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कूडादान बना आस्था के लिए खतरा पूरा मामला टीकमगढ़ जिले के विकास खंड बल्देवगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत गणेशपुरा का है देखिय खास रिपोर्ट
राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ
कूडादान बना आस्था के लिए खतरा पूरा मामला टीकमगढ़ जिले के विकास खंड बल्देवगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत गणेशपुरा का है देखिय खास रिपोर्ट
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- कूडादान बना आस्था के लिए खतरा पूरा मामला टीकमगढ़ जिले के विकास खंड बल्देवगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत गणेशपुरा का है देखिय खास रिपोर्ट1
- जिला अस्पताल के नाम से नवजात का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त नोडल अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में, कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच टीकमगढ़। जिला अस्पताल टीकमगढ़ के नाम से नवजात शिशु का कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने पर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर जिला अस्पताल में पदस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े नोडल अधिकारी की भूमिका की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। मामला खरगापुर निवासी काजल नायक से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार काजल नायक को प्रसव पीड़ा होने पर 8 अगस्त को खरगापुर स्थित निजी नर्सिंग होम जीवन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने नवजात को जन्म दिया। अस्पताल से उन्हें 11 अगस्त को छुट्टी दे दी गई। इसके बाद 13 अगस्त को नवजात का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसमें जन्म स्थान जिला अस्पताल टीकमगढ़ दर्ज किया गया। आशा कार्यकर्ता के पहुंचने पर सामने आया मामला बताया जा रहा है कि बच्चे के जन्म से संबंधित एंट्री कराने के लिए जब आशा कार्यकर्ता जिला अस्पताल पहुंचीं, तब दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और बच्चे के वास्तविक जन्म स्थान में अंतर सामने आया। इसके बाद मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची और पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू की गई। प्रारंभिक पड़ताल में जिला अस्पताल के नाम से जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की बात सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि प्रमाण पत्र किस प्रक्रिया के तहत जारी किया गया और रिकॉर्ड में नवजात का जन्म स्थान जिला अस्पताल कैसे दर्ज हो गया। कलेक्टर के निर्देश पर जांच शुरू कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने शनिवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम संस्कृति लिटोरिया को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया, संबंधित रिकॉर्ड, ऑनलाइन एंट्री तथा प्रमाण पत्र जारी करने वाले जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं जन्म प्रमाण पत्र विभाग के नोडल अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी जिला अस्पताल के नाम से नवजात का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त नोडल अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में, कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच टीकमगढ़। जिला अस्पताल टीकमगढ़ के नाम से नवजात शिशु का कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने पर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर जिला अस्पताल में पदस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े नोडल अधिकारी की भूमिका की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। मामला खरगापुर निवासी काजल नायक से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार काजल नायक को प्रसव पीड़ा होने पर 8 अगस्त को खरगापुर स्थित निजी नर्सिंग होम जीवन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने नवजात को जन्म दिया। अस्पताल से उन्हें 11 अगस्त को छुट्टी दे दी गई। इसके बाद 13 अगस्त को नवजात का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसमें जन्म स्थान जिला अस्पताल टीकमगढ़ दर्ज किया गया। आशा कार्यकर्ता के पहुंचने पर सामने आया मामला बताया जा रहा है कि बच्चे के जन्म से संबंधित एंट्री कराने के लिए जब आशा कार्यकर्ता जिला अस्पताल पहुंचीं, तब दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और बच्चे के वास्तविक जन्म स्थान में अंतर सामने आया। इसके बाद मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची और पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू की गई। प्रारंभिक पड़ताल में जिला अस्पताल के नाम से जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की बात सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि प्रमाण पत्र किस प्रक्रिया के तहत जारी किया गया और रिकॉर्ड में नवजात का जन्म स्थान जिला अस्पताल कैसे दर्ज हो गया। कलेक्टर के निर्देश पर जांच शुरू कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने शनिवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम संस्कृति लिटोरिया को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया, संबंधित रिकॉर्ड, ऑनलाइन एंट्री तथा प्रमाण पत्र जारी करने वाले जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं जन्म प्रमाण पत्र विभाग के नोडल अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी1
- जतारा लाडली जी के जयकारों से गूंजा जतारा, बिहारी जी मंदिर में धूमधाम से मनी राधा अष्टमी जतारा लाडली जी के जयकारों से गूंजा जतारा, बिहारी जी मंदिर में धूमधाम से मनी राधा अष्टमी1
- कैलपुरा में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई महुआ लहान किया नष्ट, थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में कार्रवाई कैलपुरा में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई महुआ लहान किया नष्ट, थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में कार्रवाई बल्देवगढ़। बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कैलपुरा में अवैध कच्ची शराब के निर्माण के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में शराब बनाने में उपयोग किए जाने वाले महुआ लहान को नष्ट कराया। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र में दबिश देकर मौके पर मौजूद महुआ लहान को नष्ट किया। पुलिस के अनुसार, महुआ लहान का उपयोग कच्ची शराब तैयार करने के लिए किया जाना था। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर लहान को नष्ट कराया और अवैध शराब निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाने की कार्रवाई की। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। कार्रवाई के दौरान एसआई जे.एन. भगत, प्रधान आरक्षक रविंद्र यादव, जितेंद्र राजपूत, पंकज खरे और मानवेंद्र सिंह मौजूद रहे। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव का कहना है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा कानून का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- दामोदर यादव भारी पुलिस सुरक्षा के बीच छतरपुर पहुंचते ही कहा छतरपुर में दामोदर यादव ने कहा कुछ आडंबरी बुंदेलखंड कि धरती को पाखंडी धरती बनाना चाहते हैं और हम संविधान कि धरती बनाने निकले हैं।1
- लुगासी चौकी si प्रमोद रोहित और पुलिस टीम के द्वारा साप्ताहिक शनिवार बाजार का भ्रमण किया जा रहा छतरपुर जिले के नौगांव थाना अंतर्गत लुगासी चौकी से एसआई प्रमोद रोहित और उनकी पूरी टीम अपने सराहनीय कार्यों की वजह से इन दिनों चर्चा और प्रशंसा का केंद्र बनी हुई है। नियमित गश्त और सुरक्षा: एसआई प्रमोद रोहित और उनकी टीम द्वारा हर शनिवार को लगने वाले लुगासी साप्ताहिक बाजार और क्षेत्र की हर गली में लगातार भ्रमण किया जाता है। जनसंवाद और सुरक्षा का भरोसा: बाजार में भ्रमण के दौरान पुलिस द्वारा दुकानदारों और आम जनता से बातचीत कर उनकी समस्याओं व सुविधाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है। 24/7 तत्परता: पुलिस बल द्वारा जनता को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर पुलिस चौबीसों घंटे ({24/7}) उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। पुलिस प्रशासन का यह कदम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता विशेषकर व्यापारियों एवं खरीदारों के मन में सुरक्षा की भावना भी पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रयास है तो वही क्षेत्र की जनता में si प्रमोद रोहित और उनकी टीम की के कार्यों की खूब सराहना की भी जा रही। Sklnews24 PRO Jansampark Chattarpur SP Chhatarpur Kamakhyapratapsingh Tika Raja Santosh Ahirwar Asp Journalist Pramod Rohit संतोष अहिरवार पत्रकार Sklnews24 नौगांव छतरपुर1
- छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र से लापता बैंक कर्मचारी राजू पाल का केन नदी में मिला शव1
- गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थलों का एसपी सुधीर अग्रवाल ने किया निरीक्षण टीआई प्रीति भार्गव को दिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के निर्देश पलेरा। गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को टीकमगढ़ एसपी सुधीर अग्रवाल पलेरा पहुंचे और नगर के विभिन्न गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थलों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने आगामी विसर्जन को लेकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी सुधीर अग्रवाल ने वार्ड क्रमांक एक स्थित पठेश्वरी मंदिर, पलेरा-नौगांव मार्ग सहित बेला धसान नदी एवं उर नदी क्षेत्र में पहुंचकर विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थल की स्थिति, पहुंच मार्ग तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने पलेरा थाना प्रभारी टीआई प्रीति भार्गव को निर्देशित किया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं। विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, आवागमन व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से विसर्जन संपन्न कराया जा सके। गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थलों का एसपी सुधीर अग्रवाल ने किया निरीक्षण टीआई प्रीति भार्गव को दिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के निर्देश पलेरा। गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को टीकमगढ़ एसपी सुधीर अग्रवाल पलेरा पहुंचे और नगर के विभिन्न गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थलों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने आगामी विसर्जन को लेकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी सुधीर अग्रवाल ने वार्ड क्रमांक एक स्थित पठेश्वरी मंदिर, पलेरा-नौगांव मार्ग सहित बेला धसान नदी एवं उर नदी क्षेत्र में पहुंचकर विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थल की स्थिति, पहुंच मार्ग तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने पलेरा थाना प्रभारी टीआई प्रीति भार्गव को निर्देशित किया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं। विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, आवागमन व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से विसर्जन संपन्न कराया जा सके।1