बांका की उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: 12 साल में विधान परिषद में एक बार भी नहीं लिया गया 'बांका' का नाम! * बड़ी खबर: कोसी स्नातक चुनाव को लेकर गरमाई सियासत! * बांका की उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: 12 साल में विधान परिषद में एक बार भी नहीं लिया गया 'बांका' का नाम! * प्रखर उम्मीदवार रजनीश रंजन का बड़ा हमला: "जनता इस बार इन नकारे नेताओं को करारा जवाब देगी!" * खास कार्यक्रम: आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में भव्य 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम का आयोजन। - मंदार 24 न्यूज़] एंकर: नमस्कार, स्वागत है आपका 'मंदार 24 न्यूज़' पर। बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सियासी पारा इन दिनों अपने चरम पर है। वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की घोर उपेक्षा करने और पिछले 12 वर्षों में विधान परिषद के सदन में 'बांका' का नाम तक न लेने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसी ज्वलंत मुद्दे पर हमारी खास और बेबाक बातचीत हुई है कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रखर, ऊर्जावान उम्मीदवार व शिक्षा शास्त्री—रजनीश रंजन (कोसी पुत्र)एवं शिक्षाविद से, जो अपनी जनसंपर्क यात्रा के दौरान बांका के ऐतिहासिक क्षेत्र बाराहाट पहुंचे। आइए देखते और सुनते हैं इस विशेष साक्षात्कार के तीखे और महत्वपूर्ण अंश... कोसी क्षेत्र से चुनकर एमएलसी सदन में जाते हैं, लेकिन आज तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसके लिए आपके पास क्या विजन है? रजनीश रंजन (कोसी पुत्र): (आत्मविश्वास और अपनेपन से भरे स्वर में) आज हम सभी को नमस्ते करने आए हैं। हमारी यह यात्रा 9 जिले पार कर चुकी है और आज हम अपने 10वें जिले—बांका के उस ऐतिहासिक बाराहाट में आए हैं, जिसे हम बचपन से 'बीरनगढ़' या 'बिरनीगड़िया' के नाम से जानते रहे हैं। यह हमारे पूर्वजों की भूमि है। मेरा सहरसा से आंशिक जुड़ाव जरूर है, लेकिन हमारे मूल वंशज यहीं बांका से हैं। मैं आप सबका भाई और भतीजा हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में हमारा 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। आप सभी आएं, अपनी समस्याओं से मुझे अवगत कराएं और अपना आशीर्वाद दें। यदि आप मुझे अपना एमएलसी चुनते हैं, तो अपने पूर्वजों की इस भूमि यानी संपूर्ण बाराहाट और बांका के चहुंमुखी विकास में मैं अपनी पूरी ताकत झोंक दूंगा। बांका एक ऐसा ऐतिहासिक जिला है, जिसे लिखने के लिए दो स्टाइल मिले हैं। बांका के सभी लोग 21 तारीख को इस कार्यक्रम में आएं, हमें जांचिए-परखिए और यदि हम आपकी उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो अपना बहुमूल्य समर्थन दें। सवाल आप चार पीढ़ी के बाद अपनी जड़ों यानी 'बीरनगंज' को ढूंढ रहे हैं, इतना दिन से आप कहां थे? रनीश रंजन (कोसी पुत्र): जब भी हमारे पूर्वज इस क्षेत्र में आते रहे हैं, वे स्मृतियां हमारे कानों में हमेशा गूंजती रही हैं। आज यह मौका इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि हम केवल राजनीति करने नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जनहित में धरातल पर कार्य करने आए हैं। यदि हमारे भीतर अपनी जड़ों से जुड़ाव नहीं होता, तो आज यह संभव नहीं होता। हम अपनी जड़ों को सहेजने और उसे विकास से जोड़ने वाले लोग हैं। सवाल चुनाव जीतने के बाद जनता आपसे सवाल करेगी कि आपने अपने पूर्वजों की इस भूमि के लिए क्या किया? इस पर आपका क्या कहना है? रजनीश रंजन (कोसी पुत्र): (सख्त और दो टूक अंदाज में) जो लोग इससे पहले चुनाव जीतकर सदन में गए हैं, उनसे यह सवाल कीजिए कि उन्होंने क्या किया है! उनके विकास कार्यों की सूची में बांका है ही नहीं। पिछले 12 सालों का उनका संसदीय जीवन बीता, लेकिन एक दिन भी विधान परिषद के अंदर 'बांका' शब्द का प्रयोग तक नहीं किया गया। जिन लोगों को विकास से नफरत है, उनसे आप क्या अपेक्षा कर सकते हैं? अब चुनाव आया है, तो वे कहीं पोल पर लटकते नजर आ रहे हैं, तो कहीं जाति ढूंढने निकल पड़े हैं। लेकिन अबकी बार बांका के प्रबुद्ध मतदाताओं ने उनकी एक-एक चाल और चरित्र को पूरी तरह से समझ लिया है। जनता इस चुनाव में उन्हें इसका करारा जवाब जरूर देगी। मंदार 24 न्यूज़ के माध्यम से हमारी भी आप सभी से यही अपील है कि बांका के तमाम सम्मानित स्नातक बंधु आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में आयोजित 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुंचें। आएं, संवाद करें और क्षेत्र के विकास में अपनी ऐतिहासिक भागीदारी सुनिश्चित करें। आप हर खबर का अपडेट जानने के लिए बने रहे , सच है तो दिखेगा कैमरा पर्सन के साथ, मंदार 24 न्यूज़ टीम, बांका। धन्यवाद।
बांका की उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: 12 साल में विधान परिषद में एक बार भी नहीं लिया गया 'बांका' का नाम! * बड़ी खबर: कोसी स्नातक चुनाव को लेकर गरमाई सियासत! * बांका की उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: 12 साल में विधान परिषद में एक बार भी नहीं लिया गया 'बांका' का नाम! * प्रखर उम्मीदवार रजनीश रंजन का बड़ा हमला: "जनता इस बार इन नकारे नेताओं को करारा जवाब देगी!" * खास कार्यक्रम: आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में भव्य 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम का आयोजन। - मंदार 24 न्यूज़] एंकर: नमस्कार, स्वागत है आपका 'मंदार 24 न्यूज़' पर। बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सियासी पारा इन दिनों अपने चरम पर है। वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की घोर उपेक्षा करने और पिछले 12 वर्षों में विधान परिषद के सदन में 'बांका' का नाम तक न लेने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसी ज्वलंत मुद्दे पर हमारी खास और बेबाक बातचीत हुई है कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रखर, ऊर्जावान उम्मीदवार व शिक्षा शास्त्री—रजनीश रंजन (कोसी पुत्र)एवं शिक्षाविद से, जो अपनी जनसंपर्क यात्रा के दौरान बांका के ऐतिहासिक क्षेत्र बाराहाट पहुंचे। आइए देखते और सुनते हैं इस विशेष साक्षात्कार के तीखे और महत्वपूर्ण अंश... कोसी क्षेत्र से चुनकर एमएलसी सदन में जाते हैं, लेकिन आज तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसके लिए आपके पास क्या विजन है? रजनीश रंजन (कोसी पुत्र): (आत्मविश्वास और अपनेपन से भरे स्वर में) आज हम सभी को नमस्ते करने आए हैं। हमारी यह यात्रा 9 जिले पार कर चुकी है और आज हम अपने 10वें जिले—बांका के उस ऐतिहासिक बाराहाट में आए हैं, जिसे हम बचपन से 'बीरनगढ़' या 'बिरनीगड़िया' के नाम से जानते रहे हैं। यह हमारे पूर्वजों की भूमि है। मेरा सहरसा से आंशिक जुड़ाव जरूर है, लेकिन हमारे मूल वंशज यहीं बांका से हैं। मैं आप सबका भाई और भतीजा हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में हमारा 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। आप सभी आएं, अपनी समस्याओं से मुझे अवगत कराएं और अपना आशीर्वाद दें। यदि आप मुझे अपना एमएलसी चुनते हैं, तो अपने पूर्वजों की इस भूमि यानी संपूर्ण बाराहाट और बांका के चहुंमुखी विकास में मैं अपनी पूरी ताकत झोंक दूंगा। बांका एक ऐसा ऐतिहासिक जिला है, जिसे लिखने के लिए दो स्टाइल मिले हैं। बांका के सभी लोग 21 तारीख को इस कार्यक्रम में आएं, हमें जांचिए-परखिए और यदि हम आपकी उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो अपना बहुमूल्य समर्थन दें। सवाल आप चार पीढ़ी के बाद अपनी जड़ों यानी 'बीरनगंज' को ढूंढ रहे हैं, इतना दिन से आप कहां थे? रनीश रंजन (कोसी पुत्र): जब भी हमारे पूर्वज इस क्षेत्र में आते रहे हैं, वे स्मृतियां हमारे कानों में हमेशा गूंजती रही हैं। आज यह मौका इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि हम केवल राजनीति करने नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जनहित में धरातल पर कार्य करने आए हैं। यदि हमारे भीतर अपनी जड़ों से जुड़ाव नहीं होता, तो आज यह संभव नहीं होता। हम अपनी जड़ों को सहेजने और उसे विकास से जोड़ने वाले लोग हैं। सवाल चुनाव जीतने के बाद जनता आपसे सवाल करेगी कि आपने अपने पूर्वजों की इस भूमि के लिए क्या किया? इस पर आपका क्या कहना है? रजनीश रंजन (कोसी पुत्र): (सख्त और दो टूक अंदाज में) जो लोग इससे पहले चुनाव जीतकर सदन में गए हैं, उनसे यह सवाल कीजिए कि उन्होंने क्या किया है! उनके विकास कार्यों की सूची में बांका है ही नहीं। पिछले 12 सालों का उनका संसदीय जीवन बीता, लेकिन एक दिन भी विधान परिषद के अंदर 'बांका' शब्द का प्रयोग तक नहीं किया गया। जिन लोगों को विकास से नफरत है, उनसे आप क्या अपेक्षा कर सकते हैं? अब चुनाव आया है, तो वे कहीं पोल पर लटकते नजर आ रहे हैं, तो कहीं जाति ढूंढने निकल पड़े हैं। लेकिन अबकी बार बांका के प्रबुद्ध मतदाताओं ने उनकी एक-एक चाल और चरित्र को पूरी तरह से समझ लिया है। जनता इस चुनाव में उन्हें इसका करारा जवाब जरूर देगी। मंदार 24 न्यूज़ के माध्यम से हमारी भी आप सभी से यही अपील है कि बांका के तमाम सम्मानित स्नातक बंधु आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में आयोजित 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुंचें। आएं, संवाद करें और क्षेत्र के विकास में अपनी ऐतिहासिक भागीदारी सुनिश्चित करें। आप हर खबर का अपडेट जानने के लिए बने रहे , सच है तो दिखेगा कैमरा पर्सन के साथ, मंदार 24 न्यूज़ टीम, बांका। धन्यवाद।
- 🚨 नशे के खिलाफ बांका में बड़ा जागरूकता अभियान, घर-घर संदेश पहुंचाने का संकल्प! 📍 बांका शहर के शिवाजी चौक पर रविवार को नेहरू युवा केंद्र, बांका, भारत सरकार की ओर से नशा मुक्त भारत सेवा पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नशे के खिलाफ बैनर के साथ लोगों को जागरूक किया गया और नशामुक्त समाज बनाने के लिए संदेश को घर-घर और जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में नेहरू युवा केंद्र, स्वास्थ्य विभाग, अंश नया सवेरा और समाजसेवियों सहित कई लोग मौजूद रहे। 💪 नशे को ना, स्वस्थ समाज को हां! 📲 पूरी खबर के लिए जुड़े रहें बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल के साथ।1
- बांका के बाराहाट में करंट की चपेट में आने से 9 वर्षीय बच्चे की मौत, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप1
- बांका की उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: 12 साल में विधान परिषद में एक बार भी नहीं लिया गया 'बांका' का नाम! * बड़ी खबर: कोसी स्नातक चुनाव को लेकर गरमाई सियासत! * बांका की उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: 12 साल में विधान परिषद में एक बार भी नहीं लिया गया 'बांका' का नाम! * प्रखर उम्मीदवार रजनीश रंजन का बड़ा हमला: "जनता इस बार इन नकारे नेताओं को करारा जवाब देगी!" * खास कार्यक्रम: आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में भव्य 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम का आयोजन। - मंदार 24 न्यूज़] एंकर: नमस्कार, स्वागत है आपका 'मंदार 24 न्यूज़' पर। बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सियासी पारा इन दिनों अपने चरम पर है। वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की घोर उपेक्षा करने और पिछले 12 वर्षों में विधान परिषद के सदन में 'बांका' का नाम तक न लेने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसी ज्वलंत मुद्दे पर हमारी खास और बेबाक बातचीत हुई है कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रखर, ऊर्जावान उम्मीदवार व शिक्षा शास्त्री—रजनीश रंजन (कोसी पुत्र)एवं शिक्षाविद से, जो अपनी जनसंपर्क यात्रा के दौरान बांका के ऐतिहासिक क्षेत्र बाराहाट पहुंचे। आइए देखते और सुनते हैं इस विशेष साक्षात्कार के तीखे और महत्वपूर्ण अंश... कोसी क्षेत्र से चुनकर एमएलसी सदन में जाते हैं, लेकिन आज तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसके लिए आपके पास क्या विजन है? रजनीश रंजन (कोसी पुत्र): (आत्मविश्वास और अपनेपन से भरे स्वर में) आज हम सभी को नमस्ते करने आए हैं। हमारी यह यात्रा 9 जिले पार कर चुकी है और आज हम अपने 10वें जिले—बांका के उस ऐतिहासिक बाराहाट में आए हैं, जिसे हम बचपन से 'बीरनगढ़' या 'बिरनीगड़िया' के नाम से जानते रहे हैं। यह हमारे पूर्वजों की भूमि है। मेरा सहरसा से आंशिक जुड़ाव जरूर है, लेकिन हमारे मूल वंशज यहीं बांका से हैं। मैं आप सबका भाई और भतीजा हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में हमारा 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। आप सभी आएं, अपनी समस्याओं से मुझे अवगत कराएं और अपना आशीर्वाद दें। यदि आप मुझे अपना एमएलसी चुनते हैं, तो अपने पूर्वजों की इस भूमि यानी संपूर्ण बाराहाट और बांका के चहुंमुखी विकास में मैं अपनी पूरी ताकत झोंक दूंगा। बांका एक ऐसा ऐतिहासिक जिला है, जिसे लिखने के लिए दो स्टाइल मिले हैं। बांका के सभी लोग 21 तारीख को इस कार्यक्रम में आएं, हमें जांचिए-परखिए और यदि हम आपकी उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो अपना बहुमूल्य समर्थन दें। सवाल आप चार पीढ़ी के बाद अपनी जड़ों यानी 'बीरनगंज' को ढूंढ रहे हैं, इतना दिन से आप कहां थे? रनीश रंजन (कोसी पुत्र): जब भी हमारे पूर्वज इस क्षेत्र में आते रहे हैं, वे स्मृतियां हमारे कानों में हमेशा गूंजती रही हैं। आज यह मौका इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि हम केवल राजनीति करने नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जनहित में धरातल पर कार्य करने आए हैं। यदि हमारे भीतर अपनी जड़ों से जुड़ाव नहीं होता, तो आज यह संभव नहीं होता। हम अपनी जड़ों को सहेजने और उसे विकास से जोड़ने वाले लोग हैं। सवाल चुनाव जीतने के बाद जनता आपसे सवाल करेगी कि आपने अपने पूर्वजों की इस भूमि के लिए क्या किया? इस पर आपका क्या कहना है? रजनीश रंजन (कोसी पुत्र): (सख्त और दो टूक अंदाज में) जो लोग इससे पहले चुनाव जीतकर सदन में गए हैं, उनसे यह सवाल कीजिए कि उन्होंने क्या किया है! उनके विकास कार्यों की सूची में बांका है ही नहीं। पिछले 12 सालों का उनका संसदीय जीवन बीता, लेकिन एक दिन भी विधान परिषद के अंदर 'बांका' शब्द का प्रयोग तक नहीं किया गया। जिन लोगों को विकास से नफरत है, उनसे आप क्या अपेक्षा कर सकते हैं? अब चुनाव आया है, तो वे कहीं पोल पर लटकते नजर आ रहे हैं, तो कहीं जाति ढूंढने निकल पड़े हैं। लेकिन अबकी बार बांका के प्रबुद्ध मतदाताओं ने उनकी एक-एक चाल और चरित्र को पूरी तरह से समझ लिया है। जनता इस चुनाव में उन्हें इसका करारा जवाब जरूर देगी। मंदार 24 न्यूज़ के माध्यम से हमारी भी आप सभी से यही अपील है कि बांका के तमाम सम्मानित स्नातक बंधु आगामी 21 सितंबर को चंद्र सिंह नगर भवन में आयोजित 'नमस्ते बांका' कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुंचें। आएं, संवाद करें और क्षेत्र के विकास में अपनी ऐतिहासिक भागीदारी सुनिश्चित करें। आप हर खबर का अपडेट जानने के लिए बने रहे , सच है तो दिखेगा कैमरा पर्सन के साथ, मंदार 24 न्यूज़ टीम, बांका। धन्यवाद।1
- बांका जिला के चांदन में बायोमेट्रिक हाजिरी के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों का आक्रोश, प्रभारी को सौंपा ज्ञापन बायोमेट्रिक हाजिरी के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों का आक्रोश, प्रभारी को सौंपा ज्ञापन आक्रोश: दूर-दराज क्षेत्र से आने-जाने में हो रही परेशानी, निरस्त नहीं हुआ आदेश तो उग्र आंदोलन की चेतावनी1
- चाँदन-दो स्कार्पियो की आमन -सामने की टक्कर में कोई हताहत नहीं कटोरिया भैरोगंज मुख्य सड़क मार्ग के खरना मोड़ के समीप दो स्कार्पियो वैन की आमने सामने की टक्कर में कोई हताहत नहीं। जानकारी के अनुसार खरना मोड़ के समीप उस समय अफ़रा-तफ़री का माहौल हो गया जब तिखी मोड़ पर विपरित दिशा से आ रही दो स्कार्पियो आपस में टकरा कर एक स्कार्पियो वैन गड्ढे में समा गई।गणीमत रहा कि इस स्कार्पियो वैन में सवार कोई लोग हताहत नहीं हुआ।कड़ी मुशक्कत के बाद खायी में समायी स्कॉर्पियो को जेसीबी मशीन से बाहर निकाला। घटना की सुचना पर पहुंचे आनंदपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- अचानक दिल्ली के सड़कों से गायब हुई DTC Bus देखिये हडताड़1
- मैं इस प्रदेश की सरकार से कहना चाहता हूं अगर आपको शासन प्रशासन चलाने में कठिनाई हो रही है तो मेरे जैसा सलाहकार रखिए प्रदेश में सारा सरकारी सिस्टम 5 वर्षों के अंदर ठीक हो जाएगा1
- 🔴 अमरपुर में अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार, पिस्टल-मस्केट और जिंदा कारतूस बरामद 🚨 घर में छिपे थे हथियार... पुलिस ने मारी रेड और दो आरोपी गिरफ्तार! बांका के अमरपुर थाना क्षेत्र के डुमरामा गांव में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक बंद पड़े मकान में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 🔥 🚔 छापेमारी में पुलिस ने एक देशी पिस्टल मैगजीन सहित, दो देशी मस्केट, एक देशी कट्टा और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। 👮 गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम कुमार उर्फ शुभम भट्टाचार्य उर्फ शुभम कुमार झा और मो. तेहरात के रूप में हुई है। 🔎 पुलिस अब हथियारों के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। 📍 स्थान: अमरपुर, बांका 📲 बांका की हर खबर से अपडेट रहने के लिए बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल को फॉलो करें।1