बिहार के आरा जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एटा में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुआ। पदाधिकारियों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जीवित देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जांच पूरी होने तक मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकार आयोग से जांच कराने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और मुठभेड़ के वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पूरे प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल वशिष्ठ, सोशल मीडिया प्रभारी रवि गुप्ता, जिला मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज कुमार दुबे और किसान मोर्चा अध्यक्ष दीपक वशिष्ठ सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बिहार के आरा जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एटा में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुआ। पदाधिकारियों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जीवित देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जांच पूरी होने तक मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकार आयोग से जांच कराने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और मुठभेड़ के वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पूरे प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल वशिष्ठ, सोशल मीडिया प्रभारी रवि गुप्ता, जिला मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज कुमार दुबे और किसान मोर्चा अध्यक्ष दीपक वशिष्ठ सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
- बिहार के आरा जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एटा में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुआ। पदाधिकारियों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जीवित देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जांच पूरी होने तक मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकार आयोग से जांच कराने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और मुठभेड़ के वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पूरे प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल वशिष्ठ, सोशल मीडिया प्रभारी रवि गुप्ता, जिला मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज कुमार दुबे और किसान मोर्चा अध्यक्ष दीपक वशिष्ठ सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- आज विश्वभर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया जा रहा है। यह वैश्विक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में राम मंदिर में चोरी होने का उल्लेख करते हुए यह जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि आखिर यह घटना क्यों हुई। पोस्ट में दर्शकों से इस कथित चोरी के पीछे का कारण और उससे संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए एक वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने सोनभद्र दौरे के दौरान जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोनभद्र एक आकांक्षी जिले के रूप में तेजी से प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में विकास के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा। मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से गरीब, किसान और वंचित वर्ग को मिल रहे लाभों का भी उल्लेख किया।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से किसान पेंशन से जुड़ी जानकारी सामने आई है।1
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सलैयाडीह में रविवार को NH-39 पर हुए एक सड़क हादसे में लगभग 38 वर्षीय दशरथ नामक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की दर्दनाक मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सलैयाडीह निवासी दशरथ पुत्र स्वर्गीय रामदेव अपने दिव्यांग ई-रिक्शा से कोन मोड़ चौराहे की ओर से आ रहे थे, तभी दुद्धी की ओर से आ रहे एक तेज गति के ट्रक (संख्या NL-01L-0343) ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। दशरथ दोनों पैरों से दिव्यांग थे और उनके आवागमन तथा दैनिक कार्यों के लिए सरकार द्वारा उन्हें एक छोटा दिव्यांग ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया था। वे सरकार से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी अंशु देवी दृष्टिबाधित हैं, और उनके परिवार में एक लगभग 20 वर्षीय पुत्र तथा 16 एवं 12 वर्ष की दो पुत्रियां हैं। दशरथ की असामयिक मृत्यु से यह परिवार गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक संकट में आ गया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। हादसे के बाद NH-39 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी स्थित मोर्चरी हाउस भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को चिन्हित कर लिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने परिजनों को निष्पक्ष एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।1
- एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी जी का डंका बज रहा है। बताया गया है कि यह उनके घूमने से हो रहा है।1
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सलैयाडिह में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 40 वर्षीय दिव्यांग दशरथ राम की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना नेशनल हाईवे-39 पर सीता मोड़ चौराहे के समीप करीब 9 बजे हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक दशरथ राम सलैयाडिह के निवासी और स्वर्गीय रामदेव राम के पुत्र थे, जो किसी काम से विंढमगंज की ओर से आ रहे थे, तभी दुद्धी की ओर से आ रहे ट्रक संख्या NL01L0343 ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की उपस्थिति में शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी स्थित मर्चरी हाउस भेज दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सलैयाडिह के सीता मोड़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे की दोनों पट्टियों पर लंबे समय से निजी बसों, ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों की अवैध पार्किंग की जा रही है। उनका कहना है कि इस अवैध पार्किंग के कारण सड़क संकरी हो जाती है, जिससे पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और छोटे वाहनों के लिए लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस समस्या की शिकायत प्रशासन और पुलिस से कई बार की गई है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का मानना है कि यदि हाईवे किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े न होते तो संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था। मृतक दशरथ राम दोनों पैरों से दिव्यांग थे, और उनकी पत्नी अंशु देवी भी दृष्टिबाधित हैं। परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी अब और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। आजाद समाज पार्टी के दुद्धी विधानसभा अध्यक्ष अमरेश भारती ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने और हाईवे किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से NH-39 की पटरी पर खड़े किए जाने वाले अवैध वाहनों को तुरंत हटाने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।4