बिहार के भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जांच की प्रगति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इस दौरान उन्होंने अब तक दर्ज किए गए बयानों, जुटाए गए साक्ष्यों और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। आयोग के सचिव ने बताया कि विभिन्न पक्षों के बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित दस्तावेजों की बेहद गहनता से जांच की जा रही है। इस पूरी जांच को निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मामले के हर पहलू की विस्तार से पड़ताल कर सत्य तक पहुंचना है। हालांकि, आयोग ने अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने या किसी का दोष तय किए जाने की घोषणा नहीं की है। इस मामले में जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है और आगे भी आवश्यक गवाहों एवं साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।
बिहार के भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जांच की प्रगति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इस दौरान उन्होंने अब तक दर्ज किए गए बयानों, जुटाए गए साक्ष्यों और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। आयोग के सचिव ने बताया कि विभिन्न पक्षों के बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित दस्तावेजों की बेहद गहनता से जांच की जा रही है। इस पूरी जांच को निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मामले के हर पहलू की विस्तार से पड़ताल कर सत्य तक पहुंचना है। हालांकि, आयोग ने अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने या किसी का दोष तय किए जाने की घोषणा नहीं की है। इस मामले में जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है और आगे भी आवश्यक गवाहों एवं साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।
- भोजपुर के आरा में इंकलाब की ओर बढ़ने का एक ज़ोरदार आह्वान किया गया है, जिसमें सीधे तौर पर फालतू की बकवास बंद कर हिम्मत दिखाने की बात कही गई है। इस क्रांतिकारी संदेश में लोगों को ललकारते हुए कहा गया है कि चाहे लाठी-डंडा खाना पड़े, लेकिन हर हाल में आरक्षण दिलाना होगा।1
- बिहार के भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जांच की प्रगति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इस दौरान उन्होंने अब तक दर्ज किए गए बयानों, जुटाए गए साक्ष्यों और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। आयोग के सचिव ने बताया कि विभिन्न पक्षों के बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित दस्तावेजों की बेहद गहनता से जांच की जा रही है। इस पूरी जांच को निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मामले के हर पहलू की विस्तार से पड़ताल कर सत्य तक पहुंचना है। हालांकि, आयोग ने अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने या किसी का दोष तय किए जाने की घोषणा नहीं की है। इस मामले में जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है और आगे भी आवश्यक गवाहों एवं साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।1
- 16 जुलाई 2026 को भोजपुर जिले के आरा में स्थित ऐतिहासिक श्री हनुमान मंदिर, बड़ी मठिया परिसर के भीतर महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा पूरी आस्था, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर रथ खींचने के लिए मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और शहर के विशिष्ट लोग उमड़ पड़े। इस भव्य धार्मिक आयोजन को पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के प्रधान शिष्य पूज्य अयोध्यानाथ स्वामी जी महाराज की अध्यक्षता और देख-रेख में गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। रथ यात्रा के गूढ़ महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूज्य अयोध्यानाथ स्वामी जी महाराज ने बताया कि रथ पर सवार जगन्नाथ जी के दर्शन मात्र से मनुष्य जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है, जैसा कि शास्त्रों में वर्णित है- "रथे तु वामनं दृष्ट्वा पुनर्जन्म न विद्यते।" उन्होंने इस उत्सव को समानता का संदेश देने वाला बताते हुए कहा कि आज के दिन स्वयं प्रभु गर्भगृह से बाहर आकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं, जहाँ अमीर-गरीब या जाति का कोई भेदभाव नहीं होता। इसके पीछे की पौराणिक कथा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा को पूरा करने के लिए प्रभु जगन्नाथ और बलभद्र जी उन्हें रथ पर बैठाकर निकले थे, और तभी से यह पावन परंपरा निरंतर चली आ रही है। इस भव्य उत्सव के दौरान एकत्रित भक्तों ने मंदिर परिसर के भीतर ही अत्यंत श्रद्धापूर्वक रथ को खींचा। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना, भव्य आरती और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण के साथ इस पावन रथ यात्रा उत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ।1
- आरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और आरएसएस (RSS) पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक आक्रोश मार्च निकाला। इस जोरदार प्रदर्शन के दौरान मोदी सरकार का पुतला दहन किया गया। कांग्रेस ने इस दौरान मुख्य रूप से राम मंदिर चढ़ावा मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग उठाई है।1
- भोजपुर जिले के आरा से बेटियों के मान-सम्मान और उनके प्रति अटूट प्रेम को दर्शाता एक बेहद खूबसूरत संदेश सामने आया है। इस स्नेहपूर्ण संदेश में बेटियों को घर की साक्षात लक्ष्मी का रूप बताया गया है। इसके साथ ही, 'राधे राधे' के जयकारे के साथ पिता की इस प्यारी बच्ची के प्रति गहरा दुलार और सम्मान व्यक्त किया गया है।1
- बिहार की अगिआंव विधानसभा से भाजपा विधायक महेश पासवान पर केवल दूसरों के काम का क्रेडिट लेने का आरोप लगा है। अगिआंव के विधायक महेश पासवान के बारे में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वे खुद काम करने के बजाय हमेशा दूसरे का क्रेडिट लेने का ही कार्य करते हैं।1
- बिहार के पटना जिले के बिहटा में संजय यादव हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। इस हत्याकांड को लेकर लगातार न्याय की मांग की जा रही है। वहीं इस मामले को लेकर विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार को घेरा है और संजय यादव हत्याकांड में न्याय की मांग की है।1
- भोजपुर के आरा से तीखा आक्रोश जताते हुए सीधे तौर पर कहा गया है कि आंदोलनकारियों को कुचलना ही संविधान को कुचलना है। चमचों को ललकारते हुए दोटूक लहजे में चेतावनी दी गई है कि वे इस बात को अच्छी तरह से समझ लें।1