नगर परिषद मगरौनी के वार्ड नंबर 7 स्थित प्रसिद्ध शंकर जी के मंदिर परिसर में स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण अब आस्था का केंद्र भय का गढ़ बनता जा रहा है। मंदिर परिसर चारों ओर गंदगी के अंबार से पटा हुआ है, साथ ही यहां हर समय आवारा सांडों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं में लगातार दहशत का माहौल बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने बताया है कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद के अध्यक्ष, क्षेत्रीय पार्षद, मुख्य नगर परिषद अधिकारी (CMO) और अन्य संबंधित कर्मचारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि, इन बार-बार की शिकायतों और आश्वासनों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, और धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंदिर में सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस स्थिति से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। परिसर में आपस में लड़ने और घूमने वाले आवारा सांडों के कारण कई बार लोग बड़े हादसों से बाल-बाल बचे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की जान को खतरा है। इसी के चलते, स्थानीय नागरिकों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंदिर परिसर की सफाई नहीं करवाई गई और आवारा पशुओं को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
नगर परिषद मगरौनी के वार्ड नंबर 7 स्थित प्रसिद्ध शंकर जी के मंदिर परिसर में स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण अब आस्था का केंद्र भय का गढ़ बनता जा रहा है। मंदिर परिसर चारों ओर गंदगी के अंबार से पटा हुआ है, साथ ही यहां हर समय आवारा सांडों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं में लगातार दहशत का माहौल बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने बताया है कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद के अध्यक्ष, क्षेत्रीय पार्षद, मुख्य नगर परिषद अधिकारी (CMO) और अन्य संबंधित कर्मचारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि, इन बार-बार की शिकायतों और आश्वासनों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, और धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंदिर में सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस स्थिति से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। परिसर में आपस में लड़ने और घूमने वाले आवारा सांडों के कारण कई बार लोग बड़े हादसों से बाल-बाल बचे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की जान को खतरा है। इसी के चलते, स्थानीय नागरिकों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंदिर परिसर की सफाई नहीं करवाई गई और आवारा पशुओं को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
- नगर परिषद मगरौनी के वार्ड नंबर 7 स्थित प्रसिद्ध शंकर जी के मंदिर परिसर में स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण अब आस्था का केंद्र भय का गढ़ बनता जा रहा है। मंदिर परिसर चारों ओर गंदगी के अंबार से पटा हुआ है, साथ ही यहां हर समय आवारा सांडों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं में लगातार दहशत का माहौल बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने बताया है कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद के अध्यक्ष, क्षेत्रीय पार्षद, मुख्य नगर परिषद अधिकारी (CMO) और अन्य संबंधित कर्मचारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि, इन बार-बार की शिकायतों और आश्वासनों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, और धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंदिर में सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस स्थिति से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। परिसर में आपस में लड़ने और घूमने वाले आवारा सांडों के कारण कई बार लोग बड़े हादसों से बाल-बाल बचे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की जान को खतरा है। इसी के चलते, स्थानीय नागरिकों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंदिर परिसर की सफाई नहीं करवाई गई और आवारा पशुओं को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- शनिवार दोपहर करीब 1 बजे करैरा पुलिस ने महुअर नदी के तिसाटा धाम घाट पर अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने लगभग 35 लाख रुपये की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और मशीनें जब्त कीं। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही सभी आरोपी फरार हो गए। इस कार्रवाई का प्रेस नोट शनिवार रात 9 बजे जारी किया गया। आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए यह मामला खनिज अधिनियम के तहत खनिज विभाग शिवपुरी को भेजा गया है।1
- शिवपुरी जिले के मगरौनी क्षेत्र के खोड बावड़ी गांव में एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। गांव निवासी धनीराम ने आरोप लगाया है कि सुबह शौच से घर लौटते समय गांव के ही पांच लोगों ने उसका रास्ता रोककर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित धनीराम के अनुसार, जिन आरोपियों ने उस पर हमला किया, उनमें लक्ष्मण गुर्जर, विशाल गुर्जर, धर्मेंद्र गुर्जर, होतम गुर्जर और बल्लू गुर्जर शामिल हैं। धनीराम ने आरोप लगाया है कि इन सभी ने मिलकर उसे मारा-पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल धनीराम मगरौनी चौकी पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस शिकायत को प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- भितरवार क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों के अचानक लापता हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम रुअर निवासी लाल सिंह नाथ की 12 वर्षीय पुत्री पूनम नाथ और 10 वर्षीय पुत्री लालू नाथ को कोई अज्ञात व्यक्ति नए कपड़े दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। बताया जा रहा है कि अज्ञात व्यक्ति बच्चियों को एक टमटम में बैठाकर ले गया था। इस घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में गहरी चिंता छा गई और उन्होंने तत्काल भितरवार पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर पुलिस सक्रिय हो गई है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ टमटम चालकों को हिरासत में लिया है और बच्चियों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या संबंधित परिजनों को सूचित करें।1
- शिवपुरी-दचिरी मार्ग पर एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक वाहन टकरा गया। इस हादसे का शिकार एक एसडीएम रीडर का परिवार हुआ, जो किसी कार्यक्रम से लौट रहा था। टक्कर के बाद, इसी परिवार पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया।1
- शनिवार शाम करीब 6 बजे शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा गांव में मॉनसून की पहली तेज़ बारिश और आँधी ने ग्रामीण क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज़ हवाओं और बारिश के कारण गांव में एक ढाबा और एक मकान धराशायी हो गया। इसके अलावा, एक पेट्रोल पंप को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मौसम अचानक बिगड़ा और कुछ ही देर में तेज़ बारिश के साथ चली आँधी ने कई स्थानों पर क्षति पहुंचाई। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर राहत सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- शिवपुरी जिले में पिछोर थाना पुलिस ने एक बालिका द्वारा की गई आत्महत्या से जुड़े मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 306/26 के तहत आत्महत्या के दुष्प्रेरण के आरोप में की गई है। इस संबंध में एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने भी अपना बयान दिया है।1
- नगर परिषद मगरौनी के वार्ड नंबर 1 में इस समय अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का आलम है। वार्ड के मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। स्थानीय लोगों का साफ तौर पर कहना है कि इस वार्ड में नियमित रूप से साफ-सफाई बिल्कुल नहीं होती है। कचरा सड़ने से उठने वाली दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गंदगी के साथ-साथ वार्ड नंबर 1 के लोग भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से भी जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, टमटम और हाथठेला चालक आए दिन सड़कों के बीचों-बीच वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे पूरा रास्ता ब्लॉक हो जाता है। इसके अलावा, मुख्य बाजार में व्यापारियों की बड़ी-बड़ी माल गाड़ियां (लोडिंग वाहन) दिन के समय ही खड़ी होकर माल अनलोड करती हैं, जिसके कारण पूरे मुख्य बाजार में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है और घंटों लंबा जाम लग जाता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी अव्यवस्था पर नगर परिषद का अमला पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर परिषद के अधिकारी, वार्ड पार्षद, अध्यक्ष और कर्मचारी में से कोई भी इन जन समस्याओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है, और शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनता का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और मोटी तनख्वाह लेने वाले प्रशासनिक अधिकारी अब अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुके हैं। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते वार्ड नंबर 1 की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और मुख्य बाजार को अतिक्रमण व अवैध पार्किंग से मुक्त नहीं कराया गया, तो वे नगर परिषद के खिलाफ उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोई नगर परिषद इस पर क्या संज्ञान लेती है।1