मध्य प्रदेश के सीधी में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रशांत आचार्य ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य सुरेंद्र मणि दुबे और फार्मासिस्ट डॉक्टर अनुपमा त्रिपाठी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। निरीक्षण के बाद, प्रशांत आचार्य ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और निर्देश दिए कि स्थानीय मांग व आवश्यकता के अनुसार केंद्र पर दवाइयों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुसार समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां बिना किसी परेशानी के उपलब्ध होनी चाहिए, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशांत आचार्य ने देशव्यापी आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में पूरे देश में 18,200 से अधिक जन औषधि केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आम जनता को 2,000 से अधिक उच्च गुणवत्ता युक्त दवाइयां और 300 से अधिक सर्जिकल उपकरण बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने निरीक्षण के दौरान जन औषधि केंद्र की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-उपयोगी बनाने के लिए उपस्थित स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर फार्मासिस्ट सहयोगी अपर्णा तिवारी सहित केंद्र पर कई उपभोक्ता और नागरिक भी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश के सीधी में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रशांत आचार्य ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य सुरेंद्र मणि दुबे और फार्मासिस्ट डॉक्टर अनुपमा त्रिपाठी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। निरीक्षण के बाद, प्रशांत आचार्य ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और निर्देश दिए कि स्थानीय मांग व आवश्यकता के अनुसार केंद्र पर दवाइयों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुसार समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां बिना किसी परेशानी के उपलब्ध होनी चाहिए, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशांत आचार्य ने देशव्यापी आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में पूरे देश में 18,200 से अधिक जन औषधि केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आम जनता को 2,000 से अधिक उच्च गुणवत्ता युक्त दवाइयां और 300 से अधिक सर्जिकल उपकरण बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने निरीक्षण के दौरान जन औषधि केंद्र की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-उपयोगी बनाने के लिए उपस्थित स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर फार्मासिस्ट सहयोगी अपर्णा तिवारी सहित केंद्र पर कई उपभोक्ता और नागरिक भी उपस्थित रहे।
- भारतीय नौसेना में कल तीन नए स्वदेशी युद्धपोतों को शामिल किया जाएगा। इन युद्धपोतों में आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक शामिल हैं। यह जानकारी दी गई है कि इन तीनों युद्धपोतों का निर्माण स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके किया गया है।1
- बिहार के आरा जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एटा में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुआ। पदाधिकारियों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जीवित देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जांच पूरी होने तक मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकार आयोग से जांच कराने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और मुठभेड़ के वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पूरे प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल वशिष्ठ, सोशल मीडिया प्रभारी रवि गुप्ता, जिला मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज कुमार दुबे और किसान मोर्चा अध्यक्ष दीपक वशिष्ठ सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- सीधी जिले के मझौली थाना अंतर्गत डेवा गाँव में एक मूर्ति को खंडित कर कचरे में फेंकने की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है।1
- एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।1
- भारतीय यूनियन किसान संगम ने तहसील दिवस के अवसर पर बारा तहसील में बड़ी संख्या में पहुंचकर वन विभाग के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग गरीब किसानों को परेशान करता है और उनकी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करता है। संगठन ने यह भी दावा किया कि एक ओर जहाँ विभाग गरीबों पर अत्याचार करता है, वहीं दूसरी ओर वह अमीर और उद्योगपतियों को अपनी जमीन बेच देता है। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने बताया कि गढ़वा किला के पास लखनौती में वन विभाग ने अपनी जमीन से रास्ता बनाकर गोल्ड प्लेस जैसी कंपनियों को आवागमन की सुविधा दी है। किसानों ने इस बात पर भी जोर दिया कि जबकि ये खदानें चित्रकूट जिले में स्थित हैं, इसके बावजूद शंकरगढ़ वन विभाग उन कंपनियों पर मेहरबान है। भारतीय यूनियन किसान संगम ने अपना यह ज्ञापन एसडीएम बारा को दिया।1
- रीवा स्थित कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एक बैठक में रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को सीधी और सिंगरौली में बन रहे आरओबी तथा 14 रेल सुरंगों के निर्माण कार्यों में आ रही सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की गई कि सितंबर तक ट्रेन सेवा सीधी तक पहुंच जाएगी। इसके साथ ही, अधिकारियों को ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना को दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया। इस परियोजना को विंध्य क्षेत्र के विकास, औद्योगिक प्रगति और बेहतर संपर्क व्यवस्था के लिए एक नई आधारशिला माना जा रहा है, जो क्षेत्र की विकास रेखा के रूप में स्थापित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्रा जी और सीधी सांसद श्री डॉ. राजेश मिश्रा जी सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।1
- सोशल मीडिया पर आंध्र प्रदेश का बताया जा रहा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कॉलेज के बाहर छात्राओं को परेशान करने और उनसे छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने कुछ युवकों के खिलाफ कार्रवाई की है। वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही, यह भी जोर देकर कहा गया है कि छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले ऐसे लफंगों पर पूरे देश में पुलिस द्वारा ऐसी ही सख्त ‘थर्डडिग्री’ कार्रवाई होनी चाहिए।1