बुलंदशहर के स्याना में बुगरासी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस के बाहर बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर पति-पत्नी के बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। रविवार को दिल्ली से गुंजित सिंह अपने माता-पिता के साथ स्याना पहुंचा था, जहां गेस्ट हाउस के बाहर उसकी पत्नी से बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए, जिससे सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गुंजित सिंह और उसकी पत्नी की शादी 10 वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें 4 वर्षीय फतह सिंह और 7 वर्षीय सुप्रीत सिंह शामिल हैं, जिनकी सुपुर्दगी को लेकर दोनों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। युवक और उसके माता-पिता ने महिला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गेस्ट हाउस में रहकर बच्चों को सौंपने के एवज में पैसे मांग रही थी। इस दौरान गेस्ट हाउस संचालक पर भी रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराकर कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी राम नारायण सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच बच्चों की सुपुर्दगी का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और कोर्ट के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और चेतावनी दी कि कोर्ट में लंबित मामले को लेकर सड़क पर इस तरह कानून हाथ में लेना उचित नहीं है।
बुलंदशहर के स्याना में बुगरासी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस के बाहर बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर पति-पत्नी के बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। रविवार को दिल्ली से गुंजित सिंह अपने माता-पिता के साथ स्याना पहुंचा था, जहां गेस्ट हाउस के बाहर उसकी पत्नी से बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए, जिससे सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गुंजित सिंह और उसकी पत्नी की शादी 10 वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें 4 वर्षीय फतह सिंह और 7 वर्षीय सुप्रीत सिंह शामिल हैं, जिनकी सुपुर्दगी को लेकर दोनों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। युवक और उसके माता-पिता
ने महिला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गेस्ट हाउस में रहकर बच्चों को सौंपने के एवज में पैसे मांग रही थी। इस दौरान गेस्ट हाउस संचालक पर भी रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराकर कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी राम नारायण सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच बच्चों की सुपुर्दगी का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और कोर्ट के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और चेतावनी दी कि कोर्ट में लंबित मामले को लेकर सड़क पर इस तरह कानून हाथ में लेना उचित नहीं है।
- अंबेडकरनगर की टांडा कोतवाली पुलिस और कोतवाल दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखे सवाल खड़े किए गए हैं कि क्या वे पीड़ित अभिषेक यादव को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से भी न्याय नहीं मांगने देंगे? पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा गया है कि यदि इतनी सक्रियता छैमार गैंग के खिलाफ दिखाई गई होती, तो वह दुर्दांत अपराधी इस क्षेत्र में अपना नेटवर्क सक्रिय नहीं कर पाता। उस अपराधी को नोएडा एसटीएफ ने मार गिराया और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। अभिषेक यादव के कथित आपराधिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि इस गरीब का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस ने हाल ही में 10 जुलाई को उसके खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया है, जबकि इससे पहले सिर्फ एक अज्ञात मामले में उसे नामजद किया गया था। कोतवाल दीपक रघुवंशी पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि उन्होंने सम्मनपुर थानाध्यक्ष रहते हुए संजय गुप्ता जैसे एक और गरीब पर मुकदमा दर्ज कर गुंडा एक्ट की रिपोर्ट भेजी थी, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। इस पूरे मामले को एक जमीनी विवाद बताया गया है। अभिषेक यादव ने 8 जुलाई को अपने खेत से खुद डायल 112 पर फोन कर सहायता मांगी थी क्योंकि चंद्रिका प्रसाद ने उसके खेत में लगे आम के पेड़ को काट दिया था। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि यदि अभिषेक को लूटपाट ही करनी थी, तो वह खुद पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर फोन क्यों करता? असल विवाद यह है कि अभिषेक के चाचा की 40 लाख रुपये की जमीन को चंद्रिका प्रसाद ने महज 12 लाख रुपये में लिखवा लिया था, जिसमें से 3 लाख रुपये अभी भी बाकी हैं और इस मामले का मुकदमा कोर्ट में चल रहा है।1
- अमरोहा जनपद के कोतवाली हसनपुर क्षेत्र के गांव दियाबली में तीन अपराधियों को जिला बदर किया गया है। इन अपराधियों को जिला बदर किए जाने की सूचना गांव वालों को डुगडुगी बजाकर दी गई है।1
- हापुड़ के धौलाना विधानसभा क्षेत्र में समाजसेवी और समाजवादी पार्टी से टिकट के दावेदार दिग्विजय शिशौदिया ने अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। वे गांव-गांव पहुंचकर किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर रहे हैं और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को सुन रहे हैं। इस अभियान के दौरान क्षेत्र के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, सिंचाई और जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता के साथ विस्तार से चर्चा की जा रही है। दिग्विजय शिशौदिया विकास और रोजगार को लेकर जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं, ताकि धौलाना विधानसभा की राजनीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर जनता की राय को समझा जा सके।1
- हापुड़ में मानसून के मौसम के मद्देनजर प्रकृति और पर्यावरण को विनाश से बचाने के लिए नगर पालिका द्वारा आयोजित वृहद पौधारोपण अभियान में जाने-माने पर्यावरण प्रहरी अमित कुमार ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान के तहत शैलेश फार्म और अम्बेडकर पार्क समेत नगर के विभिन्न प्रमुख और सार्वजनिक स्थानों पर सघन पौधारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी व दीर्घायु पौधे जैसे नीम, बरगद, जामुन, सहजन और सागौन लगाए गए। पौधों को आवारा पशुओं और अन्य नुकसान से सुरक्षित रखने के लिए मौके पर ही ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं। इस मौके पर नगरवासियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण प्रहरी अमित कुमार ने सचेत किया कि अगर हम आज प्रकृति को नहीं बचाएंगे, तो हमारा आने वाला कल बेहद संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने पेड़ को जीवन का आधार बताते हुए हर नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी संतान की तरह परवरिश करने की अपील की। इस अभियान में नगर पालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।2
- उत्तर प्रदेश सरकार के "वृक्षारोपण महाअभियान" के तहत बुलंदशहर के चोला और ककोड़ थाना परिसरों में रविवार को वृहद पौधा रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चोला थाना परिसर में इस अभियान की शुरुआत थाना प्रभारी बलराम सिंह सेंगर के नेतृत्व में हुई, जिसके तहत थाना गेट, बैरक और परेड ग्राउंड में लगभग 300 पौधे लगाए गए। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नीम, पीपल, बरगद, अशोक और अमरूद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि "एक थाना-एक उपवन" की तर्ज पर थाना परिसर को पूरी तरह हरा-भरा बनाया जाएगा और सभी पुलिसकर्मियों को इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। इसी कड़ी में ककोड़ थाना परिसर में भी थाना प्रभारी सर्जेश कुमार यादव की अगुवाई में बड़े पैमाने पर पौधा रोपण किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लेखपाल, ग्राम प्रधान और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहाँ 280 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए और बच्चों को "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ" का संदेश दिया गया। इस अभियान के दौरान एसडीएम दिनेश चंद ने कहा कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का काम भी करती है; थानों में इस तरह के पौधा रोपण से आम जनता को भी प्रेरणा मिलेगी। वहीं सीओ दीपक कुमार ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लगाए गए सभी पौधों की 3 साल तक निरंतर देखभाल की जाए और गर्मियों में इनमें पानी देने की विशेष ड्यूटी तय की जाए। इस अवसर पर चोला और ककोड़ थानों के पुलिसकर्मियों ने प्लास्टिक का उपयोग कम करने और हर महीने कम से कम एक पौधा लगाने की शपथ ली। परिसर में "हरा-भरा थाना" बोर्ड भी लगाया गया। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने भी पूरे उत्साह के साथ पौधा रोपण किया और हरियाली की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी, नगर पंचायत कर्मी और स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे।1
- हापुड़ के नवीन पुलिस लाइन में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वामा सारथी उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में जिलाधिकारी महोदया, पुलिस अधीक्षक महोदय, वामा सारथी की अध्यक्षा श्रीमती मीना सिंह और उपाध्यक्षा श्रीमती छवि भटनागर ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षों के महत्व पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान कर प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनकी मां के प्रति सम्मान व्यक्त करने और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधों की नियमित देखभाल व संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी पूरी देखरेख करे ताकि इस मुहिम को जन-जन तक पहुँचाया जा सके।2
- बुलंदशहर के स्याना में बुगरासी रोड स्थित एक ओयो गेस्ट हाउस के बाहर बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर पति-पत्नी के बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। दिल्ली से अपने माता-पिता के साथ आए गुंजित सिंह और उनकी पत्नी के बीच बच्चों को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद और आपसी भिड़ंत में बदल गई। इस हंगामे को देखने के लिए बुगरासी रोड पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गुंजित सिंह और उनकी पत्नी की शादी 10 वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें 4 वर्षीय फतह सिंह और 7 वर्षीय सुप्रीत सिंह शामिल हैं। दोनों के बीच बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। पति और उसके माता-पिता का आरोप है कि महिला गेस्ट हाउस में रहकर बच्चों की सुपुर्दगी देने के एवज में पैसे मांग रही थी। इसके साथ ही पति ने ओयो संचालक पर भी पत्नी के साथ मिलकर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। माहौल बिगड़ता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और उन्हें कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी राम नारायण सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच बच्चों की सुपुर्दगी का यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता कर मामले की बारीकी से जांच कर रही है और न्यायालय के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है और कोर्ट में लंबित मामले को लेकर सड़क पर इस तरह का विवाद करना उचित नहीं है।2