पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने की कड़ी निंदा* *पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने की कड़ी निंदा* लातेहार: बालूमाथ प्रखंड सह अंचल परिसर में आयोजित पर्यावरण लोकसुनवाई कार्यक्रम के दौरान समाचार संकलन के लिए पहुंचे पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना की विभिन्न स्तरों पर निंदा की जा रही है। इसी क्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के लातेहार जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। *सुशील कुमार यादव* ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और समाज की आवाज को आमजन तथा शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को रोकना अथवा उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। गौरतलब है कि गुरुवार को बालूमाथ प्रखंड सह अंचल परिसर में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के नॉर्थ धाधू वेस्ट पार्ट कोल ब्लॉक के लिए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा पर्यावरण लोकसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की कवरेज एवं समाचार संकलन के लिए पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार किए जाने के मामले को लेकर बालूमाथ स्थित रॉयल होटल में पत्रकारों की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पत्रकार *सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता* ने की। बैठक में पत्रकारों ने लोकसुनवाई कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। पत्रकार सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को समाचार कवरेज करने से रोके जाने की बात सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण महिलाओं को आगे कर पत्रकारों को कवरेज से रोकने का प्रयास किया गया। पत्रकारों द्वारा अपना परिचय दिए जाने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम की कवरेज करने की अनुमति नहीं दिए जाने पर भी बैठक में चिंता व्यक्त की गई। बैठक में रांची से पहुंचे *पत्रकार तीर्थनाथ कुशवाहा* ने कहा कि पत्रकारों के साथ कथित रूप से किए गए दुर्व्यवहार को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित लोगों द्वारा इस मामले में पत्रकारों से माफी नहीं मांगी जाती है, तो भविष्य में मीडियाकर्मी ऐसे कार्यक्रमों के कवरेज को लेकर उचित निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि ग्रामीणों द्वारा आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों एवं बैठकों के समाचार कवरेज को तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले लोगों द्वारा इस मामले में माफी नहीं मांगी जाती। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए *झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव* ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यावरण, विकास और जनहित से जुड़े लोकसुनवाई जैसे कार्यक्रमों में पत्रकारों की उपस्थिति पारदर्शिता के लिए भी आवश्यक होती है। ऐसे में समाचार संकलन करने पहुंचे पत्रकारों के कार्य में बाधा उत्पन्न होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्रकारों की गरिमा और उनके पेशेवर दायित्वों का सम्मान करना चाहिए। यदि किसी प्रकार की गलतफहमी या विवाद उत्पन्न हुआ है, तो उसे आपसी संवाद और सम्मानजनक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। *सुशील कुमार यादव ने कहा कि पत्रकारों की आवाज को दबाने या उनके कार्य में अनावश्यक बाधा डालने की किसी भी कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता आवश्यक है तथा पत्रकारों को सम्मानपूर्वक अपना कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए।*
पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने की कड़ी निंदा* *पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने की कड़ी निंदा* लातेहार: बालूमाथ प्रखंड सह अंचल परिसर में आयोजित पर्यावरण लोकसुनवाई कार्यक्रम के दौरान समाचार संकलन के लिए पहुंचे पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना की विभिन्न स्तरों पर निंदा की जा रही है। इसी क्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के लातेहार जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। *सुशील कुमार यादव* ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और समाज की आवाज को आमजन तथा शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को रोकना अथवा उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। गौरतलब है कि गुरुवार को बालूमाथ प्रखंड सह अंचल परिसर में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के नॉर्थ धाधू वेस्ट पार्ट कोल ब्लॉक के लिए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा पर्यावरण लोकसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की कवरेज एवं समाचार संकलन के लिए पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार किए जाने के मामले को लेकर बालूमाथ स्थित रॉयल होटल में पत्रकारों की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पत्रकार *सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता* ने की। बैठक में पत्रकारों ने लोकसुनवाई कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। पत्रकार सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को समाचार कवरेज करने से रोके जाने की बात सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण महिलाओं को आगे कर पत्रकारों को कवरेज से रोकने का प्रयास किया गया। पत्रकारों द्वारा अपना परिचय दिए जाने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम की कवरेज करने की अनुमति नहीं दिए जाने पर भी बैठक में चिंता व्यक्त की गई। बैठक में रांची से पहुंचे *पत्रकार तीर्थनाथ कुशवाहा* ने कहा कि पत्रकारों के साथ कथित रूप से किए गए दुर्व्यवहार को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित लोगों द्वारा इस मामले में पत्रकारों से माफी नहीं मांगी जाती है, तो भविष्य में मीडियाकर्मी ऐसे कार्यक्रमों के कवरेज को लेकर उचित निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि ग्रामीणों द्वारा आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों एवं बैठकों के समाचार कवरेज को तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले लोगों द्वारा इस मामले में माफी नहीं मांगी जाती। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए *झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव* ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यावरण, विकास और जनहित से जुड़े लोकसुनवाई जैसे कार्यक्रमों में पत्रकारों की उपस्थिति पारदर्शिता के लिए भी आवश्यक होती है। ऐसे में समाचार संकलन करने पहुंचे पत्रकारों के कार्य में बाधा उत्पन्न होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्रकारों की गरिमा और उनके पेशेवर दायित्वों का सम्मान करना चाहिए। यदि किसी प्रकार की गलतफहमी या विवाद उत्पन्न हुआ है, तो उसे आपसी संवाद और सम्मानजनक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। *सुशील कुमार यादव ने कहा कि पत्रकारों की आवाज को दबाने या उनके कार्य में अनावश्यक बाधा डालने की किसी भी कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता आवश्यक है तथा पत्रकारों को सम्मानपूर्वक अपना कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए।*
- बालूमाथ जनसुनवाई में फेल NLC और प्रदूषण बोर्ड: मीडिया के सवालों से भागते नजर आए GM और अधिकारी, किसानों की आवाज पर चुप्पी बालूमाथ जनसुनवाई में फेल NLC और प्रदूषण बोर्ड: मीडिया के सवालों से भागते नजर आए GM और अधिकारी, किसानों की आवाज पर चुप्पी लातेहार -: बालूमाथ में 27 अगस्त को हुई जनसुनवाई की सच्चाई इस वीडियो ने खोल दी है। एक तरफ सैकड़ों ST-SC-OBC किसानों ने जान देंगे जमीन नहीं देंगे और NLC वापस जाओ के नारे लगाकर जनसुनवाई को फ्लॉप करा दिया, तो दूसरी तरफ जनसुनवाई कराने आए अधिकारी मीडिया के सवालों से ही भागते नजर आए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी , मीडिया लगातार पूछ रही है - आज जनसुनवाई में क्या हुआ मैडम, क्यों नहीं बोल रही हैं? लेकिन अधिकारी मुंह छिपाकर चलती रहती हैं, एक शब्द नहीं बोलतीं। बारिश में भीगते हुए वह कैमरे से बचती हुई निकल जाती हैं। यही हाल NLC कंपनी के GM और अन्य अधिकारियों का है। GM साहब से जब मीडिया पूछती है - सर जनसुनवाई कैसी रही, ग्रामीण विरोध क्यों कर रहे हैं, गांव में जनसुनवाई क्यों नहीं की? तो वह भी चुप्पी साध लेते हैं। कभी कहते हैं मैं तो वहां था ही नहीं तो कभी PRO बताएंगे कहकर गाड़ी में बैठकर भाग जाते हैं। सवाल यह है कि जब जनसुनवाई जनता के लिए है तो जनता और मीडिया से ही अधिकारी क्यों भाग रहे हैं? किसानों का आरोप है कि उपजाऊ जमीन को हड़पने की साजिश रची जा रही है, और अधिकारी गांव में ग्राम सभा तक नहीं करते। आज की जनसुनवाई में किसानों ने मंच घेर लिया, अधिकारियों को धक्का देकर भगाया। इस पर जवाब देने के बजाय NLC और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी मीडिया से भी मुंह चुरा रहे हैं। इससे साफ है कि दाल में कुछ काला है और कंपनी किसानों की सहमति के बिना ही खनन की तैयारी में है।1
- केस लड़ने के लिए पैसा नहीं है, जमीन विवाद क्या है पूरा मामला 5 एकड़ जमीन पर कैसे चल रहा है और सर जमीन को....1
- वज्रपात से दो युवकों की मौत पर परिजनों से मिले प्रभात कुमार, हरसंभव मदद का भरोसा लातेहार।सदर थाना क्षेत्र के ललमटिया डैम के पास वज्रपात से दो युवकों की मौत की सूचना पर युवा झामुमो नेता सह पूर्व विधायक प्रतिनिधि प्रभात कुमार सदर अस्पताल पहुंचे।उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और इस दुख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।प्रभात कुमार ने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलायाउन्होंने कहा कि जरूरत के समय वे परिवार के साथ खड़े रहेंगे मौके पर झामुमो नेता अंकित पांडे, रिशु राज गुप्ता समेत अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- प्रखंड सह अंचल को थाना चल रही है यह आरोप जिला परिषद सदस्य मनिका बलवंत सिंह ने शुक्रवार की सुबह 10:00 बजे लगाया है। विगत दिनों जेएलकेएम के डुमरी विधायक जयराम महतो के आए विवादित बयान पर पुलिस एसोसिएशन झारखंड के बढ़ते शिकंजी को लेकर , लातेहार जिला के मल्लिका प्रखंड के जिला परिषद सदस्य बलवंत सिंह ने शुक्रवार की सुबह 10:00 बजे प्रेस वार्ता कर बताया कि विगत दिनों प्रखंड और अंचल को थाना चल रही है। जो बिल्कुल नियम संगत नहीं है।1
- कौन-कौन दर्शन किए कमेंट करके बताइए.? #shorts #shortvideo #viralvideo #Mandir #ranchi1
- लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे" लातेहार बालूमाथ के धाधू कोल ब्लॉक को लेकर बालूमाथ प्रखंड परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। धाधू, भैंसादोन, नावाडीह, चित्रपुर, हेमपुर और सिमर स्रोत गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने NLC कंपनी के प्रस्ताव का विरोध करते हुए जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया। किसानों के विरोध के कारण कंपनी के अधिकारी मंच तक नहीं पहुंच सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा। जनसुनवाई स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पोस्टर-बैनर लेकर पहुंच गए थे। पोस्टरों पर “जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे” और “NLC कंपनी वापस जाओ” जैसे नारे लिखे थे। किसानों ने मंच के आसपास घेरा बना लिया। NLC के अधिकारियों के मंच पर जाने के प्रयास का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीन को कागजों में बंजर बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी जमीन पर वे टमाटर, धान और मक्का समेत विभिन्न फसलों की खेती करते हैं और एक सीजन में लाखों रुपये की आय होती है। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि गांव में अब तक ग्रामसभा कर किसानों की राय नहीं ली गई है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि कंपनी को जमीन से संबंधित कोई बात करनी है तो गांव में ग्रामसभा बुलाकर किसानों से सीधे बातचीत करनी चाहिए। ग्राम प्रधान ने भी प्रखंड परिसर में जनसुनवाई आयोजित करने के बजाय गांव में ग्रामीणों के बीच चर्चा किए जाने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन देने को तैयार नहीं हैं। जनसुनवाई के दौरान हुए विरोध के कारण कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। इधर, जनसुनवाई को लेकर NLC कंपनी के जनरल मैनेजर से मीडिया ने पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।1
- लोहरदगा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में हो रहा है बड़ा घोटाला विकास के नाम पर ठेकेदार और इंजीनियर कर रहे हैं अपने पॉकेट गरम लोहरदगा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में हो रहा है बड़ा घोटाला विकास के नाम पर ठेकेदार और इंजीनियर कर रहे हैं अपने पॉकेट गरम1
- बरवाडीह व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष पद हेतु मेन रोड निवासी एवं रंगोली हार्डवेयर के संचालक समाजसेवी मनोज प्रसाद ने नामांकन के बाद अपने आवास पर प्रेस वार्ता किया शुक्रवार की दोपहर 1:00। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों के हित में काम करने और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने की बात कही। साथ ही अन्य कई घोषणाएं करते हुए सभी दुकानदार भाइयों से सहयोग और समर्थन की अपील की।1