logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

Nepal Glacier Burst 2026 | नेपाल की सबसे भयानक बाढ़ का पहला वीडियो | Full Storyhttps://www.youtube.com/@A1-E_Vlog

8 hrs ago
user_Aevlogs
Aevlogs
Pharmacist सिसई, गुमला, झारखंड•
8 hrs ago

Nepal Glacier Burst 2026 | नेपाल की सबसे भयानक बाढ़ का पहला वीडियो | Full Storyhttps://www.youtube.com/@A1-E_Vlog

More news from झारखंड and nearby areas
  • 115 खाद्य प्रोडक्ट पर शिकंजा, कहीं आपकी पसंदीदा चीज तो नहीं! *भ्रामक दावों और मिस-लेबलिंग वाले 115 खाद्य उत्पादों पर गुमला प्रशासन सख्त; बाजार से हटाने का निर्देश, धारा 52 व 53 के तहत होगी कार्रवाई* गुमला:-भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), नई दिल्ली और अपर मुख्य सचिव-सह-खाद्य सुरक्षा आयुक्त, झारखंड के निर्देश पर अमानक, मिस-लेबलिंग और भ्रामक दावों (Misleading Claims) वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ राज्यव्यापी सघन जांच व प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया है। इस संबंध में अभिहित अधिकारी -सह- अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (खाद्य सुरक्षा शाखा), गुमला द्वारा सार्वजनिक नोटिस जारी कर कड़ा रुख अपनाया गया है।  FSSAI द्वारा नियमों के उल्लंघन और भ्रामक प्रचार को लेकर चिन्हित 115 उत्पादों/कंपनियों की सूची जारी करते हुए सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs), वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को इन उत्पादों के मौजूदा स्टॉक को बाजार से तुरंत वापस लेने (रिकॉल करने) का आदेश दिया गया है।  व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय, बिक्री रोकने की तैयारी इस रोक को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने हेतु आज अध्यक्ष चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स, गुमला एवं अध्यक्ष/सचिव, गुमला डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगस एसोसिएशन को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। प्रशासन ने व्यावसायिक संगठनों से अपील की है कि वे व्यापारियों और दवा विक्रेताओं के बीच जागरूकता फैलाएं ताकि ऐसे किसी भी भ्रामक उत्पाद की बिक्री जिले में न हो सके।  जांच के दायरे में आए प्रमुख ब्रांड्स और उत्पाद FSSAI की ओर से जारी सूची में कई बड़े और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं:  पतंजलि फूड्स लिमिटेड: पतंजलि दूध बिस्कुट (100% आटा होने का दावा)।  फेरेरो इंडिया: किंडर जॉय (मिल्क सॉलिड्स के भ्रामक दावे)।  मैरिको लिमिटेड: सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल (हार्ट-हेल्थ को लेकर भ्रामक दावे)।  एनर्जी व कैफीन युक्त पेय पदार्थ: स्टिंग एनर्जी, रेड बुल, मॉन्स्टर एनर्जी, हेल एनर्जी, एड्रेनालाईन रश, कैम्पा एनर्जी और गैटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक (कैफीनेटेड बेवरेज पर बिना उचित नियमों के 'एनर्जी ड्रिंक' या 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' नाम का इस्तेमाल)।  इमामी एग्रोटेक व अमूल: इमामी 'हेल्दी एंड टेस्टी' तेल और अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम।  अन्य उत्पाद: बिस्लेरी (एडेड मिनरल्स दावा), रॉ प्रेसर्री मैंगो ड्रिंक (बिना एडेड शुगर का भ्रामक दावा), मास्टरचाउ रेमन नूडल्स, लोटे चोको पाई, डाबर हार्ट केयर, विभिन्न कंपनियों के ब्राउन ब्रेड, टोफू एवं बेबी फूड उत्पाद।  लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई अभिहित अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने, भ्रामक विज्ञापन देने और गलत ब्रांडिंग करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 और 53 सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  आम जनता से अपील स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पैकेजिंग पर लिखे भ्रामक दावों व अधूरी न्यूट्रिशन जानकारी वाले उत्पादों को खरीदने से बचें। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को लगातार फील्ड विजिट कर इन उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
    1
    115 खाद्य प्रोडक्ट पर शिकंजा, कहीं आपकी पसंदीदा चीज तो नहीं!


*भ्रामक दावों और मिस-लेबलिंग वाले 115 खाद्य उत्पादों पर गुमला प्रशासन सख्त; बाजार से हटाने का निर्देश, धारा 52 व 53 के तहत होगी कार्रवाई*
गुमला:-भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), नई दिल्ली और अपर मुख्य सचिव-सह-खाद्य सुरक्षा आयुक्त, झारखंड के निर्देश पर अमानक, मिस-लेबलिंग और भ्रामक दावों (Misleading Claims) वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ राज्यव्यापी सघन जांच व प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया है। इस संबंध में अभिहित अधिकारी -सह- अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (खाद्य सुरक्षा शाखा), गुमला द्वारा सार्वजनिक नोटिस जारी कर कड़ा रुख अपनाया गया है।  
FSSAI द्वारा नियमों के उल्लंघन और भ्रामक प्रचार को लेकर चिन्हित 115 उत्पादों/कंपनियों की सूची जारी करते हुए सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs), वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को इन उत्पादों के मौजूदा स्टॉक को बाजार से तुरंत वापस लेने (रिकॉल करने) का आदेश दिया गया है।  
व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय, बिक्री रोकने की तैयारी
इस रोक को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने हेतु आज अध्यक्ष चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स, गुमला एवं अध्यक्ष/सचिव, गुमला डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगस एसोसिएशन को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। प्रशासन ने व्यावसायिक संगठनों से अपील की है कि वे व्यापारियों और दवा विक्रेताओं के बीच जागरूकता फैलाएं ताकि ऐसे किसी भी भ्रामक उत्पाद की बिक्री जिले में न हो सके।  
जांच के दायरे में आए प्रमुख ब्रांड्स और उत्पाद
FSSAI की ओर से जारी सूची में कई बड़े और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं:  
पतंजलि फूड्स लिमिटेड: पतंजलि दूध बिस्कुट (100% आटा होने का दावा)।  
फेरेरो इंडिया: किंडर जॉय (मिल्क सॉलिड्स के भ्रामक दावे)।  
मैरिको लिमिटेड: सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल (हार्ट-हेल्थ को लेकर भ्रामक दावे)।  
एनर्जी व कैफीन युक्त पेय पदार्थ: स्टिंग एनर्जी, रेड बुल, मॉन्स्टर एनर्जी, हेल एनर्जी, एड्रेनालाईन रश, कैम्पा एनर्जी और गैटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक (कैफीनेटेड बेवरेज पर बिना उचित नियमों के 'एनर्जी ड्रिंक' या 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' नाम का इस्तेमाल)।  
इमामी एग्रोटेक व अमूल: इमामी 'हेल्दी एंड टेस्टी' तेल और अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम।  
अन्य उत्पाद: बिस्लेरी (एडेड मिनरल्स दावा), रॉ प्रेसर्री मैंगो ड्रिंक (बिना एडेड शुगर का भ्रामक दावा), मास्टरचाउ रेमन नूडल्स, लोटे चोको पाई, डाबर हार्ट केयर, विभिन्न कंपनियों के ब्राउन ब्रेड, टोफू एवं बेबी फूड उत्पाद।  
लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
अभिहित अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने, भ्रामक विज्ञापन देने और गलत ब्रांडिंग करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 और 53 सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  
आम जनता से अपील
स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पैकेजिंग पर लिखे भ्रामक दावों व अधूरी न्यूट्रिशन जानकारी वाले उत्पादों को खरीदने से बचें। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को लगातार फील्ड विजिट कर इन उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    23 hrs ago
  • 3 एकड़ 30 डिसमिल जमीन को लेकर बड़ा विवाद.? #shorts #shortvideo #viralvideo #youtubeshorts #news
    1
    3 एकड़ 30 डिसमिल जमीन को लेकर बड़ा विवाद.? #shorts #shortvideo #viralvideo #youtubeshorts #news
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • *चकला में ग्रामसभा रद्द: दाले उरांव और रामचंद्र उरांव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन* *हिंडालको पर बिना ग्राम सभा खनन का आरोप, चकला पंचायत में ग्रामीणों का प्रदर्शन* *लातेहार/चंदवा* ओरिसा एलॉय स्टील की *चितरपुर (रिवाइज्ड) कोल माइंस* के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और कंपनी के बीच सहमति की प्रक्रिया होनी थी। इसके लिए *चितरपुर और बरवा टोली समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण* पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों के पहुंचने के बावजूद कंपनी और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों का नेतृत्व चितरपुर के *दाले उरांव और बरवा टोली के रामचंद्र उरांव* ने किया। ग्रामीणों ने चकला पंचायत की मुखिया से सवाल किया कि जब जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की सहमति की प्रक्रिया निर्धारित थी, तो कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभा की कार्यवाही को रद्द कर दिया। सभा स्थल पर ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *किसी भी कंपनी के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।* ग्रामीणों ने क्षेत्र में कंपनियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे अवैध कार्यों का भी विरोध करने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। *‘कंपनी काम निकलने के बाद पहचानती तक नहीं’* ग्रामीण नेता *रामचंद्र उरांव* ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनियां ग्रामीणों को सिर्फ अपने हित के लिए इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, “कंपनी सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करती है। काम निकल जाने के बाद लोगों को पहचानती तक नहीं है। मुझे कंपनी में नौकरी मिली है, लेकिन आज कोई पहचान नहीं है। अगर भविष्य में कोई विकट परिस्थिति आती है तो कंपनी हमें पहचानने से भी इंकार कर सकती है।” ग्रामीणों ने कहा कि जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, जंगल और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के किसी भी प्रयास का विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति, अधिकार और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को प्रस्तावित प्रक्रिया के दौरान कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी वे एकजुट होकर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। *हिंडालको की ओर से यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि ग्राम सभा हुई है या नहीं।*
    4
    *चकला में ग्रामसभा रद्द: दाले उरांव और रामचंद्र उरांव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन*

*हिंडालको पर बिना ग्राम सभा खनन का आरोप, चकला पंचायत में ग्रामीणों का प्रदर्शन*

*लातेहार/चंदवा*

ओरिसा एलॉय स्टील की *चितरपुर (रिवाइज्ड) कोल माइंस* के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और कंपनी के बीच सहमति की प्रक्रिया होनी थी। इसके लिए *चितरपुर और बरवा टोली समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण* पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों के पहुंचने के बावजूद कंपनी और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए।

ग्रामीणों का नेतृत्व चितरपुर के *दाले उरांव और बरवा टोली के रामचंद्र उरांव* ने किया। ग्रामीणों ने चकला पंचायत की मुखिया से सवाल किया कि जब जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की सहमति की प्रक्रिया निर्धारित थी, तो कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभा की कार्यवाही को रद्द कर दिया।

सभा स्थल पर ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *किसी भी कंपनी के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।* ग्रामीणों ने क्षेत्र में कंपनियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे अवैध कार्यों का भी विरोध करने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही।
*‘कंपनी काम निकलने के बाद पहचानती तक नहीं’*
ग्रामीण नेता *रामचंद्र उरांव* ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनियां ग्रामीणों को सिर्फ अपने हित के लिए इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, “कंपनी सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करती है। काम निकल जाने के बाद लोगों को पहचानती तक नहीं है। मुझे कंपनी में नौकरी मिली है, लेकिन आज कोई पहचान नहीं है। अगर भविष्य में कोई विकट परिस्थिति आती है तो कंपनी हमें पहचानने से भी इंकार कर सकती है।”

ग्रामीणों ने कहा कि जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, जंगल और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के किसी भी प्रयास का विरोध जारी रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति, अधिकार और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को प्रस्तावित प्रक्रिया के दौरान कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी वे एकजुट होकर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
*हिंडालको की ओर से यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि ग्राम सभा हुई है या नहीं।*
    user_MUKESH NATH
    MUKESH NATH
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    6 min ago
  • जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल लातेहार संवाददाता चंदवा (लातेहार)। कोल ब्लॉक के नाम पर आदिवासी अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। सोमवार को चकला में प्रस्तावित ग्राम सभा के विरोध में यही हुंकार सुनाई दी। प्रशासन ने ओडिशा एलायंस स्टील प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित हिंडालको कोल ब्लॉक की रिवाइज्ड माइंस के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर चकला गांव में ग्राम सभा का आदेश जारी किया था। ग्रामीणों को भनक लगी कि सभा रद्द कर दी गई है और उन्हें सूचना तक नहीं दी गई, तो आक्रोश फूट पड़ा। चकला, बरवाटोली, भुकुटोला समेत दर्जन भर प्रभावित गांवों के सैकड़ों ग्रामीण पंचायत भवन के सामने जमा हो गए। हाथों में तख्तियां और जुबां पर जल-जंगल-जमीन हमारा है, कंपनी वापस जाओ और ओडिशा एलायंस मुर्दाबाद के नारे गूंज उठे। मुखिया पूनम रंजिता एक्का ने कहा कि हिंडालको सहित कंपनियां बिना ग्राम सभा की सहमति के काम कर रही हैं, जो पेसा कानून और ग्राम सभा के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा, जमीन केवल टुकड़ा नहीं, हमारी रोजी-रोटी, पहचान और पीढ़ियों का भविष्य है, इसे नहीं देंगे। विरोध को देखते हुए कंपनी प्रतिनिधि और भू-अर्जन पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बिना सहमति अधिग्रहण हुआ तो आंदोलन तेज होगा। हालांकि खबर लिखे जाने तक ग्राम सभा के विषय में कंपनी की तरफ से स्पष्ट नहीं हुआ है।
    3
    जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल
जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल
लातेहार संवाददाता 
चंदवा (लातेहार)। कोल ब्लॉक के नाम पर आदिवासी अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। सोमवार को चकला में प्रस्तावित ग्राम सभा के विरोध में यही हुंकार सुनाई दी।
प्रशासन ने ओडिशा एलायंस स्टील प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित हिंडालको कोल ब्लॉक की रिवाइज्ड माइंस के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर चकला गांव में ग्राम सभा का आदेश जारी किया था। ग्रामीणों को भनक लगी कि सभा रद्द कर दी गई है और उन्हें सूचना तक नहीं दी गई, तो आक्रोश फूट पड़ा।
चकला, बरवाटोली, भुकुटोला समेत दर्जन भर प्रभावित गांवों के सैकड़ों ग्रामीण पंचायत भवन के सामने जमा हो गए। हाथों में तख्तियां और जुबां पर जल-जंगल-जमीन हमारा है, कंपनी वापस जाओ और ओडिशा एलायंस मुर्दाबाद के नारे गूंज उठे।
मुखिया पूनम रंजिता एक्का ने कहा कि हिंडालको सहित कंपनियां बिना ग्राम सभा की सहमति के काम कर रही हैं, जो पेसा कानून और ग्राम सभा के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा, जमीन केवल टुकड़ा नहीं, हमारी रोजी-रोटी, पहचान और पीढ़ियों का भविष्य है, इसे नहीं देंगे।
विरोध को देखते हुए कंपनी प्रतिनिधि और भू-अर्जन पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बिना सहमति अधिग्रहण हुआ तो आंदोलन तेज होगा। हालांकि खबर लिखे जाने तक ग्राम सभा के विषय में कंपनी की तरफ से स्पष्ट नहीं हुआ है।
    user_Mumtaz Mano Adhikar Press Chan
    Mumtaz Mano Adhikar Press Chan
    Farmer चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    45 min ago
  • पशु जन्म नियंत्रण एवं श्वान जनित घटनाओं की रोकथाम को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश एवं पशु जन्म नियंत्रण नियमावली, 2023 के अनुरूप समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश गुमला। उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में पशु जन्म नियंत्रण, श्वान जनित घटनाओं की रोकथाम, रेबीज नियंत्रण तथा पशु कल्याण से संबंधित विषयों की समीक्षा को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुमला के पुलिस उपाधीक्षक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों एवं पशु जन्म नियंत्रण नियमावली, 2023 के आलोक में जिले में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, आवारा कुत्तों की आबादी के नियंत्रण, नसबंदी एवं एंटी रेबीज टीकाकरण, डॉग बाइट की घटनाओं की रोकथाम, पशु क्रूरता पर नियंत्रण तथा पशु कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्वान जनित घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ पशुओं के प्रति मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। पशुओं के साथ क्रूरता किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में नगर परिषद एवं संबंधित स्थानीय निकायों को जिले में सघन पशु जन्म नियंत्रण अभियान चलाने, चिन्हित क्षेत्रों एवं हॉटस्पॉट में आवारा कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़कर नसबंदी, कृमिनाशक उपचार एवं एंटी रेबीज टीकाकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। उपचार एवं टीकाकरण के बाद स्वस्थ कुत्तों को नियमानुसार उसी क्षेत्र में वापस छोड़ने तथा आक्रामक एवं बीमार कुत्तों के लिए निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप शेल्टर होम में रखने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने आक्रामक आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम की उपलब्धता एवं आवश्यकता का आकलन करते हुए भूमि, क्षमता, आधारभूत संरचना, उपकरण एवं मानव संसाधन से संबंधित आवश्यकताओं को उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देश दिया गया। साथ ही, जिले में वार्डवार आवारा कुत्तों के लिए निर्धारित फीडिंग जोन चिन्हित कर आवश्यक सूचना-पट्ट लगाने तथा नागरिकों एवं पशु प्रेमियों को निर्धारित स्थानों पर ही पशुओं को भोजन कराने के लिए जागरूक करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को डॉग बाइट के मामलों में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के प्रावधानों के अनुरूप एंटी रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यकतानुसार रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक प्रोटोकॉल के संबंध में प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। डॉग बाइट से संबंधित मामलों का समुचित अभिलेखीकरण एवं डाटा रिपोर्टिंग करने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि डॉग बाइट की घटना होने पर नागरिकों को तत्काल प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेने के संबंध में जागरूक किया जाए। काटने वाले कुत्ते की, जहां संभव हो, निर्धारित अवधि तक निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संबंधित मामले की सूचना स्थानीय निकाय एवं संबंधित विभाग को देने की व्यवस्था विकसित की जाए। पालतू पशुओं के संबंध में उपायुक्त ने अनिवार्य पंजीकरण एवं वार्षिक एंटी रेबीज टीकाकरण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। पालतू कुत्तों के मालिकों को पशु नियंत्रण, टीकाकरण एवं सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित निर्धारित नियमों के पालन के लिए जागरूक करने को कहा गया। पशु क्रूरता से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग एवं संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में भारतीय न्याय संहिता सहित पशु क्रूरता से संबंधित लागू कानूनी प्रावधानों के अनुपालन तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को जिले में पशु जन्म नियंत्रण एवं रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए नोडल समन्वय एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। साथ ही ABC केंद्रों एवं शेल्टर होम निर्माण हेतु निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों के निराकरण पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आगामी माह के लिए पशु जन्म नियंत्रण अभियान के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा सघन जनजागरूकता अभियान की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पशु जन्म नियंत्रण, रेबीज की रोकथाम, नागरिकों की सुरक्षा और पशु कल्याण इन सभी पहलुओं को साथ लेकर समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करते हुए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया एवं सक्षम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
    2
    पशु जन्म नियंत्रण एवं श्वान जनित घटनाओं की रोकथाम को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश एवं पशु जन्म नियंत्रण नियमावली, 2023 के अनुरूप समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश
गुमला। उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में पशु जन्म नियंत्रण, श्वान जनित घटनाओं की रोकथाम, रेबीज नियंत्रण तथा पशु कल्याण से संबंधित विषयों की समीक्षा को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुमला के पुलिस उपाधीक्षक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों एवं पशु जन्म नियंत्रण नियमावली, 2023 के आलोक में जिले में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, आवारा कुत्तों की आबादी के नियंत्रण, नसबंदी एवं एंटी रेबीज टीकाकरण, डॉग बाइट की घटनाओं की रोकथाम, पशु क्रूरता पर नियंत्रण तथा पशु कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्वान जनित घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ पशुओं के प्रति मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। पशुओं के साथ क्रूरता किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में नगर परिषद एवं संबंधित स्थानीय निकायों को जिले में सघन पशु जन्म नियंत्रण अभियान चलाने, चिन्हित क्षेत्रों एवं हॉटस्पॉट में आवारा कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़कर नसबंदी, कृमिनाशक उपचार एवं एंटी रेबीज टीकाकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। उपचार एवं टीकाकरण के बाद स्वस्थ कुत्तों को नियमानुसार उसी क्षेत्र में वापस छोड़ने तथा आक्रामक एवं बीमार कुत्तों के लिए निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप शेल्टर होम में रखने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने आक्रामक आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम की उपलब्धता एवं आवश्यकता का आकलन करते हुए भूमि, क्षमता, आधारभूत संरचना, उपकरण एवं मानव संसाधन से संबंधित आवश्यकताओं को उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देश दिया गया। साथ ही, जिले में वार्डवार आवारा कुत्तों के लिए निर्धारित फीडिंग जोन चिन्हित कर आवश्यक सूचना-पट्ट लगाने तथा नागरिकों एवं पशु प्रेमियों को निर्धारित स्थानों पर ही पशुओं को भोजन कराने के लिए जागरूक करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग को डॉग बाइट के मामलों में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के प्रावधानों के अनुरूप एंटी रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यकतानुसार रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक प्रोटोकॉल के संबंध में प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। डॉग बाइट से संबंधित मामलों का समुचित अभिलेखीकरण एवं डाटा रिपोर्टिंग करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि डॉग बाइट की घटना होने पर नागरिकों को तत्काल प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेने के संबंध में जागरूक किया जाए। काटने वाले कुत्ते की, जहां संभव हो, निर्धारित अवधि तक निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संबंधित मामले की सूचना स्थानीय निकाय एवं संबंधित विभाग को देने की व्यवस्था विकसित की जाए।
पालतू पशुओं के संबंध में उपायुक्त ने अनिवार्य पंजीकरण एवं वार्षिक एंटी रेबीज टीकाकरण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। पालतू कुत्तों के मालिकों को पशु नियंत्रण, टीकाकरण एवं सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित निर्धारित नियमों के पालन के लिए जागरूक करने को कहा गया।
पशु क्रूरता से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग एवं संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में भारतीय न्याय संहिता सहित पशु क्रूरता से संबंधित लागू कानूनी प्रावधानों के अनुपालन तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पर भी चर्चा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को जिले में पशु जन्म नियंत्रण एवं रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए नोडल समन्वय एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। साथ ही ABC केंद्रों एवं शेल्टर होम निर्माण हेतु निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों के निराकरण पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आगामी माह के लिए पशु जन्म नियंत्रण अभियान के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा सघन जनजागरूकता अभियान की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पशु जन्म नियंत्रण, रेबीज की रोकथाम, नागरिकों की सुरक्षा और पशु कल्याण इन सभी पहलुओं को साथ लेकर समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करते हुए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया एवं सक्षम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    2 hrs ago
  • road broken
    2
    road broken
    user_Aarav kumar
    Aarav kumar
    खेलारी, रांची, झारखंड•
    4 hrs ago
  • मरल पत्थर से गढ़वाल बनाने का काम तेज जिम्मेदार कौन.?😱 #shorts #shortvideo #viralvideo #road #news
    1
    मरल पत्थर से गढ़वाल बनाने का काम तेज जिम्मेदार कौन.?😱 #shorts #shortvideo #viralvideo #road #news
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध
    1
    लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध
    user_Ashish Kumar Baidya
    Ashish Kumar Baidya
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    9 hrs ago
  • रातू तिगरा में बनी 2.75 करोड़ का पुल व सड़क निर्माण में अनियमितता पहली बरसात में ही खुल गई निर्माण की पोल, दीवार में पड़ी दरार जांच की उठी मांग
    1
    रातू तिगरा में बनी 2.75 करोड़ का पुल व सड़क निर्माण में अनियमितता
 पहली बरसात में ही खुल गई निर्माण की पोल,  दीवार में पड़ी दरार जांच की उठी मांग
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.