यह पोस्ट दुनिया के उन '3 सम्राटों' की हुंकार पर प्रकाश डालती है जो सारी दुनिया को अपनी मुट्ठी में रखना चाहते हैं। इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को विश्व की महाशक्ति बताते हुए सभी से अपनी बात मानने को कहते हैं, धमकी देते हुए कि अन्यथा हर किसी का हस्र वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो जैसा होगा, यानी घर में घुसकर परिणाम भुगतना पड़ेगा। उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन को 'आतिशबाज' बताया गया है, जिन्हें अपनी मिसाइलों पर बहुत गुरूर है और वे सभी से भिड़ने के लिए तैयार रहते हैं। मिसाइल परीक्षण के दौरान वे दीपावली की आतिशबाजी जैसा आनंद लेते हैं, और उनका गुस्सा इतना तेज है कि थोड़ी सी गलती पर अपने अधिकारियों एवं रिश्तेदारों को गोलियों से भुनवा देते हैं। तीसरे नंबर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैं, जिन्होंने दुनिया में विध्वंस मचाने वाली एक से बढ़कर एक खतरनाक मिसाइलें और परमाणु मिसाइलें बना रखी हैं, जो ब्लास्ट होने के बाद भी सालों तक वहां की जनता एवं भूमि को दूषित करती रहती हैं। पोस्ट विशेष रूप से व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के संबंध को रेखांकित करती है, जिसमें कहा गया है कि पुतिन अपने पड़ोसी यूक्रेन और उसके राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को धरती से मिटाना चाहते हैं। इस क्रम में, 24 फरवरी, 2022 से आज 28 मई, 2026 तक, यानी 4 साल या 51 महीने या कुल 1550 दिन बीत चुके हैं, लेकिन रूस का यूक्रेन पर पहला हमला रुका नहीं है। रूस चौबीस घंटे मिसाइलें फेंककर यूक्रेन की जनता, इमारतों और भूमि को 'खालिस्तान' बनाने में लगा है, जिसने यूक्रेनवासियों और ज़ेलेंस्की का जीवन नरक बना दिया है, जहाँ उन्हें हर घड़ी मौत का सामना करना पड़ता है। पोस्ट 'ऑपरेशन सिंदूर मिसाइल एवं हवाई हमले' का उदाहरण देती है, जो केवल 4 दिन चला था और उसमें ही पाकिस्तान रोटी खाना और नमाज पढ़ना भूल गया था, जबकि यूक्रेनवासियों पर 1550 दिनों से मौत मंडरा रही है। पोस्ट कुदरत की सृष्टि रचना और इंसान द्वारा खड़े किए गए रंग-बिरंगे महलों पर दुश्मन द्वारा उन्हें खंडहर बनाने की प्रवृत्ति पर दुख व्यक्त करती है, यह भी बताती है कि विश्व के 195 (या 202) देश आपस में भिड़ते रहते हैं। आगे, पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर दबाव बनाने की बात करती है, जिसमें वह भारत सहित सभी मुल्कों से अपनी 'हेंकड़ी' बताते हुए अपने मांसाहार वाला दूध और अनाज खरीदने को कहता है। इस पर पोस्ट का कहना है कि जब हमारे घर में रोटी है तो तेरे घर मांगने क्यों जाएंगे? और यदि ट्रंप नाराज होकर अपने टैक्स बढ़ाता है, तो भी भारत उसके आगे झुकने वाला नहीं है। भारत के पास अपना दूध भी है, अनाज भी है और हथियार भी हैं, और भारत ट्रंप से गिड़गिड़ाने वाला नहीं है, क्योंकि भारत का नाम विश्व युद्ध महाशक्तियों में दर्ज है। ट्रंप द्वारा भारत का हस्र भी वेनेजुएला जैसा करने की धमकी पर पोस्ट का जवाब है कि वेनेजुएला तो 'चूतिया' था जिसने अपनी खेती-बाड़ी छोड़कर ट्रंप पर आश्रित हो गया, जिसके बाद ट्रंप ने उसे अनाज देना बंद कर दिया और वे रोटियों के लिए मोहताज हो गए।
यह पोस्ट दुनिया के उन '3 सम्राटों' की हुंकार पर प्रकाश डालती है जो सारी दुनिया को अपनी मुट्ठी में रखना चाहते हैं। इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को विश्व की महाशक्ति बताते हुए सभी से अपनी बात मानने को कहते हैं, धमकी देते हुए कि अन्यथा हर किसी का हस्र वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो जैसा होगा, यानी घर में घुसकर परिणाम भुगतना पड़ेगा। उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन को 'आतिशबाज' बताया गया है, जिन्हें अपनी मिसाइलों पर बहुत गुरूर है और वे सभी से भिड़ने के लिए तैयार रहते हैं। मिसाइल परीक्षण के दौरान वे दीपावली की आतिशबाजी जैसा आनंद लेते हैं, और उनका गुस्सा इतना तेज है कि थोड़ी सी गलती पर अपने अधिकारियों एवं रिश्तेदारों को गोलियों से भुनवा देते हैं। तीसरे नंबर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैं, जिन्होंने दुनिया में विध्वंस मचाने वाली एक से बढ़कर एक खतरनाक मिसाइलें और परमाणु मिसाइलें बना रखी हैं, जो ब्लास्ट होने के बाद भी सालों तक वहां की जनता एवं भूमि को दूषित करती रहती हैं। पोस्ट विशेष रूप से व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के संबंध को रेखांकित करती है, जिसमें कहा गया है कि पुतिन अपने पड़ोसी यूक्रेन और उसके राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को धरती से मिटाना चाहते हैं। इस क्रम में, 24 फरवरी, 2022 से आज 28 मई, 2026 तक, यानी 4 साल या 51 महीने या कुल 1550 दिन बीत चुके हैं, लेकिन रूस का यूक्रेन पर पहला हमला रुका नहीं है। रूस चौबीस घंटे मिसाइलें फेंककर यूक्रेन की जनता, इमारतों और भूमि को 'खालिस्तान' बनाने में लगा है, जिसने यूक्रेनवासियों और ज़ेलेंस्की का जीवन नरक बना दिया है, जहाँ उन्हें हर घड़ी मौत का सामना करना पड़ता है। पोस्ट 'ऑपरेशन सिंदूर मिसाइल एवं हवाई हमले' का उदाहरण देती है, जो केवल 4 दिन चला था और उसमें ही पाकिस्तान रोटी खाना और नमाज पढ़ना भूल गया था, जबकि यूक्रेनवासियों पर 1550 दिनों से मौत मंडरा रही है। पोस्ट कुदरत की सृष्टि रचना और इंसान द्वारा खड़े किए गए रंग-बिरंगे महलों पर दुश्मन द्वारा उन्हें खंडहर बनाने की प्रवृत्ति पर दुख व्यक्त करती है, यह भी बताती है कि विश्व के 195 (या 202) देश आपस में भिड़ते रहते हैं। आगे, पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर दबाव बनाने की बात करती है, जिसमें वह भारत सहित सभी मुल्कों से अपनी 'हेंकड़ी' बताते हुए अपने मांसाहार वाला दूध और अनाज खरीदने को कहता है। इस पर पोस्ट का कहना है कि जब हमारे घर में रोटी है तो तेरे घर मांगने क्यों जाएंगे? और यदि ट्रंप नाराज होकर अपने टैक्स बढ़ाता है, तो भी भारत उसके आगे झुकने वाला नहीं है। भारत के पास अपना दूध भी है, अनाज भी है और हथियार भी हैं, और भारत ट्रंप से गिड़गिड़ाने वाला नहीं है, क्योंकि भारत का नाम विश्व युद्ध महाशक्तियों में दर्ज है। ट्रंप द्वारा भारत का हस्र भी वेनेजुएला जैसा करने की धमकी पर पोस्ट का जवाब है कि वेनेजुएला तो 'चूतिया' था जिसने अपनी खेती-बाड़ी छोड़कर ट्रंप पर आश्रित हो गया, जिसके बाद ट्रंप ने उसे अनाज देना बंद कर दिया और वे रोटियों के लिए मोहताज हो गए।
- Ranjan KumarBodh Gaya, Bihar😤2 hrs ago
- Ranjan KumarBodh Gaya, Bihar😡2 hrs ago
- यह पोस्ट दुनिया के उन '3 सम्राटों' की हुंकार पर प्रकाश डालती है जो सारी दुनिया को अपनी मुट्ठी में रखना चाहते हैं। इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को विश्व की महाशक्ति बताते हुए सभी से अपनी बात मानने को कहते हैं, धमकी देते हुए कि अन्यथा हर किसी का हस्र वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो जैसा होगा, यानी घर में घुसकर परिणाम भुगतना पड़ेगा। उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन को 'आतिशबाज' बताया गया है, जिन्हें अपनी मिसाइलों पर बहुत गुरूर है और वे सभी से भिड़ने के लिए तैयार रहते हैं। मिसाइल परीक्षण के दौरान वे दीपावली की आतिशबाजी जैसा आनंद लेते हैं, और उनका गुस्सा इतना तेज है कि थोड़ी सी गलती पर अपने अधिकारियों एवं रिश्तेदारों को गोलियों से भुनवा देते हैं। तीसरे नंबर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैं, जिन्होंने दुनिया में विध्वंस मचाने वाली एक से बढ़कर एक खतरनाक मिसाइलें और परमाणु मिसाइलें बना रखी हैं, जो ब्लास्ट होने के बाद भी सालों तक वहां की जनता एवं भूमि को दूषित करती रहती हैं। पोस्ट विशेष रूप से व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के संबंध को रेखांकित करती है, जिसमें कहा गया है कि पुतिन अपने पड़ोसी यूक्रेन और उसके राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को धरती से मिटाना चाहते हैं। इस क्रम में, 24 फरवरी, 2022 से आज 28 मई, 2026 तक, यानी 4 साल या 51 महीने या कुल 1550 दिन बीत चुके हैं, लेकिन रूस का यूक्रेन पर पहला हमला रुका नहीं है। रूस चौबीस घंटे मिसाइलें फेंककर यूक्रेन की जनता, इमारतों और भूमि को 'खालिस्तान' बनाने में लगा है, जिसने यूक्रेनवासियों और ज़ेलेंस्की का जीवन नरक बना दिया है, जहाँ उन्हें हर घड़ी मौत का सामना करना पड़ता है। पोस्ट 'ऑपरेशन सिंदूर मिसाइल एवं हवाई हमले' का उदाहरण देती है, जो केवल 4 दिन चला था और उसमें ही पाकिस्तान रोटी खाना और नमाज पढ़ना भूल गया था, जबकि यूक्रेनवासियों पर 1550 दिनों से मौत मंडरा रही है। पोस्ट कुदरत की सृष्टि रचना और इंसान द्वारा खड़े किए गए रंग-बिरंगे महलों पर दुश्मन द्वारा उन्हें खंडहर बनाने की प्रवृत्ति पर दुख व्यक्त करती है, यह भी बताती है कि विश्व के 195 (या 202) देश आपस में भिड़ते रहते हैं। आगे, पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर दबाव बनाने की बात करती है, जिसमें वह भारत सहित सभी मुल्कों से अपनी 'हेंकड़ी' बताते हुए अपने मांसाहार वाला दूध और अनाज खरीदने को कहता है। इस पर पोस्ट का कहना है कि जब हमारे घर में रोटी है तो तेरे घर मांगने क्यों जाएंगे? और यदि ट्रंप नाराज होकर अपने टैक्स बढ़ाता है, तो भी भारत उसके आगे झुकने वाला नहीं है। भारत के पास अपना दूध भी है, अनाज भी है और हथियार भी हैं, और भारत ट्रंप से गिड़गिड़ाने वाला नहीं है, क्योंकि भारत का नाम विश्व युद्ध महाशक्तियों में दर्ज है। ट्रंप द्वारा भारत का हस्र भी वेनेजुएला जैसा करने की धमकी पर पोस्ट का जवाब है कि वेनेजुएला तो 'चूतिया' था जिसने अपनी खेती-बाड़ी छोड़कर ट्रंप पर आश्रित हो गया, जिसके बाद ट्रंप ने उसे अनाज देना बंद कर दिया और वे रोटियों के लिए मोहताज हो गए।1
- गुरुवार को नवादा के हिसुआ प्रखंड अंतर्गत मंझवे तुंगी धरमपुर गांव में दिन में करीब 3:00 बजे मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को उस समय थोड़ी राहत मिली जब अचानक बारिश शुरू हो गई। हालांकि, यह बारिश सिर्फ 10 मिनट तक ही हुई और इसके रुकते ही गर्मी फिर से बढ़ गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लगभग दो घंटे तक बिजली भी गुल रही, जिसके कारण स्थानीय लोग काफी परेशानी में दिखे।1
- बिहार के वैशाली में सगे भांजे और मौसी के बीच प्रेम प्रसंग और उनकी शादी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जो रिश्तों को तार-तार कर देने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक पिता ने अपनी सगी बेटी को अपने ही सगे नाती के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और मामला शादी तक पहुँच गया। पिता के कहने पर ग्रामीणों ने भांजे और मौसी की शादी करवा दी, जिसने एक बार फिर इस रिश्ते को तार-तार कर देने वाली घटना को सामने ला दिया है।1
- गयाजी से सीधे प्रसारण में, आज के अख़बारों की प्रमुख सुर्ख़ियों को प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- गया में भीषण गर्मी के बीच लोक शिकायत कार्यालय में फरियादियों के लिए पंखों तक की कोई व्यवस्था नहीं है। यह स्थिति गंभीर सवाल उठाती है कि आखिर आम जनता अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए इतनी तपती गर्मी में कैसे बैठ सकती है। इस मुद्दे को उठाते हुए #PublicGrievance और #ExposeStateMaker जैसे हैशटैग के साथ CMO बिहार सम्राट चौधरी का ध्यान आकर्षित किया गया है, जो इस समस्या को उजागर करने की ओर इशारा करता है।1
- कोचिंग सेंटर में खान सर से पूछताछ की गई। इस दौरान, पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए दो हथियारों को सत्यापन के लिए जब्त कर लिया है। शुरुआती पूछताछ के दौरान, दोनों बॉडीगार्ड्स को कथित तौर पर 'स्पेशल ट्रीटमेंट' दिया जा रहा था, और उन्हें एक AC कमरे में बैठाया गया था। हालांकि, जैसे ही मीडिया ने इस स्थिति पर सवाल उठाए और कैमरे चालू किए, उन्हें AC कमरे से निकालकर पुलिस स्टेशन में बैठाया गया।1
- ग्रेटर नोएडा में एक भयावह सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ सामने से आ रही एक फॉर्च्यूनर और साइड से आई एक स्विफ्ट वाहन के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। यह भीषण भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे लोग इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।1