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ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार लाइक करें सब्सक्राइब करें ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार

22 hrs ago
user_Dainik  news ajmer
Dainik news ajmer
Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
22 hrs ago

ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार लाइक करें सब्सक्राइब करें ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार

More news from Rajasthan and nearby areas
  • पीसांगन के मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। तड़के से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कल्पवृक्ष की पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कल्पवृक्ष के पवित्र जोड़े के नीचे सच्चे मन से की गई कामना पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं ने राजा, रानी और राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध पवित्र वृक्षों को शुद्ध जल से सींचा। इसके बाद कुमकुम, रोली,मोली,अक्षत,मिष्ठान,नारियल और वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना मांगी। श्रद्धालुओं द्वारा बांधी गई मौलियों से वृक्षों के तने ढक गए और पूजा सामग्री का ढेर लग गया। मेले में झूलों और दुकानों पर रही भीड़ पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे गगनचुंबी झूलों और चकरी का जमकर आनंद लिया। मिठाई, चाट, पकौड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्यावर-अजमेर डिपो की ओर से मेला स्पेशल बसें चलाई गईं। आयुर्वेद विभाग के उप स्वास्थ्य केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। जनप्रतिनिधि और प्रशासन रहा मौजूद मेले में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, नसीराबाद विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर पीसांगन प्रधान दिनेश नायक, सीआर प्रदीप वाल्मीकि,ब्रिकचियावास सरपंच भैरूलाल धांधड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। कानून व्यवस्था के लिए पीसांगन बीडीओ साजिया तबस्सुम, ग्राम विकास अधिकारी रमेश चौधरी, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित पीसांगन, नसीराबाद, गेगल और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।
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    पीसांगन के मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना
हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। तड़के से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
कल्पवृक्ष की पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि
मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कल्पवृक्ष के पवित्र जोड़े के नीचे सच्चे मन से की गई कामना पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं ने राजा, रानी और राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध पवित्र वृक्षों को शुद्ध जल से सींचा। इसके बाद कुमकुम, रोली,मोली,अक्षत,मिष्ठान,नारियल और वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। 
कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना मांगी। श्रद्धालुओं द्वारा बांधी गई मौलियों से वृक्षों के तने ढक गए और पूजा सामग्री का ढेर लग गया।
मेले में झूलों और दुकानों पर रही भीड़
पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे गगनचुंबी झूलों और चकरी का जमकर आनंद लिया। मिठाई, चाट, पकौड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्यावर-अजमेर डिपो की ओर से मेला स्पेशल बसें चलाई गईं। आयुर्वेद विभाग के उप स्वास्थ्य केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
जनप्रतिनिधि और प्रशासन रहा मौजूद
मेले में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, नसीराबाद विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर पीसांगन प्रधान दिनेश नायक, सीआर प्रदीप वाल्मीकि,ब्रिकचियावास सरपंच भैरूलाल धांधड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे।
कानून व्यवस्था के लिए पीसांगन बीडीओ साजिया तबस्सुम, ग्राम विकास अधिकारी रमेश चौधरी, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित पीसांगन, नसीराबाद, गेगल और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।
    user_KHABRON KA SAFAR NEWS
    KHABRON KA SAFAR NEWS
    Ajmer, Rajasthan•
    10 hrs ago
  • ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार लाइक करें सब्सक्राइब करें ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार
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    ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार लाइक करें सब्सक्राइब करें
ajmer के आनासागर सफाई कार्यालय मैं पकड़ी रफ्तार
    user_Dainik  news ajmer
    Dainik news ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • अजमेर में रेड क्रॉस सोसाइटी ने निकाली भव्य तिरंगा रैली, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के सामने वितरित किए राष्ट्रीय ध्वज अजमेर में रेड क्रॉस सोसाइटी ने निकाली भव्य तिरंगा रैली, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के सामने वितरित किए राष्ट्रीय ध्वज अजमेर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (अजमेर शाखा) की ओर से शहर में देशभक्ति के जज्बे के साथ एक भव्य 'तिरंगा रैली' का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करना और हर घर तिरंगा फहराने का संदेश देना रहा। रैली का शुभारंभ अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने से हुआ। कार्यक्रम के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आम नागरिकों, मरीजों के तीमारदारों और राहगीरों को सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का वितरण किया। तिरंगा हाथ में लेते ही उपस्थित जनसमूह भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से गूंज उठा। तिरंगा वितरण के पश्चात अस्पताल के सामने से एक अनुशासित और उत्साहपूर्ण रैली निकाली गई। रैली में रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्यों, वालंटियर्स, स्वास्थ्य कर्मियों तथा स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हाथों में लहराता तिरंगा और युवाओं का उत्साह मार्ग में आकर्षण का केंद्र बना रहा। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी, जहां जगह-जगह स्थानीय निवासियों ने भारत माता के जयघोष के साथ रैली का स्वागत किया। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारी आन, बाण और शान का प्रतीक है। यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को एकता के सूत्र में पिरोने और देश के वीरों के बलिदान को याद करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी जगह के सामने से रैली की शुरुआत करने का उद्देश्य समाज में सेवा भाव और राष्ट्रभक्ति का संदेश एक साथ देना है। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं और स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व को बड़े ही उल्लास के साथ मनाएं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को ध्वज संहिता (फ्लैग कोड) का पालन करते हुए तिरंगे का पूरा सम्मान बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया गया। इस अवसर पर हरि नारायण सोमानी ( चेयरमैन) भगवान सिंह (सचिव)जीवन सिंह चौहान(संगठन सचिव) सत्यपाल पिलानिया ( सदस्य ) डॉ जी सी मीणा (प्रभारी, संभागीय रक्त कोष जे एल एन हॉस्पिटल)प्रेम सिंह सिसोदिया,गजेन्द्र सिंह चौहान,भागचंद गर्ग,दिनेश सिंह चौहान आदि मौजूद थे
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    अजमेर में रेड क्रॉस सोसाइटी ने निकाली भव्य तिरंगा रैली, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के सामने वितरित किए राष्ट्रीय ध्वज
अजमेर में रेड क्रॉस सोसाइटी ने निकाली भव्य तिरंगा रैली, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के सामने वितरित किए राष्ट्रीय ध्वज
अजमेर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (अजमेर शाखा) की ओर से शहर में देशभक्ति के जज्बे के साथ एक भव्य 'तिरंगा रैली' का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करना और हर घर तिरंगा फहराने का संदेश देना रहा। रैली का शुभारंभ अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने से हुआ। कार्यक्रम के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आम नागरिकों, मरीजों के तीमारदारों और राहगीरों को सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का वितरण किया। तिरंगा हाथ में लेते ही उपस्थित जनसमूह भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से गूंज उठा।
तिरंगा वितरण के पश्चात अस्पताल के सामने से एक अनुशासित और उत्साहपूर्ण रैली निकाली गई। रैली में रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्यों, वालंटियर्स, स्वास्थ्य कर्मियों तथा स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हाथों में लहराता तिरंगा और युवाओं का उत्साह मार्ग में आकर्षण का केंद्र बना रहा। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी, जहां जगह-जगह स्थानीय निवासियों ने भारत माता के जयघोष के साथ रैली का स्वागत किया। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारी आन, बाण और शान का प्रतीक है। यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को एकता के सूत्र में पिरोने और देश के वीरों के बलिदान को याद करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी जगह के सामने से रैली की शुरुआत करने का उद्देश्य समाज में सेवा भाव और राष्ट्रभक्ति का संदेश एक साथ देना है। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं और स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व को बड़े ही उल्लास के साथ मनाएं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को ध्वज संहिता (फ्लैग कोड) का पालन करते हुए तिरंगे का पूरा सम्मान बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया गया। इस अवसर पर हरि नारायण सोमानी ( चेयरमैन) भगवान सिंह (सचिव)जीवन सिंह चौहान(संगठन सचिव) सत्यपाल पिलानिया ( सदस्य ) डॉ जी सी मीणा (प्रभारी, संभागीय रक्त कोष जे एल एन हॉस्पिटल)प्रेम सिंह सिसोदिया,गजेन्द्र सिंह चौहान,भागचंद गर्ग,दिनेश सिंह चौहान  आदि मौजूद थे
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा ​मांगलियावास (अजमेर), 12 अगस्त 2026: श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर आज अजमेर जिले के मांगलियावास में प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला पूरी भव्यता और धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। विश्वविख्यात 'राजा-रानी' कल्पवृक्ष के जोड़े के दर्शन और पूजन के लिए अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। ​अमावस्या की पूर्व रात्रि से शुरू हुआ भक्तों का आगमन मेले को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। हरियाली अमावस्या की पूर्व रात्रि से ही मांगलियावास में भक्तों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसमें दूर-दराज से आए लाखों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेले में चारों तरफ हर-हर महादेव और लोकगीतों की गूंज सुनाई दे रही है। ​मनोकामना पूर्ति का केंद्र है कल्पवृक्ष धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मांगलियावास के ये प्राचीन कल्पवृक्ष जोड़े के रूप में स्थित हैं, जिन्हें इच्छापूर्ति का वरदान प्राप्त है। हरियाली अमावस्या के इस विशेष अवसर पर मन्नत मांगने और कल्पवृक्ष की पूजा करने का विशेष महत्व है। आज दिनभर यहाँ कुंवारी कन्याओं और महिलाओं द्वारा वृक्षों की परिक्रमा करने, मौली बांधने और रक्षा सूत्र अर्पित करने का क्रम जारी है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह अवश्य पूरी होती है। ​मेला परिसर में रौनक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मेला ग्राउंड पर सजी खिलौनों, चाट-पकौड़ों, श्रृंगार सामग्री और झूला-चकरी की दुकानों पर बच्चों व युवाओं की खासी भीड़ नजर आ रही है। प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मेला संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, यातायात और पेयजल के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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    मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा


​मांगलियावास (अजमेर), 12 अगस्त 2026:
श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर आज अजमेर जिले के मांगलियावास में प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला पूरी भव्यता और धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। विश्वविख्यात 'राजा-रानी' कल्पवृक्ष के जोड़े के दर्शन और पूजन के लिए अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है।
​अमावस्या की पूर्व रात्रि से शुरू हुआ भक्तों का आगमन
मेले को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। हरियाली अमावस्या की पूर्व रात्रि से ही मांगलियावास में भक्तों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसमें दूर-दराज से आए लाखों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेले में चारों तरफ हर-हर महादेव और लोकगीतों की गूंज सुनाई दे रही है।
​मनोकामना पूर्ति का केंद्र है कल्पवृक्ष
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मांगलियावास के ये प्राचीन कल्पवृक्ष जोड़े के रूप में स्थित हैं, जिन्हें इच्छापूर्ति का वरदान प्राप्त है। हरियाली अमावस्या के इस विशेष अवसर पर मन्नत मांगने और कल्पवृक्ष की पूजा करने का विशेष महत्व है। आज दिनभर यहाँ कुंवारी कन्याओं और महिलाओं द्वारा वृक्षों की परिक्रमा करने, मौली बांधने और रक्षा सूत्र अर्पित करने का क्रम जारी है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह अवश्य पूरी होती है। 
​मेला परिसर में रौनक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मेला ग्राउंड पर सजी खिलौनों, चाट-पकौड़ों, श्रृंगार सामग्री और झूला-चकरी की दुकानों पर बच्चों व युवाओं की खासी भीड़ नजर आ रही है। प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मेला संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, यातायात और पेयजल के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
    user_Ravi Sharma Achary
    Ravi Sharma Achary
    Peesangan, Ajmer•
    18 hrs ago
  • मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली, मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली, मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग योगेश आचार्य मांगलियावास...राजस्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक परिदृश्य में आज आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अजमेर-ब्यावर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पौराणिक मांगलियावास गांव में हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर वार्षिक कल्पवृक्ष मेले का आयोजन होगा। पुष्कर मेले के बाद जिले के इस दूसरे सबसे बड़े मेले में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कल्पवृक्ष के दर्शन कर देश में खुशहाली और अमन-चैन की कामना करते है। इस बार मेले से पूर्व ग्रामीणों द्वारा मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग जोर पकड़ ली। ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग की है। 5 हजार वर्ष पुराने कल्पवृक्ष की महिमा मंदिर प्रशासन और स्थानीय जानकारों के अनुसार, यहाँ स्थित 'राजा-रानी' नाम के दो कल्पवृक्ष करीब 800 से 5,000 वर्ष पुराने हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, समुद्र मंथन से निकले इन दिव्य वृक्षों को द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण स्वर्ग से द्वारका लाए थे। बाद में द्वारका के जलमग्न होने पर ये वृक्ष दिव्य रूप में यहाँ तपस्या कर रहे महात्मा मंगल सिंह वह फतेह सिंह के प्रभाव से यहीं स्थापित हो गए। भाग्यशालियों को ही मिलता है यह फल कल्पवृक्ष पर 12 वर्ष में केवल एक ही बार विशेष फल आता है। ऐसा माना जाता है कि यह फल हर किसी को दिखाई नहीं देता और यह केवल किसी परम भाग्यशाली व्यक्ति को ही प्राप्त होता है।12 वर्षों में एक बार आने वाले कल्पवृक्ष के फल को देखने के लिए भी लोग खासे उत्साहित दिखे। उपेक्षा का शिकार ऐतिहासिक कल्पवृक्ष, ग्रामीणों ने की पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग मांगलियावास के ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान रखने वाले मांगलियावास गांव के कल्पवृक्ष क्षेत्र को आधिकारिक पर्यटक स्थल (टूरिस्ट स्पॉट) घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने इस संबंध में राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पत्र भेजकर कल्पवृक्ष धरा को पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने की पुरजोर मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों ने मांगलियावास मेल सहित कल वृक्ष मंदिर में की शिरकत मांगलियावास में आयोजित होने वाले कल्पवृक्ष मेले में गत वर्ष कैबिनेट मंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव नानी, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा शाहिद के बड़े नेताओं में प्रशासनिक अधिकारियों ने मेले में शिरकत की। इसके बावजूद मांगलियावास कल्पवृक्ष के विकास व पर्यटक स्थल की मांग को लेकर कोई कठोर कदम नहीं उठाए गए। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राज्य सिंधिया ने भी मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर में पहुंचकर पूजा कर भाजपा कार्यकर्ता के साथ बैठक आयोजित की थी। लाखों की आस्था, फिर भी विकास से दूर हर साल श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर यहाँ भरने वाले कल्पवृक्ष मेले में दो लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा, सालभर यहाँ मन्नतें मांगने वाले पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इसके बावजूद यहाँ एक अच्छे पर्यटन स्थल के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि सरकार इसे आधिकारिक तौर पर पर्यटन स्थल का दर्जा देती है, तो यहाँ नियमित विकास कार्य हो सकेंगे। दुर्लभ वृक्षों के संरक्षण पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने कल्पवृक्ष की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर भी गहरी चिंता जताई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करीब 800 वर्ष पुराने इस दुर्लभ जोड़े में से 'नर कल्पवृक्ष' कुछ वर्ष पहले समय पर उचित देखरेख न मिलने के कारण सूखकर गिर गया था। वर्तमान में यहाँ 'मादा कल्पवृक्ष' (रानी वृक्ष) और वृक्ष ही सुरक्षित बचे हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि इसे पर्यटन स्थल घोषित करने से न केवल इस दुर्लभ वानस्पतिक धरोहर का वैज्ञानिक संरक्षण हो सकेगा, बल्कि देश-विदेश के शोधकर्ता भी यहाँ रिसर्च के लिए आकर्षित होंगे। प्रमुख मांग: कल्पवृक्ष परिसर के चारों ओर एक सर्वसुविधायुक्त सुंदर गार्डन और वॉकिंग ट्रैक का निर्माण हो। यात्री निवास और सुलभ शौचालय: दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक विश्राम गृह बनाए जाएं। सरोवर का जीर्णोद्धार: कल्पवृक्ष के पास स्थित प्राचीन पवित्र सरोवर और कुंड का सुंदरीकरण और सफाई की जाए। रोजगार के अवसर: पर्यटन स्थल बनने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, हस्तशिल्प और होटल व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। ग्रामीणों का कहना है: "पुष्कर के बाद यह अजमेर का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र है। यदि सरकार इसे पर्यटन हब के रूप में विकसित करती है, तो यह राजस्थान के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ हमारी प्राचीन संस्कृति को भी बचाए रखने में मददगार साबित होगा।" मांगलियावास... कल्पवृक्ष की देखरेख के अभाव में सूखा हुआ कल्पवृक्ष व मंदिर परिसर में रानी का वृक्ष
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    मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली,

मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली,
मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग
योगेश आचार्य
मांगलियावास...राजस्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक परिदृश्य में आज आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अजमेर-ब्यावर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पौराणिक मांगलियावास गांव में हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर वार्षिक कल्पवृक्ष मेले का आयोजन होगा। पुष्कर मेले के बाद जिले के इस दूसरे सबसे बड़े मेले में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कल्पवृक्ष के दर्शन कर देश में खुशहाली और अमन-चैन की कामना करते है। इस बार मेले से पूर्व ग्रामीणों द्वारा मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग जोर पकड़ ली। ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग की है।
5 हजार वर्ष पुराने कल्पवृक्ष की महिमा
मंदिर प्रशासन और स्थानीय जानकारों के अनुसार, यहाँ स्थित 'राजा-रानी' नाम के दो कल्पवृक्ष करीब 800 से 5,000 वर्ष पुराने हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, समुद्र मंथन से निकले इन दिव्य वृक्षों को द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण स्वर्ग से द्वारका लाए थे। बाद में द्वारका के जलमग्न होने पर ये वृक्ष दिव्य रूप में यहाँ तपस्या कर रहे महात्मा मंगल सिंह वह फतेह सिंह के प्रभाव से यहीं स्थापित हो गए।
भाग्यशालियों को ही मिलता है यह फल
कल्पवृक्ष पर 12 वर्ष में केवल एक ही बार विशेष फल आता है। ऐसा माना जाता है कि यह फल हर किसी को दिखाई नहीं देता और यह केवल किसी परम भाग्यशाली व्यक्ति को ही प्राप्त होता है।12 वर्षों में एक बार आने वाले कल्पवृक्ष के फल को देखने के लिए भी लोग खासे उत्साहित दिखे। 
उपेक्षा का शिकार  ऐतिहासिक कल्पवृक्ष, ग्रामीणों ने की पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग 
मांगलियावास के ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान रखने वाले मांगलियावास गांव के कल्पवृक्ष क्षेत्र को आधिकारिक पर्यटक स्थल (टूरिस्ट स्पॉट) घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने इस संबंध में राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पत्र भेजकर कल्पवृक्ष धरा को पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने की पुरजोर मांग की है। 
पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों ने मांगलियावास मेल सहित कल वृक्ष मंदिर में की शिरकत
मांगलियावास में आयोजित होने वाले कल्पवृक्ष मेले में गत वर्ष कैबिनेट मंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव नानी, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा शाहिद के बड़े नेताओं में प्रशासनिक अधिकारियों ने मेले में शिरकत की। इसके बावजूद मांगलियावास कल्पवृक्ष के विकास व पर्यटक स्थल की मांग को लेकर कोई कठोर कदम नहीं उठाए गए। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राज्य सिंधिया ने भी मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर में पहुंचकर पूजा कर भाजपा कार्यकर्ता के साथ बैठक आयोजित की थी। 
लाखों की आस्था, फिर भी विकास से दूर
हर साल श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर यहाँ भरने वाले कल्पवृक्ष मेले में दो लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा, सालभर यहाँ मन्नतें मांगने वाले पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इसके बावजूद यहाँ एक अच्छे पर्यटन स्थल के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि सरकार इसे आधिकारिक तौर पर पर्यटन स्थल का दर्जा देती है, तो यहाँ नियमित विकास कार्य हो सकेंगे। 
दुर्लभ वृक्षों के संरक्षण पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने कल्पवृक्ष की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर भी गहरी चिंता जताई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करीब  800 वर्ष पुराने इस दुर्लभ जोड़े में से 'नर कल्पवृक्ष' कुछ वर्ष पहले समय पर उचित देखरेख न मिलने के कारण सूखकर गिर गया था। वर्तमान में यहाँ 'मादा कल्पवृक्ष' (रानी वृक्ष) और  वृक्ष ही सुरक्षित बचे हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि इसे पर्यटन स्थल घोषित करने से न केवल इस दुर्लभ वानस्पतिक धरोहर का वैज्ञानिक संरक्षण हो सकेगा, बल्कि देश-विदेश के शोधकर्ता भी यहाँ रिसर्च के लिए आकर्षित होंगे। 
प्रमुख मांग:
कल्पवृक्ष परिसर के चारों ओर एक सर्वसुविधायुक्त सुंदर गार्डन और वॉकिंग ट्रैक का निर्माण हो।
यात्री निवास और सुलभ शौचालय: दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक विश्राम गृह बनाए जाएं।
सरोवर का जीर्णोद्धार: कल्पवृक्ष के पास स्थित प्राचीन पवित्र सरोवर और कुंड का सुंदरीकरण और सफाई की जाए।
रोजगार के अवसर: पर्यटन स्थल बनने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, हस्तशिल्प और होटल व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे।
ग्रामीणों का कहना है: "पुष्कर के बाद यह अजमेर का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र है। यदि सरकार इसे पर्यटन हब के रूप में विकसित करती है, तो यह राजस्थान के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ हमारी प्राचीन संस्कृति को भी बचाए रखने में मददगार साबित होगा।" 
मांगलियावास... कल्पवृक्ष की देखरेख के अभाव में सूखा हुआ कल्पवृक्ष व मंदिर परिसर में रानी का वृक्ष
    user_Yogesh kumar
    Yogesh kumar
    Librarian पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • राईका बाग बालाजी मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, बारिश ने फीका किया उत्साह रूपनगढ़ (अजमेर) हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर रूपनगढ़ के राईका बाग स्थित बालाजी महाराज मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन हुआ। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दर्शन कर नारियल एवं प्रसाद चढ़ाया और कस्बे में सुख-शांति, खुशहाली तथा अच्छी बारिश की कामना की। मेले के दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ जागरण एवं भक्ति कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। हरियाली अमावस्या के मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने जमकर लुत्फ उठाया। मेले में लगे विभिन्न प्रकार के झूले, मनोरंजन के साधन और खेल-तमाशे बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं मिठाई, कचौरी-पकौड़ी, फल-फ्रूट, आइसक्रीम सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखने को मिली। लोगों ने मेले का जमकर आनंद लिया और खरीदारी की। हालांकि, अचानक हुई बारिश ने मेलार्थियों के उत्साह पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए मेले में अफरा-तफरी और असुविधा का माहौल बना, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का असर नहीं पड़ा। लोग बारिश के बीच भी बालाजी महाराज के दर्शन और मेले का आनंद लेते नजर आए। हरियाली अमावस्या का यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीण संस्कृति, मेल-मिलाप और मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र रहा।
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    राईका बाग बालाजी मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, बारिश ने फीका किया उत्साह
रूपनगढ़ (अजमेर) हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर रूपनगढ़ के राईका बाग स्थित बालाजी महाराज मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन हुआ। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दर्शन कर नारियल एवं प्रसाद चढ़ाया और कस्बे में सुख-शांति, खुशहाली तथा अच्छी बारिश की कामना की।
मेले के दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ जागरण एवं भक्ति कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। हरियाली अमावस्या के मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने जमकर लुत्फ उठाया।
मेले में लगे विभिन्न प्रकार के झूले, मनोरंजन के साधन और खेल-तमाशे बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं मिठाई, कचौरी-पकौड़ी, फल-फ्रूट, आइसक्रीम सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखने को मिली। लोगों ने मेले का जमकर आनंद लिया और खरीदारी की।
हालांकि, अचानक हुई बारिश ने मेलार्थियों के उत्साह पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए मेले में अफरा-तफरी और असुविधा का माहौल बना, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का असर नहीं पड़ा। लोग बारिश के बीच भी बालाजी महाराज के दर्शन और मेले का आनंद लेते नजर आए।
हरियाली अमावस्या का यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीण संस्कृति, मेल-मिलाप और मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र रहा।
    user_सुजीत सिंह चौहान
    सुजीत सिंह चौहान
    Local News Reporter रूपनगढ़, अजमेर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार संसद में हर विषय पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष का बार-बार चर्चा से भागना उसकी गैरजिम्मेदाराना राजनीति को दर्शाता है।
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    माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार संसद में हर विषय पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष का बार-बार चर्चा से भागना उसकी गैरजिम्मेदाराना राजनीति को दर्शाता है।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • रोटरी ई क्लब होली सिटी के तत्वावधान में आयोजित हुआ वृक्षारोपण रा.उ.मा.विधालय गोयला में अजमेर रोटरी क्लब ई होली सिटी के तत्वावधान में सरवाड़ उपखण्ड क्षेत्र की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोयला में कर्नल रघुवीर सिंह राठौड़ के सानिध्य में हरियाली अमावस्या के अवसर पर प्रताप स्टेडियम में वृक्षारोपण कार्य क्रम आयोजित हुआ इस दौरान विद्यालय परिसर में छात्रों को कर्नल रघुवीर सिंह राठौड़ ने वृक्षारोपण की महत्ता पर प्रकाश डाला उन्होंने ने कहा कि वृक्षों जंगलों की अंधाधुंध कटाई से प्रकृति का संतुलन डगमगा गया इससे पर्यावरण प्रदूषण हो गया शिक्षा विद भगवत सिंह राठौड़ ने कहा कि वृक्षारोपण करना ही काफी नहीं है इनकी परवरिश करना प्रथम जिम्मेदारी है औम सिंह राठौड़ ने कहा कि जंगलों की कमी से वायु भी दूषित हो गई इससे विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है इसके बाद विद्यालय परिसर से वृक्षारोपण के नारे लगाते हुए सभी प्रताप स्टेडियम पहुंचे और वृक्षारोपण किया कार्यक्रम प्रधानाचार्य सुमित्रा सिंगारिया की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि कर्नल रघुवीर सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् भगवत सिंह राठौड़ औम सिंह राठौड़ गोयला रहे इस दौरान उपप्रधानाचार्य अब्दुल अजीज चौहान उपप्रधानाचार्य जाकिर हुसैन रामप्रसाद माली वृक्षारोपण प्रभारी शारीरिक शिक्षक मान सिंह मीणा दुर्गा लाल कुमावत सरीता कुमारी रेगर रेणुका ऊषा शर्मा ममता मीना जगदीश प्रसाद धोबी महबूब खान हुस्न आरा सुनयना सरिता पूजा सोनु कुमारी टेलर राजेश कुमार गुर्जर शैलेन्द्र सिंह राव शैलेन्द्र सिंह राठौड़ त्रिलोक चंद दिनेश कुमार रामदेव सेन सहित उपस्थित रहे प्रधानाचार्य सुमित्रा सिंगारिया ने सभी का आभार व्यक्त किया धन्यवाद ज्ञापित किया ।
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    रोटरी ई क्लब होली सिटी के तत्वावधान में आयोजित हुआ वृक्षारोपण रा.उ.मा.विधालय गोयला में
अजमेर रोटरी क्लब ई होली सिटी के तत्वावधान में सरवाड़ उपखण्ड क्षेत्र की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोयला में कर्नल रघुवीर सिंह राठौड़ के सानिध्य में हरियाली अमावस्या के अवसर पर प्रताप स्टेडियम में वृक्षारोपण कार्य क्रम आयोजित हुआ  इस दौरान विद्यालय परिसर में छात्रों को कर्नल रघुवीर सिंह राठौड़ ने वृक्षारोपण की महत्ता पर प्रकाश डाला उन्होंने ने कहा कि वृक्षों जंगलों की अंधाधुंध कटाई से प्रकृति का संतुलन डगमगा गया इससे पर्यावरण प्रदूषण हो गया शिक्षा विद भगवत सिंह राठौड़ ने कहा कि वृक्षारोपण करना ही काफी नहीं है इनकी परवरिश करना प्रथम जिम्मेदारी है औम सिंह राठौड़ ने कहा कि जंगलों की कमी से वायु भी दूषित हो गई इससे विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है इसके बाद विद्यालय परिसर से वृक्षारोपण के नारे लगाते हुए सभी प्रताप स्टेडियम पहुंचे और वृक्षारोपण किया कार्यक्रम प्रधानाचार्य सुमित्रा सिंगारिया की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि कर्नल रघुवीर सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् भगवत सिंह राठौड़ औम सिंह राठौड़ गोयला रहे इस दौरान उपप्रधानाचार्य अब्दुल अजीज चौहान उपप्रधानाचार्य जाकिर हुसैन रामप्रसाद माली वृक्षारोपण प्रभारी शारीरिक शिक्षक मान सिंह मीणा दुर्गा लाल कुमावत सरीता कुमारी रेगर रेणुका ऊषा शर्मा ममता मीना जगदीश प्रसाद धोबी महबूब खान हुस्न आरा सुनयना सरिता पूजा सोनु कुमारी टेलर राजेश कुमार गुर्जर शैलेन्द्र सिंह राव शैलेन्द्र सिंह राठौड़ त्रिलोक चंद दिनेश कुमार रामदेव सेन सहित उपस्थित रहे प्रधानाचार्य सुमित्रा सिंगारिया ने सभी का आभार व्यक्त किया धन्यवाद ज्ञापित किया ।
    user_KHABRON KA SAFAR NEWS
    KHABRON KA SAFAR NEWS
    Ajmer, Rajasthan•
    10 hrs ago
  • ajmer में रेड क्रॉस सोसाइटी ने निकाली भव्य तिरंगा रैली ajmer में रेड क्रॉस सोसाइटी ने निकाली भव्य तिरंगा रैली #shorts #youtubeshorts
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    ajmer में रेड क्रॉस  सोसाइटी  ने निकाली भव्य तिरंगा रैली 
ajmer में रेड क्रॉस  सोसाइटी  ने निकाली भव्य तिरंगा रैली #shorts #youtubeshorts
    user_Dainik  news ajmer
    Dainik news ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    22 hrs ago
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