बारूद के धमाकों से गूंजा मेनार, 450 वर्षों से निभाई जारही शौर्य परंपरा, मुगलों पर विजय की स्मृति में खेली बारूद की होली राजस्थान में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि शौर्य, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। इसी कड़ी में उदयपुर जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर ब्रह्म सागर और ढंड सागर सरोवरों के मध्य पहाड़ी पर स्थित मेहतागढ़ मेनार में होली के तीसरे दिन कृष्ण पक्ष द्वितीया को ऐतिहासिक जमराबीज महापर्व विजय उत्सव के रूप में मनाया गया। मुगलों पर विजय की स्मृति में मनाए जाने वाले इस पर्व में बारूद से होली खेली गई। रात भर तोपों और बंदूकों की गर्जना से पूरा गांव गूंज उठा और तलवारों की चमक के बीच युद्ध जैसा परिदृश्य जीवंत हो उठा। मेनारवासी पिछले सवा 450 वर्षों से ज्यादा समय से यह परंपरा अनवरत निभाते आ रहे हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए करीब 200 गांवों से हजारों लोग मेनार पहुंचे। मुगलों पर विजय के उपलक्ष्य में तत्कालीन महाराणा ने मेनार को 17वें उमराव की उपाधि, शाही लाल जाजम, नागौर के प्रसिद्ध रणबांकुरा ढोल तथा सिर पर किलंगी धारण करने का अधिकार प्रदान किया था। यह सम्मान आज भी ग्रामीण गर्व से निभा रहे हैं। देश-विदेश दुबई, सिंगापुर, लंदन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में कार्यरत गांव के लोग भी विशेष रूप से मेनार पहुंचते हैं। पूरा गांव सतरंगी रोशनी से दुल्हन की तरह सजा नजर आया और जमराबीज की रात दीपावली जैसी रंगत में रंगी रही।
बारूद के धमाकों से गूंजा मेनार, 450 वर्षों से निभाई जारही शौर्य परंपरा, मुगलों पर विजय की स्मृति में खेली बारूद की होली राजस्थान में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि शौर्य, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। इसी कड़ी में उदयपुर जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर ब्रह्म सागर और ढंड सागर सरोवरों के मध्य पहाड़ी पर स्थित मेहतागढ़ मेनार में होली के तीसरे दिन कृष्ण पक्ष द्वितीया को ऐतिहासिक जमराबीज महापर्व विजय उत्सव के रूप में मनाया गया। मुगलों पर विजय की स्मृति में मनाए जाने वाले इस पर्व में बारूद से होली खेली गई। रात भर तोपों और बंदूकों की गर्जना से पूरा गांव गूंज उठा और तलवारों की चमक के बीच युद्ध जैसा परिदृश्य जीवंत हो उठा। मेनारवासी पिछले सवा 450 वर्षों से ज्यादा समय से यह परंपरा अनवरत निभाते आ रहे हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए करीब 200 गांवों से हजारों लोग मेनार पहुंचे। मुगलों पर विजय के उपलक्ष्य में तत्कालीन महाराणा ने मेनार को 17वें उमराव की उपाधि, शाही लाल जाजम, नागौर के प्रसिद्ध रणबांकुरा ढोल तथा सिर पर किलंगी धारण करने का अधिकार प्रदान किया था। यह सम्मान आज भी ग्रामीण गर्व से निभा रहे हैं। देश-विदेश दुबई, सिंगापुर, लंदन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में कार्यरत गांव के लोग भी विशेष रूप से मेनार पहुंचते हैं। पूरा गांव सतरंगी रोशनी से दुल्हन की तरह सजा नजर आया और जमराबीज की रात दीपावली जैसी रंगत में रंगी रही।
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर त्यौहार पर कई वर्षों से चली आरही परम्पराओ का आज भी चलन बरकरार है। जमरा बिज पर वल्लभनगर के कबूतर चौक में सालो से चली परम्परा के रूप में इलाजी बावजी के यहाँ क्षेत्र के किन्नरों की बारात चढ़ी। जिसको देखने के लिए कबूतर चौक में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार जमरा बिज पर सर्व समाज के लोग गाजे बाजे और ढोल के साथ किन्नर राणी बाई के निवास स्थान पर पहुचे। उनको बारात संजाकर कबूतर चौक में इलाजी बावजी के यहाँ लोक गीतों पर नृत्य करने के लिए आने का निमंत्रण दिया। लेकिन परम्परा के अनुसार पहले निमंत्रण में किन्नर बारात लेकर नही आते है। इसके बाद पुनः ग्रामवासी निमंत्रण देते है, इसी तरह यह सिलसिला तीन बार तक चलता है। जिसमे तीसरा और अंतिम निमंत्रण देने के बाद किन्नर राणी बाई अपने सहयोगी कई किन्नरों के साथ विशेष वेशभूषा सज धज कर होली के गीतों की प्रस्तुति देने कबूतर चौक स्थित इलाजी बावजी के द्वार पर पहुंचे। यहाँ पर सबसे पहले इलाजी बावजी की विशेष पूजा अर्चना करने के बाद बावजी पर गुलाल व अभिर फूलो से वर्षा कर फाग खेलाइ गई। कबूतर चौक में किन्नरों द्वारा इलाजी बावजी को नमन करते हुए होली के लोक गीतों पर नृत्य शुरू किया। जिसमे किन्नरों ने पारम्परिक होली के गीतों, राजस्थानी गीतों के साथ बॉलीबुड गीतों पर नृत्य करते हुए होली का आनंद लिया। इस आयोजन में ग्रामवासी भी किन्नरों की बारात में शरीक होते हुए उन पर गुलाल व फूलो की वर्षा कर जमकर आनंद लिया। इसको देखने के लिए वल्लभनगर सहित भटेवर, करणपुर, नवानिया, रुन्डेडा, तारावट, मोरजाई, धमानिया, रणछोड़पुरा सहित विभिन्न गाँवो से लोगो की भीड़ जमा रही।1
- विधायक जीनगर ने अपने विधानसभा क्षेत्र मे होली का त्यौहार मनाया अपनों सांग खेली आत्मीय होली1
- Post by Lake City News Rajasthan1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान1
- खाखड़ी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर विवाद, भेदभाव के आरोप लेकर एसडीएम के पास पहुंचे ग्रामीण1
- Post by Lucky sukhwal1
- Post by (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si2
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना परिसर खुशियों के रंगों से सराबोर नजर आया। थानाधिकारी (सीआई) पुनाराम गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने हर्षोल्लास के साथ होली का पर्व मनाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर पर्व की बधाई दी। थाना परिसर में आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में जवानों ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया। साथ ही विभिन्न पकवानों का आनंद लिया। दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात रहने वाले जवानों के चेहरों पर इस उत्सव के दौरान एक अलग ही मुस्कान व उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर थानाधिकारी पुनाराम गुर्जर ने सभी पुलिसकर्मियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का त्योहार हमारे जीवन में उत्साह, उमंग और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा की बुराई पर अच्छाई की विजय का यह पर्व हमें आपसी भेदभाव भुलाकर एकता के सूत्र में बंधने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन पुलिस परिवार के लिए आपसी सामंजस्य बढ़ाने का कार्य करते हैं। इस दौरान थाने के समस्त स्टाफ ने एक-दूसरे को रंग लगाकर भाईचारे का संदेश दिया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया।1