*सवालों के दायरे में कटनी की राजनीति, प्रदर्शन के दौरान दिखी असंवेदनशील मानसिकता* कटनी – इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 से अधिक लोगों की मौत और इस गंभीर मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री द्वारा पत्रकार के सवाल के जवाब में “घंटा” जैसे शब्द के प्रयोग के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान कटनी की राजनीति में एक अलग ही तस्वीर सामने आई, जिसने राजनीतिक मर्यादाओं और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस कार्यकर्ता जब मुड़वारा विधायक संदीप जयसवाल के निवास के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे, उसी समय भाजपा विधायक की ओर से पहले से ही समर्थकों को मौके पर बुला लिया गया। आरोप है कि वहां डीजे लगवाकर तेज आवाज में “जय सियाराम” के नारे बजाए गए और भाजपा कार्यकर्ता एक-दूसरे को मिठाइयां बांटते नजर आए, ताकि कांग्रेस के प्रदर्शन की आवाज दबाई जा सके। आरोप है कि यह पूरा आयोजन जानबूझकर किया गया ताकि इंदौर में दूषित पानी से हुई 15 से अधिक मौतों जैसे गंभीर मुद्दे को कमजोर दिखाया जा सके। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आचरण न केवल राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है, बल्कि एक संवेदनशील जनहित के विषय पर असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है। कहा जा रहा है कि यदि विधायक निवास के सामने ऐसी स्थिति नहीं बनने देना था, तो प्रशासन प्रदर्शनकारियों को पहले ही विधायक निवास से दूर रोक सकता था। वहीं, लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार यह भी अपेक्षित था कि विधायक स्वयं प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचकर उनकी बात सुनते। लोगों ने यह भी याद दिलाया कि स्वयं विधायक अपने युवावस्था के राजनीतिक जीवन में ऐसे आंदोलनों और प्रदर्शनों का हिस्सा रह चुके हैं। ऐसे में आज इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि लोगों की जान से जुड़े मुद्दे पर संवाद और संवेदनशीलता की आवश्यकता थी, न कि कांग्रेस और बीजेपी की ओर से शोर-शराबा और शक्ति प्रदर्शन की। आरोप लगाया जा रहा है कि सत्ता पक्ष जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन इस तरह की राजनीति से न तो सरकार की जवाबदेही तय होगी और न ही सच्चाई को दबाया जा सकेगा।
*सवालों के दायरे में कटनी की राजनीति, प्रदर्शन के दौरान दिखी असंवेदनशील मानसिकता* कटनी – इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 से अधिक लोगों की मौत और इस गंभीर मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री द्वारा पत्रकार के सवाल के जवाब में “घंटा” जैसे शब्द के प्रयोग के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान कटनी की राजनीति में एक अलग ही तस्वीर सामने आई, जिसने राजनीतिक मर्यादाओं और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस कार्यकर्ता जब मुड़वारा विधायक संदीप जयसवाल के निवास के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे, उसी समय भाजपा विधायक की ओर से पहले से ही समर्थकों को मौके पर बुला लिया गया। आरोप है कि वहां डीजे लगवाकर तेज आवाज में “जय सियाराम” के नारे बजाए गए और भाजपा कार्यकर्ता एक-दूसरे को मिठाइयां बांटते नजर आए, ताकि कांग्रेस के प्रदर्शन की आवाज दबाई जा सके। आरोप है कि यह पूरा आयोजन जानबूझकर किया गया ताकि इंदौर में दूषित पानी से हुई 15 से अधिक मौतों जैसे गंभीर मुद्दे को कमजोर दिखाया जा सके। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आचरण न केवल राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है, बल्कि एक संवेदनशील जनहित के विषय पर असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है। कहा जा रहा है कि यदि विधायक निवास के सामने ऐसी स्थिति नहीं बनने देना था, तो प्रशासन प्रदर्शनकारियों को पहले ही विधायक निवास से दूर रोक सकता था। वहीं, लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार यह भी अपेक्षित था कि विधायक स्वयं प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचकर उनकी बात सुनते। लोगों ने यह भी याद दिलाया कि स्वयं विधायक अपने युवावस्था के राजनीतिक जीवन में ऐसे आंदोलनों और प्रदर्शनों का हिस्सा रह चुके हैं। ऐसे में आज इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि लोगों की जान से जुड़े मुद्दे पर संवाद और संवेदनशीलता की आवश्यकता थी, न कि कांग्रेस और बीजेपी की ओर से शोर-शराबा और शक्ति प्रदर्शन की। आरोप लगाया जा रहा है कि सत्ता पक्ष जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन इस तरह की राजनीति से न तो सरकार की जवाबदेही तय होगी और न ही सच्चाई को दबाया जा सकेगा।
- *धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा* खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया *बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया* पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था। नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है *मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं* इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है "हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए *जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर* बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे *उठते सवाल* क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी1
- “आखिर कौन है ‘मंत्री का आदमी’? धमकी के आरोपों पर खुद खूब सिंह लोधी ने दिया जवाब”1
- 📰 जबलपुर में महिला कारोबारी के घर बम फेंका गया, नाबालिग बेटी घायल - 📍 जगह: घमापुर थाना क्षेत्र, चुंगी चौकी, जबलपुर 💥 घटना: महिला टेंट कारोबारी के घर पर पथराव के बाद सूअर मारने वाला बम फेंका गया 🧒 घायल: बम बेटी जैस्मिन के चेहरे के पास फटा, गंभीर रूप से घायल 🏥 इलाज: बच्ची का जबलपुर जिला अस्पताल में इलाज जारी 🔁 दोहराव: दो महीनों में परिवार पर दूसरी बार हमला 📅 पहले भी हमला: 20 और 25 नवंबर 2025 को पथराव व आगजनी की घटनाएं ⚠️ आरोप: छात्राओं से छेड़छाड़ का विरोध करने पर बदमाशों ने हमला किया 🏠 अन्य आरोप: मकान और पास के प्लॉट पर कब्जे की कोशिश 👮 पुलिस: घमापुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की 😨 हालात: घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल _ 🗣️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा 📰 Sach Tak Patrika News1
- *जिला मैहर में नगर* पालिका परिक्षेत्र को शासन द्वारा पवित्र नगरी घोषित किया हैं लेकिन सोनवारी शराब दुकान के लायसेंसी पूरे मैहर नगर पालिका क्षेत्र में जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री कराकर माता के दरबार को पवित्र नगरी नही होने देने की ठान कर शासन-प्रशासन को ही चुनौती दे रहे है, जिसमें पूरा सहयोग आबकारी विभाग द्वारा किया जा रहा है। शासन ने राजस्व को कम तव्वजो देते हुये जनता के आस्था एवं विश्वास को ध्यान में रखते हुए पूरे मैहर नगर पालिका परिक्षेत्र में मदिरा की विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंधित करते हुये शुष्क क्षेत्र घोषित कर वहां संचालित मदिरा के दुकानों को बंद कराया गया हैं, परंतु लगता हैं, कि आबकारी विभाग को ये मंजूर नहीं हैं। तभी तो आबकारी विभाग, सोनवारी शराब दुकान के लायसेंसी के साथ कदम से कदम मिलाकर पूरे पवित्र नगरी मैहर में अवैध शराब की बिकी करा है। प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी के पवित्र नगरी में शराब बंदी के सपने को उन्ही के आबकारी विभाग द्वारा सपना ही रहने की ठान लिया हैं। अब देखते हैं, कि माननीय मुख्यमंत्री जी के पवित्र नगरी में शराब बंदी का प्रयास सफल हो पाता हैं, या उन्ही का विभाग उनके प्रयासों पर भारी पड़ता हैं2
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- महाकाल से लौटा बेटा, सनातन में घर वापसी आस्था की असली परिभाषा – देखिए पूरी कहानी। #GharWapsi #SanatanDharma #AsadToAtharv #Bharat1
- नगर परिषद चित्रकूट की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल सप्लाई की पाइपलाइन गंदे नाले में पड़ी होने का मामला सामने आया है, जिससे आमजन की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। चित्रकूट थाना के समीप गंदे नाले में तैरती हुई पानी सप्लाई की पाइपलाइन ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर में दूषित जल आपूर्ति से हुई दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था, बावजूद इसके चित्रकूट नगर परिषद ने उससे कोई सबक नहीं लिया। गंदे नाले में पड़ी पाइपलाइन से सप्लाई किया जा रहा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सवाल यह है कि क्या नगर परिषद किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है? अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब तक आंख मूंदे रहते हैं या समय रहते सुधारात्मक कदम उठाते हैं।1
- Post by Dr vinodsen3
- विकसित भारत - जी राम जी में गांव तथा ग्राम सभा, विकसित ग्राम पंचायत प्लान बनाएंगे और तय करेंगे कि गांव में कौन से काम हों। यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त, स्वावलंबी और स्वयंपूर्ण गांव के सपने को पूरा करने का संकल्प है।1