धुरंधर मूवी के पोस्टर में अखिलेश शासन को ल्यारी राज दर्शाने पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क। एंकर - लखनऊ में धुरंधर फिल्म के नाम पर लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भड़क उठे हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को सोची समझी साजिश बताया है बर्क ने साफ कहा कि इन पोस्टरों के जरिए अखिलेश यादव की छवि खराब करने और युवाओं को भटकाने की कोशिश की जा रही है जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी वी ओ - दरअसल राजधानी लखनऊ के कई बड़े चौराहों और खासकर मुख्यमंत्री आवास के आसपास ऐसे पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं जिनमें एक तरफ सपा शासन को लयारी राज बताकर कटाक्ष किया गया है तो दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ को धुरंधर बताकर मौजूदा सरकार की सख्ती को दिखाने की कोशिश की गई है इस पोस्टर अभियान को Youth Against Mafia के नाम से चलाया जा रहा है इन होर्डिंग्स में मुजफ्फरनगर मेरठ और शामली जैसे दंगों का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया गया है वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार के दौरान माफिया के खिलाफ हुई कार्रवाई को प्रमुखता से दिखाया गया है अतीक अहमद मुख्तार अंसारी और मुकीम काला जैसे कुख्यात नामों के साथ उनके अंत से जुड़ी खबरों की कटिंग्स लगाकर सख्त शासन का संदेश देने की कोशिश की गई है इसी पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सब चुनाव से पहले की साजिश है उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई सबूत है तो सामने लाए खाली आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा और अगर समाजवादी पार्टी ने भी इसी अंदाज में जवाब देना शुरू किया तो बीजेपी के लोग घरों से निकलना मुश्किल समझेंगे बर्क ने यह भी कहा कि किसी को भी किसी नेता की छवि खराब करने का अधिकार नहीं है और इस तरह के पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए उन्होंने युवाओं को भटकाने की कोशिशों पर भी चिंता जताई और कहा कि समाज में भाईचारा बिगाड़ने की ऐसी हरकतों को रोका जाना जरूरी है फिलहाल सपा की तरफ से आगे क्या कदम उठाया जाएगा इस पर बर्क ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा लेकिन इतना तय है कि धुरंधर फिल्म से शुरू हुआ विवाद अब यूपी की सियासत में खुली जंग बन चुका है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है
धुरंधर मूवी के पोस्टर में अखिलेश शासन को ल्यारी राज दर्शाने पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क। एंकर - लखनऊ में धुरंधर फिल्म के नाम पर लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भड़क उठे हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को सोची समझी साजिश बताया है बर्क ने साफ कहा कि इन पोस्टरों के जरिए अखिलेश यादव की छवि खराब करने और युवाओं को भटकाने की कोशिश की जा रही है जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी वी ओ - दरअसल राजधानी लखनऊ के कई बड़े चौराहों और खासकर मुख्यमंत्री आवास के आसपास ऐसे पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं जिनमें एक तरफ सपा शासन को लयारी राज बताकर कटाक्ष किया गया है तो दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ को धुरंधर बताकर मौजूदा सरकार की सख्ती को दिखाने की कोशिश की गई है इस पोस्टर अभियान को Youth Against Mafia के नाम से चलाया जा रहा है इन होर्डिंग्स में मुजफ्फरनगर मेरठ और शामली जैसे दंगों का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया गया है वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार के दौरान माफिया के खिलाफ हुई कार्रवाई को प्रमुखता से दिखाया गया है अतीक अहमद मुख्तार अंसारी और मुकीम काला जैसे कुख्यात नामों के साथ उनके अंत से जुड़ी खबरों की कटिंग्स लगाकर सख्त शासन का संदेश देने की कोशिश की गई है इसी पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सब चुनाव से पहले की साजिश है उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई सबूत है तो सामने लाए खाली आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा और अगर समाजवादी पार्टी ने भी इसी अंदाज में जवाब देना शुरू किया तो बीजेपी के लोग घरों से निकलना मुश्किल समझेंगे बर्क ने यह भी कहा कि किसी को भी किसी नेता की छवि खराब करने का अधिकार नहीं है और इस तरह के पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए उन्होंने युवाओं को भटकाने की कोशिशों पर भी चिंता जताई और कहा कि समाज में भाईचारा बिगाड़ने की ऐसी हरकतों को रोका जाना जरूरी है फिलहाल सपा की तरफ से आगे क्या कदम उठाया जाएगा इस पर बर्क ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा लेकिन इतना तय है कि धुरंधर फिल्म से शुरू हुआ विवाद अब यूपी की सियासत में खुली जंग बन चुका है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है
- संभल में जिम्मेदारों की लापरवाही से सड़कों पर दौड़ रही ‘जिंदा मौत’एडवोकेट अमित उठवाल। सम्भल। जनपद सम्भल में अवैध रूप से संचालित डग्गामार वाहनों को लेकर एडवोकेट अमित कुमार उठवाल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में बिना अनुमति के चल रहे ओवरलोड वाहनों का संचालन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही, शबल्कि मिलीभगत का परिणाम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा चालान की कार्रवाई केवल आम और गरीब लोगों तक सीमित रह गई है। यदि कोई छात्र ट्यूशन से लौट रहा हो या कोई जरूरतमंद व्यक्ति दवाई लेने के लिए सम्भल आता है,तो उसे ही निशाना बनाकर चालान कर दिया जाता है,जबकि खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालक बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं।एडवोकेट उठवाल ने विशेष रूप से चौधरी सराय पुलिस चौकी के पास सम्भल-हसनपुर मार्ग का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां से प्रतिदिन निजी वाहनों में ओवरलोड सवारियां भरकर दिल्ली तक ले जाई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस चौकी कुछ ही दूरी पर स्थित है और वहां यातायात पुलिस की नियमित तैनाती भी रहती है,इसके बावजूद इन वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।उन्होंने इसे यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि ये वाहन “जिंदा मौत” बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यदि समय रहते इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।एडवोकेट अमित उठवाल ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए,ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। टीआई दुष्यंत कुमार द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि चौधरी सराय पर कोई टैक्सी स्टैंड नहीं है कार्रवाई करते हुए सोमवार एक कर को सीज किया गया।1
- एंकर - लखनऊ में धुरंधर फिल्म के नाम पर लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भड़क उठे हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को सोची समझी साजिश बताया है बर्क ने साफ कहा कि इन पोस्टरों के जरिए अखिलेश यादव की छवि खराब करने और युवाओं को भटकाने की कोशिश की जा रही है जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी वी ओ - दरअसल राजधानी लखनऊ के कई बड़े चौराहों और खासकर मुख्यमंत्री आवास के आसपास ऐसे पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं जिनमें एक तरफ सपा शासन को लयारी राज बताकर कटाक्ष किया गया है तो दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ को धुरंधर बताकर मौजूदा सरकार की सख्ती को दिखाने की कोशिश की गई है इस पोस्टर अभियान को Youth Against Mafia के नाम से चलाया जा रहा है इन होर्डिंग्स में मुजफ्फरनगर मेरठ और शामली जैसे दंगों का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया गया है वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार के दौरान माफिया के खिलाफ हुई कार्रवाई को प्रमुखता से दिखाया गया है अतीक अहमद मुख्तार अंसारी और मुकीम काला जैसे कुख्यात नामों के साथ उनके अंत से जुड़ी खबरों की कटिंग्स लगाकर सख्त शासन का संदेश देने की कोशिश की गई है इसी पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सब चुनाव से पहले की साजिश है उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई सबूत है तो सामने लाए खाली आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा और अगर समाजवादी पार्टी ने भी इसी अंदाज में जवाब देना शुरू किया तो बीजेपी के लोग घरों से निकलना मुश्किल समझेंगे बर्क ने यह भी कहा कि किसी को भी किसी नेता की छवि खराब करने का अधिकार नहीं है और इस तरह के पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए उन्होंने युवाओं को भटकाने की कोशिशों पर भी चिंता जताई और कहा कि समाज में भाईचारा बिगाड़ने की ऐसी हरकतों को रोका जाना जरूरी है फिलहाल सपा की तरफ से आगे क्या कदम उठाया जाएगा इस पर बर्क ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा लेकिन इतना तय है कि धुरंधर फिल्म से शुरू हुआ विवाद अब यूपी की सियासत में खुली जंग बन चुका है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है1
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- विद्यालय में “स्कूल चलो अभियान” का सफल आयोजन जनपद मुरादाबाद के विकास क्षेत्र बिलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सिहाली माला स्थित कंपोजिट विद्यालय सिहाली माला में दिनांक 07 अप्रैल 2026, मंगलवार को प्रातः 8:00 बजे “स्कूल चलो अभियान” के अंतर्गत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान में विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं समस्त शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का शुभारंभ कंपोजिट विद्यालय से हुआ, जो बंजारा मोहल्ला, सलवानी मोहल्ला एवं जाटव मोहल्ला से होते हुए पुनः विद्यालय परिसर में आकर समाप्त हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रेरणादायक नारे लगाए गए, जैसे— “एक भी बच्चा छूट गया, संकल्प हमारा टूट गया” “कोई न छूटे अबकी बार, शिक्षा है सबका अधिकार” “बेटी-बेटा एक समान, सबको शिक्षा एक समान” “घर-घर गूंजे एक ही नारा, साक्षर बने देश हमारा” विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेन्द्र पाल सिंह एवं समस्त स्टाफ—श्री राहुल गुप्ता, कुमारी सुमनलता, श्री मनोज कुमार यादव, श्री राहुल कुमार गौतम, श्री गुड्डू पाल सिंह, श्री मौहित चौधरी, श्री जगबीर सिंह तथा श्री जितेन्द्र कुमार सहित अन्य शिक्षकों की उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय में निशुल्क शिक्षा, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, डीबीटी अनुदान, नियमित मध्याह्न भोजन तथा प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। साथ ही छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना तथा शिक्षा के महत्व के प्रति जन-जागरूकता फैलाना रहा4
- (बदायूँ): तहसील क्षेत्र के ग्राम सिरसौल में वाल्मीकि समाज की श्मशान भूमि पर अवैध कब्जे और रास्ते के विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। अंबेडकर जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में समाज के सैकड़ों लोगों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हुंकार भरी। राहुल कुमार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर भूमि को कब्जा मुक्त नहीं किया गया, तो पार्टी एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी। दबंगों के चंगुल में श्मशान, शव यात्रा ले जाना हुआ दूभर ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में वाल्मीकि समाज के अंतिम संस्कार के लिए 2.5 बीघा भूमि आवंटित है। लेकिन स्थानीय दबंगों ने इस पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे अब मात्र आधी जमीन ही शेष बची है। रास्ता बंद: दबंगों ने श्मशान की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग को बाधित कर दिया है। जलभराव की समस्या: बारिश के दिनों में रास्ते पर घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे शव यात्रा ले जाना लगभग असंभव हो जाता है। ग्रामीणों ने इसे मानवीय अधिकारों का हनन बताया है। अंबेडकर जस्टिस पार्टी की मुख्य माँगें राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने निरीक्षण के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी माँगें रखीं: श्मशान भूमि की अविलंब पैमाइश कराकर उसे कब्जा मुक्त किया जाए। अंतिम संस्कार स्थल पर टीन शेड और पेयजल (नल) की तत्काल व्यवस्था हो। श्मशान घाट तक पहुँचने के लिए CC रोड का निर्माण कराया जाए ताकि जलभराव से स्थाई मुक्ति मिल सके। चेतावनी के बाद जागा प्रशासन, लेखपाल ने की पैमाइश पार्टी के कड़े रुख और संभावित आंदोलन को देखते हुए तहसील प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में मौके पर लेखपाल को भेजकर भूमि की नपाई कराई गई। वहीं, पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध धारा 116 के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। "यह केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि समाज के सम्मान की लड़ाई है। सात दिनों में समाधान नहीं हुआ तो हम ईंट से ईंट बजा देंगे।" > — राहुल कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अंबेडकर जस्टिस पार्टी मौके पर रहे मौजूद: इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामसेवक सागर, राष्ट्रीय सचिव सुधीर कुमार, राष्ट्रीय प्रवक्ता आकाश बाबू, जिला सचिव सुनील कुमार, राजेश वाल्मीकि, और ब्लॉक अध्यक्ष धर्मवीर वाल्मीकि सहित बबलू वाल्मीकि, आदेश, सनी और राजेश जैसे सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- Post by सचिन चौधरी उत्तर प्रदेश बदायूं3
- Post by Chunmun Gupta पत्रकार1
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