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ईद उल अजहा के अवसर पर दिल्ली पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से सतर्क और सजग है। स्थिति की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में गश्त की है। दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और क्षेत्र की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किए गए पुख्ता इंतजामों पर भरोसा रखें।
Vijay kapoor
ईद उल अजहा के अवसर पर दिल्ली पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से सतर्क और सजग है। स्थिति की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में गश्त की है। दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और क्षेत्र की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किए गए पुख्ता इंतजामों पर भरोसा रखें।
More news from East Delhi and nearby areas
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया है कि स्टेशन पर एक व्यक्ति को देखते ही उसका 'साला' भागने लगा। पोस्ट के लेखक ने इस घटना के आगे के दृश्यों या पूरे घटनाक्रम को 'आप खुद देखें' कहकर प्रस्तुत किया है, जिससे घटना की पूरी जानकारी मिलने की उत्सुकता बढ़ती है।1
- दिनांक 22 मई 2026 को थाना जेवर में एक वादी ने सूचना दर्ज कराई थी कि उनका 15 वर्षीय नाबालिग पुत्र 21 मई 2026 को घर से कहीं चला गया था और काफी तलाश के बावजूद वापस नहीं लौटा। अब थाना जेवर पुलिस ने इस लापता नाबालिग की हत्या की घटना का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद तीन वांछित अभियुक्तों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अवैध हथियार और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।1
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा हर महीने 80 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस व्यवस्था को और सुचारु बनाने के लिए कैबिनेट ने 'SARTHAK PDS' योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत गरीब परिवारों को लाभ पहुँचाने वाले तीन प्रमुख सुधार किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) यानी राशन व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक और पारदर्शी बनाना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹25,530 करोड़ का केंद्रीय आवंटन भी स्वीकृत किया है। योजना के तहत तीन खास बदलाव करने की बात कही गई है। इन सुधारों में सबसे पहले राज्यों को राशन की ढुलाई में मदद करना शामिल है, जिसके तहत सरकार खाद्यान्न को गोदामों से दुकानों तक पहुँचाने के लिए राज्य एजेंसियों को आर्थिक सहायता देगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और दूरदराज के इलाकों सहित सभी गरीबों तक राशन समय पर पहुँच सकेगा। दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव राशन की 'फेयर प्राइस शॉप' को समर्थन देना है, जिससे राशन डीलरों को डिजिटल उपकरण, बेहतर भंडारण और संचालन के लिए सहायता मिलेगी। यह कदम दुकानों के कार्यप्रणाली को मजबूत करेगा, वितरण में गड़बड़ी को कम करेगा और राशन दुकानदारों को आर्थिक राहत भी प्रदान कर सकता है। तीसरा बड़ा सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का आधुनिकीकरण है, जिसमें ऑटोमेशन, डिजिटल ट्रैकिंग, ऑनलाइन निगरानी, स्मार्ट डिवाइस और पारदर्शिता उपकरण जैसी तकनीक आधारित प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। इससे राशन की चोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, जिससे जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिल पाएगा। सरकार का लक्ष्य 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' जैसी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाना भी है, ताकि देशभर में राशन वितरण निर्बाध और पारदर्शी हो सके, जिससे करोड़ों लाभार्थियों को इसका सीधा फायदा मिल सके।1
- राजधानी दिल्ली के लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में अवैध पार्किंग और अवैध वसूली का खेल बेरोकटोक जारी है। आरोप है कि यहाँ रोड, सर्विस रोड और फुटपाथ पर अवैध कब्जा करके डबल लाइन पार्किंग बना दी गई है, जबकि अनुमति केवल सिंगल लाइन पार्किंग की ही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम द्वारा तय किया गया पार्किंग शुल्क ₹20 प्रति घंटा है, लेकिन पार्किंग माफिया आधे घंटे या मात्र 10 मिनट के लिए वाहन खड़ा करने पर भी ₹100 तक वसूल रहे हैं। इस अवैध पार्किंग और मनमानी वसूली की वजह से पूरे सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में गंभीर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे राहगीरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लगातार शिकायतों के बावजूद, दिल्ली पुलिस, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली नगर निगम और संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।1
- ईद उल अजहा के पावन अवसर पर इस्लाम बहरामपुर के निवासियों की ओर से सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बहुत-बहुत मुबारकबाद दी गई है। यह संदेश एक joyful भावना के साथ साझा किया गया, जिसमें समस्त देश के लोगों को इस खास त्योहार की बधाई दी गई।1
- पुलिस ने वेलकम में हुई अमन कुरैशी की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है, जिसमें एक पुरानी रंजिश का बदला लेने की साजिश सामने आई है। यह वारदात फैजान उर्फ फज्जी की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए की गई थी। जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी 2026 को किंग कैफे में फैजान उर्फ फज्जी की हत्या कर दी गई थी। इसी का बदला लेने के उद्देश्य से फैजान के भाई सलमान, रहमान और उनकी मां ने मिलकर एक षड्यंत्र रचा। उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर फैजान की हत्या में शामिल मोइनुद्दीन कुरैशी के छोटे भाई अमन कुरैशी की 19 मई को हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल बाकी लोगों की तलाश कर रही है।1
- थाना खोड़ा पुलिस टीम ने एक सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें, एक स्कूटी और घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार बरामद की है।1
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान को अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होने और इज़रायल को मान्यता देने का प्रस्ताव दिए जाने के बाद पाकिस्तान के राजनीतिक हलकों में खामोशी और विवाद का माहौल है। पाकिस्तान की आधिकारिक नीति, जो उसके पासपोर्ट पर स्पष्ट रूप से अंकित है कि यह इज़रायल को छोड़कर सभी देशों के लिए वैध है, इस प्रस्ताव के ठीक उलट है। इस संवेदनशील मुद्दे पर जहाँ पाकिस्तान के फाइव स्टार जनरल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चुप्पी साधे हुए हैं और मुंह चुरा रहे हैं, वहीं देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुलकर इसका विरोध किया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ट्रंप के प्रस्ताव का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसे किसी भी समझौते में शामिल होने के खिलाफ हैं जहाँ इज़रायल को मान्यता मिलती हो। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी समझौते में शामिल नहीं होना चाहिए जो उनके बुनियादी सिद्धांतों के साथ टकराव पैदा करे और उन्हें उन लोगों पर यकीन नहीं है। आसिफ ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान के पासपोर्ट में इज़रायल का नाम भी शामिल नहीं है। ख्वाजा आसिफ, जिन्हें पाकिस्तान की राजनीति में 'बयान बहादुर' माना जाता है, ने एक अलग बहस के दौरान यह भी कहा था कि पाकिस्तानी मुसलमान अपने हिंदू पूर्वजों से नफरत करते हैं और आधे लोग झूठा दावा करते हैं कि उनके पूर्वज सऊदी अरब या ईरान से आए थे, जबकि उनके खुद के पूर्वज हिंदू थे। हालांकि, ख्वाजा आसिफ के इजरायल को मान्यता न देने के रुख के विपरीत, पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय कह रहा है कि तीन महान धर्मों के सह-अस्तित्व को स्वीकार किया जा सकता है। पाकिस्तान के इस कथित 'दोगले चरित्र' को लेकर इस्लामाबाद से वाशिंगटन तक बौखलाहट देखी जा रही है। आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने तो पाकिस्तानी हुकूमत को ही सीधे तौर पर धमकी दे डाली है। कसूरी ने कहा है कि जो कोई भी इज़रायल को कबूल करेगा, चाहे वह कोई भी शासक या बादशाह हो, वह हलाक हो जाएगा, तबाह हो जाएगा और बर्बाद हो जाएगा। इसी बीच, ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी एक्स पर एक पोस्ट के जरिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने लिखा है कि उन्हें पहले से ही लग रहा था कि पाकिस्तान में कुछ गड़बड़ है और उसकी इज़रायल से दुश्मनी है, साथ ही आरोप लगाया कि ईरानी विमान पाकिस्तान में छिपाए जा रहे हैं और उसके रक्षा मंत्री इज़रायल विरोधी बयान दे रहे हैं। ग्राहम ने पाकिस्तान से स्पष्ट करने की मांग की है कि ट्रंप की अब्राहम अकॉर्ड वाली अपील पर उसका क्या कहना है। अब सभी को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की अगली प्रतिक्रिया का इंतजार है, जिसके बाद देखना होगा कि 'ईरान वॉर' में कूटनीति का कथित मास्टरस्ट्रोक चलने वाला पाकिस्तान अपने 'आकाओं' को क्या जवाब देता है।1
- उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना खजूरी खास इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब अज्ञात बदमाशों ने एफ ब्लॉक क्षेत्र में राजा उर्फ अक्की डॉन उर्फ आकिल की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने अक्की पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उसे करीब तीन गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार, मृतक का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसके चलते पुलिस इस हत्याकांड को आपसी रंजिश और गैंगवार के एंगल से जाँच रही है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है। अब देखना होगा कि राजधानी दिल्ली में दिनदहाड़े हुई इस वारदात के पीछे कौन लोग हैं और पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है।1