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लेकिन गांव के लोगों के छोटे काम आज भी समय पर नहीं हो पा रहे। व्यवस्था को जवाबदेह बनाना होगा। धन्यवाद।” “माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं नरैनी विधानसभा से दिलीप कुमार भारती कहना चाहता हूँ कि पंचायत भवन तो बना दिया गया,
Dilip Kumar Bharti
लेकिन गांव के लोगों के छोटे काम आज भी समय पर नहीं हो पा रहे। व्यवस्था को जवाबदेह बनाना होगा। धन्यवाद।” “माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं नरैनी विधानसभा से दिलीप कुमार भारती कहना चाहता हूँ कि पंचायत भवन तो बना दिया गया,
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- नरैनी पुलिस ने इलेक्ट्रिक मोटर चोरी करने वाले दो चोरों को गिरफ्तार किया है।1
- *पुलिस मुठभेड़ में 04 अंतर्जनपदीय टप्पेबाज गिरफ्तार* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बाँदा।पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा विभिन्न अभियोगों में वांछित चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे क्रम में क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में थाना नरैनी व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा बस/ट्रेन/ऑटो/ई-रिक्शा आदि सवारी गाड़ियों में टप्पेबाजी/चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अन्तरजनपदीय गिरोह के 04 सदस्यों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया है।सुबह भोर में थाना नरैनी पुलिस को गश्त एवं चेकिंग के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पनगरा नहर के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति है जो चोरी/टप्पेबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम देते है। सूचना पर तत्काल थाना नरैनी व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर छापेमारी कर घेराबन्दी की गई तो उक्त लोगों द्वारा जान से मारने की नियत से पुलिस टीम पर फायर किया गया। पुलिस द्वारा जवाबी कार्यवाही करते हुए तत्परता से घेरकर चारों अभियुक्तों को पकड़ लिया गया । अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचे, जिन्दा कारतूस व खोखा कारतूस, आदि बरामद हुए है।अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि वे सभी लोग सुनियोजित तरीके से ट्रेन, बस, ऑटो रिक्शा आदि सवारी गाड़ियो में सवारी बनकर चढ़ जाते है और उसमें बैठे सवारियों के किमती सामानों बैग, सूटकेस आदि को चिन्हित कर मौका पाकर उसको काटकर/खोलकर कीमती सामानों की चोरी कर लेते है साथ ही पाकेटमारी का भी काम करते है और मौका पाकर अगले स्टाप पर उतर जाते है। साथ ही बताया कि ग्रामीणों क्षेत्रों में यह काम आसानी से हो जाता है तथा पकड़े जाने पर तमंचे का डर दिखाकर भाग जाते है। अभियुक्तों के कब्जे से 02 अवैध तमंचे, 02 मिस कारतूस, 01 जिन्दा कारतूस व 01 खोखा कारतूस एवं तलाशी में 05 हजार रुपए बरामद हुए है । इस सम्बन्ध में विस्तृत जांच की जा रही है कि इनके द्वारा और कहां-कहां और किन-किन जनपदों में टप्पेबाजी/चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया है तथा इनके गिरोह में और कितने लोग शामिल है ।गिरफ्तार अभियुक्त निराजुल हसन, फहीम, व साहिल शाहपुर थाना भोजपुर जनपद मुरादाबाद के निवासी हैं।गोविन्द पुत्र ब्रजपाल सिंह निवासी पुट्ठी इब्राहिमपुर थाना रामराज जनपद मुजफ्फरनगर का निवासी हैं। सभी आपराधिक प्रवृत्ति के पेशेवर है।सभी के अपराधों के बारे में अन्य जनपदों से जानकारी की जा रही है।2
- Post by जितेंद्र राय1
- बांदा। थाना नरैनी पुलिस ने चोरी की इलेक्ट्रिक मोटर बेचने की फिराक में बैठे दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की मोटर व नकदी बरामद की है।पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम गश्त व चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ग्राम पनगरा पुलिया पर दो संदिग्ध युवक बैठे दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।पूछताछ में आरोपितों ने अपना नाम राहुल पुत्र पवन निवासी नन्दवारा थाना नरैनी तथा मनीष पुत्र मनोज निवासी मुरवा थाना गिरवां बताया। तलाशी में उनके पास से पांच हजार रुपये बरामद हुए।कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व एक मकान से इंडक्शन इलेक्ट्रिक मोटर चोरी की थी और उसे बेचने के लिए वहां बैठे थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की इलेक्ट्रिक मोटर बरामद कर ली।मामले में थाना नरैनी में मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपितों के अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल होने की जांच कर रही है।1
- Post by Mamta chaurasiya1
- अजयगढ़ के झिन्ना मंदिर में संपन्न हुआ मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह समारोह सरकार के द्वारा जारी रहेगा गरीब कन्याओं का विवाह:बृजेन्द्र प्रताप सिंह गरीब कन्याओं सहित पीएचडी करने वाले जोड़ो के हुए विवाह अजयगढ़:- मध्यप्रदेश शासन द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत अजयगढ़ के झिन्ना मंदिर में भव्य सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस आयोजन में अजयगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए कुल 39 जोड़ों का विवाह व 1 का निकाह विधि- विधान से संपन्न कराया गया।कार्यक्रम के प्रारंभ में आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।इस अवसर पर विधायक ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक बोझ को कम करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से शासन द्वारा प्रत्येक कन्या के खाते में 49 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है साथ ही 6 हजार रुपए शादी में होने वाले खर्च के लिए रखे जाते हैं।क्योंकि शासन के द्वारा एक निश्चित संख्या निर्धारित की गई हे इसलिए केवल 40 जोड़ो की शादियां हो रही हे लेकिन आगामी समय में पुनः गरीब कन्याओं का विवाह संपन्न किया जाएगा जो इस बार सम्मिलित नहीं हो पाए है उन जोड़ो को सम्मिलित किया जाएगा।उन्होंने नव विवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।इस दौरान ग्राम पंचायत सिंहपुर व बिलाही की बच्चियों की विदाई भी कार्यक्रम से ही हुआ।साथ ही इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक पीएचडी कर रहा जोड़ा भी सम्मिलित हुआ।बिलाही की शकुंतला व दुमखेड़ा के अमित ने शासन की योजना की प्रशंसा की।कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर परिषद अध्यक्ष सीता गुप्ता, मंडल अध्यक्ष अजयगढ़ सुरेश यादव,मंडल अध्यक्ष धरमपुर धीरेंद्र सिंह,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मोहन यादव,महामंत्री मनोज सिंह, सरपंच बरियारपुर राजाराम मिश्रा,सरपंच बिलाही मुलायम सिंह,बहिरवारा राजमन लोध,वरिष्ठ सुरेंद्र सिंह, मातादीन यादव, राजू गुप्ता,अनिल गुप्ता,रामराजा,संतू यादव, हेतराम यादव, सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार यादव,सहित अधिकारियों में तहसीलदार सुरेंद्र कुमार,जनपद पंचायत सीईओ सतीश सिंह नागवंशी,थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर, नायब तहसीलदार डी आर बौद्ध,जनपद पंचायत से योगेश सिंह व अमित यादव,महिला बाल विकास से श्रीमति अंशिका त्रिपाठी CDPO, श्रीमति प्रज्ञा त्रिपाठी,श्रीमति संगीता शुक्ला, श्रीमति सुचिता शुक्ला,कु.रोशनी वैष्णव,कु.आकांक्षा त्रिपाठी, श्रीमति माया अहिरवार सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- पुलिस ने मुठभेड़ मेंअंतरजनपदीय टप्पेबाज गिरोहके 4 सदस्यों को किया गिरफ्तार,1
- *दंपति ने फांसी लगाकर की आत्महत्या* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बाँदा- जिले में झकझोर कर देने वाली एक खबर सामने आई है। जहां पर मामूली कहा सुनी के बाद पति-पत्नी ने अपने घर में अलग अलग कमरों में जाकर गुस्से में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना की जानकारी तब हुई जब घर के अंदर मौजूद दंपति के 2 मासूम बच्चों के रोने की आवाज सुनाई दी।घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. वही फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं. बताया जा रहा है कि लगभग 6 साल पहले इन लोगों ने प्रेम विवाह किया था और ये अलग अलग जाती के थे और इनके दो बच्चे हैं। अरहर कूटने को लेकर इनमें आपस में झगड़ा हो गया था। मामला तिंदवारी थाना क्षेत्र के अमलीकौर गांव के भगदरा डेरा से सामने आया है।यहां के रहने वाले 28 वर्षीय लल्लू निषाद व 26 वर्षीय उसकी पत्नी गोमती का शव घर के अंदर अलग अलग कमरे में फांसी के फंदे पर लटकता मिला. मृतक लल्लू के भाई बृजमोहन ने बताया कि दोनों पति-पत्नी में किसी तरह के कोई विवाद होने की जानकारी नहीं थी। जब उनके दोनों बच्चों अनुष्का (4 वर्ष) व किस्सू (2 वर्ष) के रोने की आवाज सुनी तो मोहल्ले की कुछ बच्चियों वहां पर गई. जिसके बाद घटना के बारे में जानकारी हुई. इसने बताया कि लल्लू भूमिहीन था और वह 4 बीघे जमीन दूसरे की बटाई पर लिए हुए था और खेती कर अपना गुजर बसर करता था और शनिवार को उसे खेत में अरहर की फसल कूटने जाना था लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा. इसने बताया कि घर के अंदर किसी बात को लेकर इनमें आपस में कहासुनी हो गई जिस पर जहां लल्लू ने घर के अंदर बने एक पक्के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, तो वहीं उसकी पत्नी गोमती का शव घर के अंदर ही एक कच्चे कमरे में धन्नी में साड़ी से फांसी के फंदे पर लटकता मिला।घटना के संबंध में जानकारी देते हुए सीओ सौरभ सिंह ने बताया की पति-पत्नी ने किसी बात को लेकर हुए झगड़े के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मौके से साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई है और जांच पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।2
- बांदा जनपद के बड़ोखर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत अछरौड़ स्थित कंपोजिट विद्यालय से सामने आया वीडियो केवल एक वायरल दृश्य नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था के चेहरे पर पड़ा वह सवाल है जिसे अब अनदेखा करना मुश्किल होता जा रहा है। जिस विद्यालय में बच्चों के हाथों में किताबें, कॉपियां और सपनों की उड़ान होनी चाहिए थी, वहां कथित रूप से मासूम बच्चे मजदूरी करते दिखाई दे रहे हैं।वीडियो में यदि बच्चे विद्यालय परिसर में निर्माण कार्य या श्रम करते नजर आ रहे हैं, तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि बचपन की गरिमा पर चोट है। शिक्षा का मंदिर तब कलंकित हो जाता है जब वहां ज्ञान के स्थान पर श्रम का बोझ बच्चों के कंधों पर डाल दिया जाए।सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर “सब पढ़ें, सब बढ़ें” के नारे देती है, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार उन नारों का मजाक उड़ाती दिखाई देती है। आखिर वह कौन सी मजबूरी या लापरवाही है जिसने विद्यालय प्रशासन को इस स्थिति तक पहुंचा दिया? क्या बच्चों से श्रम करवाना अब सामान्य बात मान ली गई है? और यदि नहीं, तो फिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि विद्यालय केवल भवनों से नहीं चलते, बल्कि संवेदनाओं और जिम्मेदारियों से संचालित होते हैं। यदि शिक्षक और प्रशासन ही बच्चों के अधिकारों के प्रति उदासीन हो जाएं, तो फिर समाज किससे उम्मीद करे?यह मामला केवल एक विद्यालय का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक बनता जा रहा है जहां गरीब और ग्रामीण बच्चों का बचपन सबसे सस्ता समझ लिया जाता है। जिन हाथों को भविष्य लिखना था, वे यदि मिट्टी ढोने को मजबूर हों, तो यह लोकतंत्र के उस वादे पर भी प्रश्नचिह्न है जिसमें हर बच्चे को समान शिक्षा और सम्मान का अधिकार दिया गया है।अब आवश्यकता केवल जांच बैठाने की नहीं, बल्कि ऐसी मानसिकता पर कठोर प्रहार करने की है। दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि शिक्षा के मंदिर फिर से शिक्षा के केंद्र बन सकें, मजदूरी के नहीं।1