Shuru
Apke Nagar Ki App…
छाताबाद भू-धंसान पर कोयला भवन की वार्ता रही बेनतीजा पीड़ितों का दर्द और गुस्सा फिर आया सामने मुआवजा-पुनर्वास की मांग पर शहाबुद्दीन का आंदोलन तेज हक की लड़ाई में बोले—पीछे हटने का सवाल ही नहीं
जनता न्यूज़ 24
छाताबाद भू-धंसान पर कोयला भवन की वार्ता रही बेनतीजा पीड़ितों का दर्द और गुस्सा फिर आया सामने मुआवजा-पुनर्वास की मांग पर शहाबुद्दीन का आंदोलन तेज हक की लड़ाई में बोले—पीछे हटने का सवाल ही नहीं
More news from झारखंड and nearby areas
- झीलिया डायवर्सन फिर बारिश में बहा, 50 हजार लोगों पर पेयजल संकट; ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया आक्रोश* लोकेशन : निरस : कुमारधुबी ओपी क्षेत्र के शंकर टॉकीज के समीप झीलिया पुल के पास बना डायवर्सन एक बार फिर मूसलाधार बारिश की भेंट चढ़ गया। डायवर्सन के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही जलापूर्ति पाइपलाइन भी बह गई, जिससे कुमारधुबी, शिब्लीबाड़ी, कालीमंडा, चिरकुंडा समेत आसपास के इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। इससे करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति पाइप टूटने के कारण इलाके में पानी की समस्या बनी हुई थी। सोमवार को जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी की पहल पर उनके निजी खर्च से पाइपलाइन की मरम्मत कराई गई थी। हालांकि, सोमवार रात हुई तेज बारिश ने डायवर्सन सड़क के साथ-साथ मरम्मत की गई पाइपलाइन को भी बहा दिया। इसके बाद क्षेत्र में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। डायवर्सन क्षतिग्रस्त होने से मैथन-कुमारधुबी और चिरकुंडा के बीच आवागमन भी प्रभावित हुआ है। ऑटो और टोटो चालकों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बार-बार डायवर्सन और जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के लिए PHED, PWD विभाग और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन बार डायवर्सन क्षतिग्रस्त होने के बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की गई। उनका यह भी कहना है कि स्थानीय स्तर के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना जरूरी नहीं समझा। लगातार बढ़ती परेशानी के बीच मंगलवार को बारिश के बावजूद ग्रामीण सड़क पर उतर आए। जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शिब्लीबाड़ी पुराने चेकपोस्ट के समीप सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सड़क जाम की सूचना मिलने पर PHED विभाग के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक दिन के भीतर जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। वहीं, माले नेता नागेंद्र कुमार ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर यातायात और जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भाकपा माले के बैनर तले जोरदार आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की नजर विभाग के आश्वासन पर है। अब देखना होगा कि एक दिन में जलापूर्ति बहाल होती है या फिर 50 हजार लोगों को पेयजल संकट से राहत के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।5
- जामताड़ा में SIR की समीक्षा, सीईओ ने दिए पारदर्शी एवं निष्पक्ष पुनरीक्षण के निर्देश जामताड़ा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर मंगलवार देर शाम परिसदन सभागार, जामताड़ा में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के. रवि कुमार ने की। उन्होंने जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्र 08-नाला और 09-जामताड़ा के ईआरओ एवं एईआरओ से पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार भी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दावा एवं आपत्ति से संबंधित मामलों में समय पर नोटिस तामिला कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक व्यक्ति की पात्रता का सत्यापन जरूरी है। यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित मतदाता भारत का नागरिक हो, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का हो और संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का निवासी हो। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए और किसी विदेशी नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। के. रवि कुमार ने आवेदन, दावा-आपत्ति, नोटिस एवं उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की गहन जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले का निष्पादन तथ्यों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्पष्ट एवं सकारण आदेश के माध्यम से किया जाए। सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर भी दिया जाए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नजरी नक्शे के सही सत्यापन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने ईआरओ को नजरी नक्शे के साथ गृह संख्या और नोशनल नंबर का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने का निर्देश दिया, ताकि एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में विभाजित न हों। उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य शुद्ध, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है। मतदाताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए और किसी भी शिकायत या समस्या का त्वरित एवं नियमानुसार समाधान किया जाए। बैठक के दौरान उपायुक्त आलोक कुमार ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को शॉल ओढ़ाकर एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। मौके पर ईआरओ 08 नाला सह अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, ईआरओ 09 जामताड़ा सह अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सत्यप्रकाश, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पंकज कुमार रवि, उप निर्वाचन पदाधिकारी कयूम अंसारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सभी प्रखंडों के एईआरओ उपस्थित रहे।1
- जामताड़ा समाचार:24 घंटे से रुक-रुककर बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त; धान किसानों के लिए बारिश बनी वरदान3
- कर्माटांड़ शिव मंदिर में धूमधाम से मनाया गया सावन का तीसरा सोमवार, भजन-कीर्तन और महाआरती के साथ हुआ प्रसादी का वितरण 1
- सीधा बरा में 15 अगस्त का धमाल! ⚽🔥 फुटबॉल मुकाबले में उमड़ा जनसैलाब, मैदान में किसने मारी बाज़ी? सीधा बरा, झारखंड से देखिए 15 अगस्त के खास मौके पर आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता की एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट। मैदान में खिलाड़ियों का जोश, दर्शकों का भारी हुजूम और मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर खिलाड़ियों, आयोजकों और दर्शकों से खास बातचीत की और जाना कि इस रोमांचक मुकाबले को लेकर लोगों की क्या राय है। आखिर किस टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और किसने मारी बाज़ी? पूरी कहानी और मैदान का माहौल जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें। 📍 स्थान: सीधा बरा, झारखंड ⚽ कार्यक्रम: 15 अगस्त फुटबॉल प्रतियोगिता 🎤 ग्राउंड रिपोर्ट: सच तक झारखंड न्यूज वीडियो पसंद आए तो Like 👍, Share 🔄 और Page को Follow जरूर करें। आपकी एक Follow हमारे लिए बड़ी ताकत है। ❤️1
- लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त, बाजारों में पसरा सन्नाटा सिल्ली:-सिल्ली में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।अनवरत बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई है और कई इलाकों में जल जमाव की समस्या से आवागमन में परेशानियां हो रही है।बारिश के कारण व्यापार पर भी काफी असर पड़ा है।कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।स्वर्णरेखा नदी का भी जल स्तर काफी बढ़ गया है।कई घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोगों को काफी कठिनाइयां हो रही है।कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई है,जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से कई बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और व्यापार पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि हो रही बारिश से जहां गर्मी और उमस से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जल जमाव होने की समस्या खड़ी हो गई है।1
- मैथन भारी बारिश में डायवर्सन रोड टूटने से हजारों लोगों की परेशानी लगातार हो रही भारी बारिश के बीच डायवर्सन रोड का टूट जाना बेहद निंदनीय और गंभीर घटना है। डायवर्सन रोड टूटने से आम लोगों के आवागमन का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है। बताया जा रहा है कि करीब 50,000 लोगों तक पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। रास्ता बंद होने के कारण ऑटो और टेंपो चालकों की रोज़ी-रोटी पर भी सीधा असर पड़ा है। लोग बाइक और अन्य वाहनों से भी आसानी से आवागमन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, इस समय मनसा पूजा का बड़ा पर्व होने के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वैकल्पिक रास्ते और पानी की व्यवस्था की जाए तथा पुल की जल्द से जल्द मरम्मत कराकर आवागमन बहाल किया जाए। जनता की परेशानी को नजरअंदाज न करें—तुरंत कार्रवाई करें। #भारीबारिश #पुलटूटा #जनसमस्या #पानीकीसमस्या #मनसापूजा #जनताकीआवाज #प्रशासन #आवागमनl3
- हिंगलो नदी का जलस्तर बढ़ने से गढ़शिमला काली मंदिर में घुसा पानी, पूजा-पाठ प्रभावित जामताड़ा:लगातार हो रही बारिश के कारण कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के गढ़शिमला गांव में हिंगलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का पानी बढ़ने से गांव स्थित प्रसिद्ध गढ़शिमला काली मंदिर परिसर में पानी प्रवेश कर गया है। मंदिर परिसर में पानी जमा होने से पुजारियों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के बाद हिंगलो नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी मंदिर की ओर पहुंच गया। पानी मंदिर परिसर में जमा होने के साथ ही मंदिर के अंदर भी प्रवेश कर गया, जिससे प्रतिदिन होने वाली पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान प्रभावित हो रहे हैं। पुजारियों को पूजा कराने के साथ-साथ मंदिर की साफ-सफाई में भी काफी दिक्कत हो रही है। वहीं, मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी जलजमाव के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। मंदिर के आसपास लगातार पानी जमा रहने से आवागमन भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हिंगलो नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मंदिर परिसर में पानी घुसने की समस्या सामने आती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने तथा भविष्य में नदी का पानी मंदिर में प्रवेश न करे, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर गांव के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में बरसात के दिनों में बार-बार पानी घुसने की समस्या का स्थायी समाधान होना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं और पुजारियों को परेशानी न हो तथा नियमित पूजा-पाठ सुचारु रूप से जारी रह सके।2
- शिवभक्ति में डूबा बाबा धाम, तीसरी सोमवारी पर सुबह से देर रात तक जारी रहा जलार्पण। राजकीय श्रावणी मेला-2026 के 19वें दिन सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा नगरी देवघर शिवभक्तों की आस्था से सराबोर रही। अहले सुबह से ही बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा शहर हर-हर महादेव व बोल बम के जयकारों से गूंज उठा। जिला प्रशासन के अनुसार सोमवार को सुबह 4:15 बजे सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू किया गया, जो देर रात तक जारी रहा। प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक कुल 3,61,679 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ को गंगाजल अर्पित किया। इनमें 2,09,856 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा तथा 1,29,532 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से जलार्पण किया। सुल्तानगंज से कांवर लेकर देवघर पहुंचे लाखों कांवरियों की कतार नंदन पहाड़, बीएड कॉलेज से लेकर करीब सात किलोमीटर दूर चमारीडीह तक नजर आई। केसरिया वस्त्रों में सजे कांवरियों की भीड़, ढोल-नगाड़ों की गूंज और बोल बम के जयघोष से बाबा नगरी का माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। तीसरी सोमवारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। जगह-जगह पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, विश्राम स्थल और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। दंडाधिकारियों की निगरानी में कांवरियों की कतार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया गया। प्रशासन ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रावणी मेले के आगामी दिनों में भी इसी तरह की व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।1