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लोकेशन छाता यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है” वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा। आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए। गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना। “सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है” धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।” किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए” आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे। किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते। कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।” “इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए” किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। बाइट..किसान लोकेशन छाता यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है” वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा। आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए। गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना। “सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है” धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।” किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए” आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे। किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते। कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।” “इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए” किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। बाइट..किसान

19 hrs ago
user_Rekha Patrakaar Govardhan
Rekha Patrakaar Govardhan
Court reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

लोकेशन छाता यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है” वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा। आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए। गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना। “सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है” धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।” किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए” आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे। किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते। कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।” “इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए” किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। बाइट..किसान लोकेशन

छाता यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है” वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा। आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए। गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना। “सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है” धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।” किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए” आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे। किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते। कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।” “इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए” किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। बाइट..किसान

  • user_जगदीश यदुवंशी
    जगदीश यदुवंशी
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश
    जगदीश यदुवंशी पत्रकार फोन नं. 9917324891
    19 hrs ago
  • user_जगदीश यदुवंशी
    जगदीश यदुवंशी
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश
    radhe radhe 🙏🙏🙏
    19 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • 🔴 आगरा ब्रेकिंग सहारनपुर की कार्रवाई के समर्थन में आगरा में बुलडोजर पूजन ▪️ अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर की उतारी आरती ▪️ नारियल फोड़कर किया बुलडोजर का पूजन, लड्डू बांटकर जताया समर्थन ▪️ हिंदू महासभा ने कहा—जरूरत पड़ी तो योगी सरकार को भेजेंगे 101 बुलडोजर ▪️ ओवैसी समेत अन्य नेताओं के पोस्टरों पर कार्यकर्ताओं ने पोती कालिख ▪️ कथित सनातन विरोधी बयानों को लेकर जताया आक्रोश ▪️ कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर की कार्रवाई को बताया अवैध निर्माण के खिलाफ जरूरी कदम ▪️ हिंदू महासभा नेताओं ने कहा—अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई जारी रहनी चाहिए
    1
    🔴 आगरा ब्रेकिंग

सहारनपुर की कार्रवाई के समर्थन में आगरा में बुलडोजर पूजन

▪️ अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर की उतारी आरती
▪️ नारियल फोड़कर किया बुलडोजर का पूजन, लड्डू बांटकर जताया समर्थन
▪️ हिंदू महासभा ने कहा—जरूरत पड़ी तो योगी सरकार को भेजेंगे 101 बुलडोजर
▪️ ओवैसी समेत अन्य नेताओं के पोस्टरों पर कार्यकर्ताओं ने पोती कालिख
▪️ कथित सनातन विरोधी बयानों को लेकर जताया आक्रोश
▪️ कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर की कार्रवाई को बताया अवैध निर्माण के खिलाफ जरूरी कदम
▪️ हिंदू महासभा नेताओं ने कहा—अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई जारी रहनी चाहिए
    user_Journalist MAHESH DHARIYA
    Journalist MAHESH DHARIYA
    Local News Reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • लोकेशन...गोवर्धन यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर बजाईं थालियां, प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीण, जल्द स्थायी समाधान की उठाई मांग वी ओ..गोवर्धन। ग्राम पंचायत महरौली में लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। सोमवार को समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील गोवर्धन पहुंचे और थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का तत्काल एवं स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्तों में लंबे समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं गंदे पानी के लंबे समय से जमा होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या को लेकर जून माह में तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारी (वीडीओ) ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। उस दौरान तालाब की सफाई एवं खुदाई कराने तथा जलनिकासी की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर जिलाधिकारी को भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। समाजसेविका विनोदी चौधरी ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत और अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव का तत्काल पुनः निरीक्षण कराकर तालाब की सफाई एवं खुदाई के साथ प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। बाइट... विनोदी चौधरी समाजसेविका लोकेशन...गोवर्धन यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर बजाईं थालियां, प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीण, जल्द स्थायी समाधान की उठाई मांग वी ओ..गोवर्धन। ग्राम पंचायत महरौली में लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। सोमवार को समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील गोवर्धन पहुंचे और थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का तत्काल एवं स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्तों में लंबे समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं गंदे पानी के लंबे समय से जमा होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या को लेकर जून माह में तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारी (वीडीओ) ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। उस दौरान तालाब की सफाई एवं खुदाई कराने तथा जलनिकासी की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर जिलाधिकारी को भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। समाजसेविका विनोदी चौधरी ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत और अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव का तत्काल पुनः निरीक्षण कराकर तालाब की सफाई एवं खुदाई के साथ प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। बाइट... विनोदी चौधरी समाजसेविका
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    लोकेशन...गोवर्धन यू पी 

रिपोर्ट रेखा 
 शर्मा 

एंकर..जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर बजाईं थालियां, प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध

समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीण, जल्द स्थायी समाधान की उठाई मांग


वी ओ..गोवर्धन। ग्राम पंचायत महरौली में लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। सोमवार को समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील गोवर्धन पहुंचे और थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का तत्काल एवं स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्तों में लंबे समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं गंदे पानी के लंबे समय से जमा होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या को लेकर जून माह में तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारी (वीडीओ) ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। उस दौरान तालाब की सफाई एवं खुदाई कराने तथा जलनिकासी की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर जिलाधिकारी को भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
समाजसेविका विनोदी चौधरी ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत और अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव का तत्काल पुनः निरीक्षण कराकर तालाब की सफाई एवं खुदाई के साथ प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

बाइट... विनोदी चौधरी समाजसेविका
लोकेशन...गोवर्धन यू पी 
रिपोर्ट रेखा 
शर्मा 
एंकर..जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर बजाईं थालियां, प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध
समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीण, जल्द स्थायी समाधान की उठाई मांग
वी ओ..गोवर्धन। ग्राम पंचायत महरौली में लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। सोमवार को समाजसेविका विनोदी चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील गोवर्धन पहुंचे और थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का तत्काल एवं स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्तों में लंबे समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं गंदे पानी के लंबे समय से जमा होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या को लेकर जून माह में तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारी (वीडीओ) ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। उस दौरान तालाब की सफाई एवं खुदाई कराने तथा जलनिकासी की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर जिलाधिकारी को भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
समाजसेविका विनोदी चौधरी ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत और अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव का तत्काल पुनः निरीक्षण कराकर तालाब की सफाई एवं खुदाई के साथ प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
बाइट... विनोदी चौधरी समाजसेविका
    user_Rekha Patrakaar Govardhan
    Rekha Patrakaar Govardhan
    Court reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • एकता थाना से तोरा चौकी तक सड़क जर्जर, नगर निगम और विधायक ने झाड़ा पल्ला, ग्रामीणों आगरा ब्रेकिंग एकता थाना से तोरा चौकी तक सड़क जर्जर, नगर निगम और विधायक ने झाड़ा पल्ला, ग्रामीणों में आक्रोश मुरादाबाद एकता थाना से तोरा चौकी तक जाने वाली मुख्य सड़क की हालत पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से बेहद खराब है। नगर निगम द्वारा जेसीबी से खुदाई करवाने के बाद सड़क को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। इस मामले को लेकर नगर निगम और स्थानीय विधायक दोनों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। न तो नगर निगम कोई काम करा रहा है और न ही विधायक द्वारा इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। सीसी रोड बनाने का आश्वासन तो दिया गया था, लेकिन मौके पर आज तक एक कोई कार्य नहीं हुआ रोजाना हो रहे हादसों से मजबूर होकर ग्रामीणों ने इस मुद्दे को उठाया है। बाइक सवारों के फिसलने और स्कूली बच्चों के गिरने से हमेशा हादसे का डर बना रहता है। यह मुद्दा उठाने वाले मुख्य लोग इस सड़क की समस्या को प्रमुखता से उठाने वालों में चेतन शर्मा विश्वजीत फिरोज लक्ष्मीकांत प्रीतम सिंह अलीम सलीम, चंद्रभान शौकीन रईस और समीम शामिल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, नहीं तो वे बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे।
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    एकता थाना से तोरा चौकी तक सड़क जर्जर, नगर निगम और विधायक ने झाड़ा पल्ला, ग्रामीणों
आगरा ब्रेकिंग
एकता थाना से तोरा चौकी तक सड़क जर्जर, नगर निगम और विधायक ने झाड़ा पल्ला, ग्रामीणों में आक्रोश
मुरादाबाद एकता थाना से तोरा चौकी तक जाने वाली मुख्य सड़क की हालत पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से बेहद खराब है। नगर निगम द्वारा जेसीबी से खुदाई करवाने के बाद सड़क को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। 
इस मामले को लेकर नगर निगम और स्थानीय विधायक दोनों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। न तो नगर निगम कोई काम करा रहा है और न ही विधायक द्वारा इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। सीसी रोड बनाने का आश्वासन तो दिया गया था, लेकिन मौके पर आज तक एक  कोई कार्य नहीं हुआ
रोजाना हो रहे हादसों से मजबूर होकर ग्रामीणों ने इस मुद्दे को उठाया है। बाइक सवारों के फिसलने और स्कूली बच्चों के गिरने से हमेशा हादसे का डर बना रहता है।
यह मुद्दा उठाने वाले मुख्य लोग
इस सड़क की समस्या को प्रमुखता से उठाने वालों में चेतन शर्मा विश्वजीत फिरोज लक्ष्मीकांत प्रीतम सिंह अलीम सलीम, चंद्रभान शौकीन रईस और समीम शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, नहीं तो वे बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे।
    user_Bheekam singh
    Bheekam singh
    Court reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • आगरा टेडी बगिया में जल भराव के बीच बिजली के बॉक्स में लगी आग बड़ा हादसा होते-होते टला बताया जा रहा है की टेढ़ी बगिया क्षेत्र में नूरानी मस्जिद के पास जल भराव के बीच बिजली के मुख्य बॉक्स में आग लग जाने की घटना सामने आई है आग लगने के बाद बॉक्स में धुआं उठने लगा जिससे आसपास के मौजूद लोगों ने चिंता का माहौल बन गया और हादसा होते-होते टला स्थानीय लोगों के अनुसार मौके पर जल भराव होने के कारण विद्युत सुरक्षा को लेकर। आशंका जताई जा रही है हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है बताया जा रहा है इस जगह गंदगी एवं गड्ढे और पानी का भराव होने के कारण इस तरह की स्थिति पैदा हो जाती है टोरेंट पावर के पास शिकायत करने के बावजूद भी यह लापरवाही अक्सर देखने को मिलती है नगर निगम अपनी कमियां छुपाने के लिए छोटे-मोटे गद्दे भरता है और गंदगी एवं गढ़ों का सही तरीके से निकास नहीं करता है यह चीज आगरा शहर में काफी जगह देखने को मिलती है पर लेकिन नगर निगम एवं आल्हा अधिकारी और उच्च नेतागण इस चीज को संज्ञान में नहीं लेते हादसा होने के बाद बाहर निकलकर देखने की भी कोशिश नहीं करते एन एम नेशनल मीडिया न्यूज़ एजेंसी से पत्रकार धर्मेंद्र कुमार राजपूत की खास खबर
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    आगरा टेडी बगिया में जल भराव के बीच बिजली के बॉक्स में लगी आग बड़ा हादसा होते-होते टला 
बताया जा रहा है की टेढ़ी बगिया क्षेत्र में नूरानी मस्जिद के पास जल भराव के बीच बिजली के मुख्य बॉक्स में आग लग जाने की घटना सामने आई है आग लगने के बाद बॉक्स में धुआं उठने लगा जिससे आसपास के मौजूद लोगों ने चिंता का माहौल बन गया और हादसा होते-होते टला स्थानीय लोगों के अनुसार मौके पर जल भराव होने के कारण विद्युत सुरक्षा को लेकर। आशंका जताई जा रही है हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है बताया जा रहा है इस जगह गंदगी एवं गड्ढे और पानी का भराव होने के कारण इस तरह की स्थिति पैदा हो जाती है टोरेंट पावर के पास शिकायत करने के बावजूद भी यह लापरवाही अक्सर देखने को मिलती है नगर निगम अपनी कमियां छुपाने के लिए छोटे-मोटे गद्दे भरता है और गंदगी एवं गढ़ों का सही तरीके से निकास नहीं करता है यह चीज आगरा शहर में काफी जगह देखने को मिलती है पर लेकिन नगर निगम एवं आल्हा अधिकारी और उच्च नेतागण इस चीज को संज्ञान में नहीं लेते हादसा होने के बाद बाहर निकलकर देखने की भी कोशिश नहीं करते 
एन एम नेशनल मीडिया न्यूज़ एजेंसी से पत्रकार धर्मेंद्र कुमार राजपूत की खास खबर
    user_Dharmendra Kumar
    Dharmendra Kumar
    Court reporter Agra, Uttar Pradesh•
    21 hrs ago
  • तक सुरक्षा पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी है | पत्रकार संजय शर्मा की रिपोर्ट आगरा 7 सितंबर 2026 श्रीमान पुलिस कमिश्नर आगरा महोदय के निर्देशन में साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत थाना ताज सुरक्षा की त्वरित प्रतिक्रिया दल द्वारा एसपीडी एजुकेशनल सेंटर जयपुर के पर्यटक के समूह का ताज सुरक्षा पुलिस द्वारा स्वागत कर पर्यटकों को डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अंजान क्यू आर कोड और अंजान वाई-फाई आदि का प्रयोग ना करें और साइबर क्राइम पोर्टल आदि के बारे में पर्यटकों को जागरूक किया एवं ताजमहल से संबंधित आवश्यक जानकारी दी | पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पंकज सिंह पटेल , आरक्षी आशु महिला आरक्षी से सुलेखा मौजूद रहे
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    तक सुरक्षा पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी है | पत्रकार संजय शर्मा की रिपोर्ट
आगरा 7 सितंबर 2026 
श्रीमान पुलिस कमिश्नर आगरा महोदय के निर्देशन में साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत थाना ताज सुरक्षा की त्वरित प्रतिक्रिया दल द्वारा एसपीडी एजुकेशनल सेंटर जयपुर के पर्यटक के समूह का ताज सुरक्षा पुलिस द्वारा स्वागत कर पर्यटकों को डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अंजान क्यू आर कोड और अंजान वाई-फाई आदि का प्रयोग ना करें और साइबर क्राइम पोर्टल आदि के बारे में पर्यटकों को जागरूक किया एवं ताजमहल से संबंधित आवश्यक जानकारी दी | 
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पंकज सिंह पटेल , आरक्षी आशु महिला आरक्षी से सुलेखा मौजूद रहे
    user_संजय शर्मा
    संजय शर्मा
    Local News Reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • 15 बच्चों ने पहली बार भरी आसमान की उड़ान, ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ ने पूरे किए सपने आगरा के एक पहल पाठशाला के 15 प्रतिभाशाली बच्चों ने ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ कार्यक्रम के तहत पहली बार विमान में सफर किया। आगरा कनेक्ट राउंड टेबल 354 की पहल पर बच्चे जेवर से लखनऊ पहुंचे। दो दिवसीय भ्रमण में लूलू मॉल और रीजनल साइंस सिटी का दौरा करेंगे। पहल का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और बड़े सपने देखने की प्रेरणा पैदा करना है।
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    15 बच्चों ने पहली बार भरी आसमान की उड़ान, ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ ने पूरे किए सपने
आगरा के एक पहल पाठशाला के 15 प्रतिभाशाली बच्चों ने ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी’ कार्यक्रम के तहत पहली बार विमान में सफर किया। आगरा कनेक्ट राउंड टेबल 354 की पहल पर बच्चे जेवर से लखनऊ पहुंचे। दो दिवसीय भ्रमण में लूलू मॉल और रीजनल साइंस सिटी का दौरा करेंगे। पहल का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और बड़े सपने देखने की प्रेरणा पैदा करना है।
    user_Tv92 News
    Tv92 News
    Court reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लोकेशन छाता यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है” वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा। आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए। गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना। “सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है” धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।” किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए” आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे। किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते। कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।” “इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए” किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। बाइट..किसान लोकेशन छाता यू पी रिपोर्ट रेखा शर्मा एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है” वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा। आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए। गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना। “सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है” धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।” किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए” आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे। किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते। कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।” “इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए” किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। बाइट..किसान
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    लोकेशन छाता यू पी 
रिपोर्ट रेखा शर्मा 

एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है”

वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा।
आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए।
गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना।
“सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है”
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।”
किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए”
आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे।
किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते।
कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।”
“इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए”
किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।


बाइट..किसान
लोकेशन छाता यू पी 
रिपोर्ट रेखा शर्मा 
एंकर..छाता चीनी मिल धरना में बैलगाड़ी से पहुंचे किसान, बोले—“सीधी उंगली से घी न निकले तो टेढ़ी करनी पड़ती है”
वीओ.. मथुरा के छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने समेत अपनी मांगों को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे भूतपूर्व सैनिक-किसान धरने में रविवार को बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। गांव-गांव से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ियों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। “जय जवान, जय किसान” के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा।
आंदोलन में कमई, पिसावा, रनवारी, नरी, सेमरी, साँखी, अलवाई, उमराया, उन्दी, दद्दूगढ़ी, बुखरारी, बरका, शेरनगर, सुपाना, कोटवन, गोहारी, भादवल, खायरा, आजनौक सहित आसपास के कई गांवों से किसान और ग्रामीण शामिल हुए।
गांव कमई से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला जब धरना स्थल की ओर बढ़ा तो आंदोलन में नया जोश देखने को मिला। पारंपरिक बैलगाड़ियों के साथ किसानों का धरना स्थल पर पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना।
“सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है”
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। एक वरिष्ठ किसान नेता ने कहा कि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमने काफी समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।”
किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से बोले किसान—“छाता आकर किसानों का दर्द देखिए”
आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री मथुरा आए, लेकिन छाता के किसानों के बीच नहीं पहुंचे।
किसानों ने कहा कि ब्रजवासी प्रेम और अपनापन चाहते हैं। यदि मुख्यमंत्री छाता आकर किसानों की समस्या सुनते और चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाते तो किसान उनका स्वागत करते।
कुछ किसानों ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “योगी जी, आप छाता आकर शुगर मिल से धुआं निकलवा दीजिए, हम आपको गन्ने की खीर का प्रसाद खिलाएंगे।”
“इस जगह सिर्फ चीनी मिल चाहिए”
किसानों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जिस स्थान पर चीनी मिल स्थापित है, वहां उन्हें चीनी मिल ही चाहिए। किसानों का कहना है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र के गन्ना किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
धरना स्थल पर दिनभर भाषण और नारेबाजी का दौर चलता रहा। शाम तक आसपास के गांवों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस समाधान के आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके हक और क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी है और वे अपनी मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।
बाइट..किसान
    user_Rekha Patrakaar Govardhan
    Rekha Patrakaar Govardhan
    Court reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Agra में पुलिस मुठभेड़ से हड़कंप, लूट-छिनैती के दो आरोपी गिरफ्तार! Breaking News
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    Agra में पुलिस मुठभेड़ से हड़कंप, लूट-छिनैती के दो आरोपी गिरफ्तार! Breaking News
    user_धर्मेन्द्र सिंह सनी
    धर्मेन्द्र सिंह सनी
    Court reporter आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • Post by गीताधौरहरा
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    Post by गीताधौरहरा
    user_गीताधौरहरा
    गीताधौरहरा
    आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
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