इलाजी बावजी के द्वार चढ़ी किन्नरों की बारात, सालो से चली आरही परंपरा में जमकर थिरके किन्नर उदयपुर जिले के वल्लभनगर त्यौहार पर कई वर्षों से चली आरही परम्पराओ का आज भी चलन बरकरार है। जमरा बिज पर वल्लभनगर के कबूतर चौक में सालो से चली परम्परा के रूप में इलाजी बावजी के यहाँ क्षेत्र के किन्नरों की बारात चढ़ी। जिसको देखने के लिए कबूतर चौक में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार जमरा बिज पर सर्व समाज के लोग गाजे बाजे और ढोल के साथ किन्नर राणी बाई के निवास स्थान पर पहुचे। उनको बारात संजाकर कबूतर चौक में इलाजी बावजी के यहाँ लोक गीतों पर नृत्य करने के लिए आने का निमंत्रण दिया। लेकिन परम्परा के अनुसार पहले निमंत्रण में किन्नर बारात लेकर नही आते है। इसके बाद पुनः ग्रामवासी निमंत्रण देते है, इसी तरह यह सिलसिला तीन बार तक चलता है। जिसमे तीसरा और अंतिम निमंत्रण देने के बाद किन्नर राणी बाई अपने सहयोगी कई किन्नरों के साथ विशेष वेशभूषा सज धज कर होली के गीतों की प्रस्तुति देने कबूतर चौक स्थित इलाजी बावजी के द्वार पर पहुंचे। यहाँ पर सबसे पहले इलाजी बावजी की विशेष पूजा अर्चना करने के बाद बावजी पर गुलाल व अभिर फूलो से वर्षा कर फाग खेलाइ गई। कबूतर चौक में किन्नरों द्वारा इलाजी बावजी को नमन करते हुए होली के लोक गीतों पर नृत्य शुरू किया। जिसमे किन्नरों ने पारम्परिक होली के गीतों, राजस्थानी गीतों के साथ बॉलीबुड गीतों पर नृत्य करते हुए होली का आनंद लिया। इस आयोजन में ग्रामवासी भी किन्नरों की बारात में शरीक होते हुए उन पर गुलाल व फूलो की वर्षा कर जमकर आनंद लिया। इसको देखने के लिए वल्लभनगर सहित भटेवर, करणपुर, नवानिया, रुन्डेडा, तारावट, मोरजाई, धमानिया, रणछोड़पुरा सहित विभिन्न गाँवो से लोगो की भीड़ जमा रही।
इलाजी बावजी के द्वार चढ़ी किन्नरों की बारात, सालो से चली आरही परंपरा में जमकर थिरके किन्नर उदयपुर जिले के वल्लभनगर त्यौहार पर कई वर्षों से चली आरही परम्पराओ का आज भी चलन बरकरार है। जमरा बिज पर वल्लभनगर के कबूतर चौक में सालो से चली परम्परा के रूप में इलाजी बावजी के यहाँ क्षेत्र के किन्नरों की बारात चढ़ी। जिसको देखने के लिए कबूतर चौक में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार जमरा बिज पर सर्व समाज के लोग गाजे बाजे और ढोल के साथ किन्नर राणी बाई के निवास स्थान पर पहुचे। उनको बारात संजाकर कबूतर चौक में इलाजी बावजी के यहाँ लोक गीतों पर नृत्य करने के लिए आने का निमंत्रण दिया। लेकिन परम्परा के अनुसार पहले निमंत्रण में किन्नर बारात लेकर नही आते है। इसके बाद पुनः ग्रामवासी निमंत्रण देते है, इसी तरह यह सिलसिला तीन बार तक चलता है। जिसमे तीसरा और अंतिम निमंत्रण देने के बाद किन्नर राणी बाई अपने सहयोगी कई किन्नरों के साथ विशेष वेशभूषा सज धज कर होली के गीतों की प्रस्तुति देने कबूतर चौक स्थित इलाजी बावजी के द्वार पर पहुंचे। यहाँ पर सबसे पहले इलाजी बावजी की विशेष पूजा अर्चना करने के बाद बावजी पर गुलाल व अभिर फूलो से वर्षा कर फाग खेलाइ गई। कबूतर चौक में किन्नरों द्वारा इलाजी बावजी को नमन करते हुए होली के लोक गीतों पर नृत्य शुरू किया। जिसमे किन्नरों ने पारम्परिक होली के गीतों, राजस्थानी गीतों के साथ बॉलीबुड गीतों पर नृत्य करते हुए होली का आनंद लिया। इस आयोजन में ग्रामवासी भी किन्नरों की बारात में शरीक होते हुए उन पर गुलाल व फूलो की वर्षा कर जमकर आनंद लिया। इसको देखने के लिए वल्लभनगर सहित भटेवर, करणपुर, नवानिया, रुन्डेडा, तारावट, मोरजाई, धमानिया, रणछोड़पुरा सहित विभिन्न गाँवो से लोगो की भीड़ जमा रही।
- उदयपुर जिले के घासा में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा महिलाओं को कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि महिलाओं को योजनाओं से वास्तविक रूप से जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना रहा। इस दौरान लाडो प्रोत्साहन योजना, कालीबाई भील उड़ान योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना तथा घर से कार्य योजना सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। विभागीय सुपरवाइजर सागर सिंह पंवार ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा लाभ की प्रकृति को सरल भाषा में समझाते हुए महिलाओं को अधिकाधिक आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर महिलाएं अपने जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।1
- विधायक जीनगर ने अपने विधानसभा क्षेत्र मे होली का त्यौहार मनाया अपनों सांग खेली आत्मीय होली1
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- खाखड़ी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर विवाद, भेदभाव के आरोप लेकर एसडीएम के पास पहुंचे ग्रामीण1
- Post by Lucky sukhwal1
- Post by (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si2
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर त्यौहार पर कई वर्षों से चली आरही परम्पराओ का आज भी चलन बरकरार है। जमरा बिज पर वल्लभनगर के कबूतर चौक में सालो से चली परम्परा के रूप में इलाजी बावजी के यहाँ क्षेत्र के किन्नरों की बारात चढ़ी। जिसको देखने के लिए कबूतर चौक में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार जमरा बिज पर सर्व समाज के लोग गाजे बाजे और ढोल के साथ किन्नर राणी बाई के निवास स्थान पर पहुचे। उनको बारात संजाकर कबूतर चौक में इलाजी बावजी के यहाँ लोक गीतों पर नृत्य करने के लिए आने का निमंत्रण दिया। लेकिन परम्परा के अनुसार पहले निमंत्रण में किन्नर बारात लेकर नही आते है। इसके बाद पुनः ग्रामवासी निमंत्रण देते है, इसी तरह यह सिलसिला तीन बार तक चलता है। जिसमे तीसरा और अंतिम निमंत्रण देने के बाद किन्नर राणी बाई अपने सहयोगी कई किन्नरों के साथ विशेष वेशभूषा सज धज कर होली के गीतों की प्रस्तुति देने कबूतर चौक स्थित इलाजी बावजी के द्वार पर पहुंचे। यहाँ पर सबसे पहले इलाजी बावजी की विशेष पूजा अर्चना करने के बाद बावजी पर गुलाल व अभिर फूलो से वर्षा कर फाग खेलाइ गई। कबूतर चौक में किन्नरों द्वारा इलाजी बावजी को नमन करते हुए होली के लोक गीतों पर नृत्य शुरू किया। जिसमे किन्नरों ने पारम्परिक होली के गीतों, राजस्थानी गीतों के साथ बॉलीबुड गीतों पर नृत्य करते हुए होली का आनंद लिया। इस आयोजन में ग्रामवासी भी किन्नरों की बारात में शरीक होते हुए उन पर गुलाल व फूलो की वर्षा कर जमकर आनंद लिया। इसको देखने के लिए वल्लभनगर सहित भटेवर, करणपुर, नवानिया, रुन्डेडा, तारावट, मोरजाई, धमानिया, रणछोड़पुरा सहित विभिन्न गाँवो से लोगो की भीड़ जमा रही।1