सतना के बाद चित्रकूट में भी सीवर लाइन की ‘लीकेज’ ने खोली काम की पोल! चित्रकूट। सतना शहर में सीवर लाइन के काम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब चित्रकूट में भी सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन बिछाए जाने के बाद कई स्थानों पर लीकेज की समस्या लगातार बनी हुई है। कहीं पाइपलाइन से पानी रिस रहा है तो कहीं चैंबरों के आसपास गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे लोगों को दुर्गंध, जलभराव और सड़क खराब होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की सीवर परियोजना के बावजूद यदि जगह-जगह लीकेज हो रहा है, तो निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी कितनी प्रभावी रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगह काम पूरा करने की जल्दबाजी में मरम्मत और गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते इन लीकेज की जांच और स्थायी मरम्मत नहीं हुई, तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। सतना हो या चित्रकूट—सवाल एक ही है, करोड़ों की सीवर परियोजना के बाद भी जनता को आखिर कब मिलेगी लीकेज और जलभराव से राहत?
सतना के बाद चित्रकूट में भी सीवर लाइन की ‘लीकेज’ ने खोली काम की पोल! चित्रकूट। सतना शहर में सीवर लाइन के काम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब चित्रकूट में भी सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन बिछाए जाने के बाद कई स्थानों पर लीकेज की समस्या लगातार बनी हुई है। कहीं पाइपलाइन से पानी रिस रहा है तो कहीं चैंबरों के आसपास गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे लोगों को दुर्गंध, जलभराव और सड़क खराब होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की सीवर परियोजना के बावजूद यदि जगह-जगह लीकेज हो रहा है, तो निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी कितनी प्रभावी रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगह काम पूरा करने की जल्दबाजी में मरम्मत और गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते इन लीकेज की जांच और स्थायी मरम्मत नहीं हुई, तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। सतना हो या चित्रकूट—सवाल एक ही है, करोड़ों की सीवर परियोजना के बाद भी जनता को आखिर कब मिलेगी लीकेज और जलभराव से राहत?
- 🚨 N.D. न्यूज़ चैनल सतना | बड़ी खबर नागौद में राज्य कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन नागौद। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में ब्लॉक/तहसील अध्यक्ष नागौद द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं माननीय मुख्य सचिव महोदय, मध्य प्रदेश शासन भोपाल के नाम 8 सितंबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी नागौद को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कर्मचारी एवं पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, कर्मचारी आयोग का गठन करने, दो संतान की बाध्यता समाप्त करने, लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान देने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, स्टाइपेंड समाप्त करने सहित अन्य मांगों के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन कार्यक्रम मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, तहसील अध्यक्ष परितोष कुमार चौबे, ब्लॉक सचिव अजय त्रिपाठी एवं तहसील सचिव के.के. गौतम के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में के.के. गौतम (तहसील सचिव, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ), यादबेंद्र सिंह (प्रदेश कोषाध्यक्ष), सचिन यादव (सचिव/ब्लॉक अध्यक्ष), मान सिंह, रामनारायण मिश्रा, अमित पांडे, अमर सिंह, दीपेन्द्र सिंह, नीरज प्रजापति, राहुल कुशवाहा, बालगोविंद पटेल, तीरथ सोनी, बैकुण्ठ बागरी, राजमणि सिंह, शैलेन्द्र सिंह, रामबीस्वास कोरी, अन्नू सिंह, पुष्पराज शुक्ला, विश्राम कोरी, रामप्रकाश कुशवाहा, रामदयाल बर्मा, राजेश पांडे, रामनाथ सेन एवं मिजाजी लाल रजक सहित अनेक पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रावेन्द्र उरमलिया N.D. न्यूज़ चैनल सतना सच • निष्पक्ष • निर्भीक 🚨 N.D. न्यूज़ चैनल सतना | बड़ी खबर नागौद में राज्य कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन नागौद। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में ब्लॉक/तहसील अध्यक्ष नागौद द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं माननीय मुख्य सचिव महोदय, मध्य प्रदेश शासन भोपाल के नाम 8 सितंबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी नागौद को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कर्मचारी एवं पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, कर्मचारी आयोग का गठन करने, दो संतान की बाध्यता समाप्त करने, लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान देने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, स्टाइपेंड समाप्त करने सहित अन्य मांगों के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन कार्यक्रम मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, तहसील अध्यक्ष परितोष कुमार चौबे, ब्लॉक सचिव अजय त्रिपाठी एवं तहसील सचिव के.के. गौतम के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में के.के. गौतम (तहसील सचिव, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ), यादबेंद्र सिंह (प्रदेश कोषाध्यक्ष), सचिन यादव (सचिव/ब्लॉक अध्यक्ष), मान सिंह, रामनारायण मिश्रा, अमित पांडे, अमर सिंह, दीपेन्द्र सिंह, नीरज प्रजापति, राहुल कुशवाहा, बालगोविंद पटेल, तीरथ सोनी, बैकुण्ठ बागरी, राजमणि सिंह, शैलेन्द्र सिंह, रामबीस्वास कोरी, अन्नू सिंह, पुष्पराज शुक्ला, विश्राम कोरी, रामप्रकाश कुशवाहा, रामदयाल बर्मा, राजेश पांडे, रामनाथ सेन एवं मिजाजी लाल रजक सहित अनेक पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रावेन्द्र उरमलिया N.D. न्यूज़ चैनल सतना सच • निष्पक्ष • निर्भीक3
- सतना के बाद चित्रकूट में भी सीवर लाइन की ‘लीकेज’ ने खोली काम की पोल! चित्रकूट। सतना शहर में सीवर लाइन के काम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब चित्रकूट में भी सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन बिछाए जाने के बाद कई स्थानों पर लीकेज की समस्या लगातार बनी हुई है। कहीं पाइपलाइन से पानी रिस रहा है तो कहीं चैंबरों के आसपास गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे लोगों को दुर्गंध, जलभराव और सड़क खराब होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की सीवर परियोजना के बावजूद यदि जगह-जगह लीकेज हो रहा है, तो निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी कितनी प्रभावी रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगह काम पूरा करने की जल्दबाजी में मरम्मत और गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते इन लीकेज की जांच और स्थायी मरम्मत नहीं हुई, तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। सतना हो या चित्रकूट—सवाल एक ही है, करोड़ों की सीवर परियोजना के बाद भी जनता को आखिर कब मिलेगी लीकेज और जलभराव से राहत?1
- भाजपा का आईटी सेल जब हिन्दू कहे तब समझो चुनाव मै वोट लेना है।चुनाव के बाद सवर्ण हिन्दू खुद और बच्चो को बलिदान देकर मजा दो❗️:-जितेंद्र राय सवर्ण होने के कारण सवर्ण को बलिदान होने के षड्यंत्र से कांग्रेस भाजपा सपा एवं अन्य पार्टी से बचाने के लिए साथ आये । आवाज दो सवर्ण वर्ग को राजनीतिक षड्यंत्र मै बलिदान होने से बचायेगे।1
- चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ के बाद अब राहत और पुनर्वास कार्यों को लेकर सरकार ने तेजी दिखाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आज प्रदेश के मुख्य सचिव वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। वीओ : मुख्य सचिव ने सबसे पहले रामघाट और मंदाकिनी नदी के किनारे बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इसके बाद गांवों का निरीक्षण कर लोगों को हुए नुकसान की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक भी की गई। प्रेस वार्ता में मुख्य सचिव ने बताया कि मंदाकिनी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से रामघाट सहित कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। नुकसान का सही आकलन करने के लिए लखनऊ से विशेषज्ञ टीम भेजी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंदाकिनी नदी का सीमांकन कराया जाएगा और नदी में गिरने वाले गंदे नालों को रोकने की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी, ताकि नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके। बाढ़ से क्षतिग्रस्त 58 सड़कों की मरम्मत के लिए विभिन्न विभागों ने प्रस्ताव भेजे हैं। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। राजापुर क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे हो रहे कटान को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कटान रोकने का कार्य अक्टूबर माह से शुरू कराया जाएगा। बैठक में लोक निर्माण, पर्यटन और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिवों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने राहत, पुनर्वास और क्षतिग्रस्त सरकारी संपत्तियों की मरम्मत जल्द पूरी कराने का भरोसा दिया। चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ के बाद अब राहत और पुनर्वास कार्यों को लेकर सरकार ने तेजी दिखाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आज प्रदेश के मुख्य सचिव वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। वीओ : मुख्य सचिव ने सबसे पहले रामघाट और मंदाकिनी नदी के किनारे बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इसके बाद गांवों का निरीक्षण कर लोगों को हुए नुकसान की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक भी की गई। प्रेस वार्ता में मुख्य सचिव ने बताया कि मंदाकिनी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से रामघाट सहित कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। नुकसान का सही आकलन करने के लिए लखनऊ से विशेषज्ञ टीम भेजी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंदाकिनी नदी का सीमांकन कराया जाएगा और नदी में गिरने वाले गंदे नालों को रोकने की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी, ताकि नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके। बाढ़ से क्षतिग्रस्त 58 सड़कों की मरम्मत के लिए विभिन्न विभागों ने प्रस्ताव भेजे हैं। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। राजापुर क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे हो रहे कटान को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कटान रोकने का कार्य अक्टूबर माह से शुरू कराया जाएगा। बैठक में लोक निर्माण, पर्यटन और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिवों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने राहत, पुनर्वास और क्षतिग्रस्त सरकारी संपत्तियों की मरम्मत जल्द पूरी कराने का भरोसा दिया।1
- भगवान भजनाश्रम की ओर से खेरिया के बाढ़ पीड़ितों को बांटी गई राहत सामग्री -मालेगांव महाराष्ट्र के उद्योगपति ने भेजी राहत सामग्री चित्रकूट। भगवान भजनाश्रम वृंदावन शाखा चित्रकूट की ओर से राहत सामग्री वितरित की गई। समाजसेवी उद्योगपति रघुवीर पाटोदिया मालेगांव महाराष्ट्र की ओर से दी गई रहा सामग्री को भजनाश्रम के प्रबंधक रामावतार यादव उपभोक्ता फोरम चित्रकूट के पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट केशव प्रसाद यादव सभासद शंकर यादव सपा नेता एवं कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष लवलेश सिंह यादव सेवानिवृत्त उप निरीक्षक रवीन्द्र शर्मा सोनाक्षी यादव रोहिणी यादव अजय कुमार साहू अमोल सिंह यादव प्रधान रमेश कुमार द्वारा वितरित की गई। उपभोक्ता फोरम के पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट केशव प्रसाद यादव ने कहा कि हम श्री रघुवीर पटौदिया द्वारा भेजी गईराहत सामग्री ऐसे गांव में बाटी गई है है जहां पर अभी तक कोई भी राहत का कार्य नहीं हो पाया है ग्राम खेरिया में तमाम घर गिरे हुए हैं और वहां के पीड़ित लोगों को मदद नहीं पहुंच पाई थी । ग्राम खेरिया पहुंच करके हम लोगों ने बाढ़ पीड़ित सभी लोगों को खाने-पीने का सामान कपड़े बर्तन तेल मसाला सब्जी इत्यादि सभी सामान वितरित करके कपड़े दरी चद्दर आदि सामग्री देकर के उन लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की है। बाढ़ पीड़ितों ने शासन प्रशासन से आवास दिलाए जाने की मांग की है। भगवान भजनाश्रम की ओर से खेरिया के बाढ़ पीड़ितों को बांटी गई राहत सामग्री -मालेगांव महाराष्ट्र के उद्योगपति ने भेजी राहत सामग्री चित्रकूट। भगवान भजनाश्रम वृंदावन शाखा चित्रकूट की ओर से राहत सामग्री वितरित की गई। समाजसेवी उद्योगपति रघुवीर पाटोदिया मालेगांव महाराष्ट्र की ओर से दी गई रहा सामग्री को भजनाश्रम के प्रबंधक रामावतार यादव उपभोक्ता फोरम चित्रकूट के पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट केशव प्रसाद यादव सभासद शंकर यादव सपा नेता एवं कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष लवलेश सिंह यादव सेवानिवृत्त उप निरीक्षक रवीन्द्र शर्मा सोनाक्षी यादव रोहिणी यादव अजय कुमार साहू अमोल सिंह यादव प्रधान रमेश कुमार द्वारा वितरित की गई। उपभोक्ता फोरम के पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट केशव प्रसाद यादव ने कहा कि हम श्री रघुवीर पटौदिया द्वारा भेजी गईराहत सामग्री ऐसे गांव में बाटी गई है है जहां पर अभी तक कोई भी राहत का कार्य नहीं हो पाया है ग्राम खेरिया में तमाम घर गिरे हुए हैं और वहां के पीड़ित लोगों को मदद नहीं पहुंच पाई थी । ग्राम खेरिया पहुंच करके हम लोगों ने बाढ़ पीड़ित सभी लोगों को खाने-पीने का सामान कपड़े बर्तन तेल मसाला सब्जी इत्यादि सभी सामान वितरित करके कपड़े दरी चद्दर आदि सामग्री देकर के उन लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की है। बाढ़ पीड़ितों ने शासन प्रशासन से आवास दिलाए जाने की मांग की है।1
- "सीएम योगी के दौरे के बाद बड़ा एक्शन! मंदाकिनी की तबाही का हिसाब लेने पहुंचे प्रमुख सचिव, मिलेगा भारी मुआवजा!"2
- 10 din pahle ka video Barsha se nahar ke pani ka bahao Namaskar saathiyon1
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹8 हजार से बढ़कर ₹12 हजार, सीएम योगी का बड़ा ऐलान लखनू- उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ी सौगात का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मासिक मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 करने की घोषणा की है। यानी मानदेय में सीधे ₹4,000 प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। सहायिकाओं का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 प्रतिमाह किया गया है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रदेश की बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से कार्यकत्रियों के लिए ₹5 लाख तक के कैशलेस स्वास्थ्य उपचार की सुविधा देने की भी घोषणा की गई है। साथ ही अतिरिक्त साड़ी के लिए ₹500 की धनराशि उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मानदेय में वृद्धि की घोषणा के बाद कार्यकत्रियों में खुशी का माहौल है।1