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एटा जिले के जलेसर बाईपास (NH-321G) का अधिकांश हिस्सा गहरे गड्ढों के कारण बदहाल स्थिति में है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। यह गुस्सा तब और बढ़ गया जब स्थानीय प्रशासन ने सिर्फ एक गड्ढा भरकर उसे सोशल मीडिया पर प्रचारित किया, जबकि बाईपास का बड़ा हिस्सा अभी भी जर्जर पड़ा है। कस्बे के आसपास और गढ़ीरामलाल तक सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो बारिश के मौसम में और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। इसके अतिरिक्त, अवागढ़-आगरा-जलेसर-एटा मार्ग पर भी गहरे गड्ढे, जलभराव और टूटी सड़कें आम समस्या बनी हुई हैं। इन खराब सड़कों के कारण किसान, वाहन चालक और स्थानीय लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं, और राहगीरों को रोजाना जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जनता प्रशासन द्वारा केवल एक गड्ढा भरने पर किए गए प्रचार को नाकाफी और भ्रामक मान रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और NHAI के अधिकारियों से मांग की है कि सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार बंद कर पूरे बाईपास की मरम्मत की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि झूठे वादों और फोटो खिंचवाने से काम नहीं चलेगा और यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे चुप नहीं बैठेंगे। जनता ने अधिकारियों के झूठे वायदों और शर्मनाक खेल पर सवाल उठाए हैं। अधिशासी अभियंता ने मंगलवार को मीडिया को आश्वासन दिया था कि काम तेजी से चलेगा, गड्ढे भरे जाएंगे और जलभराव निकाला जाएगा, लेकिन हकीकत में जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है। आरोप है कि सिर्फ एक जगह गिट्टी डालकर फोटो खिंचवाई जा रही है और बाकी सड़क को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। जनता ने पूछा है कि क्या यही विकास है और क्या यही जनहित है, जब अधिकारी, कानून और सरकार एक ही है तो जलेसर जैसे छोटे कस्बे के साथ इस कदर भेदभाव क्यों हो रहा है और क्या आम जनता से इतना भद्दा मजाक किया जा रहा है।

3 days ago
user_Ravendra Jadon पत्रकार
Ravendra Jadon पत्रकार
Farmer अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
3 days ago
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एटा जिले के जलेसर बाईपास (NH-321G) का अधिकांश हिस्सा गहरे गड्ढों के कारण बदहाल स्थिति में है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। यह गुस्सा तब और बढ़ गया जब स्थानीय प्रशासन ने सिर्फ एक गड्ढा भरकर उसे सोशल मीडिया पर प्रचारित किया, जबकि बाईपास का बड़ा हिस्सा अभी भी जर्जर पड़ा है। कस्बे के आसपास और गढ़ीरामलाल तक सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो बारिश के मौसम में और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। इसके अतिरिक्त, अवागढ़-आगरा-जलेसर-एटा मार्ग पर भी गहरे गड्ढे, जलभराव और टूटी सड़कें आम समस्या बनी हुई हैं। इन खराब सड़कों के कारण किसान, वाहन

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चालक और स्थानीय लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं, और राहगीरों को रोजाना जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जनता प्रशासन द्वारा केवल एक गड्ढा भरने पर किए गए प्रचार को नाकाफी और भ्रामक मान रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और NHAI के अधिकारियों से मांग की है कि सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार बंद कर पूरे बाईपास की मरम्मत की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि झूठे वादों और फोटो खिंचवाने से काम नहीं चलेगा और यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे चुप नहीं बैठेंगे। जनता ने अधिकारियों के झूठे वायदों और शर्मनाक खेल पर

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सवाल उठाए हैं। अधिशासी अभियंता ने मंगलवार को मीडिया को आश्वासन दिया था कि काम तेजी से चलेगा, गड्ढे भरे जाएंगे और जलभराव निकाला जाएगा, लेकिन हकीकत में जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है। आरोप है कि सिर्फ एक जगह गिट्टी डालकर फोटो खिंचवाई जा रही है और बाकी सड़क को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। जनता ने पूछा है कि क्या यही विकास है और क्या यही जनहित है, जब अधिकारी, कानून और सरकार एक ही है तो जलेसर जैसे छोटे कस्बे के साथ इस कदर भेदभाव क्यों हो रहा है और क्या आम जनता से इतना भद्दा मजाक किया जा रहा है।

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  • एटा नगर पालिका परिषद द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन जेल रोड की सीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क का काम पूरी तरह समाप्त होने से पहले ही कई स्थानों पर दरारें दिखनी शुरू हो गई हैं और यह कहीं ऊंची तो कहीं नीची भी है, जिससे निर्माण में मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उनके अनुसार, कई स्थानों पर सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम है और ढलान भी पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी जमा होने लगता है। सड़क की सतह समतल न होने से जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन रही है। क्षेत्रवासियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि जब सड़क निर्माण के दौरान ही ऐसी खामियां सामने आ रही हैं, तो उसकी स्थायित्व और टिकाऊपन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो यह जनता और सरकारी धन दोनों का नुकसान होगा, और क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इस मामले पर नगर पालिका के अवर अभियंता महेश चंद्र ने स्वीकार किया है कि सड़क के कुछ हिस्सों में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, वहां सुधार कराया जाएगा और गुणवत्ता की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की जांच किसी स्वतंत्र तकनीकी अधिकारी या विशेषज्ञ टीम से करवाई जाए। उनकी मांग है कि निर्माण सामग्री, सड़क की मोटाई, ढलान और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच हो और यदि जांच में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्यों की असली पहचान उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन से होती है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि सड़क निर्माण के शुरुआती चरण में ही दरारें, ऊंच-नीच और जलभराव जैसी समस्याएं दिख रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि जनता को एक मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाली सड़क मिल सके।
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    एटा नगर पालिका परिषद द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन जेल रोड की सीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क का काम पूरी तरह समाप्त होने से पहले ही कई स्थानों पर दरारें दिखनी शुरू हो गई हैं और यह कहीं ऊंची तो कहीं नीची भी है, जिससे निर्माण में मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उनके अनुसार, कई स्थानों पर सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम है और ढलान भी पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी जमा होने लगता है। सड़क की सतह समतल न होने से जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन रही है। क्षेत्रवासियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि जब सड़क निर्माण के दौरान ही ऐसी खामियां सामने आ रही हैं, तो उसकी स्थायित्व और टिकाऊपन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो यह जनता और सरकारी धन दोनों का नुकसान होगा, और क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।

इस मामले पर नगर पालिका के अवर अभियंता महेश चंद्र ने स्वीकार किया है कि सड़क के कुछ हिस्सों में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, वहां सुधार कराया जाएगा और गुणवत्ता की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की जांच किसी स्वतंत्र तकनीकी अधिकारी या विशेषज्ञ टीम से करवाई जाए। उनकी मांग है कि निर्माण सामग्री, सड़क की मोटाई, ढलान और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच हो और यदि जांच में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्यों की असली पहचान उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन से होती है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि सड़क निर्माण के शुरुआती चरण में ही दरारें, ऊंच-नीच और जलभराव जैसी समस्याएं दिख रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि जनता को एक मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाली सड़क मिल सके।
    user_Amit Gupta Ptrkar Etah
    Amit Gupta Ptrkar Etah
    Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लगभग 2 घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इस स्थिति के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक घाटा उठाना पड़ा है।
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    लगभग 2 घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इस स्थिति के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक घाटा उठाना पड़ा है।
    user_𝐏𝐚𝐰𝐚𝐧 𝐘𝐨𝐮𝐓𝐮𝐛𝐞 𝐂𝐫
    𝐏𝐚𝐰𝐚𝐧 𝐘𝐨𝐮𝐓𝐮𝐛𝐞 𝐂𝐫
    अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • एटा जिले के अवागढ़ थाना पुलिस ने चार साल पुराने एक हत्या के मामले का सफल अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 15 फरवरी, 2022 को हुई चंद्रवती नामक महिला की गुमशुदगी से जुड़ा है। वादी बीनेश कुमार, जो चंद्रवती के भाई हैं, ने अवागढ़ थाने में सूचना दी थी कि उनकी बहन को उसके बहनोई मंजेश 15 फरवरी, 2022 को दोपहर के समय जलेसर घुमाने का कहकर घर से ले गया था, और 16 फरवरी, 2022 को मंजेश अकेले ही घर वापस आया था। बहन के वापस न आने पर, बीनेश कुमार ने 17 फरवरी, 2022 को अवागढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद से ही स्थानीय पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लगभग चार साल बाद, 10 जून, 2026 को बीनेश कुमार ने फिर से अवागढ़ थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके बहनोई मंजेश और उसके साथी सौदान सिंह ने उसकी बहन चंद्रवती की हत्या कर शव छुपा दिया है। इस सूचना के आधार पर, अवागढ़ थाने में मंजेश कुमार (पुत्र गोविंद राम) और सौदान सिंह (पुत्र किशनलाल), दोनों निवासी ग्राम शहनौआ, थाना अवागढ़, जनपद एटा, के विरुद्ध मुअसं0- 112/2026 धारा- 302/201 भादवि0 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पूछताछ में अभियुक्त मंजेश ने बताया कि उसकी पत्नी कासगंज में रहकर दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा व बर्तन धोने का काम करती थी और उसे शक था कि उसकी पत्नी का किसी के साथ अवैध संबंध है। इसी शक के चलते मंजेश ने 15 फरवरी, 2022 को दोपहर लगभग 01:00 बजे चंद्रवती को उसकी बहन के घर से जलेसर घुमाने के बहाने ले गया। जलेसर पहुंचने पर मंजेश ने अपने साथी सौदान को भी बुला लिया। दोनों ने साथ में शराब पी और फिर तीनों जलेसर से बस द्वारा सिकंदराराव पहुंचे। वहां से उन्होंने एक टेम्पो से धर्मपुर नगरिया मोड़ पर उतर कर, ग्राम नगरिया को जाने वाले रास्ते पर खेत में चंद्रवती का गला दबाकर हत्या कर दी। योजना के अनुसार, दोनों अभियुक्तों ने शव को ईशान नदी के किनारे वाले खेत में ले जाकर पहले से खोदे गए गड्ढे में दबा दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जि. के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए, अवागढ़ पुलिस ने इस मामले में वांछित दोनों अभियुक्तों मंजेश कुमार (उम्र करीब 52 वर्ष) और सौदान सिंह (उम्र करीब 27 वर्ष) को 11 जून, 2026 को ग्राम शहनौआ के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतका चंद्रवती के शव/कंकाल को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्त सौदान सिंह का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें जलेसर थाने में चोरी और अवागढ़ थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अखिलेश दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस चार वर्ष पुराने हत्या के मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है।
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    एटा जिले के अवागढ़ थाना पुलिस ने चार साल पुराने एक हत्या के मामले का सफल अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 15 फरवरी, 2022 को हुई चंद्रवती नामक महिला की गुमशुदगी से जुड़ा है। वादी बीनेश कुमार, जो चंद्रवती के भाई हैं, ने अवागढ़ थाने में सूचना दी थी कि उनकी बहन को उसके बहनोई मंजेश 15 फरवरी, 2022 को दोपहर के समय जलेसर घुमाने का कहकर घर से ले गया था, और 16 फरवरी, 2022 को मंजेश अकेले ही घर वापस आया था। बहन के वापस न आने पर, बीनेश कुमार ने 17 फरवरी, 2022 को अवागढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद से ही स्थानीय पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

लगभग चार साल बाद, 10 जून, 2026 को बीनेश कुमार ने फिर से अवागढ़ थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके बहनोई मंजेश और उसके साथी सौदान सिंह ने उसकी बहन चंद्रवती की हत्या कर शव छुपा दिया है। इस सूचना के आधार पर, अवागढ़ थाने में मंजेश कुमार (पुत्र गोविंद राम) और सौदान सिंह (पुत्र किशनलाल), दोनों निवासी ग्राम शहनौआ, थाना अवागढ़, जनपद एटा, के विरुद्ध मुअसं0- 112/2026 धारा- 302/201 भादवि0 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

पूछताछ में अभियुक्त मंजेश ने बताया कि उसकी पत्नी कासगंज में रहकर दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा व बर्तन धोने का काम करती थी और उसे शक था कि उसकी पत्नी का किसी के साथ अवैध संबंध है। इसी शक के चलते मंजेश ने 15 फरवरी, 2022 को दोपहर लगभग 01:00 बजे चंद्रवती को उसकी बहन के घर से जलेसर घुमाने के बहाने ले गया। जलेसर पहुंचने पर मंजेश ने अपने साथी सौदान को भी बुला लिया। दोनों ने साथ में शराब पी और फिर तीनों जलेसर से बस द्वारा सिकंदराराव पहुंचे। वहां से उन्होंने एक टेम्पो से धर्मपुर नगरिया मोड़ पर उतर कर, ग्राम नगरिया को जाने वाले रास्ते पर खेत में चंद्रवती का गला दबाकर हत्या कर दी। योजना के अनुसार, दोनों अभियुक्तों ने शव को ईशान नदी के किनारे वाले खेत में ले जाकर पहले से खोदे गए गड्ढे में दबा दिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जि. के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए, अवागढ़ पुलिस ने इस मामले में वांछित दोनों अभियुक्तों मंजेश कुमार (उम्र करीब 52 वर्ष) और सौदान सिंह (उम्र करीब 27 वर्ष) को 11 जून, 2026 को ग्राम शहनौआ के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतका चंद्रवती के शव/कंकाल को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अभियुक्त सौदान सिंह का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें जलेसर थाने में चोरी और अवागढ़ थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अखिलेश दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस चार वर्ष पुराने हत्या के मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है।
    user_आकर्ष वार्ष्णेय  रिपोर्टर shru
    आकर्ष वार्ष्णेय रिपोर्टर shru
    Local News Reporter अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एटा पहुँचकर भाजपा सरकार और मोदी-योगी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में पूज्य शंकराचार्य भी पीड़ित, दुखी और अपमानित हुए हैं, और वह भी 'PDA' हो गए हैं।
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    पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एटा पहुँचकर भाजपा सरकार और मोदी-योगी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में पूज्य शंकराचार्य भी पीड़ित, दुखी और अपमानित हुए हैं, और वह भी 'PDA' हो गए हैं।
    user_Shan Mohammad
    Shan Mohammad
    Photographer अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज तहसील के ढर्रा शादी नगर में गांव के ही दबंग बाजी लाल, मोहनलाल और श्यामवीर पर खाद के गड्ढों की 24 डिसमिल जमीन (गाटा संख्या 315) पर जबरन कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के बावजूद, लेखपाल रवि पर आरोप है कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि फर्जी रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने बाजी लाल, मोहनलाल, श्यामवीर के साथ-साथ लेखपाल रवि पर भी इस अवैध कब्जे के संबंध में कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
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    फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज तहसील के ढर्रा शादी नगर में गांव के ही दबंग बाजी लाल, मोहनलाल और श्यामवीर पर खाद के गड्ढों की 24 डिसमिल जमीन (गाटा संख्या 315) पर जबरन कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के बावजूद, लेखपाल रवि पर आरोप है कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि फर्जी रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने बाजी लाल, मोहनलाल, श्यामवीर के साथ-साथ लेखपाल रवि पर भी इस अवैध कब्जे के संबंध में कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
    user_शिव कांत चतुर्वेदी
    शिव कांत चतुर्वेदी
    कायमगंज, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे, तो उनकी उपस्थिति में वहाँ ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए।
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    उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे, तो उनकी उपस्थिति में वहाँ ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए।
    user_Arun chaturvedi
    Arun chaturvedi
    पत्रकार पटियाली, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मैनपुरी शहर की काशीराम कॉलोनी, आजाद नगर के निवासी लंबे समय से गंदगी, जलभराव और पेयजल संकट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं का समाधान न होने से आक्रोशित होकर लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कॉलोनी में नलों से गंदा पानी आने के कारण पीने के पानी की भारी किल्लत है। वहीं, सेप्टिक टैंकों की समय पर सफाई न होने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है, क्योंकि पीने के पानी के लिए केवल एक ही नल ठीक से काम कर रहा है। इस नल पर सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगी रहती हैं, और इस कारण अक्सर विवाद भी होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उनकी शिकायतों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की लगातार उपेक्षा के चलते कॉलोनीवासियों ने यह प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, नालियों की सफाई कराने तथा जलभराव और सेप्टिक टैंक की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
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    मैनपुरी शहर की काशीराम कॉलोनी, आजाद नगर के निवासी लंबे समय से गंदगी, जलभराव और पेयजल संकट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं का समाधान न होने से आक्रोशित होकर लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

कॉलोनी में नलों से गंदा पानी आने के कारण पीने के पानी की भारी किल्लत है। वहीं, सेप्टिक टैंकों की समय पर सफाई न होने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है, क्योंकि पीने के पानी के लिए केवल एक ही नल ठीक से काम कर रहा है। इस नल पर सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगी रहती हैं, और इस कारण अक्सर विवाद भी होते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उनकी शिकायतों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की लगातार उपेक्षा के चलते कॉलोनीवासियों ने यह प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, नालियों की सफाई कराने तथा जलभराव और सेप्टिक टैंक की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
    user_मोहित गुप्ता
    मोहित गुप्ता
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मैनपुरी शहर की काशीराम कॉलोनी, आजाद नगर में गंदगी, जलभराव और गंभीर पेयजल संकट से परेशान स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन समस्याओं से त्रस्त लोगों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि उनके नलों से गंदा पानी आ रहा है, और कॉलोनी में केवल एक ही नल चालू होने के कारण उन्हें पेयजल के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके साथ ही, सेप्टिक टैंकों की सफाई न होने से पूरे इलाके में लगातार दुर्गंध फैल रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
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    मैनपुरी शहर की काशीराम कॉलोनी, आजाद नगर में गंदगी, जलभराव और गंभीर पेयजल संकट से परेशान स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन समस्याओं से त्रस्त लोगों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।

क्षेत्रवासियों ने बताया कि उनके नलों से गंदा पानी आ रहा है, और कॉलोनी में केवल एक ही नल चालू होने के कारण उन्हें पेयजल के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके साथ ही, सेप्टिक टैंकों की सफाई न होने से पूरे इलाके में लगातार दुर्गंध फैल रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
    user_अमित राजपूत पत्रकार
    अमित राजपूत पत्रकार
    Photographer मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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