पीलीभीत शहर के गांधी स्टेडियम में रविवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने की। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली बच्चों और सैकड़ों नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भागीदारी की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन और प्रार्थना के साथ हुआ। योग प्रशिक्षकों के कुशल निर्देशन में सभी उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का सामूहिक अभ्यास किया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया, जिससे पूरा स्टेडियम सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से भर गया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ और निरोग रहने के लिए योग हमारी सबसे बड़ी ताकत है, यह केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जनपदवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानसिक शांति और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि वे अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच नियमित रूप से योग के लिए समय निकालें। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने और दूसरों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया, साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले योग प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
पीलीभीत शहर के गांधी स्टेडियम में रविवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने की। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली बच्चों और सैकड़ों नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भागीदारी की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन और प्रार्थना के साथ हुआ। योग प्रशिक्षकों के कुशल निर्देशन में सभी उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का सामूहिक अभ्यास किया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया, जिससे पूरा स्टेडियम सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से भर गया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जो
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ और निरोग रहने के लिए योग हमारी सबसे बड़ी ताकत है, यह केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जनपदवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानसिक शांति और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि वे अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच नियमित रूप से योग के लिए समय निकालें। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने और दूसरों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया, साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले योग प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर बस जाए।" यह महत्वपूर्ण बयान रोहिंग्या और अन्य अवैध घुसपैठियों के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजना है कि भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रिकॉर्ड सुनिश्चित किए जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, घुसपैठ के मामलों पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इस पूरे मामले में सरकार का मुख्य संदेश स्पष्ट है: अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- पीलीभीत में 'नारी शक्ति' का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ महिलाओं ने एक शराब के ठेके के विरोध में सड़क पर शराब की बोतलें बहा दीं। यह प्रदर्शन शराब पर चल रहे संग्राम का हिस्सा था, जिसमें महिलाओं ने इस ठेके को बंद करने की मांग को लेकर अपना कड़ा विरोध जताया। महिलाओं का कहना है कि इस शराब के ठेके के कारण गाँव के कई हंसते-खेलते परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं और घरों की आर्थिक स्थिति भी चरमरा गई है। इस मामले में महिला प्रधान ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि यह शराब का ठेका बंद नहीं हुआ, तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।1
- Post by Sudheer Kumar1
- ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद यूनुस ने पसमांदा मुस्लिम समाज को मुख्य धारा में लाने के विषय पर विस्तृत और सटीक चर्चा की है। इस चर्चा का मुख्य केंद्र पसमांदा मुस्लिम समुदाय के उत्थान और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के तरीकों पर रहा।1
- पीलीभीत जिले के न्यूरिया थाना क्षेत्र में एक अत्यंत शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए रखी लकड़ी की चोरी हो गई है। इस घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है और व्यापक रूप से यह भावना उभरी है कि अब लोगों के दिलों से इंसानियत के लिए कोई जगह नहीं बची है।1
- रविवार रात बरेली शहर के सिटी सेंटर स्थित एलए मॉल में उस समय अफरातफरी मच गई, जब लिफ्ट अचानक खराब होने से उसमें 13 लोग फंस गए। लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों ने मदद के लिए शोर मचाया, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। करीब 35 मिनट तक लोग लिफ्ट में फंसे रहे, जिसके बाद काफी प्रयासों से लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना के बाद मॉल में कुछ देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में सर्राफा बाजार में गिरवी रखी एक अंगूठी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक महिला ने सुनार सहित आठ लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। यह मामला कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है। महिला का दावा है कि जब वह अपनी अंगूठी छुड़ाने पहुंची तो उसे न तो उसकी अंगूठी वापस मिली और न ही कोई स्पष्ट हिसाब-किताब दिया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1