पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड अंतर्गत आदर्श मध्य विद्यालय जलालगढ़ में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बाल संसद का गठन किया गया है। चुनाव की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न मंत्री पदों के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के चिन्ह पर निशान लगाकर मतदान किया और अपने मंत्रियों का चयन किया। इस चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में साथी संस्था की विद्यालय मेंटर नूतन कुमारी, स्वयंसेवक गणेश कुमार और मुन्नी कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, विद्यालय की शिक्षिका माधुरी कुमारी ने पीठासीन अधिकारी के रूप में चुनाव संपन्न करवाया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी के साथ शिक्षक अशोक कुमार ठाकुर, आशा कुमारी, पिंकी कुमारी और सुशीला कुमारी भी मौजूद रहीं। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। शिक्षिका माधुरी कुमारी सहित अन्य शिक्षकों ने इसे बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड अंतर्गत आदर्श मध्य विद्यालय जलालगढ़ में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बाल संसद का गठन किया गया है। चुनाव की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न मंत्री पदों के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के चिन्ह पर निशान लगाकर मतदान किया और अपने मंत्रियों का चयन किया। इस चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में साथी संस्था की विद्यालय मेंटर नूतन कुमारी, स्वयंसेवक गणेश कुमार और मुन्नी कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, विद्यालय की शिक्षिका माधुरी कुमारी ने पीठासीन अधिकारी के रूप में चुनाव संपन्न करवाया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी के साथ शिक्षक अशोक कुमार ठाकुर, आशा कुमारी, पिंकी कुमारी और सुशीला कुमारी भी मौजूद रहीं। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। शिक्षिका माधुरी कुमारी सहित अन्य शिक्षकों ने इसे बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
- पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड अंतर्गत आदर्श मध्य विद्यालय जलालगढ़ में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बाल संसद का गठन किया गया है। चुनाव की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न मंत्री पदों के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के चिन्ह पर निशान लगाकर मतदान किया और अपने मंत्रियों का चयन किया। इस चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में साथी संस्था की विद्यालय मेंटर नूतन कुमारी, स्वयंसेवक गणेश कुमार और मुन्नी कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, विद्यालय की शिक्षिका माधुरी कुमारी ने पीठासीन अधिकारी के रूप में चुनाव संपन्न करवाया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी के साथ शिक्षक अशोक कुमार ठाकुर, आशा कुमारी, पिंकी कुमारी और सुशीला कुमारी भी मौजूद रहीं। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। शिक्षिका माधुरी कुमारी सहित अन्य शिक्षकों ने इसे बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।1
- line ek Mahina se light nahin ja raha hai1
- एक व्यक्ति ने लोगों से निवेदन किया है कि संबंधित रोड पर शीघ्र कार्रवाई की जाए।1
- अररिया जिले में गुरुवार को बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। त्योहार के दौरान सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत जिला पदाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिले भर में कुल 240 स्थानों पर दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती की गई है। इनमें से 139 जगहों पर अररिया अनुमंडल में और 101 जगहों पर फारबिसगंज अनुमंडल में सुरक्षा बल मुस्तैद रहेंगे ताकि शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।1
- अररिया जिले में एक लॉज के भीतर घुसकर एक छात्र पर हमला किया गया है। इस घटना के संबंध में SDPO ने जानकारी दी है कि इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।1
- अररिया में एक लॉज के अंदर घुसकर एक छात्र पर हमला किया गया है। इस घटना के संबंध में SDPO ने बयान दिया है कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।1
- अररिया के एक पॉलिटेक्निक कॉलेज में रैगिंग का एक खौफनाक और बर्बर चेहरा सामने आया है। एक छात्र को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह फट गया, साथ ही उसके पूरे शरीर पर गहरे जख्म हो गए। यह घटना बेहद चिंताजनक है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि इस तरह की घटनाएं, जो आमतौर पर बड़े शहरों और बड़े कॉलेजों में सुनने को मिलती थीं, अब बिहार में भी शुरू हो गई हैं, जिससे समाज में गहरा सदमा और सवाल पैदा हो गए हैं।1