राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए, शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में लागू विशेष समय-सारिणी की अवधि को 31 मई 2026 से बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया है। पूर्व में, विद्यालयों का संचालन 31 मई 2026 तक विशेष समय-सारिणी के अनुसार होना निर्धारित था। वर्तमान मौसम परिस्थितियों और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इस व्यवस्था को अब 30 जून 2026 तक यथावत जारी रखने का निर्णय लिया गया है। विभागीय आदेश के अनुसार, राज्य के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों का संचालन सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार होगा। इस दौरान विद्यालयों में प्रार्थना, कक्षाओं का संचालन और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप की जाएगी। जिन विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की अधिक संख्या के कारण एक साथ मध्याह्न भोजन संभव नहीं है, वहाँ प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित कर भोजन एवं पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2026 तक विद्यालयों के संचालन का समय वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही रहेगा। इसके उपरांत, ग्रीष्मावकाश समाप्त होने पर, विद्यालयों का संचालन पुनः सामान्य समय-सारिणी सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा। साथ ही, स्थानीय परिस्थितियों और मौसम की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार विद्यालय संचालन में संशोधन करने का अधिकार दिया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालय प्रधानों एवं शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और गर्मी से बचाव के उपायों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एक सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए, शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में लागू विशेष समय-सारिणी की अवधि को 31 मई 2026 से बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया है। पूर्व में, विद्यालयों का संचालन 31 मई 2026 तक विशेष समय-सारिणी के अनुसार होना निर्धारित था। वर्तमान मौसम परिस्थितियों और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इस व्यवस्था को अब 30 जून 2026 तक यथावत जारी रखने का निर्णय लिया गया है। विभागीय आदेश के अनुसार, राज्य के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों का संचालन सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार होगा। इस दौरान विद्यालयों में प्रार्थना, कक्षाओं का संचालन और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप की जाएगी। जिन विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की अधिक संख्या के कारण एक साथ मध्याह्न भोजन संभव नहीं है, वहाँ प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित कर भोजन एवं पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2026 तक विद्यालयों के संचालन का समय वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही रहेगा। इसके उपरांत, ग्रीष्मावकाश समाप्त होने पर, विद्यालयों का संचालन पुनः सामान्य समय-सारिणी सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा। साथ ही, स्थानीय परिस्थितियों और मौसम की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार विद्यालय संचालन में संशोधन करने का अधिकार दिया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालय प्रधानों एवं शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और गर्मी से बचाव के उपायों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एक सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
- समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के गोलिया गांव में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने द्वेष भावना के चलते सैकड़ों हरे-भरे वृक्षों को गुपचुप तरीके से नष्ट कर दिया है। इस चौंकाने वाली कार्रवाई से स्थानीय निवासी स्तब्ध हैं और पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों के अनुसार, ये वृक्ष न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण थे, बल्कि गांव की पारिस्थितिकी और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में भी अहम भूमिका निभाते थे। इस विनाशकारी कृत्य ने न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है, बल्कि इसने गांव के सामाजिक ताने-बाने में भी उथल-पुथल मचा दी है। अब पुलिस और वन विभाग से इस मामले की गहन जांच करने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि नष्ट किए गए वृक्षों के संबंध में न्याय सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में ऐसी दुर्भावनापूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक एवं उचित उपाय किए जा सकें।1
- जूनो इन्फोटेक द्वारा रोसड़ा में छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप प्रमाण पत्र वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है, जिससे छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद जगी है।1
- दरभंगा जिले के कुशेस्वर अस्थान उप-जिले में, ग्यासपुर SH 56 से ब्राह्मअस्थान तक एक पक्की सड़क के निर्माण की अपील की गई है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि उनके गांव में अभी तक सड़क नहीं बनी है और वे तत्काल निर्माण कार्य की मांग कर रहे हैं।1
- बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान स्थित कछुआ गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक ट्रक की चपेट में आने से बाबाजी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जैसे ही शव गांव पहुँचा, वहां कोहराम मच गया।1
- बिहार के बेगूसराय जिले में युवाओं ने भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक विशाल मोर्चा निकाला। इस प्रदर्शन के दौरान, युवाओं ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी भी दी।1
- फरदीन खान लाइव और ईलमासनगर टुडे के माध्यम से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें समोसे के रंग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समोसे का रंग बीमारी की वजह बन सकता है।1
- बिहार के बेगूसराय जिले में एक महिला के साथ दरिंदगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य घटना में महिला के प्राइवेट पार्ट से एक लकड़ी मिली है।1
- बेगूसराय जिले के क्षेत्र में एक महिला के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने खुलासा किया है।1