प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र में 35 दिन बाद कब्रिस्तान से एक लड़की का सड़ा-गला शव कब्र खोदकर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसे 2 डॉक्टरों के पैनल ने किया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। लड़की की मां के मुताबिक, उनकी बेटी हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में काम करती थी, जहां साहिल खान ने 'प्रिंस' बनकर उससे दोस्ती की और मंदिर में शादी कर ली। जब उसकी असल पहचान सामने आई तो उसने मस्जिद में बेटी से निकाह कर लिया। मां ने बताया कि फरवरी में जब उनकी बेटी गर्भवती हुई, तो साहिल ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उनकी बेटी घर वापस आ गई, लेकिन आरोपी उसे दोबारा ले गया। मां का आरोप है कि साहिल के घरवालों ने 11 मई को उनकी बेटी को जहर देकर मार डाला और उन्हें सूचना दिए बिना ही दफना दिया।
प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र में 35 दिन बाद कब्रिस्तान से एक लड़की का सड़ा-गला शव कब्र खोदकर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसे 2 डॉक्टरों के पैनल ने किया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। लड़की की मां के मुताबिक, उनकी बेटी हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में काम करती थी, जहां साहिल खान ने 'प्रिंस' बनकर उससे दोस्ती की और मंदिर में शादी कर ली। जब उसकी असल पहचान सामने आई तो उसने मस्जिद में बेटी से निकाह कर लिया। मां ने बताया कि फरवरी में जब उनकी बेटी गर्भवती हुई, तो साहिल ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उनकी बेटी घर वापस आ गई, लेकिन आरोपी उसे दोबारा ले गया। मां का आरोप है कि साहिल के घरवालों ने 11 मई को उनकी बेटी को जहर देकर मार डाला और उन्हें सूचना दिए बिना ही दफना दिया।
- प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र में 35 दिन बाद कब्रिस्तान से एक लड़की का सड़ा-गला शव कब्र खोदकर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसे 2 डॉक्टरों के पैनल ने किया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। लड़की की मां के मुताबिक, उनकी बेटी हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में काम करती थी, जहां साहिल खान ने 'प्रिंस' बनकर उससे दोस्ती की और मंदिर में शादी कर ली। जब उसकी असल पहचान सामने आई तो उसने मस्जिद में बेटी से निकाह कर लिया। मां ने बताया कि फरवरी में जब उनकी बेटी गर्भवती हुई, तो साहिल ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उनकी बेटी घर वापस आ गई, लेकिन आरोपी उसे दोबारा ले गया। मां का आरोप है कि साहिल के घरवालों ने 11 मई को उनकी बेटी को जहर देकर मार डाला और उन्हें सूचना दिए बिना ही दफना दिया।1
- प्रयागराज में भीषण गर्मी के बीच मुहर्रम का महीना चल रहा है, जिसमें मजलिस, मातम, जुलूस और ताजियादारी का दौर जारी है। लोग भीषण गर्मी में एक गाँव से दूसरे गाँव ताजियादारी में शामिल होने के लिए निकल रहे हैं। ऐसे में, लोगों को गर्मी से राहत पहुँचाने के लिए प्रयागराज के एयरपोर्ट थानांतर्गत असरावल कलां के वरिष्ठ समाजसेवी सानू असरावे ने कर्बला की याद में कई प्रमुख स्थानों पर ठंडे शरबत की सबील लगाई। सानू असरावे खुद राहगीरों और अकीदतमंदों को अपने हाथों से शरबत पिलाते हुए देखे गए। उन्होंने बताया कि वे इमाम हुसैन ए मज़लूम के शैदाई हैं, जिन्हें यज़ीदी लश्कर ने चौदह सौ साल पहले कर्बला के बीयाबान जंगल में अपने परिवार सहित तीन दिन तक भूखा-प्यासा रखने के बाद दसवीं मुहर्रम को बेगुनाह शहीद कर दिया था। आज वे उसी नवासा ए रसूल की शहादत पर ग़म के आँसू बहाते हुए उनकी याद मना रहे हैं और उनकी याद में ठंडा शरबत पिला रहे हैं।1
- लखनऊ के चौक थाना क्षेत्र में एक युवक दरिया वाली मस्जिद के सामने स्थित बुद्ध प्रतिमा पर चढ़ गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस को युवक को प्रतिमा से नीचे उतारने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार, युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है।1
- प्रयागराज के हंडिया में एक व्यक्ति पिछले 23 घंटे से सोया हुआ है और अब तक नहीं उठा है। लोग इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि वह कब जागेगा।1
- प्रयागराज जिले के कौंधियारा थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में बुधवार शाम को आए तेज तूफान और बारिश के कारण एक 60 वर्षीय महिला पछराजी देवी की बिजली के खंभे की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब 11 हजार वोल्ट के बिजली के खंभे तूफान की वजह से गिर गए थे। मृतका पछराजी देवी, जो हीरा लाल बिंद की पत्नी थीं, अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटियां छोड़ गई हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। इस दुःखद घटना के संबंध में परिजनों ने कौंधियारा थाने में तहरीर दी है। परिजनों ने प्रशासन से देवी आपदा सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है।1
- प्रयागराज के मेजा तहसील अंतर्गत ऊरूवा विकासखंड में रैपूरा से तंदरीया जाने वाली मुख्य सड़क पर एक विशाल गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह गड्ढा इतना गहरा और चौड़ा है कि बड़े वाहन भी इस पर संतुलन खो देते हैं, जिससे हर पल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बसों और अन्य वाहनों को गुजरते समय एक ओर झुकना पड़ता है, जिससे लोगों को डर के साए में सफर करना पड़ रहा है। गांव के अमरेश तिवारी ने बताया कि यह गड्ढा कई महीनों से बना हुआ है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इसकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस जानलेवा गड्ढे की मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, रैपूरा की यह सड़क प्रशासन की संवेदनहीनता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यह देखना बाकी है कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई करते हैं या किसी अनहोनी के बाद ही जागते हैं।1