नागौर जिले के लाडपुरा स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में मंगलवार से पाँच दिवसीय भगतमाल कथा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। यह धार्मिक आयोजन 27 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा, जिसमें कथा प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। कथा का वाचन कुचेरा के कथावाचक सुखदेव महाराज कर रहे हैं। आयोजन के पहले दिन एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर गांव की गलियों से होते हुए कथा स्थल तक यात्रा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों और कीर्तनों से भक्तिमय वातावरण बनाते हुए भगवान देवनारायण के जयकारे लगाए। कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और ग्रामवासियों ने व्यास पीठ पर विराजमान संत सुखदेव महाराज का स्वागत-सम्मान कर भगतमाल कथा का शुभारंभ किया। गांव के युवा देवेंद्र बढ़ियासर ने बताया कि कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे आयोजन स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। कथा के दौरान सुनाए गए धार्मिक प्रसंगों और भक्ति संदेशों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। इस आयोजन के निवेदक समस्त ग्रामवासी लाडपुरा और साध्वी पप्पू बाई हैं, जिन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
नागौर जिले के लाडपुरा स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में मंगलवार से पाँच दिवसीय भगतमाल कथा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। यह धार्मिक आयोजन 27 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा, जिसमें कथा प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। कथा का वाचन कुचेरा के कथावाचक सुखदेव महाराज कर रहे हैं। आयोजन के पहले दिन एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर गांव की गलियों से होते हुए कथा स्थल तक यात्रा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों और कीर्तनों से भक्तिमय वातावरण बनाते हुए भगवान देवनारायण के जयकारे लगाए। कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और ग्रामवासियों ने व्यास पीठ पर विराजमान संत सुखदेव महाराज का स्वागत-सम्मान कर भगतमाल कथा का शुभारंभ किया। गांव के युवा देवेंद्र बढ़ियासर ने बताया कि कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे आयोजन स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। कथा के दौरान सुनाए गए धार्मिक प्रसंगों और भक्ति संदेशों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। इस आयोजन के निवेदक समस्त ग्रामवासी लाडपुरा और साध्वी पप्पू बाई हैं, जिन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
- नागौर जिले के रियांबड़ी स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर में आगामी प्रतिभा सम्मान समारोह और सत्संग कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के गणमान्य व्यक्तियों, कार्यकारिणी सदस्यों और अन्य समाज बंधुओं ने भाग लिया, जहाँ कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। महेंद्र योगी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गुरु गोरखनाथ मंदिर परिसर में 30 मई 2026 को रात 8 बजे सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अगले दिन, यानी 31 मई 2026 को सुबह 9 बजे से प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन होगा। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है। इसमें कक्षा 10वीं और 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री श्री 1008 श्री नारायण नाथ जी महाराज (रास मंडी) करेंगे, जबकि अच्छी नाथजी का मंदिर मेवड़ा से लक्ष्मण नाथ जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। राजस्थान नाथ समाज के प्रदेश अध्यक्ष सत्यम नाथ योगी इस आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। बैठक में प्रतिभा सम्मान समारोह के अध्यक्ष जीवन नाथ के साथ-साथ कार्यकारिणी सदस्य गोपाल नाथ, घासी नाथ, श्याम नाथ, रमेश नाथ, अनिल नाथ, सुनील नाथ और अन्य समाज बंधु भी मौजूद थे। इस दौरान कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की गई और विभिन्न व्यवस्थाओं जैसे मंच व्यवस्था, अतिथि स्वागत, भोजन व्यवस्था, विद्यार्थियों के पंजीकरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारियाँ कार्यकर्ताओं को सौंपी गईं। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक बताया। बैठक के समापन पर, सभी समाज बंधुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया गया।1
- नागौर जिले के रियान बाड़ी में स्थित लक्ष्मी नर्सरी और लैंडस्कैपर, विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे उपलब्ध कराता है। यहाँ छायादार, फलदार, डेकोरेटिव और कृषि संबंधित सभी तरह के पौधे मौजूद हैं, साथ ही विभिन्न प्रकार के गमले भी उपलब्ध हैं। नर्सरी पौधों की बिक्री के अतिरिक्त कई सेवाएँ भी प्रदान करती है। वे स्वयं पौधे लगाकर देते हैं और गार्डन डेवलपमेंट का काम भी करते हैं, जिसमें लैंडस्कैपिंग भी शामिल है। यह फर्म सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के गार्डन विकसित करती है। इसके अलावा, लक्ष्मी नर्सरी सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के टेंडर लेती है, तथा जंगलों और सड़क किनारे भी पौधे लगाने का कार्य करती है।4
- रियांबड़ी उपखण्ड क्षेत्र के झींटियां गांव स्थित श्री रूप रजत गौशाला में बुधवार, 27 मई 2026 से श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ नानी बाई रो मायरो एवं मीरा चरित्र कथा का शुभारंभ हुआ। कथा आयोजन के पहले दिन सुबह एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस कलश यात्रा में साध्वी श्री मनुश्रीथा जी और गादी पति राजकुमारी बाई जी रथों में सवार होकर शामिल हुईं, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बन गया। ग्रामीणों ने जयकारों के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।4
- रियांबड़ी क्षेत्र के ग्राम झींटियां स्थित रूप रजत गोशाला में नानी बाई का मायरा कथा का शुभारंभ हो गया है।1
- जैसलमेर में गायों की गंभीर दुर्दशा सामने आई है, जहाँ पानी की कमी के कारण वे प्यासी मर रही हैं। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस गंभीर संकट के बीच, जैसलमेर के युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी से हस्तक्षेप करने और इस मामले में कुछ ठोस कदम उठाने की अपील की गई है, क्योंकि आरोप है कि पानी के अभाव में गायें प्यासी मर रही हैं और भाजपा सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही है।1
- नागौर जिले के लाडपुरा स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में मंगलवार से पाँच दिवसीय भगतमाल कथा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। यह धार्मिक आयोजन 27 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा, जिसमें कथा प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। कथा का वाचन कुचेरा के कथावाचक सुखदेव महाराज कर रहे हैं। आयोजन के पहले दिन एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर गांव की गलियों से होते हुए कथा स्थल तक यात्रा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों और कीर्तनों से भक्तिमय वातावरण बनाते हुए भगवान देवनारायण के जयकारे लगाए। कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और ग्रामवासियों ने व्यास पीठ पर विराजमान संत सुखदेव महाराज का स्वागत-सम्मान कर भगतमाल कथा का शुभारंभ किया। गांव के युवा देवेंद्र बढ़ियासर ने बताया कि कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे आयोजन स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। कथा के दौरान सुनाए गए धार्मिक प्रसंगों और भक्ति संदेशों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। इस आयोजन के निवेदक समस्त ग्रामवासी लाडपुरा और साध्वी पप्पू बाई हैं, जिन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।1
- राजस्थान के पुष्कर में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ डेजर्ट सफारी का रोमांच उस समय खतरे में बदल गया जब एक गाड़ी अचानक पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक ही परिवार के कुल अठारह लोग घायल हो गए हैं।1