मध्य प्रदेश के गुना शहर में प्रेम ग्रीन होटल के सामने नई रोड पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में एक अज्ञात गोवंश का कटा हुआ सिर पड़ा मिला। व्यस्त मार्ग पर पशु का क्षत-विक्षत सिर देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कटे हुए सिर को अपने कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम व वैज्ञानिक जांच के लिए पशु चिकित्सालय भेज दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह कटा हुआ सिर किस मवेशी का है, और पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि शहर में बीते 24 घंटे के भीतर यह दूसरा ऐसा संवेदनशील मामला है। इससे ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को भी हड्डी मिल क्षेत्र में एक घर से करीब 10 किलो संदिग्ध मांस बरामद हुआ था, जिसे गौमांस होने की आशंका पर पुलिस और प्रशासन ने जब्त कर सैंपल लिए थे और बाकी मांस को गड्ढे में नष्ट करवा दिया था। लगातार आ रही इन खबरों से क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जिसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जांच में जुटा हुआ है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है।
मध्य प्रदेश के गुना शहर में प्रेम ग्रीन होटल के सामने नई रोड पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में एक अज्ञात गोवंश का कटा हुआ सिर पड़ा मिला। व्यस्त मार्ग पर पशु का क्षत-विक्षत सिर देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कटे हुए सिर को अपने कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम व वैज्ञानिक जांच के लिए पशु चिकित्सालय भेज दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह कटा हुआ सिर किस मवेशी का है, और पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि शहर में बीते 24 घंटे के भीतर यह दूसरा ऐसा संवेदनशील मामला है। इससे ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को भी हड्डी मिल क्षेत्र में एक घर से करीब 10 किलो संदिग्ध मांस बरामद हुआ था, जिसे गौमांस होने की आशंका पर पुलिस और प्रशासन ने जब्त कर सैंपल लिए थे और बाकी मांस को गड्ढे में नष्ट करवा दिया था। लगातार आ रही इन खबरों से क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जिसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जांच में जुटा हुआ है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है।
- बीती रात्रि गुना में हुई तेज़ बारिश के दौरान श्री हनुमान टेकरी मंदिर के शिखर पर बिजली गिर गई। सुबह करीब 5:30 बजे यह जानकारी मिली कि बिजली गिरने से मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। पूर्व में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, इस विशाल मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे, लेकिन वे नाकाफी साबित हुए। इसी कारण मंदिर के शिखर पर बिजली गिरने से उसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसकी विशेषज्ञों द्वारा बारीकी से जाँच कराई जाएगी। हालाँकि, मंदिर का मूल ढाँचा सुरक्षित है।2
- आज दिनांक 29/05/26 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महिदपुर में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय टीबी चेस्ट एक्स-रे कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ईसागढ़ सीएचसी से स्टाफ दीपेश शर्मा (रेडियोग्राफर), ममता शर्मा (एस.टी.एस.), आजाद लोधी (सी.एच.ओ.), सुनीता लोधी (ए.एन.एम.), आशा अनीता जाटव, आशा रामादेवी राय, आशा भाना वाल्मीक, आशा सहयोगी राजेश यादव और हेल्पर वर्कर संजीव कुशवाह सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।4
- उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में वृद्धि की गई है, जिसके चलते राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है।1
- मल्हारगढ़ स्थित बडा मंदिर में एक भव्य महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।1
- अशोकनगर जिला अस्पताल में साफ-सफाई का गंभीर अभाव देखा जा रहा है, जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार द्वारा गंदगी की उचित सफाई न किए जाने से अस्पताल के नाले मच्छरों से भरे हुए हैं, वहीं प्रसूति गृह के पास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस गंदगी के चलते नाले से लगातार बदबू आ रही है, और अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को मच्छरों की समस्या से जूझना पड़ता है। हालांकि, जिला प्रशासन के आला अधिकारी निरीक्षण करते समय इस स्थिति से अवगत कराए जाते हैं, परंतु अस्पताल प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है। यह आरोप भी लगाया गया है कि सिविल सर्जन और सफाई ठेकेदार एक ही स्थान से आते हैं, और इस पूरे मामले की सच्चाई केवल अस्पताल प्रशासन ही जानता है। नियमों के अनुसार, सफाई का ठेका भी सही ढंग से संचालित नहीं हो रहा है, और ठेकेदार रात के समय में भी कथित तौर पर वसूली करते हुए दिखाई देते हैं। इस गंभीर स्थिति पर किसी का ध्यान नहीं है, जिसका सीधा खामियाजा जिला अस्पताल में आने वाले रोगियों और उनके परिवार जनों को भुगतना पड़ रहा है।4
- शुक्रवार को राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में जनप्रतिनिधि अधिकार संघर्ष समिति ने एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पंचायतराज मंत्री मदन दिलावर के नाम भिजवाया गया। समिति के जिलाध्यक्ष मास्टर प्रेमचंद मीना के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन का मुख्य मुद्दा निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और वार्ड पंचों को अधिकार विहीन होने के कारण आ रही समस्याओं पर केंद्रित था। संघर्ष समिति के तहसील अध्यक्ष मांगीलाल मीना और संयोजक रामजानकी केसरी ने बताया कि राजस्थान में 1 लाख से ज़्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधि आज तक अधिकार विहीन हैं। जनता से वोट लेकर जीतने के बाद भी वे वित्तीय अधिकारों के अभाव में अपने क्षेत्र में एक भी काम नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिला परिषद सदस्यों को प्रति वर्ष 20 लाख रुपये के कार्य करवाने का अधिकार दिया जाए, पंचायत समिति सदस्यों को 5 लाख रुपये और वार्ड पंचों को 1 लाख रुपये के कार्य करवाने का अधिकार मिले। इसके अतिरिक्त, जिला परिषद सदस्यों को प्रति माह 10 हजार रुपये, पंचायत समिति सदस्यों को 5 हजार रुपये और वार्ड पंचों को 3 हजार रुपये का मानदेय देने की मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि जिला परिषद सदस्यों को क्षेत्र में जाने के लिए 8 दिन सरकारी गाड़ी और पंचायत समिति सदस्यों को 2 दिन के लिए सरकारी गाड़ी उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही, जिला मुख्यालय पर राजकीय आवास और सरकार की ओर से निशुल्क एंड्राइड मोबाइल दिए जाएं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रेमचंद मीना ने संबोधित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 41 जिला परिषदों में करीब 1 हजार सदस्य, 352 पंचायत समितियों में 6236 सदस्य और ग्राम पंचायतों में लगभग 1 लाख वार्ड पंच हैं। कड़ी मेहनत से चुनाव जीतने के बावजूद वित्तीय अधिकार न मिलने से वे जनता के लिए काम नहीं करवा पाते, जिससे पंचायत राज चुनाव 'विषहीन दंत' के समान हो गए हैं। समिति ने सरकार से पंचायतराज चुनाव से पहले वित्तीय अधिकार का प्रस्ताव पारित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अधिकार नहीं मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपते समय प्रेमचंद मीना के साथ संघर्ष समिति के संरक्षक बनवारी मीणा सेतकोलू, महामंत्री राजदीप शर्मा पछाड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामसुंदर कुमावत नियाना, उपाध्यक्ष रामकल्याण मेहरा राई, प्रवक्ता गिरिराज मीणा आखाखेड़ी, ओबीसी भाजपा अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर बरसत, पूर्व सरपंच अर्जुन सोनी, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा, पूर्व ओबीसी भाजपा अध्यक्ष शिवनारायण नामदेव, पूर्व ओबीसी भाजपा महामंत्री मुकेश ढोढरिया, बद्रीसिंह गुर्जर पीथपुर, सोनू गुर्जर हरनावदा, परमानंद मालव, रामबल मीणा, बापुलाल मीणा, और अनारसिंह मीणा सहित कई अन्य उपस्थित थे।3
- मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन द्वारा मुंगावली, अशोकनगर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया गया है। यह प्रचार 10 जून को आयोजित होने वाली विशाल कलेक्ट मार्च रैली के संबंध में किया गया है।1
- कल रात तेज़ आंधी-तूफान के दौरान टेकरी सरकार के शिखर पर आकाशीय बिजली गिरी। इस घटना के बावजूद, कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और स्थिति सामान्य बनी रही, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।2