“मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, फिर रोबोटिक सर्जरी किसके लिए?” — पांगी-भरमौर विधायक डॉ. जनक राज का सरकार से सवाल PANGI NEWS 24 पांगी-भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों में गरीब मरीजों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो ऐसे में महंगी तकनीक वाली रोबोटिक सर्जरी का लाभ आखिर किस वर्ग को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में आज भी डॉक्टरों की कमी, उपकरणों का अभाव और आधारभूत चिकित्सा सुविधाओं की कमी देखने को मिल रही है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के मरीजों को साधारण इलाज के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे हालात में सरकार द्वारा रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक और महंगी तकनीक को प्राथमिकता देना कई सवाल खड़े करता है। डॉ. जनक राज ने चेतावनी देते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के नाम पर उठाया गया यह कदम “कोबरा इफेक्ट” की तरह उल्टा जनता की परेशानियां बढ़ाने का कारण बन जाए। उन्होंने कहा कि कोबरा इफेक्ट उस स्थिति को कहा जाता है जब किसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई सरकारी नीति का परिणाम उसके ठीक विपरीत निकलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ब्रिटिश शासन के समय दिल्ली में कोबरा सांपों की संख्या कम करने के लिए सरकार ने कोबरा मारने पर इनाम घोषित किया था। शुरुआत में लोग सांप मारकर लाने लगे, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने इनाम पाने के लिए कोबरा पालने शुरू कर दिए। जब सरकार को इसका पता चला तो योजना बंद कर दी गई और पाले गए कोबरा जंगल में छोड़ दिए गए, जिससे सांपों की संख्या पहले से भी अधिक बढ़ गई। इसी घटना से “कोबरा इफेक्ट” शब्द प्रचलन में आया। विधायक ने कहा कि आज प्रदेश के लाखों लोग सामान्य इलाज के लिए भी परेशान हैं, जबकि सरकार गिनती की रोबोटिक सर्जरी करवा कर उपलब्धियों का प्रचार कर रही है। उनका कहना है कि सरकार को सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों और उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गरीब मरीजों को सुलभ इलाज उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक अत्याधुनिक तकनीक का लाभ भी सीमित वर्ग तक ही सिमट कर रह जाएगा।
“मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, फिर रोबोटिक सर्जरी किसके लिए?” — पांगी-भरमौर विधायक डॉ. जनक राज का सरकार से सवाल PANGI NEWS 24 पांगी-भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों में गरीब मरीजों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो ऐसे में महंगी तकनीक वाली रोबोटिक सर्जरी का लाभ आखिर किस वर्ग को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में आज भी डॉक्टरों की कमी, उपकरणों का अभाव और आधारभूत चिकित्सा सुविधाओं की कमी देखने को मिल रही है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के मरीजों को साधारण इलाज के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे हालात में सरकार द्वारा रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक और महंगी तकनीक को प्राथमिकता देना कई सवाल खड़े करता है। डॉ. जनक राज ने चेतावनी देते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के नाम पर उठाया गया यह कदम “कोबरा इफेक्ट” की तरह उल्टा जनता की परेशानियां बढ़ाने का कारण बन जाए। उन्होंने कहा कि कोबरा इफेक्ट उस स्थिति को कहा जाता है जब किसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई सरकारी नीति का परिणाम उसके ठीक विपरीत निकलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ब्रिटिश शासन के समय दिल्ली में कोबरा सांपों की संख्या कम करने के लिए सरकार ने कोबरा मारने पर इनाम घोषित किया था। शुरुआत में लोग सांप मारकर लाने लगे, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने इनाम पाने के लिए कोबरा पालने शुरू कर दिए। जब सरकार को इसका पता चला तो योजना बंद कर दी गई और पाले गए कोबरा जंगल में छोड़ दिए गए, जिससे सांपों की संख्या पहले से भी अधिक बढ़ गई। इसी घटना से “कोबरा इफेक्ट” शब्द प्रचलन में आया। विधायक ने कहा कि आज प्रदेश के लाखों लोग सामान्य इलाज के लिए भी परेशान हैं, जबकि सरकार गिनती की रोबोटिक सर्जरी करवा कर उपलब्धियों का प्रचार कर रही है। उनका कहना है कि सरकार को सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों और उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गरीब मरीजों को सुलभ इलाज उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक अत्याधुनिक तकनीक का लाभ भी सीमित वर्ग तक ही सिमट कर रह जाएगा।
- Post by Till The End News1
- रिवालसर में बैसाखी 2026 का भव्य आयोजन | नगर कीर्तन और लंगर में उमड़ी संगत | Mandi Himachal1
- Sarkaghat gopaal pur panchayat dindhyade ladki ka murder1
- Small space, big style. Watch this compact kitchen come to life in 3D — smart storage, sleek finishes, and a design that maximizes every inch. Perfect for modern apartments where functionality meets aesthetics. For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors 📩 DM for inquiries 📞 Contact us: 9821545511 📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 2013181
- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक खौफनाक वारदात सामने आई है। सरकाघाट उपमंडल के गोपालपुर में सोमवार सुबह एक उन्नीस वर्षीय छात्रा की निर्मम हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान नैण गांव की सिया गुलेरिया के रूप में हुई है। वह सुबह अपने घर से कॉलेज जा रही थी। बीच रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने तेजधार हथियार से उसका गला काट दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने एक आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंपा इस दर्दनाक हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। हत्या के तुरंत बाद लोग कातिलों की तलाश में जुट गए। फतेहपुर पंचायत के थाना गांव में ग्रामीणों ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। लोगों ने इस आरोपी को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है। अब पुलिस इस युवक से हत्या के कारणों और अन्य साथियों के बारे में बहुत गहराई से पूछताछ कर रही है।1
- हमीरपुर हमीरपुर सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोहरड़ा बाइपास सड़क पर एक 74 वर्षीय दुकानदार के साथ नकली नोटों के जरिए ठगी का मामला सामने आया है जिसका सीसीटीवी फुटेज भी जमकर वायरल हो रहा है । पुलिस ने भी दुकानदार की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है । मिली जानकारी के अनुसार दो अज्ञात युवकों ने चालाकी से बुजुर्ग को 200-200 रुपये के नकली नोट थमाकर हजारों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।शिकायतकर्ता चुन्नी लाल, निवासी लोहरड़ा, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी लोहरड़ा बाइपास पर एक छोटी दुकान है और दो युवक कार में सवार होकर उनकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने पहले नमकीन खरीदी और चाय पी इसके बाद बातचीत के दौरान युवकों ने दुकानदार से कहा कि उनके पास 200 रुपये के नोट हैं और वे बदले में 500 रुपये के नोट लेना चाहते हैं। भरोसे में आकर बुजुर्ग दुकानदार ने उन्हें 500 रुपये के 12 नोट, यानी कुल 6000 रुपये दे दिए। बदले में आरोपियों ने दुकानदार को 200 रुपये के 30 नोट थमा दिए। दुकानदार ने बिना जांच किए नोट गल्ले में रख लिए।अगले दिन जब चुन्नी लाल ने नोटों की जांच की, तो उन्हें बड़ा झटका लगा। 30 में से 16 नोट पूरी तरह नकली पाए गए, जबकि केवल 14 नोट असली निकले। इस तरह उन्हें करीब 3200 रुपये का नुकसान हुआ। एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने बताया कि दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के नकद लेन-देन के दौरान सतर्क रहें और नोटों की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही उन्हें स्वीकार करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। बाइट बलबीर सिंह पुलिस अधीक्षक1
- 🙏🙏🌹🌹Salasar Balaji 🌹🌹🙏🙏1
- Post by Till The End News1