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मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के किशनपुरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ट्रिपल मर्डर और सुसाइड से पूरा गांव स्तब्ध रह गया। शनिवार को एक घर में महिला और उसके मासूम बेटों के खून से सने शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी और बेटों की हत्या करने वाले पति ने बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली। उसका शव रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटा हुआ मिला। इस खौफनाक वारदात की वजह महिला का एक डांस वीडियो बताया जा रहा है, जिसे गांव के कुछ लड़कों ने बनाया और बलराम नामक पति को वॉट्सएप पर भेजा था। पत्नी के डांस करने की बात पति बलराम को इतनी नागवार गुज़री कि उसने पूरे परिवार को ही तबाह कर दिया।
Rahul kushwah
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के किशनपुरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ट्रिपल मर्डर और सुसाइड से पूरा गांव स्तब्ध रह गया। शनिवार को एक घर में महिला और उसके मासूम बेटों के खून से सने शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी और बेटों की हत्या करने वाले पति ने बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली। उसका शव रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटा हुआ मिला। इस खौफनाक वारदात की वजह महिला का एक डांस वीडियो बताया जा रहा है, जिसे गांव के कुछ लड़कों ने बनाया और बलराम नामक पति को वॉट्सएप पर भेजा था। पत्नी के डांस करने की बात पति बलराम को इतनी नागवार गुज़री कि उसने पूरे परिवार को ही तबाह कर दिया।
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- मुरैना जिले के किशनपुर गाँव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक धार्मिक कार्यक्रम, भागवत कथा में हुए एक महिला के नृत्य ने पूरे परिवार की मौत का कारण बना दिया। बताया गया है कि रविता कुशवाह ने पीके शंकर जी के मशहूर गाने "बूटी" पर मंच पर नृत्य किया था, जिस पर वहाँ मौजूद लोग तालियाँ बजा रहे थे। इसी बीच, भीड़ में बैठे उसके पति बलराम को यह नृत्य अंदर ही अंदर चुभ रहा था। गुस्से और शक से अंधा होकर, बलराम ने अपनी ही पत्नी और दो मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से बेरहमी से काट डाला। इस जघन्य वारदात के बाद, बलराम खुद रेलवे ट्रैक पर पहुँच गया और ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी।1
- शनिवार शाम 7 बजे, विधायक रमेश खटीक ने करैरा स्थित अपने निवास-कार्यालय पर कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित तथा प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। विधायक ने उन्हें यह विश्वास भी दिलाया कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।1
- शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के ग्राम रोनिजा स्थित प्रसिद्ध कमलपुर मठ में शनिवार की दरमियानी रात हुई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही मच गई। सीधे भगवान भोलेनाथ मंदिर के शिखर पर बिजली गिरने से मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं परिसर में बनी साधु-संतों की समाधि को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। महंत रामानुज पुरी महाराज ने बताया कि बिजली गिरने के दौरान तेज गर्जना हुई और कुछ ही क्षणों में मंदिर व समाधि स्थल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली का प्रभाव इतना तीव्र था कि मठ के समीप खेत में लगी विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) भी जमीन पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई, और हरे-भरे फलदार वृक्ष भी जमींदोज हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु कमलपुर मठ पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थल को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मंदिर, समाधि और विद्युत व्यवस्था की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।2
- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में हो रही लगातार बिजली कटौती से आक्रोशित सरपंच अंतरसिंह लोधी ने रविवार दोपहर करीब 1 बजे विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन पर जमकर लताड़ा। सरपंच ने साफ शब्दों में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार बिजली गुल होने से गांव की नल-जल योजना बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भीषण गर्मी के दौरान अनवरत विद्युत कटौती के कारण लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और उनके दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। सरपंच लोधी ने विद्युत विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने और सिरसौद गांव में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की कड़ी मांग की।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा थाना क्षेत्र स्थित सिंध सनकुआ पर 27 जून की सुबह तैरती मिली एक अज्ञात लाश की पहचान 28 जून को हो गई है। मृतक की शिनाख्त भिंड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र के रुरई गांव निवासी 40 वर्षीय धर्मेंद्र चौहान उर्फ किरण चौहान के रूप में हुई है। शव की पहचान उनके 32 वर्षीय भाई समरथ सिंह पुत्र भवानी सिंह चौहान ने कपड़ों और शारीरिक बनावट से की। 27 जून की सुबह 5 बजे जब यह शव मिला, तब शिनाख्त न होने पर पुलिस ने प्राथमिक कार्यवाही करते हुए इसे सिविल अस्पताल में रखवाया और विभिन्न मीडिया पटलों के माध्यम से पहचान के लिए सूचना प्रसारित की थी। आज दिनांक 28 जून को सेवढ़ा पुलिस को सूचना मिली कि मृतक रुरई गांव का है, जिसके बाद परिजनों को बुलाया गया। सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर ने शव को क्षतिग्रस्त देखते हुए फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी, जिसके बाद शव को दतिया रेफर किया गया। सेवढ़ा पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए दतिया भेजने की तैयारी की है। मृतक के भाई समरथ सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि मंगलवार, 23 जून को धर्मेंद्र अपनी पत्नी के साथ चार पहिया वाहन से अमायन के पास स्थित अपने ससुराल अंतौ गए थे। उसी शाम वे वापस लौटे, घर पर गाड़ी खड़ी की, मोबाइल गाड़ी में छोड़ा और पत्नी को घर छोड़कर अपनी प्लेटिना मोटरसाइकिल लेकर बिना कुछ बताए निकल गए। जब धर्मेंद्र रात भर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने अपने स्तर पर खोजबीन की, जिससे पता चला कि 23 जून की रात उन्होंने कांक्शी मंदिर पर भंडारा खाया था। 24 जून की सुबह 5 बजे उन्हें कांक्शी दबोह मोड़ पर अपनी मोटरसाइकिल के साथ सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था, जिसके बाद उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। आज सेवढ़ा पुलिस द्वारा जारी सूचना और मृतक की तस्वीर से परिवार को जानकारी मिली, जिसके बाद वे शिनाख्त के लिए सेवढ़ा पहुंचे। मृतक की जेब से मोटरसाइकिल की चाबी मिली है, लेकिन सनकुआ के आसपास उनकी मोटरसाइकिल कहीं नजर नहीं आई, जिससे यह संदेह गहरा गया है कि यह आत्महत्या है या कोई अन्य मामला। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना भोजन किया है। इस पोस्ट के अनुसार, वह सिर्फ एक रोटी खाते हैं और उनकी इस खाने की आदत को उनकी कड़ी मेहनत से जोड़कर देखा जा रहा है।1
- डबरा में लोग रोज़ाना की भीषण गर्मी से परेशान हैं। बीते दिन पानी बरसने के कारण क्षेत्र में उमस काफी बढ़ गई है, जिसने स्थिति को और भी असहज बना दिया है। इस अत्यधिक गर्मी और बढ़ती उमस से डबरा के निवासियों का जीवन दूभर हो गया है, जिससे वे असहज महसूस कर रहे हैं।2
- डबरा में आखिरी दिन ताजिया का जुलूस विसर्जन के लिए निकाला गया। इस दौरान ताजिया को विसर्जन स्थल तक ले जाने की प्रक्रिया संपन्न हुई।1
- नगर परिषद मगरौनी के वार्ड नंबर 1 में इस समय अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का आलम है। वार्ड के मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। स्थानीय लोगों का साफ तौर पर कहना है कि इस वार्ड में नियमित रूप से साफ-सफाई बिल्कुल नहीं होती है। कचरा सड़ने से उठने वाली दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गंदगी के साथ-साथ वार्ड नंबर 1 के लोग भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से भी जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, टमटम और हाथठेला चालक आए दिन सड़कों के बीचों-बीच वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे पूरा रास्ता ब्लॉक हो जाता है। इसके अलावा, मुख्य बाजार में व्यापारियों की बड़ी-बड़ी माल गाड़ियां (लोडिंग वाहन) दिन के समय ही खड़ी होकर माल अनलोड करती हैं, जिसके कारण पूरे मुख्य बाजार में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है और घंटों लंबा जाम लग जाता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी अव्यवस्था पर नगर परिषद का अमला पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर परिषद के अधिकारी, वार्ड पार्षद, अध्यक्ष और कर्मचारी में से कोई भी इन जन समस्याओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है, और शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनता का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और मोटी तनख्वाह लेने वाले प्रशासनिक अधिकारी अब अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुके हैं। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते वार्ड नंबर 1 की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और मुख्य बाजार को अतिक्रमण व अवैध पार्किंग से मुक्त नहीं कराया गया, तो वे नगर परिषद के खिलाफ उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोई नगर परिषद इस पर क्या संज्ञान लेती है।1