहीं माना तो उनके आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा।1
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में रिसर्च ऑफिसर के पद पर मनीषा कौशिक के चयन से उनके ननिहाल कसूहन गांव में खुशियों का माहौल है। ग्रामीणों ने मनीषा के मामा के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी और लड्डू बांटकर मुंह मीठा करवाया। सफीदों के गंगोली गांव की मनीषा शर्मा का ननिहाल कसूहन गांव में है, और इस विशेष अवसर पर पूरा गांव उत्सव मना रहा है। यह उल्लेखनीय है कि पूरे हरियाणा से इसरो में रिसर्च ऑफिसर के पद पर केवल मनीषा कौशिक का ही चयन हुआ है, जिससे वह राज्य की इकलौती उम्मीदवार बन गई हैं। उनके मामा विजेंद्र शर्मा ने इस बात की पुष्टि की कि मनीषा का चयन इसरो के हैदराबाद सेंटर में रिसर्च ऑफिसर के पद पर हुआ है। कसूहन गांव की पंचायत ने घोषणा की है कि जल्द ही गांव में मनीषा कौशिक के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। सरपंच प्रतिनिधि श्रीकांत ने कहा कि मनीषा कौशिक ने पूरे प्रदेश में टॉप करके गांव का नाम रोशन किया है, और उन्हें खटकड़ टोल से सम्मान समारोह में लाया जाएगा। विजेंद्र शर्मा और श्रीकांत दोनों ने मौजूदा सरकार की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भाजपा के राज में 'बिना पर्ची बिना खर्ची' केवल पढ़ाई के बूते पर नौकरी मिल रही है, जबकि पहले की सरकारों में पढ़ाई करने वाले पीछे रह जाते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मनीषा को जो पद मिला है, वह डेढ़ से दो करोड़ रुपये में भी नहीं मिलता। मनीषा के सगे मामा श्रीकांत ने बताया कि उन्होंने एमडीयू रोहतक से एमएससी की पढ़ाई की है और जीआरएफ में ऑल इंडिया में 14वां रैंक प्राप्त किया था। उन्होंने इसरो की परीक्षा में भी टॉप किया है। एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनीषा ने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की है, क्योंकि बचपन से ही उनका पढ़ाई में गहरा रुझान था। मनीषा की ममेरी बहन खुशी ने बताया कि मनीषा उनके लिए प्रेरणा बनी हैं और उन्हें भी कुछ आगे करने का आत्मविश्वास मिला है। खुशी ने साझा किया कि जिस दोपहर मनीषा के चयन की खबर फोन पर मिली, पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। मनीषा को खुद पर पूरा विश्वास था और वह हमेशा कहती थीं कि इस बार उनका चयन पक्का होगा क्योंकि उनकी तैयारी बहुत अच्छी थी। खुशी ने बताया कि मनीषा ने ऑनलाइन कोचिंग ली थी, 7 पेपर क्लियर किए थे, और इंटरव्यू भी पास किया था। वह सुबह साढ़े पांच बजे उठकर पढ़ाई करती थीं और साथ ही घर के काम भी संभालती थीं। मनीषा की नानी इंद्रो देवी ने अपनी दयोती के इतनी बड़ी अफसर बनने पर अपार खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनकी उम्र 10 साल बढ़ गई है।1