प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र स्थित धनूपुर में मंगलवार शाम पुलिस प्रशासन का एक दल युवा पंचायत क्रांति के अध्यक्ष और समाजसेवी सचिन तिवारी के घर पहुँचा। यह कार्रवाई आज 1 जुलाई को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन में सचिन तिवारी की संभावित भागीदारी की आशंका को देखते हुए की गई है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन 1 जुलाई तक सक्रिय है। पुलिस ने सचिन तिवारी के घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है और उन्हें अगले 24 घंटे तक घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन तिवारी ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें जबरन 24 घंटे घर में रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जनता से भावुक अपील की है कि जेल भरो आंदोलन किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए। सचिन तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता के सामने अपनी बात रखी है। इसी दौरान, संवाददाता केवला प्रसाद ने सचिन तिवारी के आवास पर पहुँचकर उनसे बातचीत की।
प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र स्थित धनूपुर में मंगलवार शाम पुलिस प्रशासन का एक दल युवा पंचायत क्रांति के अध्यक्ष और समाजसेवी सचिन तिवारी के घर पहुँचा। यह कार्रवाई आज 1 जुलाई को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन में सचिन तिवारी की संभावित भागीदारी की आशंका को देखते हुए की गई है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन 1 जुलाई तक सक्रिय है। पुलिस ने सचिन तिवारी के घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है और उन्हें अगले 24 घंटे तक घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन तिवारी ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें जबरन 24 घंटे घर में रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जनता से भावुक अपील की है कि जेल भरो आंदोलन किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए। सचिन तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता के सामने अपनी बात रखी है। इसी दौरान, संवाददाता केवला प्रसाद ने सचिन तिवारी के आवास पर पहुँचकर उनसे बातचीत की।
- Post by JOURNALIST PANKAJ SINGH1
- प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र स्थित धनूपुर में मंगलवार शाम पुलिस प्रशासन का एक दल युवा पंचायत क्रांति के अध्यक्ष और समाजसेवी सचिन तिवारी के घर पहुँचा। यह कार्रवाई आज 1 जुलाई को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन में सचिन तिवारी की संभावित भागीदारी की आशंका को देखते हुए की गई है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन 1 जुलाई तक सक्रिय है। पुलिस ने सचिन तिवारी के घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है और उन्हें अगले 24 घंटे तक घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन तिवारी ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें जबरन 24 घंटे घर में रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जनता से भावुक अपील की है कि जेल भरो आंदोलन किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए। सचिन तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता के सामने अपनी बात रखी है। इसी दौरान, संवाददाता केवला प्रसाद ने सचिन तिवारी के आवास पर पहुँचकर उनसे बातचीत की।1
- प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र के गंधियांव गांव में ग्रामीणों ने चोरी करते समय चोरों के एक गिरोह को रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्रामीणों ने पकड़े गए चोरों से पूछताछ की और इस दौरान उनकी पिटाई भी की। इसके बाद, इन चोरों को करछना थाना पुलिस को सौंप दिया गया। हालांकि, अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि करछना पुलिस ने इन चोरों को छोड़ दिया है या उन्हें जेल भेज दिया है।1
- अपनी मां के सम्मान की खातिर एक बेटे ने सीधे पुलिस का सामना किया। यह पूरा मामला अब व्यापक रूप से चर्चा का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के करछना क्षेत्र में एक चोर को समरसेबुल चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना में हैरानी की बात यह रही कि चोर को पकड़ने के बाद गांव वालों ने उसका 'स्वागत' किया।1
- वंदे भारत एक्सप्रेस ने हाल ही में देश के सबसे ऊँचे ब्रिज को सफलतापूर्वक पार किया है। यह अवसर तब सामने आया जब वंदे भारत एक्सप्रेस ने चिनाब ब्रिज को क्रॉस किया। इस शानदार पल के दौरान ट्रेन के ब्रिज से गुजरने के मनमोहक और अद्भुत नज़ारे देखने को मिले हैं।1
- प्रयागराज जिले के मेजा स्थित उसकी गाँव में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ एक सगे चाचा पर अपनी भतीजी के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगा है। बताया गया है कि यह घटना रात करीब 11 बजे हुई, जब चाचा ने भतीजी के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। जब भतीजी ने इसका विरोध किया, तो चाचा ने उसके साथ मारपीट करना भी शुरू कर दिया। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने मेजा पुलिस प्रशासन से कठोर कार्यवाही की मांग की है।1
- सूरत में भारी बारिश के बाद सड़कों पर 'गड्ढा राज' स्थापित होने से पूर्व कॉर्पोरेटर विपुल सुहागिया ने प्रशासन पर तीखा हमला किया है। उन्होंने एक वीडियो के माध्यम से बताया कि सिर्फ चार घंटे की लगभग दो इंच बारिश ने सूरत महानगरपालिका की प्री-मॉनसून कार्यवाहियों की पूरी तरह से पोल खोल दी है। सुहागिया के अनुसार, सूरत महानगरपालिका का वार्षिक बजट लगभग 11,000 करोड़ रुपये है, लेकिन शहर में इतना भ्रष्टाचार व्याप्त है कि पहली ही बारिश में जगह-जगह गड्ढे (भूवा) पड़ गए। उन्होंने इसका कारण पानी की लाइनें, ड्रेनेज लाइनें और स्टॉर्म लाइनें डालने के बाद ठेकेदारों द्वारा मजबूती से काम न करना बताया। उनका कहना है कि काम में लापरवाही बरती जाती है, जिससे पूरे सूरत शहर में गड्ढे ही गड्ढे दिख रहे हैं, जैसा कि सोशल और न्यूज़ मीडिया पर सुबह से देखा जा रहा है। विपुल सुहागिया ने आगे मांग की कि ड्रेनेज और पानी के काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ, जिनकी घोर लापरवाही के कारण ये गड्ढे हुए हैं, सख्त अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, क्योंकि उन्होंने देखा है कि जहां-जहां ड्रेनेज और पानी की लाइनें डाली गई हैं, वहीं गड्ढे पड़े हैं और उनका निर्माण मजबूती से नहीं किया गया, जिससे सूरत में 'गड्ढों का साम्राज्य' स्थापित हो गया है।1