अमरपुर का गोला चौक बना ‘हादसा चौक’, ई-रिक्शा पलटने से दुकानदार और सवार बाल-बाल बचे खबर: बांका जिले के अमरपुर स्थित गोला चौक पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चौक पर खड़े वाहनों और जाम की स्थिति के बीच एक ई-रिक्शा (टोटो) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में ई-रिक्शा पर सवार लोग और आसपास मौजूद दुकानदार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोला चौक पर अक्सर टोटो और ऑटो चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने लगते हैं। इसके कारण चौक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क संकरी होने और वाहनों की भीड़ के कारण आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जाम और अव्यवस्था के बीच ई-रिक्शा संतुलन खो बैठा और पलट गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोला चौक पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और सड़क किनारे सवारी बैठाने पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। अमरपुर का गोला चौक बना ‘हादसा चौक’, ई-रिक्शा पलटने से दुकानदार और सवार बाल-बाल बचे खबर: बांका जिले के अमरपुर स्थित गोला चौक पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चौक पर खड़े वाहनों और जाम की स्थिति के बीच एक ई-रिक्शा (टोटो) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में ई-रिक्शा पर सवार लोग और आसपास मौजूद दुकानदार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोला चौक पर अक्सर टोटो और ऑटो चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने लगते हैं। इसके कारण चौक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क संकरी होने और वाहनों की भीड़ के कारण आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जाम और अव्यवस्था के बीच ई-रिक्शा संतुलन खो बैठा और पलट गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोला चौक पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और सड़क किनारे सवारी बैठाने पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
अमरपुर का गोला चौक बना ‘हादसा चौक’, ई-रिक्शा पलटने से दुकानदार और सवार बाल-बाल बचे खबर: बांका जिले के अमरपुर स्थित गोला चौक पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चौक पर खड़े वाहनों और जाम की स्थिति के बीच एक ई-रिक्शा (टोटो) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में ई-रिक्शा पर सवार लोग और आसपास मौजूद दुकानदार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोला चौक पर अक्सर टोटो और ऑटो चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने लगते हैं। इसके कारण चौक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क संकरी होने और वाहनों की भीड़ के कारण आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जाम और अव्यवस्था के बीच ई-रिक्शा संतुलन खो बैठा और पलट गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोला चौक पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और सड़क किनारे सवारी बैठाने पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। अमरपुर का गोला चौक बना ‘हादसा चौक’, ई-रिक्शा पलटने से दुकानदार और सवार बाल-बाल बचे खबर: बांका जिले के अमरपुर स्थित गोला चौक पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चौक पर खड़े वाहनों और जाम की स्थिति के बीच एक ई-रिक्शा (टोटो) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में ई-रिक्शा पर सवार लोग और आसपास मौजूद दुकानदार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोला चौक पर अक्सर टोटो और ऑटो चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने लगते हैं। इसके कारण चौक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क संकरी होने और वाहनों की भीड़ के कारण आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जाम और अव्यवस्था के बीच ई-रिक्शा संतुलन खो बैठा और पलट गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोला चौक पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और सड़क किनारे सवारी बैठाने पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
- बिहार बांका से एक अच्छी खबर सामने आ रही है। शहर में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ रहा है और सामान्य रूप से गैस की उपलब्धता हो रही है। जानकारी के अनुसार, बांका शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी सिलेंडर मिल रहा है, जिससे लोगों को राहत मिली है। गैस की आपूर्ति सुचारू रहने से खासकर घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल गैस की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और बिना भीड़-भाड़ के आसानी से सिलेंडर मिल जा रहा है। इससे लोगों में संतोष का माहौल है। लोकेशन: बांका संवाददाता: बिकाश शर्मा1
- जहाँ बेख़ौफ़ बाईक सवार अपराधियों ने थार गाड़ी पर सवार एक युवक को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया।1
- चांदन (बांका): प्रखंड अंतर्गत प्लस टू प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय भैरोगंज को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किए जाने के आलोक में शनिवार 14 मार्च को विद्यालय परिसर में प्रार्थना एवं संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार यादव के नेतृत्व में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा नवम वर्ग की छात्राओं ने भाग लिया।प्रार्थना कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के संगीत शिक्षक संजय कुमार ने हारमोनियम की धुन पर बच्चों से प्रार्थना कराई। प्रार्थना के पश्चात छात्राओं ने राष्ट्रगान गाया तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए विभिन्न स्लोगन के माध्यम से संकल्प लिया।विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाए जाने के उपलक्ष्य में विद्यालय परिवार एवं छात्राओं ने खुशी व्यक्त की। शिक्षकों ने बताया कि मॉडल स्कूल का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों को विकसित करना तथा अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। इसके अंतर्गत योग्य शिक्षकों की व्यवस्था, बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि विद्यालय अन्य स्कूलों के लिए एक आदर्श बन सके। इसी क्रम में विद्यालय की शैक्षणिक एवं विधि व्यवस्था के अंकेक्षण के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के आगमन की संभावना को देखते हुए विद्यालय परिवार द्वारा आवश्यक तैयारी भी की गई थी। हालांकि अपरिहार्य कार्य में व्यस्त रहने के कारण जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यालय नहीं पहुंच सके।विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार यादव ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी किसी आवश्यक कार्य में व्यस्त रहने के कारण विद्यालय नहीं आ सके। उन्होंने फोन के माध्यम से मॉडल स्कूल के आलोक में बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन एवं शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा अगले अवसर पर विद्यालय आने का आश्वासन दिया। रिपोर्ट:उमाकांत पोद्दार1
- आखिरी बार देवनंदन अपने पिता के बरसी पर तीन साल पहले आया था। दो साल हो गए हैं, उसका चेहरा तक नहीं देखा। सरकार से अपील है कि किसी तरह मेरे बेटे की लाश को मेरे घर पहुंचा दे ताकि आखिरी बार जी-भरकर अपने बेटे को निहार सकूं, आखिरी बार उसे घर से विदा कर सकूं। पति 2023 में मुझे अकेला छोड़ गए थे, अब बेटा भी बेसहारा कर गया।भागलपुर के सन्हौला प्रखंड के रानी बमिया गांव की रहने वाली 78 साल की गायत्री सिंह ने शनिवार को संध्या 4:00 बजे ये बातें कही हैं। दरअसल, गायत्री सिंह के सबसे बड़े बेटे 55 साल के देवनंदन प्रसाद सिंह 11 मार्च को ईरान की ओर से किए गए एक हमले के शिकार हो गए। देवनंदन घटना के दौरान अमेरिकी तेल टैंकर सेफ-सी विष्णु पर तैनात थे। वे पेशे से चीफ इंजीनियर थे। फिलहाल, देवनंदन की लाश भारत नहीं लाई गई है। इस बारे में देवनंदन के परिजन को भी कुछ जानकारी नहीं है। गायत्री सिंह के मुताबिक, देवनंदन की पत्नी, मेरी पोती कोमल और मेरा छोटा बेटा कृष्णानंद सिंह दिल्ली गए हुए हैं। गायत्री सिंह ने कहा कि 12 मार्च की सुबह ही छोटे बेटे को देवनंदन की मौत की खबर मिल चुकी थी। घर में उसने देर शाम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देवनंदन का बेटा क्षितिज देव जापान में इंजीनियर है, जबकि बेटी कोमल मेडिकल की तैयारी कर रही है। गायत्री ने बताया कि आखिरी बार तीन साल पहले देवनंदन भागलपुर आया था। तब मेरे पति और उसके पिता की बरसी थी। उसके बाद से बेटे से फोन पर ही बात होती थी। देवनंदन अपनी पत्नी कुमकुम के साथ मुंबई में रहता है। उन्होंने बताया कि देवनंदन साल 1994 से ही पानी वाले जहाज पर जॉब करने लगा था। नौकरी लगने के बाद भी वो पर्व, त्योहार पर भागलपुर अपने गांव आता-जाता था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईराक के समुद्री क्षेत्र में 11 मार्च को अमेरिकी तेल टैंकर 'सेफ-सी विष्णु' पर हमला कर दिया था। इस हमले में 27 लोग घायल हो गए, जबकि देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई थी।1
- Post by Lal Mohammad1
- भागलपुर जिला के सन्होला प्रखंड अंतर्गत बड़ी नाकी पंचायत के छोटी नाकी गाँव में सड़क ढलाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की ओर से कराए जा रहे सड़क ढलाई के काम में भारी अनियमितता बरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया के द्वारा सड़क निर्माण का काम ठीक तरीके से नहीं कराया गया है। आरोप है कि काम में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए जल्दी-जल्दी ढलाई कर दी गई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि काम केवल लोगों को दिखाने के लिए किया गया, जबकि हकीकत में सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है।1
- अमरपुर का गोला चौक बना ‘हादसा चौक’, ई-रिक्शा पलटने से दुकानदार और सवार बाल-बाल बचे खबर: बांका जिले के अमरपुर स्थित गोला चौक पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चौक पर खड़े वाहनों और जाम की स्थिति के बीच एक ई-रिक्शा (टोटो) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में ई-रिक्शा पर सवार लोग और आसपास मौजूद दुकानदार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोला चौक पर अक्सर टोटो और ऑटो चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने लगते हैं। इसके कारण चौक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क संकरी होने और वाहनों की भीड़ के कारण आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जाम और अव्यवस्था के बीच ई-रिक्शा संतुलन खो बैठा और पलट गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोला चौक पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और सड़क किनारे सवारी बैठाने पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1
- देवघर भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार1
- कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को दोपहर 3:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार बताया गया की इस लोक अदालत में आपसी सहमति से कुल 440 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 1 करोड़ 76 लाख 35 हजार 73 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जबकि 1 करोड़ 40 लाख 72 हजार 303 रुपये की राशि की वसूली भी की गई। प्रथम बेंच में अवर न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार और अधिवक्ता शंकर रविदास न्यायिक पदाधिकारी के रूप में शामिल थे। इस बेंच ने मनी सूट के दो मामलों सहित कुल 304 मामलों का निपटारा किया। इन मामलों में 1 करोड़ 14 लाख 36 हजार 651 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।दूसरी बेंच की न्यायिक पदाधिकारी मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा और अधिवक्ता शंकर प्रसाद शाह थे। इस बेंच ने कुल 136 मामलों का निस्तारण किया, जिसमें 61 लाख 98 हजार 422 रुपये की राशि पर समझौता हुआ तथा 37 लाख 93 हजार 182 रुपये की वसूली की गई। निष्पादित मामलों में विभिन्न बैंकों और संस्थानों से जुड़े प्रकरण शामिल थे। इनमें स्टेट बैंक के 95, यूको बैंक के 143, ग्रामीण बैंक के 147, यूनियन बैंक के 14, बीएसएनएल का 1, आरोहण के 22, बैंक ऑफ बड़ौदा के 9, इंडियन ओवरसीज बैंक के 2, पंजाब नेशनल बैंक के 3 और केनरा बैंक के 2 मामले शामिल थे। इन सभी मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राधिकार के अध्यक्ष अवर न्यायाधीश अखिलेश कुमार, सचिव मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा, प्राधिकार के मनीष पांडेय, शिवनारायणपुर स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर परमानंद शुक्ला और धनंजय कुमार मौजूद थे। अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने अपने संबोधन में बैंकरों से मामलों के निष्पादन में लचीला रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य सुलह और समझौते के माध्यम से लंबित वादों का त्वरित निस्तारण कर लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है।1