योजनाएं बनाने से पूर्व तय करें प्राथमिकताएं, प्रशासन से समन्वय रखते हुए दें अंतिम रूप- जिला कलक्टर ‘‘आरयूआईडीपी संवाद’’ कार्यक्रम में रखे महत्वपूर्ण सुझाव कोटा, 5 अगस्त। आरयूआईडीपी परियोजना की योजना निर्माण प्रक्रिया में प्रभावी जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया की अध्यक्षता में बुधवार को हितधारक परामर्श कार्यशाला ‘‘आरयूआईडीपी संवाद’’ का आयोजन कलेेक्ट्रेट सभागार में किया गया। संवाद कार्यक्रम में पांचवे चरण के तहत कोटा शहर एवं जिले के अन्य शहरों में होने वाले कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। जिला कलक्टर ने कोटा में प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे कार्य प्राथमिकता से हाथ में लिए जाएं जो पूर्व की परियोजनाओं में नहीं हो सके। जिन क्षेत्रों में गैप बना हुआ है उन्हें पूरा किया जाए। कार्यों का निर्धारण जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ पूर्ण समन्वय रखते हुए किया जाए। उन्होंने चंबल नदी में गिरने वाले गंदे नालों की समस्या का हल प्रस्तावित परियोजना में पुख्ता तरीके से करने की बात कही। उन्होंने कहा कि गंदे नालों के पानी को उपचारित करके नदी में छोड़ने अथवा अन्य विकल्पों का अध्ययन कर कार्य योजना बनाई जाए। अर्बन मोबिलिटी के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शेल्टर बनाए जाएं। पर्यटन विकास के अंतर्गत प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के रखरखाव एवं विकास संबंधी कार्यों को सुनियोजित तरीके से करने की योजना बनाई जाए। बाढ़ नियंत्रण, ड्रेनेज, वेस्टवाटर तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इत्यादि के लिए भी क्षेत्र की आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुरूप सुविचारित तरीके से प्लान तैयार किया जाए। इसके लिए डीपीआर बनने से पूर्व ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय रखा जाए। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा एवं निगम के अन्य अधिकारियों ने पूर्व की परियोजनाओं से वंचित रहे क्षेत्र एवं पूर्व के कार्यों की स्थिति की जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण सुझाव रखे। राजस्थान पत्रिका से मुकेश शर्मा, दैनिक नवज्योति से राजकुमार शर्मा, स्वतंत्र पत्रकार एवं चंबल संसद के संयोजक बृजेश विजयवर्गीय ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। नगर निगम आयुक्त मेहरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इवेलुएशन एक्सपर्ट के के शर्मा ने कार्यक्रम के रूपरेखा प्रस्तुत की एवं अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला में पुलिस,केडीए,पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी एवं अन्य विभागों, संबंधित संगठनों एवं हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। _पांचवें चरण में कोटा में होंगे 945.45 करोड़ के कार्य_ आर यू आईडीपी के पांचवें चरण में कोटा जिले में 945.45 करोड़ की लागत के कार्य प्रस्तावित हैं जिनमें से अकेले कोटा शहर में 927.27 करोड़ लागत के कार्य कराए जाएंगे। कोटा शहर के अलावा सांगोद, रामगंज मंडी व कैथून को भी पांचवें चरण में शामिल किया गया है। आर यू आईडीपी के सहायक अभियंता कुश कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि वेस्टवाटर मैनेजमेंट कार्य 394.15 करोड की लागत से किए जाएंगे। फ्लड मैनेजमेंट अंतर्गत 57.55 करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं जिनमें कोटा शहर में 53.40,सांगोद में 0.97,रामगंज मंडी में 2.06 तथा कैथून में 1.12 करोड़ के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। कमांड एंड कंट्रोलिंग सेंटर, हेरिटेज एवं टूरिज्म क्षेत्र में कोटा में 74.79, सांगोद में 1.36, रामगंजमंडी में 2.89 तथा कैथून में 1.56 करोड लागत के कार्य किए जाएंगे। अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में कोटा में 299. 17 तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत कोटा में 105.76, सांगोद में 1.92, रामगंज मंडी में 4.09 तथा कैथून में 2.21 करोड़ की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। _*प्रदेश के 84 शहरों का होगा विकास*_ राज्य सरकार प्रदेश के 84 शहरों में पांचवें चरण के कार्य जल्द ही शुरु करने की तैयारी कर रही है। इन शहरों को 9500 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट व सस्टेनेबल बनाया जायेगा। पांचवे चरण में अपषिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन/जल निकासी कार्य, विरासत संरक्षण एवं पर्यटन, कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर आदि क्षेत्रों में शहरों का विकास किया जायेगा। -
योजनाएं बनाने से पूर्व तय करें प्राथमिकताएं, प्रशासन से समन्वय रखते हुए दें अंतिम रूप- जिला कलक्टर ‘‘आरयूआईडीपी संवाद’’ कार्यक्रम में रखे महत्वपूर्ण सुझाव कोटा, 5 अगस्त। आरयूआईडीपी परियोजना की योजना निर्माण प्रक्रिया में प्रभावी जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया की अध्यक्षता में बुधवार को हितधारक परामर्श कार्यशाला ‘‘आरयूआईडीपी संवाद’’ का आयोजन कलेेक्ट्रेट सभागार में किया गया। संवाद कार्यक्रम में पांचवे चरण के तहत कोटा शहर एवं जिले के अन्य शहरों में होने वाले कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। जिला कलक्टर ने कोटा में प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे कार्य प्राथमिकता से हाथ में लिए जाएं जो पूर्व की परियोजनाओं में नहीं हो सके। जिन क्षेत्रों में गैप बना हुआ है उन्हें पूरा किया जाए। कार्यों का निर्धारण जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ पूर्ण समन्वय रखते हुए किया जाए। उन्होंने चंबल नदी में गिरने वाले गंदे नालों की समस्या का हल प्रस्तावित परियोजना में पुख्ता तरीके से करने की बात कही। उन्होंने कहा कि गंदे नालों के पानी को उपचारित करके नदी में छोड़ने अथवा अन्य विकल्पों का अध्ययन कर कार्य योजना बनाई जाए। अर्बन मोबिलिटी के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शेल्टर बनाए जाएं। पर्यटन विकास के अंतर्गत प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों
के रखरखाव एवं विकास संबंधी कार्यों को सुनियोजित तरीके से करने की योजना बनाई जाए। बाढ़ नियंत्रण, ड्रेनेज, वेस्टवाटर तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इत्यादि के लिए भी क्षेत्र की आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुरूप सुविचारित तरीके से प्लान तैयार किया जाए। इसके लिए डीपीआर बनने से पूर्व ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय रखा जाए। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा एवं निगम के अन्य अधिकारियों ने पूर्व की परियोजनाओं से वंचित रहे क्षेत्र एवं पूर्व के कार्यों की स्थिति की जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण सुझाव रखे। राजस्थान पत्रिका से मुकेश शर्मा, दैनिक नवज्योति से राजकुमार शर्मा, स्वतंत्र पत्रकार एवं चंबल संसद के संयोजक बृजेश विजयवर्गीय ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। नगर निगम आयुक्त मेहरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इवेलुएशन एक्सपर्ट के के शर्मा ने कार्यक्रम के रूपरेखा प्रस्तुत की एवं अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला में पुलिस,केडीए,पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी एवं अन्य विभागों, संबंधित संगठनों एवं हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। _पांचवें चरण में कोटा में होंगे 945.45 करोड़ के कार्य_ आर यू आईडीपी के पांचवें चरण में कोटा जिले में 945.45 करोड़ की लागत के कार्य प्रस्तावित हैं जिनमें से अकेले कोटा शहर में 927.27 करोड़ लागत के कार्य कराए जाएंगे। कोटा शहर के अलावा सांगोद, रामगंज मंडी
व कैथून को भी पांचवें चरण में शामिल किया गया है। आर यू आईडीपी के सहायक अभियंता कुश कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि वेस्टवाटर मैनेजमेंट कार्य 394.15 करोड की लागत से किए जाएंगे। फ्लड मैनेजमेंट अंतर्गत 57.55 करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं जिनमें कोटा शहर में 53.40,सांगोद में 0.97,रामगंज मंडी में 2.06 तथा कैथून में 1.12 करोड़ के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। कमांड एंड कंट्रोलिंग सेंटर, हेरिटेज एवं टूरिज्म क्षेत्र में कोटा में 74.79, सांगोद में 1.36, रामगंजमंडी में 2.89 तथा कैथून में 1.56 करोड लागत के कार्य किए जाएंगे। अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में कोटा में 299. 17 तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत कोटा में 105.76, सांगोद में 1.92, रामगंज मंडी में 4.09 तथा कैथून में 2.21 करोड़ की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। _*प्रदेश के 84 शहरों का होगा विकास*_ राज्य सरकार प्रदेश के 84 शहरों में पांचवें चरण के कार्य जल्द ही शुरु करने की तैयारी कर रही है। इन शहरों को 9500 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट व सस्टेनेबल बनाया जायेगा। पांचवे चरण में अपषिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन/जल निकासी कार्य, विरासत संरक्षण एवं पर्यटन, कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर आदि क्षेत्रों में शहरों का विकास किया जायेगा। -
- नये कोटा में झमाझम बारिश और उत्तर कोटा पानी को तरसा इस मानसून में बारिश छितरायी हुई हो रही है। कहीं है और कहीं नहीं,वो भी 10-15 मिनट या 30 मिनट तक बारिश हो रही है। इससे उमस में लोगों का बुरा हाल है। आज दिन में नये कोटा में आधे घंटे बारिश हुई जबकि पुराना कोटा तरसता रहा।1
- शिविर प्रभारी नियमित निरीक्षण करें, प्राप्त आवेदनों की प्रतिदिन करें समीक्षा-जिला कलक्टर *ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविरों की प्रगति समीक्षा* कोटा, 5 अगस्त। ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर-2026 की समीक्षा बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस जिला कलक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित हुई। बैठक में सभी उपखण्ड अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। बैठक में ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविरों के तहत विभिन्न विभागों की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की विभागवार समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी शिविर प्रभारी नियमित रूप से शिविरों का निरीक्षण करें तथा प्रत्येक दिन प्राप्त आवेदनों एवं किए गए कार्यों की समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं (सिविक एमेनिटीज) एवं आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) से जुड़े प्रकरणों में तत्काल राहत एवं त्वरित कार्रवाई की जाए। किसी भी पात्र प्रकरण में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एनएफएसए, सम्पर्क पोर्टल, सीमाज्ञान, भूमि आवंटन, राजस्व अभिलेखों के शुद्धिकरण, ई-धरती, जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण पत्र, आपदा प्रबंधन राहत, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। जिला कलक्टर ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राजस्व, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, वन, जल संसाधन, सार्वजनिक निर्माण, खाद्य, सहकारिता तथा अन्य संबंधित विभाग शिविरों में प्राप्त प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन मामलों का मौके पर निस्तारण संभव है, उनका तत्काल समाधान किया जाए। विभागीय अधिकारी शिविरों में आमजन को योजनाओं की जानकारी भी दें तथा पात्र व्यक्तियों को अधिकाधिक लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस उत्कर्ष यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) वीरेंद्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) रवि वर्मा, उपनिदेशक स्थानीय निकाय विभाग दिव्यांशु शर्मा, उपखंड अधिकारी गजेंद्र सिंह,संयुक्त निदेशक समाजिक न्याय अधिकारिता विभाग सविता कृष्णिया,अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- कोटा थर्मल में आग से हड़कंप, अस्पतालों को किया अलर्ट, दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची, मॉकड्रिल में देखा रेस्क्यू का रेस्पांस टाइम कोटा शहर स्थित थर्मल पावर प्लांट में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने मॉकड्रिल की। यह अभ्यास हर साल तैयार की जाने वाली इंटरनल सिक्योरिटी स्कीम के तहत आयोजित किया गया था। इसमें पावर प्लांट में अचानक आग लगने की सूचना के बाद सभी संबंधित विभागों का रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई। अस्पतालों को भी अलर्ट किया गया।1
- बिजली बिल सेटलमेंट के नाम पर लूट बंद हो, उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई राशि वापस दिलाई जाए : हिम्मत सिंह कोटा, 4 अगस्त। राजस्थान बिजली उपभोक्ता संरक्षण समिति के संयोजक हिम्मत सिंह ने आरोप लगाया कि बिजली बिलों के सेटलमेंट के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ गंभीर धोखाधड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग और उपभोक्ता के बीच एक बार सेटलमेंट होने के बाद यदि उपभोक्ता निर्धारित शर्तों के अनुसार नियमित भुगतान कर रहा है, तो उस पर अतिरिक्त ब्याज एवं पेनल्टी लगाना अनुचित है। इसके बावजूद ब्याज और पेनल्टी जोड़कर बकाया राशि को लगभग यथावत रखा जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि कैथूनीपोल से उपभोक्ता हनुमान सेन का जून 2025 में लगभग ₹85,000 का सेटलमेंट बिजली विभाग द्वारा हुआ । समझौते के अनुसार नियमित बिजली बिल के साथ 3,000 रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त जमा किए गए, लेकिन एक वर्ष बाद जून 2026 में बकाया राशि फिर लगभग 85,000 रुपए निकाल दी गई । इससे स्पष्ट होता है कि जमा की गई राशि का समुचित समायोजन नहीं किया गया। हिम्मत सिंह ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर ऐसे कई उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई राशि वापस दिलाने तथा भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने की मांग की । उन्होंने कहा कि सरकार जेवीवीएनएल के साथ KEDL के हुए एग्रीमेंट में उल्लंघन की स्थिति में सरकार को कंपनी का अनुबंध समाप्त करने का अधिकार है । वर्ष 2020 में कंपनी को हटाने के संबंध में ठोस साक्ष्य सरकार जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं 6 साल हो गए आज तक टर्मिनेट हटाने की कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई । उन्होंने सरकार से KEDL का अनुबंध समाप्त कर JVVNL के माध्यम से बिजली व्यवस्था को बहाल करने तथा बिजली दर कम कर फ़िज़ूल टैक्स हटाने की मांग की ।1
- कथा-सम्मान से सम्मानित कहानीकार मेघना की कहानी पर राघव ने दिया अभिमत July 31, 2026: प्रेमचन्द जयंती: विकल्प जन सांस्कृतिक मंच की तरफ से प्रेस क्लब कोटा में प्रेमचन्द जयंती मनाई गई, जिसमें कोटा के दो साहित्यकारों जगदीश भारती और मेघना तरुण को विकल्प कथा-सम्मान से नवाजा गया: दोनों ने अपनी कहानियां भी पढ़ीं, जिनको हम जल्द ही अपलोड करेंगे: उन कहानियों पर अभिमत भी कमाल के रहे: इसके अलावा प्रज्ञा पचौरी ने प्रेमचन्द की कहानी होली का उपहार पढ़ी, जिसका किसी वजह से हम वीडियो नहीं बना पाए, जिसका बेहद अफसोस रहा: समारोह में सम्मानित कथाकार मेघना तरुण साहिबा की कहानी भंवर पर अपना अभिमत देते भाई विजय राघव साहब...1
- कोटा। 40वें मोहर्रम के मौके पर शहीदाने कर्बला और हजरत इमाम हुसैन (र.अ.) की याद में छावनी मेन रोड पर पंजतन छबील कमेटी की ओर से हर साल की तरह इस वर्ष भी छबील का एहतमाम किया गया। जुलूस के दौरान जायरीन और राहगीरों को शरबत पिलाकर खिदमत की गई। इस मौके पर कमेटी के मरहूम सदस्य कासिम पठान को याद करते हुए उनकी मगफिरत के लिए खास दुआ की गई और उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि छबील का मकसद इमाम हुसैन (र.अ.) की कुर्बानी की याद को ताजा रखना, इंसानियत की खिदमत करना और समाज में मोहब्बत, अमन और भाईचारे का पैगाम पहुंचाना है। कोटा। 40वें मोहर्रम के मौके पर शहीदाने कर्बला और हजरत इमाम हुसैन (र.अ.) की याद में छावनी मेन रोड पर पंजतन छबील कमेटी की ओर से हर साल की तरह इस वर्ष भी छबील का एहतमाम किया गया। जुलूस के दौरान जायरीन और राहगीरों को शरबत पिलाकर खिदमत की गई। इस मौके पर कमेटी के मरहूम सदस्य कासिम पठान को याद करते हुए उनकी मगफिरत के लिए खास दुआ की गई और उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि छबील का मकसद इमाम हुसैन (र.अ.) की कुर्बानी की याद को ताजा रखना, इंसानियत की खिदमत करना और समाज में मोहब्बत, अमन और भाईचारे का पैगाम पहुंचाना है।1
- नए कोटा में झमाझम बारिश, आम जन को गर्मी और उमस से मिली राहत 7–8 अगस्त के लिए मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट, जिले में अब तक औसत से 35% कम हुई बारिश कोटा में बुधवार को मौसम का मिजाज बदला और दोपहर बाद नए कोटा क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई। करीब शाम 4:30 बजे शुरू हुई तेज बारिश लगभग एक घंटे तक जारी रही, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को गर्मी व उमस से बड़ी राहत मिली। वहीं पुराने शहर के कई इलाकों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में 8.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने के कारण आगामी दिनों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इसी को देखते हुए 7 और 8 अगस्त को कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना के मद्देनज़र यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 4 अगस्त तक जिले में सामान्य से 35 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है। इस अवधि तक जिले में औसतन 388 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 251.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बुधवार को कोटा का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले मंगलवार शाम को भी शहर के कुछ हिस्सों में हल्की रिमझिम बारिश हुई थी। जिले में अभी भी अच्छी और व्यापक बारिश का इंतजार बना हुआ है, जबकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है।1
- *तेवर वही, अंदाज वही...* अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी मामले के करीब दो महीने बाद चंपत राय बंसल सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। मीडिया को देखते ही वे नाराज नजर आए और उंगली से इशारा करते हुए कैमरे बंद करने तथा वहां से चले जाने को कहा। इसके बाद उन्होंने कमरे का दरवाजा बंद करा लिया।1
- कोटा में 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' का बड़ा वार, 28.889 किलो डोडाचूरा के साथ पंजाब के 3 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार कोटा में 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' का बड़ा वार, 28.889 किलो डोडाचूरा के साथ पंजाब के 3 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार स्क्रिप्टः कोटा शहर पुलिस का 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' लगातार नशा तस्करों पर भारी पड़ रहा है। आर. के. पुरम थाना पुलिस ने एक हफ्ते में चौथी बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 किलो 889 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा पाउडर बरामद किया है और पंजाब के तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष मिश्रा और सीओ मनीष शर्मा की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी महेन्द्र कुमार मारू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देर रात रावतभाटा रोड चेक पोस्ट (बोरावास) पर नाकाबंदी के दौरान तीन संदिग्ध युवकों को रोका। तीनों के कंधों पर भारी पिट्टू बैग थे। तलाशी लेने पर जसविन्दर सिंह के बैग से 9.842 किलो, गुरप्रीत सिंह के बैग से 9.971 किलो और बलवन्त सिंह के बैग से 9.076 किलो शुद्ध अफीम डोडाचूरा पाउडर बरामद हुआ।1