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ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन और भारत की वैश्विक कूटनीति
Ravindra
ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन और भारत की वैश्विक कूटनीति
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- ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन और भारत की वैश्विक कूटनीति1
- मंदिर में सभी जाति वर्ग के लोग पैसा चढ़ाई मंदिर बनवाए पर मलाई पूजा पाठ पुजारी पंडित भी सभी जाति वर्ग के होने चाहिए एक जाति वर्ग के पैसा खाते पैसों की चोरी करके सोना चांदी ले जाते1
- चंदेरी में हुई तूफानी बारिश, पानी में बही मोटरसाइकिल को बचाते लोग चंदेरी। आज शाम 6 बजे के करीब चंदेरी में काफी तेज बारिश हुई जिससे नगर की गलियों में बारिश के तेज बहन के कारण कई लोगों की मोटरसाइकिलें बह गई इसी बीच लोगों ने अपनी जान जोखिम में डाल कर मोटरसाइकिलों की जान बचाई1
- जमाल पुर छुटा सा सायर में पानी में भारी सड़क रोड भी नहीं सड़क भरी पानी से गाड़ी नहीं निकलती मोरम या सड़क ओर रोड भी नहीं है1
- बीना जाऊखेड़ी में अधूरा ब्रिज बना मुसीबत, रास्ता बंद होने से ग्रामीण परेशान स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों का आवागमन प्रभावित; मूर्तियों के चबूतरे को लेकर बजरंग दल का प्रदर्शन, ठेकेदार को एक सप्ताह का समय लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना जाऊखेड़ी में अधूरा ब्रिज बना मुसीबत, रास्ता बंद होने से ग्रामीण परेशान स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों का आवागमन प्रभावित; मूर्तियों के चबूतरे को लेकर बजरंग दल का प्रदर्शन, ठेकेदार को एक सप्ताह का समय बीना। के ग्राम पंचायत बिंधई के अंतर्गत ग्राम जाऊखेड़ी में वर्ष 2022 में शुरू हुआ ब्रिज निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा वर्ष 2024 बीत जाने के बाद भी 18 सितंबर 2026 तक पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य में देरी और आवागमन का रास्ता बंद होने से ग्रामीणों सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 20–25 दिनों से गांव में वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। वहीं, किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने की स्थिति में वाहन गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में परेशानी और बढ़ जाती है। ब्रिज निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से घर तक नहीं ला पा रहे हैं। खराब रास्ते के चलते आए दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली और मोटरसाइकिल के गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। मूर्तियों के स्थानांतरण पर बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन इसी दौरान ब्रिज निर्माण कार्य के चलते मूर्तियों को उनके मूल स्थान से दूसरे स्थान पर रखे जाने के बाद चबूतरे बनाकर पुनः स्थापित कराने के ठेकेदार के आश्वासन को लेकर भी विरोध सामने आया। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के खंड अध्यक्ष जगमंडल सिंह राजपूत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने मूर्तियों के चबूतरे यथावत बनाए जाने और उन्हें सम्मानपूर्वक स्थापित कराने की मांग रखी। बताया गया कि ठेकेदार को चबूतरे यथावत बनाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। ग्रामवासियों ने संबंधित विभाग और अधिकारियों से मांग की है कि ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, आवागमन सुचारू किया जाए और मूर्तियों के चबूतरों का निर्माण कर उन्हें यथास्थान स्थापित कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सके। वहीं इस मामले को लेकर एमपी न्यूज़ 24 लाइव चैनल के संशोधित ठेकेदार के फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई पर उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया1
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- लटेरी के जंगल में सागौन माफियाओं का कहर, हरे-भरे सागौन पर कटर चला, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल लटेरी - वन क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई इन दिनों चर्चा में है। विभाग द्वारा एक ओर जहां वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे सागौन के पेड़ों पर कटर मशीन चलाए जाने का मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। वन क्षेत्र में खड़े हरे-भरे सागौन के पेड़ वन संपदा का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं। ऐसे में इन पेड़ों की कटाई किए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर पेड़ों की कटाई किस अनुमति के तहत की जा रही है और इसके पीछे विभागीय प्रक्रिया क्या है।1
- मौसम विभाग का 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार समेत देश के करीब 22 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।1