*कंप्यूटर प्रिंटेड नहीं, हाथ से लिखी थी अर्जी; डीएम ने सराहा छात्रा का हुनर* *शाहपुर उमरी की शिवानी ने अपनी लिखावट से जीता दिल, समस्या का भी हुआ त्वरित निराकरण* कानपुर नगर: कक्षा 10 की छात्रा शिवानी की "मोतियों जैसी" लिखावट ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का ध्यान खींचा। जनतादर्शन में प्रस्तुत एक आवेदन पत्र की लिखावट इतनी सुंदर थी कि पहले उसे कंप्यूटर प्रिंटेड समझा गया। बाद में पता चला कि यह शिवानी ने हाथ से लिखा है। जिलाधिकारी ने नरवल क्षेत्र के रामसजीवन से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह उनकी पोती शिवानी ने लिखा है। डीएम ने लिखावट की प्रशंसा करते हुए तत्काल एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा को पेड़ों के विवाद से संबंधित मामले का समाधान करने का निर्देश दिया। बुधवार को जिलाधिकारी ने शिवानी को पेन सेट, किताब और स्कूल बैग देकर सम्मानित किया। उन्होंने शिवानी की कॉपियों में भी सुंदर लिखावट देखकर सराहना की और उसे बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। महर्षि दयानंद बब्बू लाल इंटर कॉलेज, उमरी नरवल की छात्रा शिवानी ने कैलिग्राफी का कोई प्रशिक्षण नहीं लिया है। उसके बाबा रामसजीवन ने बताया कि उसे बचपन से ही साफ और सुंदर लिखने की आदत है, जिसकी लोग हमेशा प्रशंसा करते हैं।
*कंप्यूटर प्रिंटेड नहीं, हाथ से लिखी थी अर्जी; डीएम ने सराहा छात्रा का हुनर* *शाहपुर उमरी की शिवानी ने अपनी लिखावट से जीता दिल, समस्या का भी हुआ त्वरित निराकरण* कानपुर नगर: कक्षा 10 की छात्रा शिवानी की "मोतियों जैसी" लिखावट ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का ध्यान खींचा। जनतादर्शन में प्रस्तुत एक आवेदन पत्र की लिखावट इतनी सुंदर थी कि पहले उसे कंप्यूटर प्रिंटेड समझा गया। बाद में पता चला कि यह शिवानी ने हाथ से लिखा है। जिलाधिकारी ने नरवल क्षेत्र के रामसजीवन से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह उनकी पोती शिवानी ने लिखा है। डीएम ने लिखावट की
प्रशंसा करते हुए तत्काल एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा को पेड़ों के विवाद से संबंधित मामले का समाधान करने का निर्देश दिया। बुधवार को जिलाधिकारी ने शिवानी को पेन सेट, किताब और स्कूल बैग देकर सम्मानित किया। उन्होंने शिवानी की कॉपियों में भी सुंदर लिखावट देखकर सराहना की और उसे बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। महर्षि दयानंद बब्बू लाल इंटर कॉलेज, उमरी नरवल की छात्रा शिवानी ने कैलिग्राफी का कोई प्रशिक्षण नहीं लिया है। उसके बाबा रामसजीवन ने बताया कि उसे बचपन से ही साफ और सुंदर लिखने की आदत है, जिसकी लोग हमेशा प्रशंसा करते हैं।
- कानपुर नगर: कक्षा 10 की छात्रा शिवानी की "मोतियों जैसी" लिखावट ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का ध्यान खींचा। जनतादर्शन में प्रस्तुत एक आवेदन पत्र की लिखावट इतनी सुंदर थी कि पहले उसे कंप्यूटर प्रिंटेड समझा गया। बाद में पता चला कि यह शिवानी ने हाथ से लिखा है। जिलाधिकारी ने नरवल क्षेत्र के रामसजीवन से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह उनकी पोती शिवानी ने लिखा है। डीएम ने लिखावट की प्रशंसा करते हुए तत्काल एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा को पेड़ों के विवाद से संबंधित मामले का समाधान करने का निर्देश दिया। बुधवार को जिलाधिकारी ने शिवानी को पेन सेट, किताब और स्कूल बैग देकर सम्मानित किया। उन्होंने शिवानी की कॉपियों में भी सुंदर लिखावट देखकर सराहना की और उसे बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। महर्षि दयानंद बब्बू लाल इंटर कॉलेज, उमरी नरवल की छात्रा शिवानी ने कैलिग्राफी का कोई प्रशिक्षण नहीं लिया है। उसके बाबा रामसजीवन ने बताया कि उसे बचपन से ही साफ और सुंदर लिखने की आदत है, जिसकी लोग हमेशा प्रशंसा करते हैं।2
- कानपुर नगर। थाना चकेरी क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले राज मिस्त्री आशीष कुमार शर्मा (52) की गला घोटकर हत्या का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए मृतक की पत्नी आरती शर्मा (35) को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका प्रेमी सबलू खान उर्फ शफात फरार है. मृतक के पुत्र की सूचना पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। जांच में सर्विलांस व सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि आरती शर्मा अपने प्रेमी के साथ घटनास्थल पर गई थी। प्रेम संबंधों के चलते पति से विवाद होता था, जिसके बाद पत्नी ने प्रेमी संग हत्या की साजिश रची. आरोपी आरती शर्मा को नौबस्ता चौराहे, हमीरपुर से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ धारा 103 (1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल फरार अभियुक्त की तलाश अभी जारी है. #news #KanpurNews #kanpur #murder #HusbandMurder1
- 🙏 राधे राधे 🙏✍️1
- कानपुर बच्ची की हैंडराइटिंग से डीएम हुए प्रभावित ऑफिस बुलाकर बच्ची को किया सम्मानित। जमीन विवाद को लेकर डीएम कार्यालय में दी थी एप्लीकेशन। एप्लीकेशन की राइटिंग देख डीएम हुए प्रभावित। डीएम ऑफिस में बच्ची को सम्मानित कर किया उत्सवर्धन। डीएम के द्वारा सम्मानित होने पर बच्ची हुई उत्साहित1
- स्पेशल 26’ स्टाइल में LPG की चोरी! पेट्रोलियम अधिकारी बनकर आए बदमाश, दो गैस सिलेंडर उठाकर फरारकानपुर में ‘स्पेशल 26’ फिल्म की तरह चोरी की हैरतअंगेज वारदात सामने आई है. पेट्रोलियम अधिकारी बनकर आए बदमाशों ने जांच के नाम पर एक घर से दो गैस सिलेंडर चोरी कर लिए. पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई. अक्षय कुमार और अनुपम खेर की फिल्म ‘स्पेशल 26' में दिखाया गया तरीका अब रील से निकलकर रियल लाइफ में नजर आने लगा है. कानपुर में कुछ शातिर ठगों ने बिल्कुल उसी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया, जैसा फिल्म में दिखाया गया था. खुद को पेट्रोलियम कंपनी का अधिकारी बताकर ये बदमाश एक घर में घुसे और जांच के नाम पर दो गैस सिलेंडर लेकर फरार हो गए. हैरानी की बात यह है कि पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, लेकिन वारदात को रोकने का किसी को मौका तक नहीं मिला. यह पूरा मामला कानपुर के गोविंदनगर थाना क्षेत्र की चरण सिंह कॉलोनी का है. जहां एक ओर लोग रसोई गैस की किल्लत से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बदमाश गैस सिलेंडर जैसी जरूरी चीज को ही निशाना बना रहे हैं. ठगों ने खुद को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का अधिकारी बताकर घर में एंट्री ली और पूरी प्लानिंग के साथ चोरी को अंजाम दिया. घर में सिर्फ महिलाएं थीं मौजूद चरण सिंह कॉलोनी निवासी कीर्ति वर्मा एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं. सोमवार सुबह वह स्कूल चली गई थीं और उनके भाई विजय भी काम पर बाहर थे. घर में उनकी भाभी सरोजनी और 10 साल की मासूम बच्ची मौजूद थी. इसी बात का फायदा उठाकर दोपहर करीब 12:30 बजे बाइक से आए दो युवक उनके घर पहुंचे. जांच के नाम पर सिलेंडर ले गए युवकों ने खुद को पेट्रोलियम कंपनी का अधिकारी बताया और कहा कि वे गैस सिलेंडर की सुरक्षा जांच करने आए हैं. उनकी बातों में आकर सरोजनी ने उन्हें घर के अंदर आने दिया. किचन में पहुंचते ही एक युवक ने रेगुलेटर खोलकर भरा हुआ सिलेंडर बाहर निकाला, जबकि दूसरे ने पास में रखा खाली सिलेंडर भी उठा लिया.1
- स्थान 12/480 मैकरॉबर्ट कानपुर गंज पुष्पा गैस एजेंसी भारत-पेट्रोलियम गैस केंद्र के पर्याप्त गैस आपूर्ति आश्वासन के बावजूद गैस एजेंसियों की मनमानी अपने स्थान पर अडिग है सुबह सात बजे से लाइन लगाए आम जनता हल्कान है अपने गैस बुकिंग की पर्ची लेने के लिए , देर सबेर नंबर आने के बाद पहले से जब गैस सिलेंडर निकट में मिलती थी अब वे सिलेंडर कार्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित सिंहपुर स्थित एजेंसी के गोदाम में जाकर लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है पीड़ित लोगों से बातचीत करने पर पता चला सुबह से लाइन लगने के बावजूद दोपहर 2 बजे तक भी नंबर पर्ची का नहीं आया कर्मचारी भी कम है अव्यवस्था का माहौल है भीड़ नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा का इंतज़ाम भी नहीं है लोगों का अंदेशा यह है कि उपभोक्ताओं को कम ब्लैकिए को ज्यादा फ़ायदा देने का प्रयास किया जा रहा है ऐसे हालात लगभग शहर की हर गैस एजेंसी में हर कंपनी की एजेंसी में देखने को मिल रहे हैं । फिलहाल यहां आम जनता जो उपभोक्ता है उसकी अपनी समस्याएं है1
- Post by सर्वेश कुमार शर्मा1
- कानपुर घाटमपुर। फिल्मी एक्शन और किसी हाई-टेक ऑपरेशन से कम नहीं थी पुलिस की वो हैरतअंगेज़ कार्रवाई, जिसने एक विशाल अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। कानपुर के रेउना गांव में पुलिस ने ना सिर्फ सटीक घेराबंदी की, बल्कि ड्रोन कैमरों की मदद से पूरे इलाके की रेकी कर 'गाँव-लिंक' ठगों के नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक की। इस अभियान में कुल 19 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और म्यूल अकाउंट्स बरामद हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस 'ड्रोन-धमाका' ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले गहन प्लानिंग की गई। ड्रोन कैमरों के जरिए गांव के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई, जिससे ठगों के हर मूवमेंट को ट्रैक किया जा सके। इसके बाद, एक बार चेतावनी देने के बाद, भारी पुलिस बल ने रेउना गांव को चारों ओर से घेर लिया। यह कार्रवाई इतनी सुनियोजित थी कि ठगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। यह ऑपरेशन किसी 'जामताड़ा' शैली की ठगी से भी दो कदम आगे निकला, जहां एक पूरा गांव मिलकर सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने वाले सीधे-सादे लोगों को बड़े पैमाने पर ठगी का शिकार बना रहा था। इन शातिर साइबर अपराधियों ने सैकड़ों लोगों को सरकारी योजनाओं, लॉटरी या अन्य लुभावने झांसों में फंसाकर लाखों-करोड़ों का चूना लगाया था। फिलहाल, पकड़े गए सभी 19 आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि आज पुलिस इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इसके पीछे के बड़े नामों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा कर सकती है। घाटमपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी हाई-टेक क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं।1