शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के ग्राम रोनिजा स्थित प्रसिद्ध कमलपुर मठ में शनिवार की दरमियानी रात हुई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही मच गई। सीधे भगवान भोलेनाथ मंदिर के शिखर पर बिजली गिरने से मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं परिसर में बनी साधु-संतों की समाधि को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। महंत रामानुज पुरी महाराज ने बताया कि बिजली गिरने के दौरान तेज गर्जना हुई और कुछ ही क्षणों में मंदिर व समाधि स्थल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली का प्रभाव इतना तीव्र था कि मठ के समीप खेत में लगी विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) भी जमीन पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई, और हरे-भरे फलदार वृक्ष भी जमींदोज हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु कमलपुर मठ पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थल को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मंदिर, समाधि और विद्युत व्यवस्था की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के ग्राम रोनिजा स्थित प्रसिद्ध कमलपुर मठ में शनिवार की दरमियानी रात हुई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही मच गई। सीधे भगवान भोलेनाथ मंदिर के शिखर पर बिजली गिरने से मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं परिसर में बनी साधु-संतों की समाधि को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। महंत रामानुज पुरी महाराज ने बताया कि बिजली गिरने के दौरान तेज गर्जना हुई और कुछ ही क्षणों में मंदिर व समाधि स्थल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली का प्रभाव इतना
तीव्र था कि मठ के समीप खेत में लगी विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) भी जमीन पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई, और हरे-भरे फलदार वृक्ष भी जमींदोज हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु कमलपुर मठ पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थल को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मंदिर, समाधि और विद्युत व्यवस्था की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
- शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के ग्राम रोनिजा स्थित प्रसिद्ध कमलपुर मठ में शनिवार की दरमियानी रात हुई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही मच गई। सीधे भगवान भोलेनाथ मंदिर के शिखर पर बिजली गिरने से मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं परिसर में बनी साधु-संतों की समाधि को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। महंत रामानुज पुरी महाराज ने बताया कि बिजली गिरने के दौरान तेज गर्जना हुई और कुछ ही क्षणों में मंदिर व समाधि स्थल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली का प्रभाव इतना तीव्र था कि मठ के समीप खेत में लगी विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) भी जमीन पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई, और हरे-भरे फलदार वृक्ष भी जमींदोज हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु कमलपुर मठ पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थल को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मंदिर, समाधि और विद्युत व्यवस्था की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।2
- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में हो रही लगातार बिजली कटौती से आक्रोशित सरपंच अंतरसिंह लोधी ने रविवार दोपहर करीब 1 बजे विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन पर जमकर लताड़ा। सरपंच ने साफ शब्दों में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार बिजली गुल होने से गांव की नल-जल योजना बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भीषण गर्मी के दौरान अनवरत विद्युत कटौती के कारण लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और उनके दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। सरपंच लोधी ने विद्युत विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने और सिरसौद गांव में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की कड़ी मांग की।1
- पिछोर थाना पुलिस ने ग्राम पनिहारी की 17 वर्षीय 12वीं कक्षा की छात्रा की आत्महत्या के मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपियों पर छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में रामवीर लोधी, सत्यम लोधी, सतीश लोधी और अंशुल उर्फ अंश लोधी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों को उप जेल पिछोर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना अभी जारी है, और जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मामले की जांच जारी रहने तक और आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं।2
- शिवपुरी जिले के करैरा थाना पुलिस ने महुअर नदी में जारी अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले में अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस ने महुअर नदी के तिसाटा धाम घाट पर दबिश देकर अवैध रेत निकालने में इस्तेमाल किए जा रहे लगभग ₹35 लाख रुपये के उपकरण और वाहन जब्त किए हैं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। पुलिस को देखते ही आरोपी मौके से अपने वाहन और अन्य उपकरण छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने तलाशी के दौरान नदी से तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक अतिरिक्त ट्रॉली, दो पंप (दमकल), बड़े पंखे और पाइप सहित रेत उत्खनन में प्रयुक्त कई उपकरण बरामद किए, जिन्हें विधिवत जब्त कर लिया गया। पुलिस ने संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले को आगे की कार्यवाही के लिए शिवपुरी के खनिज विभाग को भेज दिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद छावई, सउनि चरण सिंह, प्रधान आरक्षक डैनी कुमार, वीरेन्द्र कुमार, आरक्षक हरेन्द्र गुर्जर, सुरेन्द्र रावत, रामअवतार गुर्जर, जितेन्द्र कुमार, सुनील कुमार और दीपक मल्होत्रा की भूमिका सराहनीय रही।1
- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के किशनपुरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ट्रिपल मर्डर और सुसाइड से पूरा गांव स्तब्ध रह गया। शनिवार को एक घर में महिला और उसके मासूम बेटों के खून से सने शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी और बेटों की हत्या करने वाले पति ने बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली। उसका शव रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटा हुआ मिला। इस खौफनाक वारदात की वजह महिला का एक डांस वीडियो बताया जा रहा है, जिसे गांव के कुछ लड़कों ने बनाया और बलराम नामक पति को वॉट्सएप पर भेजा था। पत्नी के डांस करने की बात पति बलराम को इतनी नागवार गुज़री कि उसने पूरे परिवार को ही तबाह कर दिया।1
- नगर परिषद मगरौनी के वार्ड नंबर 7 स्थित प्रसिद्ध शंकर जी के मंदिर परिसर में स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण अब आस्था का केंद्र भय का गढ़ बनता जा रहा है। मंदिर परिसर चारों ओर गंदगी के अंबार से पटा हुआ है, साथ ही यहां हर समय आवारा सांडों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं में लगातार दहशत का माहौल बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने बताया है कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद के अध्यक्ष, क्षेत्रीय पार्षद, मुख्य नगर परिषद अधिकारी (CMO) और अन्य संबंधित कर्मचारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि, इन बार-बार की शिकायतों और आश्वासनों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, और धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंदिर में सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस स्थिति से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। परिसर में आपस में लड़ने और घूमने वाले आवारा सांडों के कारण कई बार लोग बड़े हादसों से बाल-बाल बचे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की जान को खतरा है। इसी के चलते, स्थानीय नागरिकों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंदिर परिसर की सफाई नहीं करवाई गई और आवारा पशुओं को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- शनिवार दोपहर करीब 1 बजे करैरा पुलिस ने महुअर नदी के तिसाटा धाम घाट पर अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने लगभग 35 लाख रुपये की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और मशीनें जब्त कीं। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही सभी आरोपी फरार हो गए। इस कार्रवाई का प्रेस नोट शनिवार रात 9 बजे जारी किया गया। आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए यह मामला खनिज अधिनियम के तहत खनिज विभाग शिवपुरी को भेजा गया है।1
- शनिवार शाम करीब 6 बजे शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा गांव में मॉनसून की पहली तेज़ बारिश और आँधी ने ग्रामीण क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज़ हवाओं और बारिश के कारण गांव में एक ढाबा और एक मकान धराशायी हो गया। इसके अलावा, एक पेट्रोल पंप को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मौसम अचानक बिगड़ा और कुछ ही देर में तेज़ बारिश के साथ चली आँधी ने कई स्थानों पर क्षति पहुंचाई। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर राहत सहायता प्रदान करने की मांग की है।1