हरदोई में जिलाधिकारी आवास के पीछे स्थित सड़क की बदहाल स्थिति सरकारी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। इसी महत्वपूर्ण मार्ग पर वाणिज्य कर विभाग, वन विभाग और जिला उद्योग केंद्र समेत कई सरकारी कार्यालय व जिला स्तरीय अधिकारियों के आवास मौजूद हैं। इसके बावजूद यह सड़क जगह-जगह से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मार्ग आजाद नगर मोहल्ले को भी जोड़ता है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों को हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिले के प्रमुख अधिकारियों के आवास और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों तक जाने वाली सड़क की यह जर्जर हालत है, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। आक्रोशित नागरिकों ने संबंधित विभाग से इस सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। हालांकि, हरदोई जिला प्रशासन की वेबसाइट पर लोक निर्माण विभाग की सड़क मरम्मत योजनाओं का उल्लेख होने से नागरिकों को यह उम्मीद है कि इस मार्ग को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
हरदोई में जिलाधिकारी आवास के पीछे स्थित सड़क की बदहाल स्थिति सरकारी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। इसी महत्वपूर्ण मार्ग पर वाणिज्य कर विभाग, वन विभाग और जिला उद्योग केंद्र समेत कई सरकारी कार्यालय व जिला स्तरीय अधिकारियों के आवास मौजूद हैं। इसके बावजूद यह सड़क जगह-जगह से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मार्ग आजाद नगर मोहल्ले को भी जोड़ता है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों को हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिले के प्रमुख अधिकारियों के आवास और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों तक जाने वाली सड़क की यह जर्जर हालत है, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। आक्रोशित नागरिकों ने संबंधित विभाग से इस सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। हालांकि, हरदोई जिला प्रशासन की वेबसाइट पर लोक निर्माण विभाग की सड़क मरम्मत योजनाओं का उल्लेख होने से नागरिकों को यह उम्मीद है कि इस मार्ग को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
- मंटू वर्मा की ओर से डॉ. भीमराव अंबेडकर पर एक नया गाना पेश किया गया है। मंटू वर्मा ने इस नए गाने को लेकर लोगों से अपनी प्रतिक्रिया साझा करने की अपील की है। उन्होंने श्रोताओं से पूछा है कि यह गाना किन लोगों को अच्छा लगा और किन लोगों को खराब लगा है। साथ ही, मंटू वर्मा ने लोगों से लाइक, सब्सक्राइब और कमेंट करने का आग्रह किया है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की अदालत ने एक सनसनीखेज मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। इस दोषी ने महज डेढ़ साल के मासूम बच्चे को बेहद बर्बरता के साथ जमीन पर पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया था, जिस पर अब कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला दे दिया है। इस पूरे मामले में पुलिस और न्यायपालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न्याय की एक बड़ी मिसाल पेश की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सिर्फ 6 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज और गवाह सबसे अहम सबूत बने, जिसके आधार पर अदालत ने करीब 41 दिनों के भीतर ही दोषी को फांसी की सजा का एलान कर दिया। ऐसे जघन्य अपराधों में क्या फांसी की सजा ही सबसे उचित सजा है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।1
- कन्नौज जिले की सरकारी मक्का खरीद व्यवस्था गंभीर आरोपों के घेरे में है। सौरिख थाना क्षेत्र के सकरावा रोड स्थित चन्द्रा सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर रात के अंधेरे में मक्का तौलने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय किसानों का दावा है कि केंद्र दिन में बंद रहता है, लेकिन रात होते ही वहां बिचौलियों की मक्का की बोरियां तौली और खरीदी जाती हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों का मूल उद्देश्य उन्हें उनकी उपज का उचित दाम दिलाना है, लेकिन इसके विपरीत असली किसान केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं, बिचौलियों की फसल रात के अंधेरे में बिना किसी परेशानी के खरीदी जा रही है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों ने सवाल उठाया है कि यदि यह खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो फिर रात में तौल करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने इस व्यवस्था को बिचौलियों के हवाले करने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करेंगे। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर खरीद केंद्र के प्रभारी या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।1
- हरदोई के माधौगंज में चोरों ने दस्तक देते हुए रूदामऊ के ग्राम प्रधान अनुज कुमार के नए घर को अपना निशाना बनाया है। चोर इस घर से कीमती सामान समेट ले गए, जिसमें एक जोड़ी पायल, एक मंगलसूत्र, कमर की एक हाफपेटी, एक जोड़ी झाला, पीतल के बर्तन और पैतालीस हजार रुपये की नगदी शामिल है। दूसरी तरफ, पटेल नगर पश्चिमी में सरस्वती ज्ञान मंदिर के पास भी चोर देखे गए हैं, जिसकी जानकारी सीसीटीवी फुटेज के जरिए सामने आई है। जब इस घटना को लेकर एसएचओ विजय कुमार से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चोरों के इस तरह बेखौफ प्रवेश से स्पष्ट हो रहा है कि रात के समय पुलिस निष्क्रियता बरत रही है और माधौगंज की जनता को अपनी सुस्ती का अहसास करा रही है। अब देखना यह है कि पुलिस ग्राम प्रधान के यहां हुई इस चोरी का खुलासा कब तक कर पाती है।1
- हरदोई के अतरौली थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में वांछित ₹25 हजार के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अंजाम दिया है। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 189/2026 में गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (गैंगस्टर) अधिनियम के तहत वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के विरुद्ध उनका यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- हरदोई नगर में हुई भारी बारिश और उसके बाद पैदा हुए जलभराव की स्थिति पर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। जलभराव को लेकर विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए जा रहे तीखे सवालों पर नगरपालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्रा 'मधुर' ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विपक्षी नेताओं के आरोपों का सामना करते हुए उन पर जोरदार पलटवार किया है।1
- हरदोई के संडीला क्षेत्र में स्थित लायंस स्कूल प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिससे मासूम बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह से दांव पर लगी हुई है। छुट्टी होने और स्कूल आने के समय यहाँ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बिना किसी सुरक्षा के ही बेहद व्यस्त हाईवे पार करना पड़ता है। इस हाईवे पर चौबीसों घंटे तेज रफ्तार में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही बनी रहती है, जिससे बच्चों की जान को हर वक्त खतरा बना रहता है। हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद स्कूल प्रशासन ने बच्चों को सड़क पार कराने के लिए किसी भी गार्ड या सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं की है। बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। स्कूल के इस अड़ियल रवैये से नाराज परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। वे चाहते हैं कि लापरवाह स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर स्पीड ब्रेकर तथा सुरक्षाकर्मी की तैनाती जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए।1