14 जनवरी 2026 बुधवार को होगा मकर संक्रांति।। इतिहासकारों ने कहा कभी 12 जनवरी को भी मनाया जाता था मकर संक्रांति।।।। *23 वर्ष बाद होगा षट्तिला एकादशी एवं मकर संक्रांति का योग* मकन्दकिनी नाम की होगी संक्रांति,क्षत्रियो को होगी सुखदाई।। #मकर संक्रांति के साथ समाप्त हो जाएगा खरमास, बजने लगेगी शहनाइयां।।।। देश और दुनिया के सनातनियों हिंदुओं के लिए सूर्याउपासना का महत्वपूर्ण स्थान है। सूर्य के राशि परिवर्तन को ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति कहा गया है और जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति अथवा तिल संक्रांति पर्व मनाने का शास्त्रीय पारंपरिक एवं ऐतिहासिक प्रमाण प्राप्त होता है। 🚩🚩🚩क्या कहते है ज्योतिषाचार्य और पंचांग🚩 ज्योतिषाचार्य अविनाश शास्त्री के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी बुधवार को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति पर्व मनाने को लेकर अविनाश शास्त्री ने कहा है कि सूर्य धनु राशि से निकलकर जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति पर मनाई जाती है। संक्रांति के पुण्यकाल के निर्णय का उल्लेख मुहूर्त चिंतामणि के संक्रांति प्रकरण में इसका विशेष रूप से प्राप्त होता है। 14 जनवरी 2026 को 35 दंड 58 पर यानी रात्रि 9 बजकर 9मिंट में सूर्य धनु राशि से मकर राशि मे प्रवेश करेंगे।व मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ के संक्रांति प्रकरण के श्लोक संख्या 5 के अनुसार अगर मध्य रात्रि के पूर्व मकर की सक्रांति हो तो पूर्व दिन के उत्तरार्ध में पुण्य काल मानागया है। अतः शास्त्रसम्मत 14 जनवरी बुधवार को दिन के 12 बजे के बाद सूर्यस्त 5 बजकर 15 मिंट तक पुण्यकाल रहेगा। सूर्य मकर संक्रांति के बाद का समय उत्तरायण माना जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ यज्ञोपवीत मुंडन विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए समय उत्तम हो जाता है अतः 14 जनवरी के बाद अशुद्ध समय समाप्त हो जाएगा एवं विवाह आदिशुभ मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे। 🚩🚩क्या है ज्योतिषीय महत्व मकर संक्रांति का🚩🚩 आचार्य अविनाश शास्त्री ने बताया कि मकर एवं कुंभ राशि का स्वामी शनि होता है। नैसर्गिक मैत्री चक्र के अनुसार सूर्य एवं शनि परस्पर शत्रु है। मकर राशि की संक्रांति पर शनि से संबंधित वस्तुओं के दान उपभोग करने से ग्रह शांति एवं सुखद फल की प्राप्ति होती है इसलिए हमें काले अनाज एवं मिश्रित अनाजों का सेवन मकर संक्रांति के पुण्य कल पर करना चाहिए। तिल स्नान- मकर संक्रांति के पुण्य कल पर जल में काले तिल को डालकर तिल मिश्रित जल से स्नान करना चाहिए यह शरीर आरोग्यता को प्रदान करता है। तिल दान- तिल से बने हुए वस्तुओं को मकर संक्रांति के पुण्य काल में जरूरतमंदों के बीच सेवक नौकर दास आदि को दान करना चाहिए। मिश्रित अनाज सात अनाज सप्तधान्य अथवा मिश्रित भूंजा हुआ अनाज मैं शनि का वास है इसलिए तिल एवं मिश्रित अनाज दान करना चाहिए यह धन-धान्य समृद्धि को प्रदान करता है। तिल पान- मकर संक्रांति के पुण्य काल में तिल से बने हुए वस्तुओं का भोजन करना चाहिए तिल के भोजन करने से स्वास्थ्य आरोग्य एवं रूप सौंदर्य की वृद्धि होती है। तिल सेवन- मकर संक्रांति के पुण्य काल में अग्नि में तिल डालकर उसे अग्नि का सेवन दीर्घायु प्रदान करता है इसलिए मकर संक्रांति के दिन तिल युक्त अग्नि का सेवन करना चाहिए। *क्या कहते है इतिहासकार* तिल संक्रांति के तिथि को लेकर इतिहासकारों ने भी अपनी राय दी है। माध्यमिक शिक्षिक एवं इतिहासकार धर्मवीर कुमार ने कहा कि महाभारत का युद्ध दक्षिणायन में हुआ था एवं युद्ध में सभी योद्धा दक्षिणायन में मारे गए थे परंतु भीष्म पितामह वनों की सज्या पर सूर्य के उत्तरायण अर्थात मकर की संक्रांति होने तक जीवित रहे। 💐 *क्या है विभिन्न पंचांगों का मत* 💐 कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रकाशित होने वाला विश्वविद्यालय पंचांग के अलावे वैदेही पंचांग,महावीर पंचांग ,मैथिली पंचांग के साथ-साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रकाशित पंचांग एवं केवल कृष्ण उपाध्याय द्वारा संपादित ऋषिकेश पंचांग में भी 14 जनवरी बुधवार को मकर की संक्रांति एवं दिन में पुण्य कल का वर्णन है। अतः निर्विवाद रूप से मकर संक्रांति पर्व 14 जनवरी बुधवार को मनाया जाना शास्त्र सम्मत रहेगा। *क्या है पंडितों के मत* पं चंदन ठाकुर वैदिक बरौनी फ्लैग, वैदिक सुजीत पाठक तियाय, पं जटाशंकर झा निपानिया, पं सोमेश कांत ठाकुर महारथपुर पं शेताम्बर झा बलिया पं सचिन महाराज शोकहरा पं दीपक शास्त्री,राजवाड़ा पं रमेश झा,बीहट आदि विद्वान पंडितों ने एक स्वर में कहा कि 14 जनवरी बुधवार को षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति का 23 वर्ष बाद विहंगम योग लग रहा है यह विशेष पुण्य देने वाला शुभ योग है। *आचार्य अविनाश शास्त्री* *फलित ज्योतिषाचार्य,कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा* *माध्यमिक शिक्षक,उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,गौरा, तेघरा,बेगूसराय,बिहार* संपर्क-8271569010
14 जनवरी 2026 बुधवार को होगा मकर संक्रांति।। इतिहासकारों ने कहा कभी 12 जनवरी को भी मनाया जाता था मकर संक्रांति।।।। *23 वर्ष बाद होगा षट्तिला एकादशी एवं मकर संक्रांति का योग* मकन्दकिनी नाम की होगी संक्रांति,क्षत्रियो को होगी सुखदाई।। #मकर संक्रांति के साथ समाप्त हो जाएगा खरमास, बजने लगेगी शहनाइयां।।।। देश और दुनिया के सनातनियों हिंदुओं के लिए सूर्याउपासना का महत्वपूर्ण स्थान है। सूर्य के राशि परिवर्तन को ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति कहा गया है और जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति अथवा तिल संक्रांति पर्व मनाने का शास्त्रीय पारंपरिक एवं ऐतिहासिक प्रमाण प्राप्त होता है। 🚩🚩🚩क्या कहते है ज्योतिषाचार्य और पंचांग🚩 ज्योतिषाचार्य अविनाश शास्त्री के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी बुधवार को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति पर्व मनाने को लेकर अविनाश शास्त्री ने कहा है कि सूर्य धनु राशि से निकलकर जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति पर मनाई जाती है। संक्रांति के पुण्यकाल के निर्णय का उल्लेख मुहूर्त चिंतामणि के संक्रांति प्रकरण में इसका विशेष रूप से प्राप्त होता है। 14 जनवरी 2026 को 35 दंड 58 पर यानी रात्रि 9 बजकर 9मिंट में सूर्य धनु राशि से मकर राशि मे प्रवेश करेंगे।व मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ के संक्रांति प्रकरण के श्लोक संख्या 5 के अनुसार अगर मध्य रात्रि के पूर्व मकर की सक्रांति हो तो पूर्व दिन के उत्तरार्ध में पुण्य काल मानागया है। अतः शास्त्रसम्मत 14 जनवरी बुधवार को दिन के 12 बजे के बाद सूर्यस्त 5 बजकर 15 मिंट तक पुण्यकाल रहेगा। सूर्य मकर संक्रांति के बाद का समय उत्तरायण माना जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ यज्ञोपवीत मुंडन विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए समय उत्तम हो जाता है अतः 14 जनवरी के बाद अशुद्ध समय समाप्त हो जाएगा एवं विवाह आदिशुभ मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे। 🚩🚩क्या है ज्योतिषीय महत्व मकर संक्रांति का🚩🚩 आचार्य अविनाश शास्त्री ने बताया कि मकर एवं कुंभ राशि का स्वामी शनि होता है। नैसर्गिक मैत्री चक्र के अनुसार सूर्य एवं शनि परस्पर शत्रु है। मकर राशि की संक्रांति पर शनि से संबंधित वस्तुओं के दान उपभोग करने से ग्रह शांति एवं सुखद फल की प्राप्ति होती है इसलिए हमें काले अनाज एवं मिश्रित अनाजों का सेवन मकर संक्रांति के पुण्य कल पर करना चाहिए। तिल स्नान- मकर संक्रांति के पुण्य कल पर जल में काले तिल को डालकर तिल मिश्रित जल से स्नान करना चाहिए यह शरीर आरोग्यता को प्रदान करता है। तिल दान- तिल से बने हुए वस्तुओं को मकर संक्रांति के पुण्य काल में जरूरतमंदों के बीच सेवक नौकर दास आदि को दान करना चाहिए। मिश्रित अनाज सात अनाज सप्तधान्य अथवा मिश्रित भूंजा हुआ अनाज मैं शनि का वास है इसलिए तिल एवं मिश्रित अनाज दान करना चाहिए यह धन-धान्य समृद्धि को प्रदान करता है। तिल पान- मकर संक्रांति के पुण्य काल में तिल से बने हुए वस्तुओं का भोजन करना चाहिए तिल के भोजन करने से स्वास्थ्य आरोग्य एवं रूप सौंदर्य की वृद्धि होती है। तिल सेवन- मकर संक्रांति के पुण्य काल में अग्नि में तिल डालकर उसे अग्नि का सेवन दीर्घायु प्रदान करता है इसलिए मकर संक्रांति के दिन तिल युक्त अग्नि का सेवन करना चाहिए। *क्या कहते है इतिहासकार* तिल संक्रांति के तिथि को लेकर इतिहासकारों ने भी अपनी राय दी है। माध्यमिक शिक्षिक एवं इतिहासकार धर्मवीर कुमार ने कहा कि महाभारत का युद्ध दक्षिणायन में हुआ था एवं युद्ध में सभी योद्धा दक्षिणायन में मारे गए थे परंतु भीष्म पितामह वनों की सज्या पर सूर्य के उत्तरायण अर्थात मकर की संक्रांति होने तक जीवित रहे। 💐 *क्या है विभिन्न पंचांगों का मत* 💐 कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रकाशित होने वाला विश्वविद्यालय पंचांग के अलावे वैदेही पंचांग,महावीर पंचांग ,मैथिली पंचांग के साथ-साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रकाशित पंचांग एवं केवल कृष्ण उपाध्याय द्वारा संपादित ऋषिकेश पंचांग में भी 14 जनवरी बुधवार को मकर की संक्रांति एवं दिन में पुण्य कल का वर्णन है। अतः निर्विवाद रूप से मकर संक्रांति पर्व 14 जनवरी बुधवार को मनाया जाना शास्त्र सम्मत रहेगा। *क्या है पंडितों के मत* पं चंदन ठाकुर वैदिक बरौनी फ्लैग, वैदिक सुजीत पाठक तियाय, पं जटाशंकर झा निपानिया, पं सोमेश कांत ठाकुर महारथपुर पं शेताम्बर झा बलिया पं सचिन महाराज शोकहरा पं दीपक शास्त्री,राजवाड़ा पं रमेश झा,बीहट आदि विद्वान पंडितों ने एक स्वर में कहा कि 14 जनवरी बुधवार को षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति का 23 वर्ष बाद विहंगम योग लग रहा है यह विशेष पुण्य देने वाला शुभ योग है। *आचार्य अविनाश शास्त्री* *फलित ज्योतिषाचार्य,कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा* *माध्यमिक शिक्षक,उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,गौरा, तेघरा,बेगूसराय,बिहार* संपर्क-8271569010
- लाखों खर्च, फिर भी पुल के नीचे कचरे का अंबार, नगर परिषद और ठेकेदार पर उठे सवाल हाजीपुर नगर परिषद हर महीने कचरा निपटान के लिए ठेकेदार को लाखों रुपये दे रही है, ताकि शहर साफ और स्वच्छ बना रहे। लेकिन चौक–निकट पुल के नीचे खुले में कचरे का बड़ा अंबार इस दावे को झूठा साबित कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर भुगतान हो रहा है तो कचरा निपटाने का प्लांट कहां है और उसका उपयोग क्यों नहीं हो रहा? खुले में कचरा डालने से गंदगी, बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर जनता के पैसों से चल रही यह व्यवस्था कागजों में ही सीमित है या फिर कोई बड़ी लापरवाही हो रही #HajipurNews #GarbageScam #SwachhBharatFail #HajipurMunicipality #KachraGhotala #PublicMoneyMisuse #PollutionAlert #CleanCityCleanIndia #BiharNews #ABAPNews2
- किन्नर समाज की मुखिया सपना द्वारा मकर सक्रांति के शुभ अवसर पर थानेश्वर मंदिर परिसर में असहाय गरीब एवम जरूरतमदों के बिच ऊनि सॉल का वितरण किया गया .1
- बाढ़ में भाजपा–जदयू ने मनरेगा का नाम ‘बीवी-जी राम जी’ रखने का किया स्वागत बाढ़। मंगलवार को बाढ़ के मलाही स्थित भाजपा कार्यालय में ‘जी राम जी योजना’ के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों में योजना को लेकर जागरूकता एवं विश्वास पैदा करने पर जोर दिया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जदयू जिलाध्यक्ष अशोक चंद्रवंशी ने कहा कि योजना का नामकरण महात्मा गांधी के आराध्य देव राम जी के नाम पर किया गया है, जिससे महात्मा गांधी की आत्मा को भी तृप्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों के लिए कार्य दिवस 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि केंद्र सरकार इस योजना में कितनी प्रतिशत राशि राज्य सरकार को उपलब्ध कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के लिए पहले से अधिक बजट पारित किया जाएगा। इस मौके पर बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने नए बिल का समर्थन करते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। वहीं भाजपा नेता धनराज शर्मा ने कहा कि मनरेगा योजना में कई तरह की त्रुटियां थीं, जिन्हें दूर किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले श्रमिकों का भुगतान लंबित रहता था, जॉब कार्ड किसी और का होता था और कार्य कोई और करता था। अब इन सभी खामियों को दूर कर दिया गया है। वहीं कांग्रेस ने ‘जी राम जी योजना’ का विरोध करते हुए इसे सांप्रदायिकरण की दिशा में कदम बताया। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के नामकरण का उद्देश्य मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा योजना में दी जाने वाली राशि को कथित तौर पर 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत किए जाने की भी आलोचना की है। कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। इधर, जदयू नेता राजीव रंजन पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी का सपना कांग्रेस-मुक्त भारत का था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी के विचारों का सम्मान करते हुए उसी दिशा में काम कर रहे हैं।1
- बिहार समस्तीपुर मोरवा विधायक रणविजय साहू ने मकर संक्रांति पर मिलन समारोह के तहत दही चुरा भोज का किया आयोजन, सैंकड़ों कार्यकर्ता समर्थक एवं क्षेत्रीय लोगों ने किया सराहना।1
- गंगा पारन में मारपीट,3 घायल1
- 🔴#samastipur समस्तीपुर में किन्नर समाज ने मकर संक्रांति के अवसर पर सैकड़ो जरूरतमंद लोगों के बीच गर्म वस्त्र का किया वितरण1
- राजेन्द्र नगर पटना कम1
- महनार में संजय राय के आवास पर भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन महनार विधानसभा प्रत्याशी संजय राय ने अपने निजी आवास पर मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। कार्यक्रम में महनार विधानसभा से हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान दिव्यांगजनों के लिए विशेष भोज व सम्मान समारोह भी रखा गया। संजय राय ने कहा कि मकर संक्रांति भाईचारे और सौहार्द का पर्व है, जिसे सभी धर्मों के लोग मिलकर मनाते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। #SanjayRai #MahanarNews #DahiChuraBhoj #MakarSankranti2026 #MahanarVidhansabha #DivyangSamman #BiharPolitics #ViralNews #LocalNewsBihar #JanSamarthan2