झारखंड के रानेश्वर प्रखंड स्थित गोबिंदपुर और धानभाषा पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए कुओं के निर्माण को लेकर संबंधित विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर गोबिंदपुर में एक अधूरा कूप ध्वस्त होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है, वहीं धानभाषा में हाल ही में बने एक कूप में कई जगह दरारें आ गई हैं, जिससे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। धानभाषा पंचायत के लाटूलिया में पथ के किनारे मौजूद एक नवनिर्मित कूप के कार्यस्थल पर निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि सूचनापट्ट पर योजना से संबंधित लिखे हुए शब्द मिटने के कगार पर हैं, जिसके कारण लाभुक का नाम भी पता नहीं चल पा रहा है। बताया गया है कि यह कूप हाल ही में बना था, लेकिन इसका ऊपरी हिस्सा चार-पांच जगह से क्रैक हो गया है, जिसे छिपाने के लिए ऊपर से सीमेंट का लेप लगा दिया गया है। कूप की गहराई भी मापदंड के मुताबिक नहीं की गई है और यह सूखने के कगार में था। सूत्र के मुताबिक, यह कार्य मापदंड के अनुसार नहीं किया गया है। वहीं, गोबिंदपुर पंचायत में एक अधूरा कूप ध्वस्त होकर खंडहर में बदल चुका है और कार्यस्थल पर सूचनापट्ट भी टूटा हुआ है। यह खंडहर में तब्दील हुआ निर्माणाधीन कूप मवेशियों, बच्चों, चरवाहों और बुजुर्गों आदि के लिए हादसे का सबब बन सकता है, क्योंकि इसमें गिरकर वे शिकार हो सकते हैं। संबंधित विभाग द्वारा इस स्थल पर सुरक्षा हेतु किसी प्रकार की बैरिकेडिंग या आड़ की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसको लेकर विभागीय कार्यशैली पर लोगों में तरह तरह का चर्चा है।
झारखंड के रानेश्वर प्रखंड स्थित गोबिंदपुर और धानभाषा पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए कुओं के निर्माण को लेकर संबंधित विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर गोबिंदपुर में एक अधूरा कूप ध्वस्त होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है, वहीं धानभाषा में हाल ही में बने एक कूप में कई जगह दरारें आ गई हैं, जिससे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। धानभाषा पंचायत के लाटूलिया में पथ के किनारे मौजूद एक नवनिर्मित कूप के कार्यस्थल पर निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि सूचनापट्ट पर योजना से संबंधित लिखे हुए शब्द मिटने के कगार पर हैं, जिसके कारण लाभुक का नाम भी पता नहीं चल पा रहा है। बताया गया है कि यह कूप हाल ही में बना था, लेकिन इसका ऊपरी हिस्सा चार-पांच जगह से
क्रैक हो गया है, जिसे छिपाने के लिए ऊपर से सीमेंट का लेप लगा दिया गया है। कूप की गहराई भी मापदंड के मुताबिक नहीं की गई है और यह सूखने के कगार में था। सूत्र के मुताबिक, यह कार्य मापदंड के अनुसार नहीं किया गया है। वहीं, गोबिंदपुर पंचायत में एक अधूरा कूप ध्वस्त होकर खंडहर में बदल चुका है और कार्यस्थल पर सूचनापट्ट भी टूटा हुआ है। यह खंडहर में तब्दील हुआ निर्माणाधीन कूप मवेशियों, बच्चों, चरवाहों और बुजुर्गों आदि के लिए हादसे का सबब बन सकता है, क्योंकि इसमें गिरकर वे शिकार हो सकते हैं। संबंधित विभाग द्वारा इस स्थल पर सुरक्षा हेतु किसी प्रकार की बैरिकेडिंग या आड़ की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसको लेकर विभागीय कार्यशैली पर लोगों में तरह तरह का चर्चा है।
- झारखंड के दुमका जिले में एक पथ (रास्ता) बेहद जर्जर अवस्था में है। इस खराब हालत के कारण लोगों को उस पर चलने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।1
- बिहार राज्य के दो मंत्रियों ने झारखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान बासुकीनाथ धाम स्थित कामना ज्योतिर्लिंग नागेश के चौखट पर माथा टेका। इस दौरान, बीते दिन बिहार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति मंत्री लखनदार कुमार रोशन ने सपरिवार बाबा बासुकीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंत्री लखनदार के प्रस्थान के बाद, लखीसराय के विधायक और बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा भी अपने परिवार के साथ बासुकीनाथ धाम पहुँचे। उन्होंने भी कामना ज्योतिर्लिंग नागेश का विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक आरती की। दोनों मंत्रियों के आगमन को देखते हुए, सुरक्षा के मद्देनजर जरमुंडी थाना पुलिस बल के जवान तैनात किए गए थे। पूजनों के बाद, मंत्रियों ने कुछ समय के लिए दारुक वन स्थित वन विभाग गेस्ट हाउस में विश्राम किया और फिर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर गए।1
- युवाओं को 'कॉकरोच' कहकर अपमानित करने के बाद, एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया गया है। यह घटनाक्रम अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है, और लोग इसकी वजह को लेकर उत्सुकता दिखा रहे हैं।1
- करमाटांड़ थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक हाल ही में संपन्न हुई। इस बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने बकरीद त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।1
- धनबाद जिले के मैथन-शंकर टॉकिज मार्ग पर झिलिया के पास निर्माणाधीन पुल का काम अचानक रोक दिया गया है। शिवलीबाड़ी उत्तर पंचायत की मुखिया मलका मेहर निगार ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कार्यस्थल पर मोर्चा खोल दिया, जिसके बाद मैथन मोड से मैथन जाने वाले मुख्य मार्ग पर चल रहा यह निर्माण कार्य ठप हो गया। मुखिया और ग्रामीण एप्रोच सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह कदम इलाके में व्याप्त गंभीर जल संकट की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए उठाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पंचायत लंबे समय से भीषण पेयजल समस्या से जूझ रही है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि जब तक उनकी पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक न तो निर्माण कार्य को फिर से शुरू होने दिया जाएगा और न ही एप्रोच सड़क को आवागमन के लिए खोला जाएगा।6
- धनबाद के निरसा स्थित कुमारधुबी में एक गाड़ी के दुकान के चूल्हे से टकराने के बाद दो गुटों में तीखी झड़प हो गई। इस हिंसक भिड़ंत में कम से कम 4 लोग घायल हुए हैं।1
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- वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध तरीके से संचालित हो रही एक लकड़ी मिल पर बुलडोजर चलाया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई।1