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राजस्थान के नसीराबाद में एक निःशुल्क मोतियाबिंद जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कुल 10 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया है।
Dilip sen
राजस्थान के नसीराबाद में एक निःशुल्क मोतियाबिंद जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कुल 10 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- ब्यावर में नारी जन जागृति संस्थान और अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति की स्थानीय ब्यावर शाखा ने संयुक्त तत्वाधान में केरी पानी का वितरण किया।2
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कायड़ मेडिकल चौराहे पर जोरदार स्वागत किया गया।1
- अजमेर जिले के सरवाड़ कस्बे में अल सुबह धीमी बारिश का दौर चला, जिसके कारण तापमान में गिरावट आई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह की बरसात का असर देखा गया। इसी क्रम में, ग्राम गोवर्धनपुरा में बारिश के साथ मटर के आकार के ओले गिरने की भी सूचना मिली है। इन बदलते मौसम के हालातों से पिछले दिनों से भीषण गर्मी की मार झेल रहे आमजनों को फिलहाल गर्मी से काफी राहत मिली है।1
- अजमेर जिले में सराधना गाँव के पास अरावली की पहाड़ियों में स्थित गौरीकुंड माता मंदिर अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी माना जाता है। यह मंदिर अजमेर से करीब 20 किलोमीटर दूर सराधना और मकरेडा गाँवों के समीप अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में स्थित है। पहले यहाँ पहुँचना दुर्गम था, लेकिन अब जन सहयोग से गाड़ियों के माध्यम से आसानी से जाया जा सकता है। इस मंदिर को मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि कहा जाता है, जहाँ मान्यता है कि माता ने ऋषि मार्कंडेय को दर्शन दिए थे और उनकी स्वयंभू प्रतिमा यहीं प्रकट हुई थी। मंदिर परिसर में एक चमत्कारी जलकुंड भी है, जिसकी विशेषता है कि इसका पानी हमेशा इतना साफ रहता है कि तल में पड़ा सिक्का भी स्पष्ट दिखाई देता है, और इसमें कभी काई नहीं जमती। हजारों गैलन पानी निकालने के बाद भी यह कुंड खाली नहीं होता, साथ ही, सर्दी में इसका पानी गर्म और गर्मी में ठंडा रहता है। पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहाँ बड़ी संख्या में बंदर रहते हैं, जिनके लिए श्रद्धालु अक्सर केले और चने जैसे प्रसाद लेकर आते हैं, और उन्हें अपना प्रसाद संभालकर रखना पड़ता है। मंदिर में प्रवेश के कुछ नियम भी हैं; शराब और मांस का सेवन करके आना यहाँ वर्जित है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने वालों को माता के कोप का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी के निचले द्वार पर भैरव बाबा का एक मंदिर भी है, जहाँ मान्यता है कि भैरव बाबा बाहरी क्षेत्र की रक्षा करते हैं, इसलिए दर्शनार्थी पहले भैरव बाबा के दर्शन करते हैं। नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं।1
- अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद एक युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया, जिसके कारण क्षेत्र में हाई-वोल्टेज ड्रामा की स्थिति बन गई। इस घटना के बाद, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर सूझबूझ से काम लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई और समझदारी से एक संभावित बड़े हादसे को सफलतापूर्वक टाल दिया गया।1
- अजमेर जिले की ग्राम पंचायत भूडोल के लाडपुरा गांव में नाली का निर्माण न होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार पंचायत प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दौरान गांव का रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर जाता है। इससे पैदल चलने वाले राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और खासकर स्कूली बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द नाली का निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि जहाँ एक ओर विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग है। इस गंभीर स्थिति के चलते लाडपुरा गांव के ग्रामीण लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब उन्हें जलभराव की इस समस्या से स्थायी निजात मिलेगी।1
- अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र में बालाजी के पास स्थित गणगौर होटल को कल आए तेज आंधी-तूफान ने भारी नुकसान पहुँचाया। तेज हवाओं के कारण होटल परिसर में लगा टीन शेड पूरी तरह से उखड़ कर क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से होटल को लाखों रुपये का नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा यह एक बड़ा हादसा हो सकता था। मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया था, इसके बावजूद तूफान की तीव्रता ने क्षेत्र में काफी नुकसान पहुँचाया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वे इस नुकसान का आकलन करें और प्रभावित व्यवसायियों को उचित राहत प्रदान करें।1